जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या 100 के पार, 178 गिरफ्तार

NEW DELHI: उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या बढ़ गई है। उत्तराखंड के रुड़की में मरने वालों की संख्या 31 तक पहुंच गई है। इसके अलावा सहारनपुर में 64 और कुशीनगर में करीब 8 लोगों की मौत की खबर है। यानि तीनों जगह मौत का आंकड़ा 100 के पार हो चुका है। मौत का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है, क्योंकि रुड़की में अभी भी कई लोगों की तबीयत बहुत गंभीर बनी हुई है। इस मामले उत्तर प्रदेश पुलिस ने 175 और उत्तराखंड पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार किया है।

 

इन मौतों के बाद योगी सरकार ने अवैध शराब के खिलाफ पूरे प्रदेश में अभियान शुरू हो गया है। सिद्धार्थनगर, मऊ, सहारनपुर, ललितपुर, कौशांबी, झांसी, आगरा, सीतापुर, बिजनौर, रायबरेली, जालौन, प्रतापगढ़, एटा, वाराणसी समेत कई जिलों में अभियान चलाकर करीब 9 हजार लीटर कच्ची शराब को बरामद करने के साथ करीब 175 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, उत्तराखंड में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

 

सपा ने जहरीली शराब से मौतों पर दुःख जताया है। सपा ने कहा कि शराब काण्ड बीजेपी सरकार की लापरवाही है। प्रशासन अवैध शराब के धंधे पर रोक लगाने में नाकाम साबित हुई है। इस मामले में डीएम, एसएसपी की भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। सरकार ने अभी किसी बड़े अधिकारी पर कोई कार्रवाई नहीं की है।

 

दोषियों पर होगी कार्रवाई
वहीं, इस मामले में यूपी के आबकारी मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा कि कुशीनगर, सहारनपुर की घटना चूक का नतीजा था। हमने पहले भी जहरीली शराब के खिलाफ कार्रवाई की थी। इस मामले पर भी कई लोगों पर कार्रवाई हो रही है। जांच के बाद जो दोषी होंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा रविवार को भी आबकारी मंत्री जय प्रताप सिंह प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। अभी तक इस मामले में 10 अफसरों को सस्पेंड किया जा चुका है। माना जा रहा है कि कुछ और अधिकारियों पर कार्रवाई की जा सकती है।

 

सहारनपुर में अब तक 56 लोगों का पोस्टमार्टम
सहारनपुर के डीएम ने बताया कि कि 56 लोगों का अब तक पोस्टमार्टम हुआ है, जिसमें 36 लोगों की मौत शराब की वजह से हुई है। बाकी लोगों का विसरा भेजा गया, जिसके रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा कि मरने वालों का आंकड़ा क्या होगा। जिला प्रशासन हर जगह जा रहा है. सभी गांवों के प्रधानों से हमारी बात हुई है, जिसमे ये बात साफ हुआ कि ये शराब एक ही भट्टी से बनी हुई है।

पेट में दर्द था, डाक्टर ने युवक को बता दिया ‘प्रेग्नेंट’

NEW DELHI. उत्तर प्रदेश के एक निजी हॉस्पिटल ने पेट दर्द का इलाज कराने आए एक युवक को अल्ट्रासाउंड के बाद प्रेग्नेंट बता दिया, जिसके बाद से युवक सदमे में है। एटा जिले के अलीगंज के निवासी दर्शन (22) को अल्ट्रासाउंड के बाद डॉक्टर ने प्रेग्नेंट बताया है। रिपोर्ट के बाद युवक को मानसिक आघात पहुंचा है और बदनामी के डर से रो-रोकर बुरा हाल है। युवक ने इस रिपोर्ट को लापरवाही बताते हुए इसे चुनौती दी है और जिले के डीएम, सीएमओ से लेकर मुख्यमंत्री तक से इसकी लिखित शिकायत की है। मामला जिले के क्वार्सी थाना क्षेत्र स्थित सनराइज हॉस्पिटल का है। एटा जिले के अलीगंज निवासी दर्शन पिछले 4 साल से कासिमपुर स्थित एक सीमेंट फैक्ट्री में ड्राइवर के पद पर कार्यरत हैं। पिछले कुछ दिन से दर्शन के पेट में दर्द की शिकायत थी, जिसके बाद एक मित्र की सलाह पर वह गुरुवार को इलाज कराने सनराइज हॉस्पिटल पहुंचे। दर्शन का कहना है हॉस्पिटल में उनके दो टेस्ट हुए जिसमें से एक अल्ट्रासाउंड भी था। जांच के बाद दर्शन को रिपोर्ट देकर कह दिया गया कि किसी अच्छे डॉक्टर से इलाज करा ले।

 

सुपरवाइजर को रिपोर्ट दिखाने पर पता चली प्रेग्नेंसी की बात
पढ़ा-लिखा नहीं होने पर दर्शन ने यह रिपोर्ट फैक्ट्री पहुंचकर अपने सुपरवाइजर को दिखाई। रिपोर्ट देखकर सुपरवाइजर भी हैरत में आ गया और दर्शन को उसके प्रेग्नेंट होने की बात बताई। अपने प्रेग्नेंट होने की बात सुन दर्शन के भी पैरों तले जमीन खिसक गई। एक अन्य डॉक्टर ने भी इसकी पुष्टि की। बात पूरी फैक्ट्री और जानने वालों में फैलने के कारण बदनामी के डर से दर्शन तनाव में हैं।

हॉस्पिटल को सबक सिखाने के लिए की शिकायत
मरीजों से खिलवाड़ करने वाले ऐसे हॉस्पिटल को सबक सिखाने के लिए दर्शन ने जिले डीएम के नाम की गई शिकायत में संचालक डॉ. आलोक गुप्ता और अल्ट्रासाउंड करने वाले स्टाफ पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। दर्शन ने शिकायत की प्रति के साथ सीएमओ, अपर निदेशक, प्रमुख सचिव और मुख्यमंत्री को भी भेजी है। शिकायत के साथ अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट भी संलग्न की गई है।

रिपोर्ट पर है डॉक्टर का साइन
अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट सनराइज हॉस्पिटल के डॉ. आलोक गुप्ता के हस्ताक्षर से गुरुवार को जारी की गई है। रिपोर्ट में 22 वर्षीय युवक दर्शन की जांच का निष्कर्ष ये है कि उसे बच्चादानी की नली (फलोपियन ट्यूब) में गर्भ ठहर गया है। इसी रिपोर्ट में गुर्दे की नली में सूजन भी बताई गई है। रिपोर्ट से जाहिर है कि अल्ट्रासाउंड गुर्दे का ही किया गया। लेकिन इसी जांच में उसे प्रेग्नेंट भी घोषित कर दिया गया।

जांच के बाद दोषियों पर कार्यवाई का मिला आश्वासन
वहीं, अपर नगर मैजिस्ट्रेट द्वितीय अनिल कुमार त्रिपाठी का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं डॉ. आलोक गुप्ता से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन डॉक्टर ने फोन नहीं उठाया।

UP: फिर भड़की हिंसा, दुकानों में लगाई गई आग, 49 गिरफ्तार

NEW DELHI. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में गणतंत्र दिवस के मौके पर तिरंगा प्रभात फेरी यात्रा के दौरान दो समुदायों के बीच जमकर बवाल के बाद शनिवार को एक बार फिर शहर में तोड़फोड़ की गई। पुलिस ने बताया कि दो दुकानों में तोड़फोड़ के बाद आग लगाने की कोशिश की गयी। इसको देखते हुए दमकल की कई गाड़ियां मौके पर बुला ली गयीं। किसी तरह से हालात पर काबू पाया गया। उपद्रवी भीड़ ने 5 बसों को आग के हवाले कर दिया।

 

कासगंज के जिलाधिकारी आरपी सिंह ने बताया कि पुलिस ने कासगंज थाने में शिकायत दर्ज कर अब तक 49 लोगों को गिरफ्तार किया है और जिले की सीमाएं सील कर दी गई हैं। उन्होंने बताया कि शांति बनाए रखने के लिए हिंसाग्रस्त इलाके में धारा 144 लागू है। इस बीच घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) आनंद कुमार ने संवाददाताओं को बताया कि कुछ असामाजिक तत्वों ने आज शहर के बाहर एक छोटी दुकान में आग लगाने की कोशिश की।

