गांधी का हिंदुस्तान चाहिए या गोडसे का हिंदुस्तान : राहुल गांधी

NEW DELHI: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को भाजपा एवं आरएसएस पर तीखा हमला बोला और कहा कि लोगों को तय करना है कि उन्हें महात्मा गांधी का हिंदुस्तान चाहिए या फिर गोडसे का हिंदुस्तान चाहिए। उन्होंने यह उम्मीद भी जताई कि इस लोकसभा चुनाव के बाद देश में कांग्रेस की सरकार बनेगी।

 

पुलवामा आतंकी हमले की पृष्ठभूमि में कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा पर तंज कसते हुए जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के लिए ‘जी’ शब्द कहा जिसको लेकर भाजपा ने उन पर निशाना साधा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए गांधी ने कहा, ‘पांच साल पहले देश में एक चौकीदार आया और कहा कि मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने आया हूँ, मेरा 56 इंच का सीना है। अब किसी से भी पूछ लीजिये चौकीदार क्या है? तो वह बता देगा कि चौकीदार चोर है।’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस का कमाल है कि आप लोग देश के कोने-कोने में सच्चाई पहुंचा देते हो।

 

गांधी ने राफेल मामले का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा और कहा, ‘हमने कुछ सवाल किए थे। चौकीदार संसद में डेढ़ घन्टे बोला, लेकिन अनिल अंबानी के बारे में नहीं बोला। प्रधानमंत्री आंख से आंख नहीं मिला पाए।’ उन्होंने कहा, ‘कुछ महीने पहले तीन प्रदेशों में चुनाव हुए। हमने वहां कहा कि मोदी जी ने झूठे वादे किए। हम आपसे झूठे वादे नहीं करेंगे और 10 दिन में किसानों का कर्ज माफ किया। हमने दो दिन में यह काम कर दिया।’

 

पुलवामा हमले की पृष्ठभूमि में गांधी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘ये 56 इंच की छाती वाले अपनी पिछली सरकार में मसूद अजहर जी के साथ बैठकर गए। अब जो राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल हैं, वह मसूद अजहर को छोड़कर आए। भाजपा ने मसूद अजहर को जेल से छोड़ा।’’ उन्होंने यह भी कहा, ‘‘हमने अपने दो प्रधानमंत्री (इंदिरा गांधी और राजीव गांधी) खोए। हम आतंकवाद से डरने वाले नहीं हैं।’’

 

उन्होंने कहा कि आप गांधी का हिंदुस्तान चाहते हैं या गोडसे का हिंदुस्तान चाहते है? एक तरफ प्यार है और दूसरी तरफ नफरत है। एक तरफ गांधी हैं जो अंग्रेजों से लड़े और जो सबसे प्यार करते थे। दूसरी तरफ सावरकर हैं जो अंग्रेजों को चिट्ठी लिखकर कहते हैं कि मुझे छोड़ दो।’’ गांधी ने दावा किया कि 2019 में कांग्रेस की सरकार आने वाली है।

 

हम निर्णय ले चुके हैं कि हम न्यूनतम आय गारंटी देंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने के साथ भारत रोजगार सृजन के मामले में चीन से स्पर्धा शुरू कर देगा। गांधी ने कहा कि उनकी सरकार बनने के बाद किसानों की समस्याओं के समाधान पर जोर दिया जाएगा।

16वीं लोकसभा में पीएम मोदी का आखिरी भाषण, राहुल पर साधा निशाना

NEW DELHI: 16वीं लोकसभा के आखिरी दिन पीएम मोदी ने लोकसभा में अंतिम भाषण दिया। इस दौरान सांसदों और संसद में किए गए कायों का भी उन्होंने जिक्र किया। पीएम ने हल्के-फुल्के अंदाज में विपक्ष पर चुटकियां लीं और कई सांसदों की तारीफ भी की। पीएम ने अपने भाषण में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे की तारीफ की तो वहीं राहुल गांधी पर तंज भी कसा। मोदी ने सभी सांसदों के साथ मुलायम सिंह यादव को विशेष धन्यवाद भी दिया।

 

