भारत को कारोबार सुगमता रैंकिंग में अगले साल ‘शीर्ष 50’ में पहुंचाने का लक्ष्य: मोदी

NEW DELHI: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि भारत कारोबार सुगमता के मामले में अगले साल तक शीर्ष 50 देशों में शामिल होने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। विश्वबैंक की कारोबार सुगमता रैंकिंग की नवीनतम रिपोर्ट में भारत ने 75 स्थानों की छलांग लगाते हुये 77वां स्थान हासिल किया है।वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन के नौवें संस्करण के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, मैंने अपनी टीम से कड़ा परिश्रम करने को कहा है ताकि देश को अगले साल कारोबार सुगमता के मामले में शीर्ष 50 देशों की सूची में स्थान दिलाया जा सके।

 

मोदी ने कहा कि उनकी सरकार का ध्यान उन बाधाओं को हटाने पर है जो देश को उसकी क्षमताओं के हिसाब से प्रदर्शन करने से रोक रही हैं। हम सुधारों और नियमों को सरल बनाने की प्रक्रिया जारी रखेंगे। मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ‘सुधार, प्रदर्शन, बदलाव और बेहतर प्रदर्शन’ के मंत्र पर काम करते हुये ‘न्यूनतम सरकार – बेहतर शासन’ का लक्ष्य लेकर काम कर रही है।

 

मोदी ने कहा कि पिछले चार साल में देश की औसत सालाना जीडीपी वृद्धि 7.3 प्रतिशत रही है, जो 1991 के बाद से सर्वाधिक है। उल्लेखनीय है कि वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन की अवधारणा मोदी ने 2003 में की थी। उस समय वह राज्य के मुख्यमंत्री थे। इसके पीछे उनका लक्ष्य राज्य को देश का प्रमुख निवेश स्थान बनाना था।

BJP अध्यक्ष अमित शाह ने फूंका मिशन-2019 का बिगुल

NEW DELHI: भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने 2019 के लोकसभा चुनाव को दो विचारधाओं के बीच ‘युद्ध’ करार दिया और ‘पानीपत के तीसरे युद्ध’ से इसकी तुलना करते हुए कहा कि 2019 की लड़ाई ऐसी है जिसका असर सदियों तक होने वाला है और इसलिये इसे जीतना जरूरी है। विपक्षी दलों के गठबंधन की पहल को ढकोसला करार देते हुए शाह ने कहा कि भाजपा गरीबों के कल्याण और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को आगे बढ़ा रही है जबकि विपक्षी दल केवल सत्ता के लिये साथ आ रहे हैं।

 

भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, ‘‘ 2019 का चुनाव वैचारिक युद्ध का चुनाव है। दो विचारधाराएं आमने सामने खड़ी हैं। 2019 का युद्ध सदियों तक असर छोड़ने वाला है और इसलिए मैं मानता हूं कि इसे जीतना बहुत महत्वपूर्ण है । उन्होंने कहा कि एक ओर 1950 से सांस्कृतिक राष्ट्रवाद एवं गरीब कल्याण की विचारधारा है । एक बड़ा तबका इसके साथ है । नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के दल एकजुट चुनाव के लिये खड़े हैं।

 

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि दूसरी ओर न कोई नेता है, न नीति है । स्वार्थ एवं सत्ता के लिये एकत्र लोगों का जमघट है । ‘‘ इन दो विचारधाराओं के बीच युद्ध है । ’’
उन्होंने कहा कि देश में 130 वर्षो का ऐसा कालखंड आया जब शिवाजी एवं अन्य सेनानियों के नेतृत्व में आजादी की लड़ाई शुरू हुई थी । इसके फलस्वरूप अफगानिस्तान से कर्नाटक और गुजरात से ओडिशा तक बड़ा भूभाग स्वतंत्र हुआ। अमित शाह ने कहा कि दुर्भाग्य से पानीपत के तीसरे युद्ध जो अब्दाली और सदाशिवराव भाऊ के बीच लड़ा गया, उसमें मराठा सेना पराजित हो गई । यह निर्णायक युद्ध था । 131 युद्ध जीतने वाली मराठा सेना एक युद्ध हार गई और इसके कारण 200 साल गुलामी झेलनी पड़ा ।

 

शाह ने 2019 के लोकसभा चुनाव को ऐसा ही युद्ध बताया । उन्होंने कहा कि युद्ध कई प्रकार के होते हैं । कुछ युद्ध जय पराजय तक सीमित होते हैं । कुछ युद्धों का प्रभाव एक आध दशक तक होता है। जबकि कुछ युद्धों का प्रभाव सदियों तक रहता है। ‘‘मैं मानता हूं कि 2019 का युद्ध सदियों तक असर डालने वाला है और इसलिये यह युद्ध जीतना जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि 70 साल तक जिन वंचितों, गरीबों के लिये कुछ नहीं किया गया, उनके कल्याण के लिये भाजपा ने प्रयास किया है, यह युद्ध उन गरीबों के लिये है।

 