 

कुछ दुकानों में तोड़फोड़ भी की गयी । पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात काबू किए। उन्होंने कहा, ‘कानून व्यवस्था बनाये रखने के अलावा हमारा प्रयास है कि समुदायों में परस्पर भाईचारा कायम रहे।’ उन्होंने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। उधर, पुलिस ने एक बयान जारी कर कहा कि मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। इस बीच कासगंज जा रहीं विश्व हिंदू परिषद की फायर ब्रैंड नेता साध्वी प्राची और उनके काफिले को सिकंदराराऊ पुलिस ने कासगंज रोड पर रोक दिया। इस दौरान साध्वी के समर्थकों की पुलिस से नोकझोंक भी हुई।

हिंसाग्रस्त इलाकों में पुलिस के साथ आरएएफ और पीएसी की टुकड़ी तैनात कर दी गई है। सूत्रों ने दावा किया कि घंटानगर और नदरई इलाके में लोग हाथों में पेट्रोल बोतल लिए घूमते दिखाई दिए। शनिवार को हिंसा में मारे गए युवक का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। इस मौके पर बीजेपी सांसद राजवीर सिंह के अलावा स्थानीय विधायक भी मौजूद रहे।

धरने पर बैठीं साध्वी प्राची 
कासगंज जा रहीं साध्वी प्राची और उनके काफिले को सिकंदराराऊ पुलिस ने कासगंज रोड पर रोक दिया। इस दौरान साध्वी के समर्थकों की पुलिस से नोकझोंक हुई। साध्वी अपने समर्थकों के साथ पंत चौराहा पर धरने पर बैठ गईं। इससे अलीगढ़-एटा और मथुरा-बरेली मार्ग जाम लगा रहा। तनावपूर्ण हालात को देखते हुए बड़ी तादाद में फोर्स तैनाती की गई है।

साध्वी प्राची ने कासगंज प्रशासन पर आरोप लगाया कि वह समाजवादी पार्टी और बहुजन समाजवादी पार्टी की मानसिकता से काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन अगर सतर्क होता तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती। साध्वी ने कहा कि वह कासगंज प्रशासन की शिकायत सीएम योगी से करेंगी। उन्होंने कहा कि अगर हिंदुस्तान में रहना है तो वंदे मातरम कहना होगा, नहीं तो पाकिस्तान जाना होगा।

इन्सानों के जान की कीमत जानवरों से भी सस्ती

NEW DELHI . बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्व सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सुश्री मायावती  ने बीजेपी सरकार द्वारा बसों व सरकारी ईमारतों आदि का रंग बदलने के कामों को ही राजधर्म मानकर व्यर्थ में समय व संसाधन बर्बाद करने की तीखी आलोचना करते हुये कहा कि जबकि प्रदेश सरकार जनहित व जनकल्याण के मामले में घोर लापरवाह बनी हुयी है तथा अस्पतालों में इलाज के अभाव में हजारों लोग रोज अपनी जान गवाँ रहे हैं और लाखों घर उजड़ रहे है।

–बसपा सुप्रीमो मायावती ने बोला यूपी सरकार पर हमला

–बीजेपी सरकार बसों व ईमारतों का रंग बदलने में समय व संसाधन बर्बाद

इसके साथ ही रायबरेली जिले के ऊँचाहार स्थित एन.टी.पी.सी. के बिजली घर में अभी हाल ही में हुये भयानक विस्फोट और उसमें हुई व्यापक जान-माल की हानि को बीजेपी सरकारों की घोर आपराधिक लापरवाही का परिणाम बताते हुये उन्होंने कहा कि बीजेपी की श्री नरेन्द्र मोदी व श्री योगी सरकार की जनविरोधी नीतियों व ग़लत कार्यप्रणाली के कारण इन्सानों की जानों की कीमत कुछ नहीं रहकर जानवरों से भी सस्ती होकर रह गयी है जो देशहित के विरुद्ध सर्वसमाज के लिये बड़ी ही चिन्ता की बात है।