मेरे लिए सब नया था: पीएम
पीएम मोदी ने भाषण में कहा, ‘2014 में मैं उन सांसदों में से एक था, जो पहली बार चुनकर आए हैं। मैं यहां बिल्कुल नया था। करीब-करीब 3 दशक बाद पूर्ण बहुमत वाली और आजादी के बाद पहली बार पूर्ण बहुमत वाली गैर कांग्रेस सरकार 2014 में बनी थी। 2014 के बाद 8 सत्र ऐसे थे, जिनमें 100 प्रतिशत से ज्यादा कम हुआ है। 16वीं लोकसभा में हम हमेशा गर्व करेंगे कि देश में पहली बार सबसे ज्यादा महिलाएं चुनकर आईं। देश में पहली बार इस सरकार में सर्वाधिक महिला मंत्री हैं।’

 

राहुल पर चुटकी
पीएम मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा, ‘हम कभी-कभी सुनते थे कि भूकंप आएगा, लेकिन पांच साल में कभी भूकंप नहीं आया। कई बड़े-बड़े लोगों ने हवाई जहाज उड़ाए, लेकिन यह लोकतंत्र की ताकत है कि कोई भूकंप और हवाई जहाज उस ऊंचाई को छू नहीं पाया।’ पीएम ने कहा, ‘मैं पहली बार इस सदन में आया हूं तो कई चीजें मेरे लिए नई थीं। पहली बार मुझे पता चला कि गले मिलना और गले पड़ने में क्या अंतर है, पहली बार मैंने आंखों की गुस्ताखियां भी देखीं।’

 

गौरतलब है कि राहुल गांधी ने संसद सत्र में अपने भाषण के बाद पीएम मोदी को गले लगाया था और उसके बाद उनके आंख मारने की घटना देश की मीडिया में चर्चा का विषय बन गई थी। अपने भाषण में पीएम मोदी ने टीडीपी सांसद की वेशभूषा का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि कई बार हमारी टेंशन को टीडीपी के एक सांसद अपनी अटेंशन में बदल देते थे।

 

खड़गे की तारीफ
पीएम मोदी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकर्जुन खड़गे की तारीफ करते हुए कहा, ‘मेरे भाषण को दाना पानी खड़गे जी से ही मिलता था। किसी समय आडवाणी जी सदन में पूरा समय बैठते थे, आज खड़गे जी भी पूरे समय सदन में होते हैं, हम सबको उनसे यह सीखना चाहिए। इस उम्र में भी उनकी ऊर्जा कम नहीं हुई है।’

 

‘विपक्ष ने भी दिया योगदान’
पीएम ने कहा, ‘आज मैं कोई उपलब्धि बताने नहीं आया हूं। लेकिन कई काम इस सदन ने किए हैं। विपक्ष में रहकर भी कई सांसदों ने इसमें अपना योगदान दिया है। हम सबके लिए खुशी की बात है कि आज देश छठे नंबर की अर्थव्यवस्था बन गया है। आज भारत का अपना आत्मविश्वास बेहद बड़ा है। आज विश्व की सभी प्रतिष्ठित संस्थाएं भारत के उज्ज्वल भविष्य के संबंध में अपनी संभावनाएं बताती हैं।’

 

पूर्ण बहुमत की सरकार का जलवा अलग
पीएम मोदी ने कहा कि लोग कहते हैं कि मोदी और सुषमा जी के कार्यकाल में दुनिया में भारत की इज्जत बढ़ी है। जबकि इसका कारण मोदी और सुषमा जी नहीं हैं। पीएम ने कहा, ‘दुनिया में भारत की इज्ज्त बढ़ी है क्योंकि यहां पूर्ण बहुमत वाली सरकार है। पूर्ण बहुमत वाली सरकार का दुनिया में असर ज्यादा होता है। उसका यश मोदी और सुषमा जी को नहीं जाता है, बल्कि 2014 के जनता के निर्णय को जाता है।’

 

दुनिया में हुआ नाम
पीएम ने कहा कि पिछले पांच साल में मानवता के काम में भारत ने बड़ी भूमिका अदा की। नेपाल के भूकंप हो या दुनिया में कहीं भी कोई ऐसा संकट, हमने आगे बढ़कर मदद की पेशकश की है। उन्होंने कहा, ‘यूएन में सबसे ज्यादा समर्थन से योग का रेजॉलूशन पास हुआ। यूएन में बाबा साहेब और महात्मा गांधी पर कार्यक्रम हुए हैं। गांधी जी के वैष्णव जन गीत को दुनिया भर के महान गायकों ने गाया है। हम विश्व में एक सॉफ्ट पावर के तौर पर भी उभरे हैं।’