उन्होंने कहा कि 2019 का चुनाव भारत के गरीब के लिए बहुत मायने रखता है। स्टार्टअप को लेकर निकले युवाओं के लिए ये चुनाव मायने रखता है । करोड़ों भारतीय जो दुनिया में भारत का गौरव देखने चाहते हैं उनके लिए ये चुनाव मायने रखता है । उन्होंने कहा कि एक दूसरे का मुंह न देखने वाले आज हार के डर से एक साथ आ गए हैं, वो जानते हैं कि अकेले नरेंद्र मोदी जी को हराना मुमकिन नहीं है । शाह ने कहा कि 2014 के चुनाव में हम इन दलों को पराजित कर चुके हैं और आगे भी इन्हें पराजित करेंगे ।

 

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की सीट 73 से बढ़कर 74 सीटें होगी, यह 72 नहीं होगी । उन्होंने दावा किया कि 2019 में भाजपा के नेतृत्व में राजग की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि 2014 में 6 राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सरकारें थी और 2019 में 16 राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं। 5 साल के अंदर भाजपा का गौरव दिन दोगुनी गति से बढ़ा है। अमित शाह ने कहा कि ये अधिवेशन भारतीय जनता पार्टी के देशभर में फैले कार्यकर्ताओं के लिए संकल्प करने का अधिवेशन है । उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता अजेय योद्धा ‘मोदी’ के नेतृत्व में चुनाव में जा रहे हैं । ऐसे में कार्यकर्ताओं को जोश में बढ़ना चाहिए लेकिन होश नहीं खोना चाहिए ।

 

शाह ने कहा कि भाजपा चाहती है जल्द से जल्द उसी स्थान पर भव्य राम मंदिर का निर्माण हो और इसमें कोई दुविधा नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘ हम प्रयास कर रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट में चल रहे केस की जल्द से जल्द सुनवाई हो लेकिन कांग्रेस इसमें भी रोड़े अटकाने का काम कर रही है । कांग्रेस अपना रूख स्पष्ट करे।’’ उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता आश्वस्त रहे कि संविधान के तहत राम मंदिर के निर्माण के लिये पार्टी कटिबद्ध है।

 

राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कुछ समय से जो स्वयं जमानत पर हैं, जिन पर इनकम टैक्स का 600 करोड़ रुपए बकाया हो, ऐसे लोग मोदी जी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे हैं। जनता की सूझबूझ बहुत ज्यादा है। मोदी जी का प्रामाणिक जीवन और निष्कलंक चरित्र जनता के सामने है । उन्होंने कहा कि एक जमाना था जब देश में कांग्रेस बनाम अन्य हुआ करता था, आज मोदी बनाम अन्य सभी हो गया है । शाह ने अपने संबोधन में सरकार की जनकल्याण योजनाओं और आंतरिक एवं वाह्य सुरक्षा के मोर्चे पर किए प्रयासों का जिक्र किया और कार्यकर्ताओं से इन्हें जनता तक पहुंचाने का आह्वान किया।

आलोक वर्मा CBI निदेशक पद से हटाए गए, नागेश्वर राव को मिला प्रभार

NEW DELHI: एक अभूतपूर्व कदम के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार प्राप्त चयन समिति ने मैराथन बैठक के बाद आलोक वर्मा को गुरुवार को सीबीआई निदेशक के पद से हटा दिया। उन्हें भ्रष्टाचार और कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही के आरोपों में पद से हटाया गया। अधिकारियों ने बताया कि वर्मा का दो वर्षों का निर्धारित कार्यकाल 31 जनवरी को समाप्त होने वाला है और वह उसी दिन सेवानिवृत्त होने वाले हैं। सीबीआई के 55 वर्षों के इतिहास में इस तरह की कार्रवाई का सामना करने वाले जांच एजेंसी के वह पहले प्रमुख हैं।

 

गुरुवार शाम जारी एक सरकारी आदेश में बताया गया कि वर्मा को केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत दमकल सेवा, नागरिक रक्षा और होमगार्ड महानिदेशक के पद पर तैनात किया गया है। सीबीआई का प्रभार अतिरिक्त निदेशक एम नागेश्वर राव को दिया गया है। सीवीसी की रिपोर्ट में वर्मा के खिलाफ आठ आरोप लगाए गए थे। यह रिपोर्ट उच्चाधिकार प्राप्त समिति के समक्ष रखी गई। समिति में लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के प्रतिनिधि के रूप में उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति ए के सीकरी भी शामिल थे।

 

अधिकारियों ने बताया कि 1979 बैच के आईपीएस अधिकारी वर्मा को पद से हटाने का फैसला बहुमत से किया गया। खड़गे ने इस कदम का विरोध किया। समिति की बैठक बुधवार को भी हुई थी जो बेनतीजा रही थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सात लोक कल्याण मार्ग स्थित आवास पर शाम साढ़े चार बजे गुरुवार को एकबार फिर से समिति की बैठक बुलाई गई। बैठक तकरीबन दो घंटे तक चली। खड़गे ने सीवीसी द्वारा वर्मा के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका देने की पुरजोर वकालत की। हालांकि, प्रधानमंत्री और न्यायमूर्ति सीकरी ने इससे सहमति नहीं जताई और एजेंसी से उन्हें बाहर करने का रास्ता साफ कर दिया।

 

इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस ने कहा, ‘‘आलोक वर्मा को उनका पक्ष रखने का मौका दिये बिना पद से हटाकर प्रधानमंत्री मोदी ने एकबार फिर दिखा दिया है कि वह जांच–चाहे वह स्वतंत्र सीबीआई निदेशक से हो या संसद या जेपीसी के जरिये– को लेकर काफी भयभीत हैं।’’  पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी और यशवंत सिन्हा के साथ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने चार अक्टूबर 2018 को वर्मा से मुलाकात की थी और राफेल खरीद सौदे में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की थी।

 

वर्मा को विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के साथ उनके झगड़े के मद्देनजर 23 अक्टूबर 2018 की देर रात विवादास्पद सरकारी आदेश के जरिये छुट्टी पर भेज दिया गया था। उन्होंने उच्चतम न्यायालय में सरकार के आदेश को चुनौती दी थी। शीर्ष अदालत ने मंगलवार को सरकारी आदेश को निरस्त कर दिया था। शीर्ष अदालत ने वर्मा को छुट्टी पर भेजने वाले आदेश को निरस्त कर दिया था, लेकिन उनपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की सीवीसी जांच पूरी होने तक उनके कोई भी बड़ा नीतिगत फैसला करने पर रोक लगा दी थी।

 

शीर्ष अदालत ने कहा था कि वर्मा के खिलाफ कोई भी आगे का फैसला उच्चाधिकार प्राप्त चयन समिति एक सप्ताह के भीतर करेगी। यह समिति सीबीआई निदेशक का चयन करती है और उनकी नियुक्ति करती है। उच्चतम न्यायालय ने विनीत नारायण मामले में सीबीआई निदेशक का न्यूनतम दो साल का कार्यकाल निर्धारित किया था ताकि किसी भी राजनीतिक हस्तक्षेप से उन्हें बचाया जा सके। लोकपाल अधिनियम के जरिये बाद में सीबीआई निदेशक के चयन की जिम्मेदारी चयन समिति को सौंप दी गई थी।