ऊँचाहार बिजली संयन्त्र के बायलर विस्फोट में मारे गये करीब 32 लोगांे व घायल हुये सैकड़ों लोगों के परिवारों के प्रति गहरा दुःख व गहरी संवेदना व्यक्त करते हुये सुश्री मायावती जी ने एक बयान में कहा कि बीजेपी की केन्द्र व उत्तर प्रदेश सरकार जनहित व जनकल्याण के मामले में लगातर विफल साबित हो रही है तथा इनकी आपराधिक लापरवाही के कारण बड़ी-बड़ी जानलेवा दुर्घटनायें बराबर हो रही हैं जिससे जान-माल के साथ-साथ देश की सम्पत्ति व संसाधन की भी भारी क्षति हो रही है, लेकिन कुल मिलाकर बीजेपी सरकारें पूरी तरह से बेपरवाह, गैर-जिम्मेदार व  असंवेदनशील बनी हुई हैं।

इसी क्रम में ऊँचाहार बिजली संयन्त्र दुर्घटना को भी पूरी गम्भीरता से नहीं लेकर इसे केवल एक घटना मानने की कर्तव्य उदासीनता बरती जा रही है जबकि यह भीषण दुर्घटना देश के विकास व बिजली आपूर्ति पर एक बड़ा आघात है।

सुश्री मायावती जी ने कहा कि बीजेपी के नेता व मन्त्रीगण केवल सस्ती लोकप्रियता प्राप्त करने के साथ-साथ अपना नाम व फोटो अख़बारों में छपवाने के लिये अनेकों प्रकार के विवादित व ग़ैर-जिम्मेदाराना बयान देने रहने में ही व्यस्त नजर आते हैं ।  उन पर किसी का भी किसी प्रकार का कोई नियन्त्रण व अंकुश नहीं है क्योंकि ये सब अनर्गल उन लोगांे ने अपने वरिष्ठ नेताओं से ही सीखा है जो आज भी दुर्भावना व द्वेष की राजनीति करते रहने को ही देशसेवा समझते हैं ।जबकि इससे देश का बड़ा अहित होता चला जा रहा है एवं जनहित व जनकल्याण व्यापक स्तर पर प्रतिदिन प्रभावित हो रहा है। इतना ही नहीं बल्कि अपराध-नियन्त्रण व क़ानून-व्यवस्था के मामले में भी बीजेपी सरकारों की कोताही व लापरवाही से आमजनता का जन-जीवन लगातार बद-से-बदतर होता जा रहा है, परन्तु ख़ासकर उत्तर प्रदेश सरकार गोरक्षा को ही जनहित व जनसेवा समझकर अपने कर्तव्यों से विमुख हो गयी लगती है। बीजेपी सरकार की जनहित के मामलों में ऐसी घोर आपराधिक लापरवाही की जितनी भी निन्दा की जाये वह कम है।

UP में 3 चरणों में होंगे निकाय चुनाव, 1 दिसंबर को रिजल्ट

NEW DELHI/Lucknow.  उत्तर प्रदेश में निकाय चुनावों की तारीखों का ऐलान हो गया है। यूपी निकाय चुनाव की  अधिसूचना जारी कर दी गई है। यह चुनाव तीन चरणों में संपन्न होंगे। पहले चरण का मतदान मतदान 22 नवंबर, दूसरे चरण का 26, नवंबर और तीसरे चरण का 29 नवंबर को मतदान होगा।

मतगणना पूरे प्रदेश में एक साथ 1 दिसंबर को सुबह 8:00 बजे से शुरू होगी। राज्य सरकार ने निर्वाचन आयोग को चुनाव कार्यक्रम का प्रस्ताव भेज दिया है। आयोग अब इसके आधार पर अधिसूचना जारी करेगा।

यूपी में इस बार 653 निकायों में 12007 वार्डों में चुनाव होगा। मेयर की 16 सीटों, पालिका परिषद चेयरमैन की 199 तथा नगर पंचायत की 429 सीटों पर मतदान होना है।

राज्य निवार्चन आयुक्त एस के अग्रवाल ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया में केन्द्रीय अर्धसैनिक बलों को नहीं तैनात किया जाएगा। राज्य पुलिस बल की ही तैनाती रहेगी।

अग्रवाल ने बताया कि 16 नगर निगमों, 198 नगर पालिका परिषद और 438 नगर पंचायतों के चुनाव की मतगणना एक दिसंबर को होगी।

उन्होंने बताया कि कुल 36, 269 मतदान बूथ और 11, 389 मतदान केंद्र बनाये जायेंगे। कुल 3.32 करोड़ लोग अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे।

अलग अलग चरणों का ब्यौरा देते हुए अग्रवाल ने बताया कि पहले चरण में 24 जिलों में मतदान होगा। इसमें पांच नगर निगम, 71 नगर पालिका परिषद और 154 नगर पंचायतें शामिल हैं। दूसरे चरण में 25 जिलों में मतदान होगा। इसमें छह नगर निगम, 51 नगर पालिका परिषद और 132 नगर पंचायत शामिल हैं। तीसरे चरण में 26 जिलों में मतदान होगा। इसमें पांच नगर निगम, 76 नगर पालिका परिषद और 152 नगर पंचायत शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि अधिसूचना जारी हो चुकी है। इस बार मतदाताओं को आयोग की वेबसाइट पर मोबाइल नंबर पंजीकत करने का विकल्प दिया गया है। सभी सूचनाएं और परिणाम मोबाइल नंबर पर तत्काल उपलब्ध करा दी जाएंगी। ऐसा देश में पहली बार हो रहा है।

अग्रवाल ने बताया कि दस प्रतिशत पोलिंग बूथ अत्यंत संवेदनशील श्रेणी में रखे गये हैं। वहां चुनाव प्रक्रिया की वीडियोग्राफी होगी और सीसीटीवी लगाये जायेंगे।

उन्होंने बताया कि नगर निगम के मेयर और पार्षद पदों के चुनाव इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन से होंगे, जबकि नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत अध्यक्षों एवं सदस्यों का निवार्चन बैलेट पेपर के माध्यम से होगा।

