NRI पीडि़त दुल्हनों ने खटखटाया अदालत का दरवाजा 

NEW DELHI: एनआरआई पतियों द्वारा छोड़ी गई पंजाब, हरियाणा, दिल्ली एवं उत्तराखंड की लड़कियों ने आज अपनी मांगों को लेकर दिल्ली में शांतिमयी प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराया। पीडि़त लड़कियों ने दुल्हों पर शिकंजा कसने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका (पीआईएल) डाल रखी है। बुधवार को इसकी पहली तारीख थी। लेकिन, सभी पक्षों के शामिल न होने की वजह से चीफ जस्टिस राजेंद्र मेनन और जस्टिस वीके राव की बेंच ने इस मामले पर गौर करते हुए इसकी अगली तारीख 28 मार्च मुकर्रर कर दी। जनहित याचिका पीडि़त दुल्हनों की ओर से बनाए गए संगठन अब नहीं वेलफेयर सोसायटी और दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने मिलकर डाली है। 
पीडि़त दुल्हनों की अगुवाई अब नहीं सोशल वेलफेयर सोसायटी की अध्यक्ष सतविंदर सत्ती कर रही हैं, जो खुद भी पीडि़त हैं। उनके साथ सबसे ज्यादा लड़कियां पंजाब के विभिन्न शहरों से दिल्ली पहुंची। 
 
–डाली जनहित याचिका, 28 मार्च को होगी सुनवाई 
–लम्बी तारीख से भड़की लड़कियां, किया शांतिमय प्रदर्शन 
–पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड एवं दिल्ली की लड़कियां शामिल 
–प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुहार, एनआरआई दूल्हों पर कसें शिकंजा 
  इसमें पंजाब से सीमा जगराओं, सर्वजीत गुरदासपुर, नीरू कुमारी नंगल डैम, हरप्रीत कौर पटियाला, सुखविंदर कौर बठिंडा, सुखजीत कौर अमृतसर, ज्योति रानी जालंधर, वीरपाल होशियारपुर, बलजीत कौर मानसा, सुखमीन कौर लुधियाना, कुलविंदर कौर नाभा, नीतू कुमारी हरियाणा, सीमा रानी कुरुक्षेत्र, रंजीत कौर देहरादून, गुरनीत कौर दिल्ली, मंजू कुमारी दिल्ली, सतविंदर सत्ती लुधियाना आदि मौजूद रहीं। 
     पंजाब की पीडि़त लड़कियों ने अपने-अपने पतियों और उनके परिवारों के खिलाफ जंग लड़ रही हैं।  लंबी तारीख से नाराज पीडि़ताओं ने अपनी मांगों को लेकर कोर्ट के बाहर शांतिमय तरीके से प्रदर्शन किया। संगठन की प्रमुख  सतविंदर सत्ती के मुताबिक हमने दिल्ली कमेटी की मदद से 9 नवंबर 2018 को याचिका डाली थी, जिसकी सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अगली तारिख मार्च की दी है। हम पिछले कई वर्षों से अपनी लड़ाई लड़े रहे हैं। हमें कोर्ट से काफी उम्मीदें हैं। लेकिन अगर यहां भी लंबी तारिखें मिले तो हम कहां जाएंगे।
कोर्ट के ऑर्डर के बाद भी ससुराल घुसने नहीं दिया गया
सीमा जगराओं, सर्वजीत कौर का कहना है कि पंजाब के जगराओं कोर्ट के ऑर्डर मिलने के बाद भी आज पीडि़ताओं को अपने ससुराल घुसने नहीं दिया गया। एक साल से ज्यादा हो गया फिर भी कोर्ट की तरफ से लॉक तोडऩे की इजाजत नहीं मिली है। ससुराल वालों ने साजिश के तहत प्रॉपर्टी रिश्तेदारों के नाम कर ली है। इसलिए हम केंद्र सरकार और कोर्ट का दरवाजा खटखटा रहे हैं कि उनकी जैसी लड़कियों को वित्तीय सहायता दी जाए, ताकि उनके बच्चों की पढ़ाई आदि के खर्चे निकल सकें। पीडि़त लड़कियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुहार लगाई कि एनआरआई दूल्हों के खिलाफ कड़े कानून बनाकर पतियों को स्वदेश वापस बुलाया जाए। इस मौके पर पीडि़त लड़कियों से मिलने दिल्ली कमेटी के महासचिव मनजिंदर सिंह सिरसा भी पहुंचे और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिया।