जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या 100 के पार, 178 गिरफ्तार

NEW DELHI: उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या बढ़ गई है। उत्तराखंड के रुड़की में मरने वालों की संख्या 31 तक पहुंच गई है। इसके अलावा सहारनपुर में 64 और कुशीनगर में करीब 8 लोगों की मौत की खबर है। यानि तीनों जगह मौत का आंकड़ा 100 के पार हो चुका है। मौत का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है, क्योंकि रुड़की में अभी भी कई लोगों की तबीयत बहुत गंभीर बनी हुई है। इस मामले उत्तर प्रदेश पुलिस ने 175 और उत्तराखंड पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार किया है।

 

इन मौतों के बाद योगी सरकार ने अवैध शराब के खिलाफ पूरे प्रदेश में अभियान शुरू हो गया है। सिद्धार्थनगर, मऊ, सहारनपुर, ललितपुर, कौशांबी, झांसी, आगरा, सीतापुर, बिजनौर, रायबरेली, जालौन, प्रतापगढ़, एटा, वाराणसी समेत कई जिलों में अभियान चलाकर करीब 9 हजार लीटर कच्ची शराब को बरामद करने के साथ करीब 175 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, उत्तराखंड में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

 

सपा ने जहरीली शराब से मौतों पर दुःख जताया है। सपा ने कहा कि शराब काण्ड बीजेपी सरकार की लापरवाही है। प्रशासन अवैध शराब के धंधे पर रोक लगाने में नाकाम साबित हुई है। इस मामले में डीएम, एसएसपी की भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। सरकार ने अभी किसी बड़े अधिकारी पर कोई कार्रवाई नहीं की है।

 

दोषियों पर होगी कार्रवाई
वहीं, इस मामले में यूपी के आबकारी मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा कि कुशीनगर, सहारनपुर की घटना चूक का नतीजा था। हमने पहले भी जहरीली शराब के खिलाफ कार्रवाई की थी। इस मामले पर भी कई लोगों पर कार्रवाई हो रही है। जांच के बाद जो दोषी होंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा रविवार को भी आबकारी मंत्री जय प्रताप सिंह प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। अभी तक इस मामले में 10 अफसरों को सस्पेंड किया जा चुका है। माना जा रहा है कि कुछ और अधिकारियों पर कार्रवाई की जा सकती है।

 

सहारनपुर में अब तक 56 लोगों का पोस्टमार्टम
सहारनपुर के डीएम ने बताया कि कि 56 लोगों का अब तक पोस्टमार्टम हुआ है, जिसमें 36 लोगों की मौत शराब की वजह से हुई है। बाकी लोगों का विसरा भेजा गया, जिसके रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा कि मरने वालों का आंकड़ा क्या होगा। जिला प्रशासन हर जगह जा रहा है. सभी गांवों के प्रधानों से हमारी बात हुई है, जिसमे ये बात साफ हुआ कि ये शराब एक ही भट्टी से बनी हुई है।

महिलाओं पर हो रहे अपराध के खिलाफ प्रदर्शन, काली पट्टी बांध निकाली रैली

NEW DELHI: एमकेपी कॉलेज के भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने महिलाओं पर हो रहे अपराधों के विरोध में रैली निकाली। कॉलेज की छात्राओं ने रैली के दौरान हाथ, मुंह व आंख पर काली पट्टी बांधकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वीरवार को रैली एमकेपी पीजी कॉलेज से डीएम कार्यालय तक निकाली गई। इस दौरान छात्राओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

 

छात्राओं ने कहा कि कई कॉलेज के मुख्य गेट पर असामाजिक तत्वों के घूमने के संबंध में कई बार शिकायत की गई। लेकिन पुलिस प्रशासन ने उसे गंभीरता से नहीं लिया। रैली में प्रतिभाग कर रही अन्य छात्राओं ने रुंधे गले से सहपाठी छात्रा के बारे में कहा कि न शासन-प्रशासन लड़कियों को सुरक्षा प्रदान कर सकता है ना इंसाफ ही दिला सकता है।

 

दरअसल, बुधवार को एमकेपी कॉलेज की बीए तृतीय वर्ष की छात्रा ने छेड़छाड़ से परेशान होकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस के अनुसार छात्रा को घर में अकेला पाकर आरोपी ने उसके साथ छेड़छाड़ की। जिससे परेशान होकर छात्रा ने आत्महत्या कर ली।

 

उन्होंने पौड़ी गढ़वाल में एक छात्रा पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि यह कितनी असंवेदनशीलता है। इस दौरान उर्वशी चौहान, निवेदिता राज सिरोला, प्रियल ध्यानी, शिवानी थापा, नाजिश अंसारी, कोमल, कृतिका, अंकिता नौटियाल, मिताली, दिव्या, मुस्कान, ईरम, आकांशा, सोनम, सिमर आदि शामिल रहे।

 

एसएफआई ने उठाई मांग
टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इण्डिया की राज्य कमेटी ने पौड़ी, देहरादून व राज्य के विभिन्न हिस्सों में छात्राओं के साथ छेड़छाड़ एवं यौन उत्पीड़न एवं अन्य जघन्य अपराध के दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग की है। एसएफआई के राज्य सचिव देवेंद्र रावल ने कहा कि लच्चर कानून व्यवस्था के चलते अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। प्रेमनगर में बलात्कार के आरोपी पार्षद को भाजपा नेताओं द्वारा सरंक्षण देना बताता है कि सरकार ऐसे अपराधियों को भी संरक्षण देती है।