मायावती का आना जाना

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी पर अमर्यादित टिप्पणी कर उनको शैतान की औलाद कह कर मायावती ने अपनी समझ का परिचय दिया था। उस समय तक मायावती को कोई बडा नेता नही मानता था न ही जनता था। मान्यवर काशीराम जी बसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे।
मुलायम सिंह यादव जी की पार्टी सपा व काशीराम की पार्टी बसपा ने उत्तर प्रदेश में मिलकर चुनाव लड़ा। सपा-बसपा की सरकार बनी। मुलायम उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। बसपा ने मायावती को उत्तर प्रदेश बसपा का प्रभारी बनाया। घोर जातिवादी राजनीति का दौर था। वहां तरह तरह के नारे लगाए जाते थे। उसी समय मायावती ने कहा कि माहत्मा गांधी ने अनुसूचित जाति को हरिजन का नाम दिया जब अनुसूचित जाति हरिजन है तो क्या गांधी जी शैतान की औलाद है। जबरदस्त विरोध कांग्रसियों ने किया, धरने पर बैठ गई कांग्रेस पार्टी।
मुख्यमंत्री मुलायम सिंह ने मायावती के बयान से पल्ला झाड़ते हुए उससे असहमति जताई। भारतीय जनता पार्टी ने उस दुखद बयान पर अपना विरोध प्रकट किया। सरकार में जबरदस्त भ्रष्टाचार का बोल बाला था। एक हाथ से सपा लूट रही थी दुसरे हाथ से बसपा।
भाजपा प्रमुख विपक्षी दल के नाते इनकी लूट खसोट व बदजुबानी पर उत्तर प्रदेश में इनको ललकार रही थी। भारतीय जनता पार्टी के सर्वमान्य नेता प0 अटल बिहारी बाजपेयी जी उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सांसद थे। उनका अपने संसदीय क्षेत्र लखनऊ आना जाना रहता था। कल्याण सिंह उत्तर प्रदेश विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष थे, उनकी जनता में अपनी पहचान थी।
बसपा-सपा  ने उत्तर प्रदेश से बाहर पैर पसारने की तमाम  कोशिशे की लेकिन इनकी यूपी को छोड कही दाल नही गली। सरकार में मनमुटाव तो प्रारम्भ से ही था कुछ ही समय बाद वह मनमुटाव तल्खीयों में बदल गया। काशीराम-मुलायम सिंह की समय-समय पर भेंट भी उस तल्खी को कम नही कर सकी और वह समय भी आ गया कि बसपा ने सपा सरकार से समर्थन वापसी का संकेत दे अपने विधायको की बैठक बुलाई।
मायावती जी के नेतृत्व में मीरा बाई मार्ग स्थित गेस्टहाउस में विधायको की आपात बैठक बुलाई गई। तय समय से पहले ही सपा के लोगों ने गेस्ट हाउस पर हमला बोल दिया। विधायको को आपात जबरदस्ती उठा कर गाडियों में ठूस-ठूस सुदूर जनपदो में पहुॅचाकर छोड दिया गया।
बैठक तितर बितर हो गई। मायावती जी के साथ मारपीट व बदसलूकी की गई। किसी तरह जान बाचने के लिए वह गेस्ट हाउस के एक कमरे में छूप गई। सपाईयों ने कमरे को घेर लिया था उनको और अधिक छति पहुॅचाने की कोशिश होने लगी।
इसीबीच उत्तर प्रदेश पुलिस के  एक पीपीएस अफसर जो वहां मौजूद थे उन्होंने भाजपा के एक बडे नेता को इस गम्भीर स्थिति से अवगत कराते हुए हस्तक्षेप करने को कहा। लैण्ड लाइन फोन का जमाना था सूचना देने का और कोई तरीका नही था। जिस कमरे में मायावती जी ने खुद को छिपाया हुआ था उसी कमरे में एक छोटा कमरा और था क्योंकि अटल जी उसी कमरे में रूकते थे  वह लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष थे अतः उनको एक रूम में ही लैण्ड लाईन फोन मिला था।
कमरे मे कोई फोन है इसकी जानकारी सपाईयों को नही थी। भाजपा नेताओं को मायावती जी ने उस फोन से फोन कर अपनी जान बचाने की गुहार लगाई। कल्याण सिंह जी पार्टी अफिस में थे, उन्होने फोन पर मायावती जी को सुना और 10 मिनट के अन्दर मदद की बात कही। भाजपा नेता ने अटल जी को दिल्ली में सारी घटना की जानकारी दी।
अटल जी ने तुरन्त फोन पर उस समय के  प्रधानमंत्री पी0वी0 नरसिम्हाराव  से बात की। प्रधानमंत्री राव साहब ने अपने गृहमत्री शंकर राव चैहान से बता की। गृहमंत्री ने उत्तर प्रदेश के गवर्नर मोती लाल बोहरा जी से बात कर हालात को नियत्रण में करने को कहा।