 

219 में से 203 बिल पास हुए
पीएम ने कहा, ‘काम काज के लिहाज से भी यह कार्यकाल काफी अच्छा रहा। इस कार्यकाल में 219 बिल पेश हुए और 203 बिल पास हुए हैं। जब भी सदन के सदस्य जब भी इस कार्यकाल का जिक्र करेंगे तो बताएंगे कि वे उस कार्यकाल में सदस्य थे, जब कालेधन के कानून बने। इसी सदन ने शत्रू संपत्ति बिल पारित करके कई घावों को भरा है।’

 

पीएम ने कहा कि उच्च वर्ग के गरीब लोगों के लिए आरक्षण की व्यवस्था इसी सदन ने की। दोनों सदनों के सभी सांसदों को इसका श्रेय मिलना चाहिए। आने वाली पीढ़ियां इन सब कामों के लिए इस सदन को धन्यवाद देंगी। पीएम ने कहा, ‘सभी सांसदों ने अपने-अपने ढंग से मेरी मदद की, उनका धन्यवाद। मुलायम सिंह जी का विशेष स्नेह के लिए धन्यवाद। सदन में काम करने वाले सभी कर्मियों का भी धन्यवाद।’

चीनी मंत्रियों के साथ राहुल गांधी की मुलाकात पर बवाल, BJP ने बोला हमला

NEW DELHI: भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी द्वारा आज ओडिशा में चीन प्रेम को लेकर किये गए नए खुलासे और कांग्रेस नेता आनंद शर्मा द्वारा जांच एजेंसियों और जांच अधिकारियों को धमकाने वाले बयान पर पलटवार किया है। साथ ही कांग्रेस पार्टी और राहुल गाँधी पर करारा हमला बोला है।

 

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ संबित पात्रा ने कहा कि श्री कैलाश मानसरोवर यात्रा का बहाना करके चीनी मंत्रियों के साथ राहुल गाँधी की मुलाकात कई सवाल खड़े करती है। यात्रा तो एक बहाना था, राहुल को दरअसल चीन के मंत्रियों से मिलना था जबकि मानसरोवर यात्रा जाने के लिए बीजिंग का रूट कोई आवश्यक ही नहीं था। उन्होंने सवाल पूछा कि आखिर क्यों इस मीटिंग के बारे में विदेश मंत्रालय को नहीं बताया गया, क्यों प्रोटोकॉल को फॉलो नहीं किया गया। क्यों चीन में भारतीय दूतावास को इसके बारे में नहीं बताया गया।

 

यह दर्शाता है कि दाल में जरूर काला है। उन्होंने कहा कि राहुल गाँधी ने चुपके-चुपके जाकर चीन के मंत्रियों से क्या बातचीत की, इसका खुलासा होना चाहिए और राहुल गांधी को उसका जवाब देना चाहिए। हम सब जानते हैं कि डोकलाम में भारत और चीन के बीच तनातनी के वक्त बिना किसी को भी बताये, बिना भारत सरकार को अवगत कराये किस प्रकार राहुल गाँधी ने पूरे परिवार के साथ रात के अंधेरे में चीनी उच्चायुक्त से मुलाकात की थी। जब ये बात मीडिया में आई तो कांग्रेस पार्टी ने इसे सिरे से खारिज कर दिया था।

 

कांग्रेस प्रवक्ता ने तो इसे झूठी खबर बताते हुए मीडिया पर भी तंज कसा था लेकिन जब सच्चाई सामने आई तो कांग्रेस पार्टी को स्वीकार करना पड़ा कि राहुल गाँधी और चीनी राजदूत के बीच सीक्रेट मीटिंग हुई थी। डॉ पात्रा ने कहा कि जब राहुल गाँधी नेपाल और बीजिंग के रास्ते कैलाश मानसरोवर जा रहे थे तो राहुल गाँधी चाहते थे कि उन्हें एयरपोर्ट पर सी-ऑफ करने चीनी राजदूत और चीनी प्रतिनिधि आयें। चीनी राजदूत ने विदेश मंत्रालय को पत्र लिख कर तीन पास की मांग भी की थी ताकि इंदिरा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट का सेरेमोनियल लाउंज यूज किया जा सके जहां से राहुल गाँधी को सेरेमोनियल सी-ऑफ दिया जा सके।