PM मोदी ने राज्यों के लिए तय किया एजेंडा, दिया होमवर्क 

NEW DELHI.  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को जमीन तक पहुंचाने का निर्देश दिया है। साथ ही कहा कि आम जनता से जुड़ी योजनाओं क्रमश: बिजली, आवास, चिकित्सा की योजनाओं को मिशन मोड में जमीन पर उतारें, ताकि आज जनता को ज्यादा से ज्यादा इसका लाभ मिल सके। भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों एवं उपमुख्यमंत्रियों की  परिषद बैठक आज यहां भाजपा के नये मुख्यालय में हुई। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरा एजेंडा सरकारों के समक्ष पेश किया। इस मौके पर
भारतीय जनता पार्टी शासित 19 राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए। 2019 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और हर घर को बिजली पहुंचाने के लिए सौभाग्य योजना के क्रियान्यन के लिए मुख्यमंत्रियों एवं उपमुख्यमंत्रियों को जुट जाने की नसीहत दी।
-कल्याणकारी योजनाओं को मिशन मोड में जमीन पर उतारें 
–पानी, बिजली, सड़क, स्वाथ्य पर सरकार का पूरा फोकस 
 — मुख्यमंत्रियों ने साझा किए अनुभव, पिछड़े 100 जिलों पर चर्चा 
   इस मौके पर केन्द्र तथा राज्य सरकारों की विभिन्न कल्याणकारी तथा विकास योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन तथा प्रगति के बारे में विस्तृत चर्चा की गई। चर्चा के दौरान मुख्य लक्ष्य निम्न स्तर तक अति-निर्धन तथा प्रत्येक लाभार्थी को लाभान्वित करने के उद्देश्य को हासिल करने पर विशेष बल दिया गया।
       बैठक में असम, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, मध्यप्रदेश, मणिपुर, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री तथा जम्मू कश्मीर, बिहार, उत्तरप्रदेश एवं गुजरात के उपमुख्यमंत्री इस बैठक में शामिल हुए। गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर अस्वस्थ होने के कारण नहीं आ सके। इसके अलावा केन्द्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, अरुण जेटली और सुषमा स्वराज, भाजपा के संगठन महासचिव रामलाल, महासचिव भूपेन्द्र यादव भी उपस्थित थे।
           बैठक में प्रारंभिक चर्चा के बाद भूपेंद्र यादव और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने बताया कि बैठक में सुशासन के फल को जनता के बीच प्रभावी ढंग से पहुंचाने के उपायों पर चर्चा हुई जिसमें केन्द्र सरकार और राज्य सरकारों की सामाजिक कल्याण की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ साथ लोकतंत्र की मज़बूती के लिए लोकसभा, विधानसभा, नगरीय निकायों और पंचायतों के चुनाव एक साथ कराने के बारे में भी विचार विमर्श किया गया। इनके अलावा देश के सर्वाधिक पिछड़े सौ जिलों में विकास को तेज करने के बारे में चर्चा हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बोलने के बाद बैठक में अन्य विभिन्न विकास योजनाओं पर भी मुख्यमंत्रियों ने अपने अनुभव साझा किये जिससे सभी को नयी बातें सीखने को मिलीं। इस मौके पर देश के सर्वाधिक पिछड़े सौ जिलों में विकास को तेज करने के बारे में चर्चा हुई। ड्रिस्ट्रिक्ट मिनेरल फंड के बारे में बात हुई। नयी व्यवस्था से दंतेवाड़ा सुकमा आदि जैसे पिछड़े जिलों में प्रत्येक को 300 से 400 करोड़ रुपए विकास के लिए मिल सकेंगे। इसी प्रकार से माइनिंग फंड और कैम्पा फंड में लाखों करोड़ रुपए राज्यों को देने के बारे में भी बात हुई।
मुख्यमंत्रियों ने लिया संकल्प, तय समय पर पूरी होंगी योजनाएं 
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि सभी मुख्यमंत्रियों ने अपने अपने राज्यो में विभिन्न योजनाओं के तय समय सीमा के अंदर क्रियान्वयन के लिए लक्ष्य निर्धारित करके उन्हें पूरा करने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि चूंकि राज्य सभी योजनाओं के क्रियान्वयन के जिम्मेदार होते हैं। इसलिए राज्य सरकारों के साथ उनके क्रियान्वयन के बारे में परामर्श एवं प्रोत्साहन जरूरी है।       उन्होंने कहा कि नमो केयर के नाम से देश के दस करोड़ परिवारों को पांच लाख रुपए सालाना के चिकित्सा बीमा आयुष्मान भारत की योजना विश्व की सबसे बड़ी हैल्थकेयर योजना है जिसमें दूर दराज के गांवों मेें रहने वाले आदिवासी, दलित, कमज़ोर, वंचित वर्ग के लोग बाईपास सर्जरी, घुटनों को बदलवाने की सर्जरी आदि उपचार सहजता से करा सकेंगे। यह बहुत बड़ा विषय है और इसका क्रियान्वयन देश की तस्वीर बदल देगा।
2022 तक गरीब के सिर पर छत और बिजली पहुंचे 
मुख्यमंत्री रमन सिंह के मुताबिक दूसरी योजना आवास योजना है। प्रधानमंत्री ने 2022 तक देश के प्रत्येक गरीब के सिर पर छत का लक्ष्य तय किया है। ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में आवास बनाये जाने है और ग्रामीण आवास के लिए अधिकतम सीमा बढ़ा कर करीब डेढ़ लाख रुपए प्रति घर कर दी गयी है। इसमें भी सभी राज्यों को लक्ष्य दिए हैं। तीसरी, हर घर को बिजली पहुंचाने की सौभाग्य योजना है। प्रधानमंत्री का कहना है कि देश का एक भी घर बिजली विहीन नहीं होना चाहिए। इस में ग्रामीण विद्युतीकरण पर विशेष जोर दिया गया है। इसमें ना केवल कनेक्शन देने बल्कि उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है ताकि हर घर को 24 घंटे बिजली मिल सके। छत्तीसगढ़ को आठ लाख घरों तक बिजली पहुंचानी है।
किसानी अहम, कई एजेंडे पर हुई लंबी चर्चा 
 मुख्यमंत्रियों की परिषद बैठक में किसानों को लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तय करने की सूत्र तैयार करने एवं प्रणाली विकसित करने के बारे में भी बात की गयी। मंडियों में खरीद की व्यवस्था, किसानों को उनके खाते में त्वरित भुगतान की सुविधा सुनिश्चित करने के उपायों का भी जायजा लिया गया।
एक साथ कैसे हो लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव 
    बैठक के दौरान एक अन्य महत्वपूर्ण विषय यह था कि चुनाव एक साथ कैसे हों। कभी लोकसभा, कभी विधानसभा, कभी पंचायत, कभी नगरीय निकाय के चुनाव चलते रहने से आचार संहिता के कारण काम ठप्प हो जाते हैं। इसको लेकर जनजागृति लाना जरूरी है। क्या वर्ष 2018-19 से या फिर 2022 या 2023 से यह किसी रूप में संभव हो सके कि सभी चुनाव एक समय अवधि में करा लिए जायें जिससे चुनाव का व्यय कम होगा और विकास तेज़ होगा।

बेटी बचाओ: सोनीपत अव्वल, सुधरा लिंगानुपात

NEW DELHI. कभी लिंगानुपात के आंकड़ों में में बेहद निचले स्तर पर पहुंच चुके हरियाणा के सोनीपत जिले में कन्या भ्रूण हत्या रोकने की मुहिम का एक बड़ा असर हुआ है। केंद्र सरकार के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम, सरकारी निगरानी और आधुनिक तकनीकी के बल पर सोनीपत में कन्या भ्रूण हत्या और लिंग जांच जैसे अपराधों को रोकने में बड़ी सफलता मिली है। इस प्रयास का असर यह है कि जिस सोनीपत जिले में साल 2014 में प्रति 1000 लड़कों के अनुपात में बेटियों की संख्या 810 थी, आज यह आंकड़ा प्रति एक हजार 937 लड़कियों तक पहुंच चुका है।
जिला प्रशासन और राज्य सरकार की इस उपलब्धि के साथ सोनीपत बेटी बचाने की मुहिम में सबसे अग्रणी जिला बन चुका है, जिसके बाद खुद पीएम नरेंद्र मोदी इसे सम्मानित करने जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि तीन साल पहले सोनीपत के पड़ोसी जिले पानीपत से ही देशभर के लिए बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत हुई थी। जब इस अभियान की शुरुआत हुई तो सोनीपत जिला देश में लिंगानुपात के सबसे पिछड़े जिलों में शुमार था।
 
