उत्तर पश्चिमी लोकसभा रिजर्व सीट से तरुण कुमार की प्रबल दावेदारी, कांग्रेस दे सकती है मौका

NEW DELHI: दिल्ली में 2019 लोकसभा चुनावो के लिये प्रत्याशियो की अपनी दावेदारी पेश करने का प्रारभिंक दॊर शुरू हुवा है वही दिल्ली की एकमात्र रिजर्व ससंदीय सीट उत्तर पश्चिमी क्षेत्र से अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव तरुण कुमार प्रबल दावेदारो में से एक है।

 

दिल्ली के गांव देहात से ही जन्मे पले-बढे़ व दिल्ली छात्र राजनीति में जीत दर्ज कर दिल्ली के डूसू में मजबूत पैठ है व युवाओ का झुकाव भी तरुण जी की तरफ है, व जातीय समीकरण में भी इस सीट पर तरुण जो को कोई चुनौती नही दे सकता राहुल गांधी के यगिंस्तान लीडर के परिपेक्ष्य में भी खरे उतरते है, कांग्रेस में उन्होने अपने आप को स्थापित करने के लिये कङा संघर्ष किया है।

 

छात्र जीवन में ही सोनिया गांधी जी के साथ ,2002,में 400 किलो मीटर की डान्डी यात्रा की व राहुल गांधी जी के साथ किसानो की भूमि अधिग्रहण समस्या के लिये भट्टा परसौल में हुए किसानो की बर्बरता के खिलाफ नोयेडा से अलीगढ तक पदयात्रा कर के राहुल जी के साथ जुड़े और राजनीति में उन्हे आदर्श मान कर चलते रहे।

 

दिल्ली की राजनीति में वह प्रारभिक दौर में सत्यवती कालेज के अध्यक्ष बने, DUSU महासचिव रहे व NSUI के राष्ट्रीय सचिव ,उपरान्त NSUI के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष‌ रहकर दिल्ली के साथ पूरे भारत में NSUI को मजबूती के लिये कार्य करते रहे। युवाओ में मजबूत पकड़ के फल स्वरूप उन्हे कांग्रेस ने दिल्ली में 2007 में उन्हे निगम पार्षद का टिकट दिया।

 

निगम पार्षद जीत कर लगातार विपरीत परिस्थितियों में भी दो बार अपनी धर्मपत्नी को जीता कर अपने बेहतर कार्य शैली को लोहा मनवाया है। वर्तमान में AICC सचिव व सह प्रभारी रहे तरुण कुमार ने कांग्रेस की राजस्थान में वापसी कराने में भी अहम भूमिका निभाई है ऐसे में उ्त्तरी पश्चिमी सीट से तरुण जी जिताऊ उम्मीदवार साबित होगे उनकी दावेदारी को नकारना मुश्किल होगा।