 

आखिर राहुल गाँधी क्यों ऐसा प्रोटोकॉल चाहते थे और चीनी अधिकारी उन्हें सेरेमोनियल सी-ऑफ़ क्यों देना चाहते थे, इसका खुलासा आज राहुल गाँधी ने किया है। वास्तव में राहुल गाँधी को तो चीनी नेताओं और चीनी मंत्रियों से मिलना था। आखिर यह रिश्ता क्या कहलाता है? भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस नेता आनंद शर्मा द्वारा जांच एजेंसियों और जांच अधिकारियों को धमकाने वाले बयान पर कांग्रेस पार्टी को आड़े हाथों लिया।

 

साथ ही कहा कि संवैधानिक संस्थाओं और एजेंसियों को धमकाना ही कांग्रेस की संस्कृति है। उन्होंने कहा कि आनंद शर्मा ने जांच एजेंसियों को धमकाते हुए जो देख लेने की धमकी दी है, यह लोकतंत्र में ठीक नहीं है। राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि यही हमने हाल में भी सुप्रीम कोर्ट को लेकर कांग्रेस पार्टी पार्टी का रुख देखा था, जब सच साबित हुआ तो उन्होंने चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग चलाने की भी कोशिश की। कुछ दिन पहले ही लंदन में भी कांग्रेस पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस प्रायोजित कर देश के चुनाव आयोग पर दबाव बनाया और धमकाने की कोशिश की।

 

उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार कांग्रेस पार्टी का जन्मसिद्ध अधिकार है और वह चाहती है कि कोई उसकी जांच भी न करे। ज्ञात हो कि आनंद शर्मा ने आज एक प्रेस वार्ता कर सरकारी एजेंसियों और जाँच अधिकारियों को धमकाया कि सरकार बदलने के बाद उन अधिकारियों और जांच एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई की जायेगी जो भ्रष्टाचार में लिप्त कांग्रेस नेताओं की जाँच कर रहे हैं।

राहुल गांधी के बयान पर भड़की BJP

NEW DELHI. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा विदेशी सरजमीं पर मोदी सरकार की आलोचना करने पर भाजपा भड़क उठी है। साथ ही सीधे हमला बोलते हुए कहा कि राहुल विदेशों में भारत की बदनामी कर रहे हैं। राहुल गांधी जिस तरह की बातें कर रहे हैं उससे भारत और उसके नागरिकों की छवि खराब होती है। सामान्यत: अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस तरह की बातें नहीं की जातीं। गांधी के बयानों पर पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी विदेश में जाकर नफरत फैला रहे हैं। प्रसाद ने इसी बहाने राहुल को तीन तलाक मुद्दे पर भी घेरने का प्रयास किया।
साथ ही कहा कि कांग्रेस पार्टी जो नारी न्याय, नारी सम्मान और नारी गरिमा पर एक स्टैंड नहीं ले सकती वो विदेश में हमारी सरकार के खिलाफ बोल रही है। रविशंकर प्रसाद ने सवाल पूछते हुए कहा कि राहुलजी बताएं, तीन तलाक पर आपकी पार्टी ने जो स्टैंड लिया वह क्या प्यार फैलाने वाला स्टैंड था या नफरत फैलाने वाला।  
   केंद्रीय मंत्री ने कहा कि संघ के स्वयंसेवक जब कर्नाटक और केरल में मारे जाते हैं तब राहुल गांधी को इसमें घृणा क्यों नहीं दिखाई देती। उन्होंने कहा था कि सरकार बेरोजगार युवाओं के गुस्से को नफरत में बदल रही है। राहुल ने प्रवासी भारतीयों से घृणा और विभाजनकारी शक्तियों से लडऩे में मदद की भी अपील की थी। 
 
–कहा- विदेश में नफरत फैला रहे कांग्रेस अध्यक्ष
–पूछा-स्वयंसेवकों के मारे जाने पर राहुल को घृणा क्यों नहीं दिखती?
–नारी न्याय, नारी सम्मान और नारी गरिमा पर चुप क्यों है कांग्रेस 
   पत्रकारों से बातचीत करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष से यह उम्मीद की जाती है कि वे विदेशी जमीन से राजनीतिक मतभेदों को जाहिर नहीं करें और भारत में अपने संबोधन में लोगों के बीच ‘घृणÓ फैलाने का काम नहीं करेंगे।
    रविशंकर प्रसाद ने प्रवासी भारतीय सांसदों के सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संबोधन का उल्लेख करते हुए कहा कि यह देखने वाला विषय है कि प्रधानमंत्री किस प्रकार से भारत और अन्य देशों के बीच संबंधों को मजबूत बनाने पर जोर दे रहे हैं। जबकि, राहुल अपनी विफलताओं को छिपाने के लिये विभाजनकारी एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं।
     केंद्रीय मंत्री ने शाह बानो प्रकरण का जिक्र करते हुए कहा कि तब के प्रधानमंत्री राजीव गांधी उस समय उच्चतम न्यायालय के आदेश को निरस्त करने के लिये कुछ संगठनों के दबाव में कानून पारित कराने का काम किया था। रविशंकर प्रसाद ने दावा किया कि कांग्रेस ने वोट बैंक की राजनीति के कारण राज्यसभा में तीन तलाक संबंधी विधेयक को अटकाने का काम किया जो उस पार्टी के दोहरे मानदंड का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भाजपा राहुल गांधी के गैर जिम्मेदाराना वक्तव्य की कड़ी ङ्क्षनदा करती है।
राहुल गांधी ने  बीजेपी सरकार पर साधा था निशाना 
    दरअसल, राहुल गांधी बतौर पार्टी अध्यक्ष अपने पहले विदेश दौरे पर बहरीन गए हुए हैं। यहां सोमवार को भारतीयों को संबोधित करते हुए उन्होंने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा था।
सोमवार को बहरीन में प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए राहुल ने देश के बारे में अपना दृष्टिकोण रखा था। उन्होंने कहा था कि उनकी शीर्ष प्राथमिकता रोजगार, अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं और बेहतर शिक्षा है। कांग्रेस अध्यक्ष के इस दौरे को आगामी विधानसभा चुनावों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खाड़ी के देशों में सबसे अधिक (35 लाख से अधिक) भारतीय नागरिक बसे हैं।

गुजरात में सरप्राइज दे सकती है कांग्रेस

NEW DELHI. गुजरात विधानसभा के दूसरे और आखिरी चरण की वोटिंग से एक दिन पहले कांग्रेस के नवनिर्वाचित अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि 18 तारीख को गुजरात में सरप्राइज मिल सकता है। दिल्ली में ‘कांग्रेस महिला संवाद’ कार्यक्रम में पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए गांधी ने कहा कि गुजरात में कांग्रेस पूरी ताकत से और एकजुट होकर लड़ी है, जिसका नतीजा 18 तारीख को देखने को मिल सकता है। गौरतलब है कि 18 दिसंबर को गुजरात के साथ-साथ हिमाचल विधानसभा चुनाव में पड़े वोटों की गिनती होगी। कांग्रेस के नवनिर्वाचित अध्यक्ष राहुल गांधी ने इशारों-इशारों में यह दावा किया कि इस बार 22 साल बाद कांग्रेस गुजरात की सत्ता में वापसी कर सकती है। गांधी ने कहा, ‘गुजरात की कांग्रेस यूनिट ने पिछले 3-4 महीनों में स्पष्ट संदेश दिया है कि कांग्रेस जहां भी लड़ेगी…पार्टी अपनी पूरी ताकत से मिलकर एक साथ आइडियॉलजी के आधार पर और राज्य को एक विजन देकर लड़ेगी और मैं कांग्रेस की गुजरात यूनिट को बधाई देना चाहता हूं कि मुश्किल परिस्थितियों में कांग्रेस पार्टी एक होकर लड़ी है…और उसका नतीजा आपको 18 तारीख को दिख जाएगा…और मैं यह भी कहना चाहता हूं कि गुजरात में शायद आपको सरप्राइज मिल जाए।’