—-मुहिम हुई कामयाब, एक हजार लडकों पर 937 लड़कियों तक पहुंचा अनुपात 
अभियान की शुरुआत होने के बाद जिला प्रशासन और सरकार की सतर्कता से इसे बेहद प्रभावी ढंग से लागू करने की शुरुआत की गई। इस क्रम में सोनीपत के जिला प्रशासन ने बेटी बचाने के लिए देश में सबसे ज्यादा 40 छापे मारे। इस दौरान प्रशासन ने गर्भ में लिंग जांच करने वाले तमाम अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। साथ ही संस्थागत डिलिवरी और पैदा होने वाले बच्चों का 100 प्रतिशत आधार रजिस्ट्रेशन कराने की तरफ भी खास फोकस किया गया। दूसरी ओर गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाने के लिए ऐम्बुलेंस की व्यवस्था को खास तौर पर प्रभावी बनाया गया। इन सब के परिणामस्वरूप सोनीपत में साल 2017 तक लिंगानुपात का आंकड़ा प्रति 1 हजार पुरुषों के सापेक्ष 937 महिलाओं तक पहुंच सका।
8 मार्च को राजस्थान में होगा सम्मान समारोह 
सोनीपत की इस विशेष उपलब्धि पर अब पीएम नरेंद्र मोदी 8 मार्च को राजस्थान के झुंझनूं में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की तीसरी वर्षगांठ पर सोनीपत के उपायुक्त के. मकरंद पांडुरंग को एक विशेष कार्यक्रम में सम्मानित करेंगे। केंद्र सरकार के महिला व बाल विकास मंत्रालय में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के उप-सचिव अशोक कुमार यादव ने उपायुक्त को एक पत्र भेजकर यह जानकारी दी है। उपायुक्त को मिले पत्र में सोनीपत में हुए इस प्रभावी प्रयास की प्रशंसा करते हुए उपायुक्त को सम्मान समारोह के लिए आमंत्रण भेजा गया है।
‘जिले की उपलब्धि संयुक्त प्रयासों का परिणाम’ 
वहीं मंत्रालय की ओर से पत्र मिलने के बाद इस पर खुशी जाहिर करते हुए उपायुक्त ने कहा कि सोनीपत को मिली उपलब्धि सभी विभागों के संयुक्त प्रयास का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जिले को कन्या भ्रूण हत्या के बढ़ते आंकड़ों के कारण काफी निंदा का सामना करना पड़ता था, ऐसे में इनमें सुधार के लिए सम्मान मिलना बेहद गर्व का विषय है। बता दें कि साल 2014 में केंद्र में एनडीए की सरकार बनने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा हरियाणा के पानीपत जिले से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत की गई थी। इस अभियान में कन्या भ्रूण हत्या को रोकने और बेटियों की साक्षरता के प्रति देश में लोगों को जागरूक करने और विशेष कार्यक्रम चलाने का लक्ष्य रखा गया था।