भाजपा के इस प्रयास के कारण मायावती जी की जान बची। भाजपा नेता ब्रहमदत्त द्विवेदी अपने समर्थको के साथ गेस्ट हाऊस 5 मिनट में ही पहुॅचे गए। उन्हे देख वहां मौजूद  सपा के दबंग भाग खडे हुए। उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगा। भाजपा ने मायावती को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया। भाजपा के समर्थन से  पहली बार मायावती जी उत्तर प्रदेश  की मुख्यमंत्री बनी।
मुख्यमंत्री बनने से पहले मायावती जी ने भाजपा की लखनऊ के चैकस्थित स्थान पर बैठक को सम्बोधित  करते हुए कहा कि जिस प्रकार भाजपा ने उनकी जान बचाई उसके कारण वह आज जिन्दा है। इस अहसान को मैं जीवन भर नहीं भूलेगी। बहुत सी बातें मायावती जी ने भाजपा के प्रति  आभार व्यक्त करते हुए कही।
मैं भी उस समय बैठक में मौजूद था, मैने पहली बार मायावती जी को बोतले हुए सुना व देखा। उस समय बैठक में भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ0 मुरली मनोहर जोशी जी भी मौजूद थे। भाजपा ने मायावती की न केवल जान बचाई बल्कि उनको तीन बार उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री भी बनाया। भाजपा ने बिना लाभ हानि के मायावती की मदद की।
मायावती जी ने भाजपा को धोखा दिया  और अचानक त्याग पत्र देकर अपने को सरकार से अलग किया। इस बार तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने से पहले मायावती जी भाजपा मुख्यालय आई। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष वेकैंया नायडू जी के साथ प्रेस को सम्बोधित किया।
भाजपा मुख्यालय में दोनो दल वादे के अनुसार यूपी में मायावती मुख्यमंत्री केन्द्र में भाजपा का प्रधानमंत्री, साथ ही लोकसभा में 50 सीटो पर भाजपा 30 सीटो पर बसपा लडेगी यह समझौता हुआ। समझौते के अनुसार मायावती जी को भाजपा ने उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया। मायावती ने मात्र 18 महिने में अपना जनाधार बढा कर, भाजपा से समझौता तोड़ दिया।
इस प्रकार मायावती जी ने उस समय पल्टी मारी। अब इस बार 2014 में लोकसभा  में भाजपा की आंधी चली मा0 नरेन्द्र भाई मोदी जी को आपार जन समर्थन मिला। उत्तर प्रदेश में लोकसभा की  80 सीटो में भाजपा ने 73 सीटे जीती। मायावती एक भी सीट नही जीत सकी।
इस बार 2017 के विधानसभा चुनाव में भी मायावती की पार्टी डबल डिजिट के अंक में नहीं पहुॅच पाई। लगातार जनता के हाथों मात खाई मायावती जी ने सहारनपुर में जाकर हिंसा करने वालो का साथ  दिया। अब मरती क्या न करती । वह इस्तीफे का बहाना ढूढ रही थी। राज्यसभा से पहले तो वह सहारनपुर में ही इस्तीफा देना चाहती थी लेकिन समय, स्थान को बदल कर दिल्ली व राज्यसभा को चुना।
उच्च सदन में मायावती का कार्यकाल 2018  तक था। अपने त्याग पत्र में उपराष्ट्रपति पर अपनी बात नही कहने देने का आरोप लगाया था। दरअसल 2014 के चुनाव में चारों खाने चीत हो जाने पर मायावती जी परेशान थी। उसके बाद पार्टी के तमाम बडे नेताओं ने बसपा को टाटा बाए बाए कह दिया। बसपा के विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे स्वामी प्रसाद मौर्य ने बसपा अध्यक्ष मायावती पर टिकट के बदले नोट लेने के जगजाहिर आरोप पर अपनी मोहर लगाई।
पार्टी के ब्रहामण चेहरा माने जाने वाले दो बार के सांसद ब्रजेश पाठक ने भी पार्टी को टाटा कह दिया। बसपा के बडे नेता रहे दोनो ने भाजपा का दामन थामा। 2017 विधानसभा चुनाव में भी बसपा की करारी हार हुई और पार्टी इस स्थिति में भी पहुॅच गई कि  चाह कर भी मायावती जी को राज्यसभा नहीं भेज सकती। इसी बीच बसपा के कद्ावर नेता, मुस्लिम चेहरा रहे नसीमुदीन सिद्धकी ने भी मायावती पर भ्रष्टाचार के गम्भीर आरोप लगते हुए पार्टी को बाए-बाए कह दिया। इस विकट पराजय की स्थिति में मायावती जी अपना जनाधार खो चुकी थी।
उनके भाई आनन्द के ऊपर अकूत सम्पति बनाने के मामले की जांच भी चल रही है। फर्जी कम्पनीया बनाकर जनधन के लाखों करोड़ की लूट के इस कपटी धन्धों का बोझा ढोहते-ढोहते वह शायद पूरी तरह टूट चुकी है। अतः बहाना ढूठ रही मायावती ने इस्तीफा देने का निर्णय किया।
(नरेन्द्र सिंह राणा)
प्रदेश प्रवक्ता भाजपा 
  मो0 9415013300