गुजरात कांग्रेस यूनिट की तारीफ करते हुए गांधी ने कहा कि अब आगे जहां भी चुनाव होंगे, पार्टी गुजरात की तरह ही लड़ेगी। राहुल गांधी ने कहा, ‘मैंने देखा कि 3-4 महीनों में गुजरात की जनता और कांग्रेस की यूनिट के बीच जो बातचीत हुई, जो चर्चा हुई…वह बेहद सशक्त थी…और मैं चाहता हूं कि हर प्रदेश में कांग्रेस इसी तरह कार्य करे…।’

आरएसएस में महिलाओं के लिए कोई जगह नहीं
राहुल गांधी ने कहा कि आरएसएस में महिलाओं के लिए कोई जगह नहीं है क्योंकि उनकी विचारधार ही ऐसी है। उन्होंने कहा कि बीजेपी और कांग्रेस में बड़ा अंतर है। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘आप गांधीजी की कोई भी फोटो देखिए, उसमें आपको गांधीजी के पास 3-4 महिलाएं जरूर दिखाई देंगी…लेकिन आरएसएस में कोई महिला घुस ही नहीं सकती…ये उनकी आइडियॉलजी है।’

‘महिला आरक्षण लागू करने के लिए सरकार को करेंगे मजबूर’
राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि महिला आरक्षण लागू होकर रहेगा। उन्होंने कहा, ‘जैसे हमने जीएसटी यानी गब्बर सिंह टैक्स को बदलने के लिए दबाव डाला वैसे ही हम उससे भी ज्यादा दबाव डालकर सरकार से कहेंगे कि आपको महिला आरक्षण लागू करना ही होगा…कांग्रेस आपको कोई दूसरा चॉइस नहीं देगी।’

‘कांग्रेस में हर स्तर पर मिलेगा महिलाओं को वाजिब प्रतिनिधित्व’
कांग्रेस के नवनिर्वाचित अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस में महिलाओं को वाजिब प्रतिनिधित्व मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि बतौर अध्यक्ष उनका यह पहला कार्यक्रम है और महिला कार्यकर्ताओं के साथ संवाद में संदेश छिपा है कि कांग्रेस में सबसे बड़ा बदलाव महिलाओं के लिए है। गांधी ने कहा, ‘यहां एक मेसेज देने आया हूं…बतौर अध्यक्ष यह मेरा पहला कार्यक्रम है…मैं हिंदुस्तान की महिलाओं और कांग्रेस की महिलाओं को स्पष्ट संदेश देना चाहता हूं कि कांग्रेस में सबसे बड़ा बदलाव महिलाओं के लिए है।’ राहुल के ऐसा कहते ही कार्यक्रम स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। गांधी ने कहा, ‘हर लेवल पर हमें महिलाओं को तैयार करना है, चुनाव लड़वाना है और हर लेवल पर महिलाओं को प्रतिनिधित्व देना है।’ इस मौके पर उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की जमकर तारीफ की।

राहुल गांधी को कांग्रेस की कमान, जश्न

NEW DELHI. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को पार्टी का निर्विरोध तरीके से सोमवार को पार्टी का अध्यक्ष चुन लिया गया। इस शीर्ष पद के लिए केवल राहुल ने ही नामांकन किया था। राहुल के सभी 89 नामांकन पत्र सही पाए गए। कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव प्राधिकार (CEA) के अध्यक्ष मुल्लापल्ली रामचंद्रन ने राहुल के अध्यक्ष निर्वाचित होने की घोषणा की। राहुल के 16 दिसंबर को कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर कार्यभार संभालने की संभावना है। इसके साथ ही पार्टी में पीढ़ीगत बदलाव भी हो गया। राहुल अपनी मां सोनिया गांधी की जगह अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। सोनिया 19 साल तक इस पद पर रहीं। वह 1998 में कांग्रेस की अध्यक्ष बनी थीं। यह बदलाव देश की सबसे पुरानी पार्टी में नए युग का आगाज माना जा रहा है।

कांग्रेस पार्टी ने स्वतंत्रता के बाद से आधी सदी से अधिक समय तक देश पर शासन किया है। नेहरू-गांधी परिवार के वंशज 47 वर्षीय राहुल के सामने पार्टी की खोई हुई प्रतिष्ठा को लौटाने का कठिन काम है। पार्टी के सितारे हालिया वर्षों में गर्दिश में रहे हैं। एक समय पूरे देश पर कांग्रेस का नियंत्रण था, लेकिन वर्तमान में सिर्फ 5 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश पुदुचेरी में उसकी सरकार है।