BJP: नया पता 6 डीडीयू मार्ग से चलेगी भाजपा

NEW DELHI.  10 सदस्यों से शुरू होकर 11 करोड़ कार्यकर्ताओं के साथ दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी में शुमार भाजपा का आज अपना पता हो गया। अब 6 ए, दीनदयाल उपाध्याय मार्ग से भाजपा संचालित होगी। इसके साथ ही पार्टी इसी पते से वर्ष 2019 का लोकसभा चुनाव भी लड़ेगी। इसका विधिवत उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दोपहर किया। इसके साथ ही भाजपा मुख्यालय दुनिया का पहला सबसे बड़ा, आधुनिक, सभी सुविधाओं से लैस हाईटेक  कार्यालय में शुमार हो गया। इस मौके पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के अलावा सभी पूर्व अध्यक्ष, पार्टी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी, डा. मुरली मनोहर जोशी, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, सुषमा स्वराज, नितिन गडकरी सहित सभी केंद्रीय मंत्री, पार्टी पदाधिकारी, राज्यों के अध्यक्ष, मोर्चों के अध्यक्ष मौजूद रहे।
राष्ट्रभक्ति से रंगी लोकतांत्रिक पार्टी है भाजपा : मोदी
—प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया भाजपा के नए कार्यालय का शुभारंभ 
–दुनिया का पहला हाईटेक सियासी मुख्यालय बना भाजपा   
     इस मौके पर प्रधामनंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि लोकतंत्र उनकी पार्टी के रग-रग में है जो उसे सभी सहयोगी दलों को सफलतापूर्वक साथ लेकर चलने में सक्षम बनाता है।  पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के बाद देशहित या राष्ट्रभक्ति से जुड़े जितने भी आंदोलन हुए उसका नेतृत्व जनसंघ या भारतीय जनता पार्टी ने किया। यह गर्व की बात है। वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी और भंडारी जैसे लोगों के चलते बीजेपी का पिंड मूलत: लोकतांत्रिक है।
बीजेपी में सबको साथ लेकर चलने की ट्रेनिंग मिलती है। यही कारण है कि हमारी पार्टी राष्ट्रभक्ति के रंग में रंगी हुई है और देश के लिये हमेशा संघर्ष और बलिदान देने को तैयार है। पीएम मोदी ने 1951 में भारतीय जनसंघ के गठन के समय से पार्टी की विकास यात्रा को गिनाया। साथ ही कहा कि यह कभी अपने मूलभूत आदर्शों से नहीं लडख़ड़ाई और देशभक्ति से परिपूर्ण है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संघर्ष के दौरान कांग्रेस से कई नेता जुड़े थे, लेकिन बाद में अपने राजनैतिक मूल्यों का प्रसार करने के लिये उन्होंने अलग रास्ता अपनाया और नयी पाॢटयों की स्थापना की। मोदी ने कहा कि जनसंघ की स्थापना इसलिये की गई क्योंकि स्वतंत्रता के बाद यह महसूस किया गया कि एक या दो मजबूत राष्ट्रीय दल होने चाहिये।
  प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से साथियों साथ लेकर चलना एक अलग ही अभ्यास होता है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के दौर में विभिन्न राजनीतिक दलों को एकजुट करके सरकार चलाने का श्रेय भी बीजेपी को जाता है। बीजेपी के आचार और विचार में लोकतंत्र है।
   उन्होंने कहा कि बीजेपी के हर कार्यकर्ता के दिल से आवाज निकलनी चाहिए कि यह मेरा कार्यालय है। यह कार्यालय देश की कोटि-कोटि जनता के हित के लिए है। इस कार्यालय की आत्मा हमारा कार्यकर्ता है। इसका सपना देशहित है। पीएम ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक मात्र पार्टी है जहां अपना का भाव होता है। उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी और दीनदयाल उपाध्याय ने इस सफर की शुरुआत की थी, जिसे लाखों कार्यकर्ताओं ने यहां तक पहुंचाया है।
राजनीतिक दल बनाना मुश्किल काम नहीं
   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोई भी काम केवल बजट से नहीं होता है। इस तरह के निर्माण सपने, इच्छा शक्ति और लगन से पूरी होती है। तय समय पर बीजेपी के नए कार्यालय के निर्माण के लिए अमित शाह की टीम को बधाई। पीएम मोदी ने कहा कि भारत में राजनीतिक दल बनाना मुश्किल काम नहीं है। हजारों पार्टियां बनती बिगड़ती हैं। कुछ दल हैं जिनकी संसद में उपस्थिति है। उनके अलग-अलग विचार हैं, ये गुलदस्ता रूपी पार्टियां हमारे लोकतंत्र की खूबसूरती है।
राजनीतिक दलों में लोकतंत्र लाने की जरूरत
उन्होंने कहा कि सभी दल अपनी बात जनता जर्नादन के पास जाते हैं, लेकिन अभी भी हमारे देश में राजनीतिक दलों में लोकतंत्र लाने की जरूरत है। हमारे देश में आजादी आंदोलन में हिस्सा ले चुकी पार्टियां भी आज हैं।  पीएम मोदी ने कहा कि हमारे देश में एक कालखंड ऐसा आया जब राष्ट्रव्यापी मजबूत राजनीतिक दल बनाने का दौर आया, तभी जनसंघ का निर्माण हुआ। हम जिन आदर्शों और मूल्यों को लेकर आगे बढ़े उसपर कायम हैं, यही संतोष है।

राहुल गांधी के नामांकन पर पीएम मोदी का निशाना

NEW DELHI. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष का पर्चा भरने और उनके निश्चित चुनाव को लेकर निशाना साधा है। गुजरात के धरमपुर में चुनावी रैली के दौरान अपने भाषण में पीएम नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के एक बयान का हवाला देते हुए पार्टी को औरंगजेब काल का बता दिया। दरअसल, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने एक चैनल से बातचीत के दौरान राहुल की ताजपोशी की तुलना मुगलकाल से कर दी थी।

पीएम मोदी ने धरमपुर में अय्यर के बयान पर कहा, ‘उनके नेता कहते हैं कि जहांगीर की जगह जब शाहजहां आए तब चुनाव हुआ? जब उनकी जगह औरंगजेब आए तब चुनाव हुआ? यह तो पहले ही पता था कि जो बादशाह है उसकी औलाद को ही सत्ता मिलेगी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता खुद मानते हैं कि कांग्रेस पार्टी नहीं बल्कि कुनबा है। औरंगजेब राज उनको मुबारक। हमारे लिए देश बड़ा है। हमारे लिए 125 करोड़ देशवासी यही भारत के भाग्य विधाता हैं।’

भाषण में पीएम मोदी ने कहा, ‘कांग्रेस गुजरात से किसी नेता को स्वीकार या बर्दाश्त नहीं कर सकती है। उन्होंने हमेशा गुजरात का अपमान किया है। ‘ पीएम मोदी ने आगे कहा कि पहले कांग्रेस यह दिखाती थी कि वह सेक्युलर है लेकिन अब हर कोई देख रहा है कि वह इस चुनाव में क्या कर रहे हैं, पार्टी कहां जा रही है। उनके लिए दुर्भाग्यपूर्ण है कि मुस्लिम उनका असली व्यवहार समझ गए हैं।’

