केंद्र की बड़ी कार्रवाई, अलगाववादी नेता के संगठन JKLF को किया बैन

NEW DELHI: केंद्र ने  के नेतृत्व वाले जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) को शुक्रवार को आतंकवाद विरोधी कानून के तहत प्रतिबंधित कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि संगठन पर जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियों को कथित तौर पर बढ़ावा देने के लिए प्रतिबंध लगाया गया है।

 

उन्होंने बताया कि संगठन को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत प्रतिबंधित किया गया है। इसके प्रमुख यासीन मलिक गिरफ्तार हैं और फिलहाल वह जम्मू की कोट बलवल जेल में बंद हैं। यह जम्मू-कश्मीर में दूसरा संगठन है जिसे इस महीने प्रतिबंधित किया गया है। इससे पहले, केंद्र ने जमात-ए-इस्लामी जम्मू-कश्मीर पर प्रतिबंध लगा दिया था।

 

अलगाववादी विचारधारा को हवा दी, 37 से ज्यादा केस
गृह सचिव ने आगे कहा कि यासीन मलिक के नेतृत्व वाले जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट ने घाटी में अलगाववादी विचारधारा को हवा दी और यह 1988 से हिंसा और अलगाववादी गतिविधियों में सबसे आगे रहा है। राजीव गौबा ने बताया कि जम्मू और कश्मीर पुलिस के द्वारा JKLF के खिलाफ 37 एफआईआर दर्ज की गई हैं। सीबीआई ने भी दो केस दर्ज किए जिसमें से एक IAF जवान की हत्या का मामला भी शामिल है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने भी एक केस दर्ज किया है, जिसकी जांच जारी है।

 

सुरक्षा वापस लेने पर भी बोले गृह सचिव
इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि बड़ी संख्या में अलगाववादी नेताओं को स्टेट के द्वारा सुरक्षा मुहैया कराई गई थी। इसकी समीक्षा करने के बाद ऐसे कई लोगों की सिक्यॉरिटी वापस ले ली गई और समीक्षा की यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।

 

देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप
आपको बता दें कि जेकेएलएफ पर आतंकी गतिविधियों को समर्थन देने का आरोप लगता रहा है। यासीन मलिक पर आरोप है कि 1994 से भारत विरोधी गति‍विधियां चलाते थे। वह देश के पासपोर्ट पर पाकिस्‍तान जाते और वहां पर देश विरोधी गतिविधि‍यों में लिप्‍त रहते थे। पिछले दिनों पुलवामा हमले के बाद केंद्र सरकार ने यासीन मलिक समेत सभी अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा वापस ले ली थी। अब एक बड़ा कदम उठाते हुए मोदी सरकार ने जेकेएलएफ को बैन कर दिया है।

 

प्रवर्तन निदेशालय भी लेगा ऐक्‍शन
दूसरी ओर, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी फेमा अधिनियम का उल्‍लंघन करने के मामले में यासीन मलिक के खिलाफ कानूनी कार्यवाही में जुटा हुआ है। यासीन मलिक पर अवैध रूप से 10 हजार अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा रखने का आरोप है। इस मामले में शुक्रवार को ही ईडी ने एक और अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी पर 14.40 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

रेलवे के ऐतिहासिक चिनाब ब्रिज के निर्माण पर लगा ‘ब्रेक’

NEW DELHI: जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर बन रहा विश्व का सबसे ऊंचा रेलवे पुल तकनीकी खामियों के चलते तीन महीने से काम बंद पड़ा है। चिनाब पुल के आर्च पर जो पेंटिंग होनी है उसकी क्वालिटी को लेकर निजी कंपनी और कोंकण रेलवे के बीच सहमति नहीं बन पायी है। इसके चलते बीते 25 अक्टूबर 2018 से इस ब्रिज पर आर्च लगाने का मुख्य काम रुका हुआ है।

 

कंपनी से जुड़े अधिकारी का कहना है कि नए रेट पर समझौता रेलवे और कंपनी के बीच होना है। दरअसल इस ब्रिज पर ऐसी पेंटिंग लगाई जानी है जो इलाके के विपरीत मौसम में ब्रिज को कम से कम 15 साल के लिए जंग से बचा सके। इसके अलावा ब्रिज में लगने वाले नए किस्म के भारी-भरकम बोल्ट्स और स्टील के प्लेट्स (स्ट्रक्चर) को लगाने के लिए निजी कंपनी नए रेट की मांग कर रही है, क्योंकि पुराने समझौते में इनका जिक्र नहीं था।

 