राहुल गांधी के पक्ष में कुल 89 नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे। जांच में सभी नामांकन पत्रों को वैध पाया गया। मुल्लापल्ली रामचंद्रन ने बताया कि राहुल गांधी को हालांकि पार्टी अध्यक्ष नियुक्त किए जाने का प्रमाण पत्र 16 दिसंबर को सोनिया गांधी और कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में सौंपा जाएगा।

पार्टी सूत्रों ने बताया कि सोनिया गांधी आधिकारिक तौर पर 132 साल पुरानी पार्टी की बागडोर अपने बेटे को 16 दिसंबर की सुबह तकरीबन 11 बजे सौंपेंगी। इसके बाद राहुल गांधी कांग्रेस मुख्यालय में देशभर के नेताओं से मिलेंगे। कांग्रेस 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद एक के बाद एक विधानसभा चुनावों में हार का सामना कर रही है। हालांकि, उसे पंजाब विधानसभा चुनाव में जीत मिली थी। राहुल गांधी को पार्टी अध्यक्ष गुजरात और हिमाचल विधानसभा चुनाव का परिणाम आने से ठीक 2 दिन पहले नियुक्त किया जाएगा। राहुल ने गुजरात में कांग्रेस के लिए जोर-शोर से प्रचार किया है और अगर वह चुनाव में जीत हासिल करती है तो यह उनके लिये संजीवनी बूटी का काम करेगी।

 

कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न
दिल्ली में पार्टी मुख्यालय के बाहर बड़ी संख्या में जुटे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर जश्न मनाया। यहां होली और दिवाली वाला माहौल दिखा। कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे को गुलाल लगाया तो जमकर आतिशबाजी भी हुई। ढोल-नगाड़ों की थाप और राहुल गांधी जिंदाबाद के नारे के बीच नेताओं ने राहुल को शुभकामनाएं दीं। दिल्ली के साथ राज्यों में स्थिति कांग्रेस कार्यालयों से भी जश्न की तस्वीरें आ रही हैं। गुलाम नबी आजाद ने राहुल के अध्यक्ष चुने जाने पर कहा, ‘पूरे देश को राहुल गांधी से उम्मीदें हैं। अध्यक्ष चुने जाने से पहले उन्होंने अपनी प्रकृति दिखा दी है। वह अपनी जिम्मेदारी जानते हैं।’

राहुल गांधी को अगले महीने कांग्रेस की कमान

NEW DELHI. काफी लंबे समय से कांग्रेस कार्यकर्ताओं की यह मांग कि उपाध्यक्ष राहुल गांधी को पार्टी की कमान सौंपी जाए, उनका यह इंतज़ार अब खत्म हो गया है। सोमवार को सोनिया गांधी के आधिकारिक आवास दिल्ली के 10 जनपथ पर बुलाई गई कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में अध्यक्ष पद के लिए चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा कर दी गई। कार्यक्रम के मुताबिक, चुनाव की अधिसूचना 1 दिसंबर को जारी होगी और नामांकन पत्र भरने की अंतिम तारीख 4 दिसंबर जबकि नामांकन पत्र वापस लेने की अंतिम तिथि 11 दिसंबर है। यदि एक से ज़्यादा वैध नामांकन दाखिल होते हैं और चुनाव की नौबत आती है, तो मतदान 16 दिसंबर को होगा जबकि मतगणना 19 दिसंबर को होगी। हालांकि, ऐसा माना जा रहा है कि 47 वर्षीय राहुल गांधी का निर्विवाद अध्यक्ष पद के लिए चुना जाना तय है।

लेकिन, सबसे बड़ी बात ये है कि राहुल गांधी को प्रेसिडेंट बनाने में आखिर इतनी देरी क्यों हुई और राहुल गांधी को कांग्रेस की कमान देने के बाद उनके सामने वो कौन-कौन सी चुनौतियां सामने होंगी जिससे राहुल को दो-चार होना पड़ेगा? आइये जानने का प्रयास करते हैं।