मंत्रियों के लिए होम वर्क तैयार कर रहे हैं प्रधानमंत्री

NEW  DELHI.   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नए साल के लिए सभी मंत्रियों के लिए कठिन होम वर्क तैयार कर रहे हैं। सभी मंत्रियों को पीएम मोदी के आइडिया पर अमल करना होगा। इनके लिए लक्ष्य भी तय किए जा रहे हैं। 10 नवंबर को पीएम मोदी ने सभी मंत्रियों की एक बैठक बुलाई है। इस बैठक में नवंबर में ही शुरू होने वाले संसद के शीतकालीन सत्र को लेकर भी सरकार की तैयारी के बारे में मंत्रियों को बताया जाएगा। बैठक में 8 नवंबर को नोटबंदी के एक साल पूरा होने को लेकर समीक्षा की जाएगी। मालूम हो कि 8 नवंबर को सरकार को ने ऐंटी-ब्लैकमनी डे मनाने का फैसला लिया है।  पीएमओ ने इस मीटिंग से पहले सभी मंत्रियों से साफ कह दिया है कि कार्यकाल की बाकी अवधि में सिर्फ ऐक्शन होगा और अब कामों को टालने की गुंजाइश नहीं है। पीएम मोदी ने मंत्रियों से कामकाज का हिसाब लेने के अलावा बजट और कैबिनेट फैसले को अमल करने में प्रगति का लेखा-जोखा लेने के लिए नए सिरे से पहल शुरू की है। शीतकालीन सत्र को लेकर भी रणनीति बनेगी। इस बार सत्र में मोदी सरकार महत्वाकांक्षी ओबीसी बिल को भी पास कराने की पूरी कोशिश करेगी। सत्र नवंबर के दूसरे हफ्ते से शुरू होने की संभावना है।

सूत्रों के अनुसार, बैठक में पीएमओ की ओर से एक प्रजेंटेशन भी पेश किया जाएगा। इसमें कम से कम आधे दर्जन मंत्रालय के बारे में पीएम मोदी की अपेक्षा के बारे में बताया जाएगा। मोदी सरकार का तील साल छह महीने का टर्म पूरा हो रहा है। पीएम की ओर से मंत्रियों को बताया जाएगा कि बाकी बचे समय में किस तरह काम में तेजी लाना है। सूत्रों के अनुसार, बैठक में पीएम मोदी की ओर से सभी मंत्रियों को कम से कम एक टास्क भी दिया जाएगा।मोदी सरकार में एक और फेरदबल
सूत्रों के अनुसार गुजरात-हिमाचल प्रदेश के बाद मोदी सरकार में एक और फेरदबल हो सकता है। इसमें जेडीयू के अलावा सहयोगी दलों के नेताओं को मौका मिल सकता है तो मौजूदा मंत्रियाें में कुछ के प्रभार में मामूली फेरदबल भी हो सकता है। बजट सत्र से ठीक होने वाला यह संभावित फेरदबल मोदी सरकार का इस टर्म में अंतिम फेरदबल होगा और उसी टीम के मोदी सरकार 2019 में चुनावी रण में जाएगी। मालूम हो कि पिछले दिनों कैबिनेट फेरदबल में जेडीयू,शिवसेना और टीडीपी जैसे सहयोगी दलों को मौका नहीं मिला था। एआईडीएमके के भी एनडीए में शामिल होने और सरकार में शामिल होने की चर्चा थी। तमिलनाडु की यह पार्टी एनडीए का औपचारिक हिस्सा हो गई तो इसे सरकार में जगह मिल सकती है।