उधर, उत्तर रेलवे के प्रवक्ता दीपक कुमार भी पुल के निर्माण का काम बंद होने की पुष्टि करते हैं। उनके मुताबिक वेंडर के साथ कुछ तकनीकी ईशु था, जो संभवत: हल कर लिया गया है। बता दें कि इस पुल के तैयार होने के साथ ही हम ऊंचे पुल के निर्माण में चीन को काफी पीछे छोड़ देंगे। अर्ध चंद्राकार यह पुल हर मायने में विश्व इंजीनियरिंग की मिसाल होगा और इसकी ऊंचाई एफिल टावर से 35 मीटर अधिक होगी।

 

इस पुल पर 100 किलोमीटर की गति से ट्रेन दौड़ सकेगी। भारतीय रेल का यह ऐतिहासिक चिनाब रेल ब्रिज रेलवे के इतिहास का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है। जम्मू में चिनाब नदी पर रेलवे 1.3 किलोमीटर यानी 1300 मीटर लंबा एक रेल पुल बना रहा है। यह एक आर्च ब्रिज है और इसकी ऊंचाई नदी तल से 359 मीटर उपर है।

 

इस तरह से यह दुनिया का सबसे ऊंचा आर्च ब्रिज है। इसकी देखरेख का काम कोंकण रेलवे को दिया गया है जबकि इसका ठेका निजी कंपनी एएफसीओएन के पास है। चिनाब नदी पर बन रहा यह पुल हिमालय के दुर्गम इलाके में बनाया जा रहा है। यहां अंग्रेज तक नहीं पहुंच पाए थे, इस लिहाज से यह रेलवे की अति महत्वाकांक्षी परियोजना है।

 

यह पुल कटरा-बनिहाल रेल खंड के बीच में हैं जो रेलवे के उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लाइन का हिस्सा है। जानकारी के मुताबिक 1250 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस पुल को पिछले साल के टारगेट से लिहाज से जून 2019 तक पूरा हो जाना था, लेकिन बाद में इसे दिसंबर 2019 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया। इस बीच कंस्ट्रक्शन का काम कर रही कंपनी को उम्मीद है कि कंपनी और रेलवे को बीच नया समझौता जल्द ही पूरा हो जाएगा। जाहिर है ब्रिज के निर्माण में जिस तरह की रुकावट आ रही है उससे इसका निर्माण इस साल भी पूरा होने पर संदेह खड़ा हो गया है।

 

पुल की भार क्षमता 500 टन होगी
पुल का निर्माण कार्य 2004 में शुरू हुआ था। अब कोंकण रेलवे द्वारा अफकान कंपनी को इसका जिम्मा सौंपा गया है। निर्माणकर्ता कंपनी ने पुल की मजबूती को लेकर 120 साल की वारंटी दी है, जबकि उसका दावा है कि पुल 500 साल तक टिका रहेगा। पुल की चौड़ाई 13 मीटर है, जिसमें 150 मी. ऊंचे कुल 18 पिलर होंगे। पुल पर ट्रेन और पुल के ढांचे से पुल की नींव और पिलर पर 10 एमएम वर्ग मीटर जगह में 120 टन वजन पड़ेगा। पुल की भार वहन करने की क्षमता 500 टन होगी। यह पुल 260 किलोमीटर प्रति घंटे की गति की हवाओं का वेग सहन कर सकेगा।

कठुआ गैंगरेप: दरिंदगी से बॉलिवुड भी हैरान

NEW DELHI. जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में 8 साल की बच्ची के साथ दरिंदगी और हत्या के मामले में स्थानीय लोगों समेत अब तमाम बड़ी हस्तियों का भी गुस्सा देखने को मिल रहा है। खेल और फिल्म जगत से जुड़ी कई हस्तियों सोशल मीडिया पर टिप्पणी करते हुए पीड़िता के लिए न्याय की मांग की है। सानिया मिर्जा, अभिषेक बच्चन और रितेश देशमुख समेत कई हस्तियों ने इसे समाज के लिए शर्मनाक करार दिया है और तत्काल न्याय की मांग की है। यही नहीं इस मामले को सांप्रदायिक रंग दिए जाने पर भी लोग नाराजगी जता रहे हैं। चौतरफा विरोध के बीच सूबे की सीएम महबूबा मुफ्ती ने मामले की फास्ट ट्रैक जांच और न्याय का आश्वासन दिया है।

 

 