पार्टी की तरफ से कई बार राहुल गांधी को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद बनाने की असफल कोशिशों के बाद आखिरकार राहुल गांधी पार्टी की कमान संभालने जा रहे हैं। पार्टी में शीर्ष पद की अहम जिम्मेदारी के बाद राहुल गांधी के पास अपने आपको साबित करने का बेहतर मौका होगा। आइये बताते हैं वो कौन सी बातें है जो राहुल गांधी की नई भूमिका में उनके लिए मददगार साबित होंगी। हाल के दिनों में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर ने जो कहा उससे यह जाहिर होता है कि कांग्रेस बदल रही है। पार्टी अध्यक्ष के चुनाव पर बोलते हुए अय्यर ने कहा था- ‘मैं ऐसा मानता हूं कि कांग्रेस में सिर्फ दो लोग ही अध्यक्ष बन सकते हैं- मां या बेटा।’ मणिशंकर अय्यर के इस कठोर बयान के बाद ये बात बिल्कुल साफ है कि गांधी परिवार के पुराने वफादारों को आनेवाले दिनों में कुछ खास अहमियत नहीं दी जाएगी। राहुल गांधी अब कांग्रेस के पुराने वफादारों की जगह नए नेताओं पर विश्वास कर रहे हैं। सचिन पायलट और ज्योतिरादित्य सिधिंया का पार्टी में कद बढ़ना इसी बात का संकेत है कि सोनिया के विश्वासपात्र रहे लोगों को बहुत ज्यादा तवज्जो वे नहीं देने जा रहे हैं।

 

कांग्रेस के पुराने नेता पारंपरिक मतदाताओं के अंकगणित से ऊपर की नहीं सोच पा रहे हैं जबकि भारत दिनों दिन काफी परिवर्तन कर रहा है। ऐसे में नए सलाहकारों के समूह से राहुल गांधी को नई पीढ़ी से जुड़ने में मदद मिलेगी और एक नयी रिवायत शुरु होगी जिसकी उन्हें अभी सख्त जरुरत है। जाहिर तौर पर कांग्रेस के पुराने वफादार जिनमें कई जमीन से जुड़े नेता हैं उनकी जगह राहुल के नए सलाहकारों के आने से राहुल की चुनौतियां और बढ़ जाएगी क्योंकि उनमें से कई लोग ऐसे होंगे जिनका कोई जनाधार नहीं होगा। लेकिन, केवल नई सोच के साथ नए नेताओं की बदौलत कांग्रेस को बदला जा सकता है।

राहुल गांधी का वादा, सत्ता में आने पर बदल देंगे GST

 सूरत ।  केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की ओर से लागू किए गए जीएसटी में राहुल गांधी ने बदलाव का वादा किया है।सूरत में गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार करते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा, ‘यदि आप हमसे जीएसटी या उसके ढांचे में बदलाव के लिए कहेंगे तो देश की सत्ता में आने पर हम इसमें बदलाव करेंगे।’ कारोबारियों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि सत्ता में आने पर हम ऐसा जीएसटी लेकर आएंगे, जिससे आपको फायदा होगा। आप क्या कहना चाहते हैं, उसके मुताबिक हम काम करेंगे। हम आपकी बात को सुनेंगे।
इससे पहले राहुल गांधी ने नवसारी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी के नोटबंदी के फैसले पर निशाना साधा। राहुल ने कहा, ‘पीएम मोदी यह नहीं समझते कि सारा कैश ब्लैक मनी नहीं होता। रोज की दिहाड़ी कमाने वाले मजदूर और दुकानदारों के पास काला धन नहीं होता। जिस ब्लैक मनी को वह गरीब लोगों की जेबों में तलाश रहे हैं, वह विदेशी बैंकों के खातों में जमा है।’
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री युवाओं को नौकरियां दिलाने में असफल रहे हैं। एक साल सिर्फ 1 लाख नौकरियों के अवसर ही पैदा हो सके हैं, जबकि हर साल दो करोड़ नौकरियों का वादा किया गया था। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर राहुल ने कहा, ‘मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि भारत में ईंधन की कीमतें क्यों लगातार बढ़ती जा रही हैं, जबकि पूरी दुनिया में कीमतें लगातार घट रही हैं।’