‘राम राज्य है मोदी शासन 

  अयोध्या : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केन्द्र के नरेन्द्र मोदी शासन की तुलना ‘राम राज्य से करते हुए आज कहा कि केन्द्र सरकार के कार्यों से देश के आम नागरिक को जो सुख मिल रहा है, वही राम राज्य है।             योगी ने आध्यात्मिक नगरी अयोध्या में दीपावली के भव्य आयोजन के अवसर पर कहा, ”प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लक्ष्य तय किया है कि वर्ष 2022 तक कोई भी परिवार ऐसा ना बचे, जिसके सिर पर छत ना हो, जिसके पास 2019 तक अपना व्यक्तिगत शौचालय ना हो, बिजली कनेक्शन ना हो। राम राज्य यही तो है।           उन्होंने कहा ”जिसके पास अपना घर हो, रोजगार हो और जिसके घर में जब प्रधानमंत्री के माध्यम से बिजली के नि:शुल्क कनेक्शन का बल्ब जलता है, उसके लिये वही राम राज्य है। जिस गरीब के घर में कभी रसोई गैस का चूल्हा नहीं जला है, वह जब यह चूल्हा जलाता है तो उसके लिये वही राम राज्य है। जीवन में जो उसने सोचा नहीं, उस सोच को साकार रूप प्रदान करने के लिये जो भी अभियान चल रहे हैं, वे मानवता के कल्याण को लेकर चल रहे हैं।            मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘संकल्प से सिद्धि का मंत्र दिया है। उनका संकल्प है कि एक ऐसा भारत बने जो गंदगी, गरीबी, जातिवाद, सम्प्रदायवाद, आतंकवाद, नक्सलवाद से मुक्त हो।            उन्होंने कहा ” भगवान राम उस समय के सबसे बड़े आतंक के पर्याय यानी रावण और उसकी सेना को मारकर अयोध्या लौटे थे। आज इस देश को जिस दिशा में प्रधानमंत्री ले जा रहे हैं। निरन्तर विकास की योजनाएं चल रही है। हम आप सबको आश्वस्त कर सकते हैं। एक-एक कर सारे कार्य हो रहे हैं। केवल उस संकल्प के साथ जुडिय़े, अगर आपके पास ताकत होगी तो उसके बल पर कुछ भी कर सकते हैं। वह ताकत होगी विकास की। वह ताकत होगी भारत को ताकतवर बनाने की इ’छा की।       ‘जय श्री राम के गगनभेदी नारों के बीच गोरक्षपीठाधीश्वर ने कहा कि अयोध्या ने दुनिया को दीपोत्सव दिया लेकिन अयोध्या खुद उपेक्षित हो गयी। वह लगातार प्रहार झेलने को मजबूर होती गयी, लेकिन अब यह स्थिति नहीं रहेगी। आज 135 करोड़ रुपये की लागत से केन्द्र की योजनाओं का शिलान्यास हुआ है।
    उन्होंने कहा कि अयोध्या को आशंकाओं की नजरों से देखना बंद हो, उस पर से प्रश्नचिह्न हटे। हम इसके लिये यहां उपस्थित हुए हैं। अब कहा जा रहा है कि हम जनता का ध्यान हटाने के लिये अयोध्या आये हैं। लेकिन हम तो अपनी योजनाओं के साथ यहां आये हैं।            योगी ने पूर्ववर्ती सरकारों के शासन पर कहा, ”वह रावण राज्य था जो जाति, परिवार और क्षेत्र के नाम पर भेदभाव करता था। अब वे ही लोग भाजपा सरकारों पर ऐसे आरोप लगा रहे हैं, जिनका खण्डन करना हम अपना अपमान समझते हैं। सरकार विकास कार्य से रामराज्य की परिकल्पना को साकार करना चाहती है।
          योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश-दुनिया में पर्यटन का हब बने। इसकी शुरुआत हम अयोध्या से करने जा रहे हैं, ताकि अयोध्या पुराने वैभव के साथ फिर स्थापित हो। लोग नकारात्मकता छोड़कर अयोध्या के बारे में सही तरीके से सोचना शुरू करें। आज अयोध्या की जितनी आबादी है, उतने ही दीप जलने चाहिये।           उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया और थाईलैण्ड जैसे देशों में भगवान राम को अपना पूर्वज मानते हैं। इंडोनेशिया दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम देश है। वहां से रामलीला मंचन के लिये आये कलाकार मुस्लिम हैं। वे कहते हैं कि इस्लाम हमारा मजहब है लेकिन राम हमारे पूर्वज हैं।           योगी ने कहा, ”भारत की ही तरह इंडोनेशिया और श्रीलंका समेत एक दर्जन देशों में रामलीला होती है। मैं संतों के चरणों में आज यह अनुरोध करना चाहूंगा कि अगर अगले वर्ष से रामायण मेले का कार्यक्रम अगर इसी आयोजन से जोड़ दिया जाए और एक साथ दुनिया की सभी रामलीलाओं का मंचन अलग-अलग दिन करना प्रारम्भ करें तो मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम और अयोध्या के बारे में जो प्रश्न उठते हैं, वे उठने बंद हो जायेंगे।       राज्यपाल राम नाईक ने इस मौके पर कहा कि योगी सरकार पिछले छह महीने में किये गये अपने काम का हिसाब दे रहे हैं। प्रधानमंत्री भी तीन साल के अपने काम को बता रहे हैं। गंगा और यमुना जब इनका संगम होता है तो हमें कितनी खुशियां होती है। एक तरफ जब केन्द्र सरकार की गंगा बहती है और यहां प्रदेश सरकार की यमुना बहती है। दोनों का संगम हुआ और आज का यह दिन यहां के लिये ऐतिहासिक बन गया।          उन्होंने कहा कि अयोध्या में 135 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की शुरुआत किया जाना बहुत अच्छा है। इसके लिये प्रदेश और केन्द्र की सरकारें बधाई की पात्र हैं।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने सरयू नदी की आरती की
  राज्यपाल ने सरयू नदी में करीब पौने दो लाख दीये प्रवाहित किये जाने की तैयारियों की तरफ इशारा करते हुए कहा, ”देवलोक से शायद प्रभु राम भी देखते होंगे कि मेरी अयोध्या इस वक्त कैसी दिख रही है। तब शायद उन्होंने माता सीता से कहा होगा कि देखो अयोध्या में अब कितने लोग इक_ा होकर हमारा स्वागत करने को तैयार हैं।
   बाद में राज्यपाल राम नाईक और मुख्यमंत्री योगी ने राम की पैड़ी पर सरयू नदी की आरती की। इस दौरान जल रहे हजारों दीये उस मंजर को नयी आभा और आध्यात्मिक भव्यता प्रदान कर रहे थे।            इस मौके पर केन्द्रीय संस्कृति मंत्री डाक्टर महेश शर्मा, केन्द्रीय पर्यटन मंत्री के. जे. अल्फोंस, प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और डाक्टर दिनेश शर्मा समेत योगी सरकार के तमाम मंत्री भी मौजूद थे।