महबूबा ने ट्विटर पर अपने ऑफिशल अकाउंट से लिखा, ‘कुछ ग्रुप के लोगों को कानून तोड़ने और गैर-जिम्मेदार बयान देने की हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले में उचित कानूनी कार्रवाई की जा रही है और फास्ट ट्रैक अदालत में जल्द ही इसकी सुनवाई होगी।’ कठुआ गैंगरेप मामले में सोशल मीडिया पर सितारों ने गुस्सा जाहिर किया। टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा ने लिखा, ‘क्या हम इस एक ऐसे देश के रूप में विश्व में पहचान बनाना चाहते हैं? अगर आज हम जेंडर, जाति, रंग और धर्म से परे इस 8 साल की बच्ची के लिए साथ खड़े नहीं हो सकते तो फिर कभी किसी चीज के लिए खड़े नहीं हो पाएंगे.. इंसानियत के लिए भी नहीं। यह खबर मुझे बीमार बना रही है।’
बॉलिवुड ऐक्टर-डायरेक्टर फरहान खान ने लिखा, ‘कल्पना कीजिए उस 8 साल की बच्ची के दिमाग में उस समय क्या चल रहा होगा जब उसे नशीली दवाएं देकर बंधकर बनाकर इतने दिन तक रेप किया गया और फिर मार दिया था। अगर आप उसके मन के दहशत, डर को नहीं महसूस कर सकते तो आप एक इंसान ही नहीं है। अगर आप पीड़िता के लिए न्याय की मांग नहीं करते तो आप कुछ भी नहीं है।’

8 साल की बच्ची को नशीली दवाएं देकर बलात्कार किया

 

बॉलिवुड अभिनेता रितेश देशमुख ने कहा, ‘एक 8 साल की बच्ची को नशीली दवाएं देकर बलात्कार किया गया और फिर हत्या कर दी गई, दूसरी ओर अपने लिए और पुलिस हिरासत में अपने पिता की मौत के लिए न्याय मांग रही है। हमारे पास दो ही विकल्प हैं या तो आवाज उठाएं या फिर मूकदर्शक बने रहें। जो सही है उसके लिए स्टैंड लीजिए चाहे आप अकेले ही क्यों न खड़े हों।’ इसके अलावा अभिषेक बच्चन ने भी पीड़िता के लिए न्याय की मांग की है। इस बीच कठुआ रेप-मर्डर केस में आरोपियों के परिजनों और हिंदू एकता मंच के सदस्यों ने भी कठुआ में विरोध-प्रदर्शन किया। उन्होंने इस मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की।

बच्ची के साथ वहशीपन की हद
बता दें कि इसी साल जनवरी में आठ साल की बच्ची से गैंगरेप और हत्या के मामले में चार महीने बाद अब पुलिस ने आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। आरोपियों के खिलाफ पुलिस की चार्जशीट में मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी की पूरी कहानी कही गई है। बच्ची को नशीली दवाएं पिलाकर बार-बार रेप किया गया। एक पुलिस अधिकारी का नाम भी आरोपियों में शामिल है।

दरिंदगी की इस चार्जशीट के मुताबिक इस पूरे घटनाक्रम का मास्टरमाइंड संजी राम को बताया गया है। बकरवाल समुदाय की इस मासूम बच्ची का अपहरण, रेप और मर्डर इलाके से इस अल्पसंख्यक समुदाय को हटाने की एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी।

 

 

रेपिस्ट को सपॉर्ट करने वाला इंसान नहीं-

नई दिल्ली। कश्मीर के कठुआ में 8 साल की बच्ची की बर्बरता से रेप के बाद हत्या से देशभर के लोगों में गुस्सा है। इस क्रूरता को सांप्रदायिक रंग देने की भी कोशिश की गई। बच्ची को मंदिर में बेहोश रखा गया और बार-बार रेप किया गया। इस घिनौने कृत्य के बारे में जिसने भी सुना उसके रोंगटे खड़े हो गए। लोग सोशल मीडिया पर इसको लेकर अपनी भावनाएं जाहिर कर रहे हैं। इसी बीच ऐक्ट्रेस रेणुका शहाणे ने एक फेसबुक पोस्ट में अपना गुस्सा जाहिर किया है। उनका पोस्ट कठुआ में बच्ची के रेप और उन्नाव में एक विधायक द्वारा नाबालिग लड़की के बलात्कार के संदर्भ में है।

रेणुका ने लिखा है, ‘पीड़ित का धर्म या रेपिस्ट का धर्म कभी मायने नहीं रखना चाहिए। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है कि रेपिस्ट किस राजनीतिक पार्टी का है। रेप इंसानियत के खिलाफ जुल्म है। कोई धर्म या कोई पार्टी इंसानियत से ऊपर नहीं है। रेप अमानवीय है। कोई भी जो रेप करता है उसे जिंदा रहने का अधिकार नहीं है। जो एक बच्चे का रेप करता है उसे जिंदा नहीं रहना चाहिए।