बिहार में महागठबंधन, 40 लोकसभा सीटों का हुआ बंटवारा

NEW DELHI: बिहार में विपक्षी महागठबंधन ने शुक्रवार को राज्य की 40 लोकसभा सीटों के लिए आपसी सीट बंटवारे के फार्मूले की घोषणा जिसके अनुसार 20 सीटों पर लालू प्रसाद की पार्टी राजद, कांग्रेस 9 सीटों पर, उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी रालोसपा पांच सीटों पर, जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा :हम: सेक्युलर और मुकेश साहनी की पार्टी वीआईपी तीन—तीन सीटों पर अपने—अपने उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतारेंगे।

 

राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज झा और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा और रालोसपा, हम सेक्युलर, वीआईपी और शरद यादव की पार्टी लोकतांत्रिक जनता दल के प्रतिनिधियों के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में यह घोषणा की।

 

उन्होंने यह भी कहा कि जदयू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव ने यह स्पष्ट किया है वे और उनके साथी राजद के प्रतीक पर चुनाव लड़ेंगे और लोकसभा चुनाव के बाद अपनी पार्टी का विलय हमारे दल में करेंगे ।राजद कोटा से एक सीट भाकपा माले को दी गयी है । मनोज ने बताया कि कांग्रेस को नौ सीट दिए जाने के साथ राज्यसभा के लिए बिहार की पहली सीट इस दल के किसी नेता को दी जाएगी ।

 

महागठबंधन द्वारा सीट की घोषणा के समय घटक दलों के शीर्ष नेताओं… राजद के तेजस्वी प्रसाद यादव, रालोसपा के उपेंद्र कुशवाहा, लोकतांत्रिक जनता दल शरद यादव, हम सेक्युलर के जीतन राम मांझी तथा वीआईपी के मुकेश साहनी की अनुपस्थिति के बारे में पूछे जाने पर मनोज ने स्पष्ट किया कि पटना के दस, सकुर्लर रोड स्थित पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव के साथ पिछले कई घंटों से लगातार एक बैठक हुई जिसमें शरद यादव, मांझी, उपेंद्र कुशवाहा, मदन मोहन झा और मुकेश साहनी उपस्थित थे ।

 

उन्होंने कहा कि इस बैठक में तमाम पहलुओं पर विचार करने के बाद यह तय किया गया कि आज सीमित संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी जाए और हम बहुत जल्द ही एक वृहद संवाददाता सम्मेलन करेंगे। इस अवसर पर मनोज ने लोकसभा चुनाव 2019 के पहले चरण के लिए महागठबंधन के उम्मीदवारों के नाम की भी घोषणा की। इसके तहत गया संसदीय क्षेत्र से हम सेक्युलर के जीतन राम मांझी, नवादा से राजद की विभा देवी, जमुई से रालोसपा के भुदेव चौधरी और औरंगाबाद से हम सेक्युलर के उपेंद्र प्रसाद महागठबंधन के उम्मीदवार बनाए गए हैं ।

 

पहले चरण के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया 25 मार्च को समाप्त होगी और 11 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। मनोज ने बताया कि नवादा और डेहरी विधानसभा क्षेत्र के लिए होने वाले उपचुनाव के वास्ते नवादा से हम सेक्युलर के धीरेंद्र कुमार सिंह उर्फ मुन्ना और डेहरी से राजद के मोहम्मद फिरोज हुसैन महागठबंधन के उम्मीदवार होंगे । औरंगाबाद के पूर्व कांग्रेस सांसद निखिल कुमार को वहां से टिकट नहीं दिए जाने से नाराज उनके समर्थकों ने हम सेक्युलर के हाथों टिकट बेचे जाने का आरोप लगाते हुए धरना और प्रदर्शन किया ।

गांधी का हिंदुस्तान चाहिए या गोडसे का हिंदुस्तान : राहुल गांधी

NEW DELHI: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को भाजपा एवं आरएसएस पर तीखा हमला बोला और कहा कि लोगों को तय करना है कि उन्हें महात्मा गांधी का हिंदुस्तान चाहिए या फिर गोडसे का हिंदुस्तान चाहिए। उन्होंने यह उम्मीद भी जताई कि इस लोकसभा चुनाव के बाद देश में कांग्रेस की सरकार बनेगी।

 

पुलवामा आतंकी हमले की पृष्ठभूमि में कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा पर तंज कसते हुए जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के लिए ‘जी’ शब्द कहा जिसको लेकर भाजपा ने उन पर निशाना साधा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए गांधी ने कहा, ‘पांच साल पहले देश में एक चौकीदार आया और कहा कि मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने आया हूँ, मेरा 56 इंच का सीना है। अब किसी से भी पूछ लीजिये चौकीदार क्या है? तो वह बता देगा कि चौकीदार चोर है।’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस का कमाल है कि आप लोग देश के कोने-कोने में सच्चाई पहुंचा देते हो।

 

गांधी ने राफेल मामले का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा और कहा, ‘हमने कुछ सवाल किए थे। चौकीदार संसद में डेढ़ घन्टे बोला, लेकिन अनिल अंबानी के बारे में नहीं बोला। प्रधानमंत्री आंख से आंख नहीं मिला पाए।’ उन्होंने कहा, ‘कुछ महीने पहले तीन प्रदेशों में चुनाव हुए। हमने वहां कहा कि मोदी जी ने झूठे वादे किए। हम आपसे झूठे वादे नहीं करेंगे और 10 दिन में किसानों का कर्ज माफ किया। हमने दो दिन में यह काम कर दिया।’

 

पुलवामा हमले की पृष्ठभूमि में गांधी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘ये 56 इंच की छाती वाले अपनी पिछली सरकार में मसूद अजहर जी के साथ बैठकर गए। अब जो राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल हैं, वह मसूद अजहर को छोड़कर आए। भाजपा ने मसूद अजहर को जेल से छोड़ा।’’ उन्होंने यह भी कहा, ‘‘हमने अपने दो प्रधानमंत्री (इंदिरा गांधी और राजीव गांधी) खोए। हम आतंकवाद से डरने वाले नहीं हैं।’’

 

उन्होंने कहा कि आप गांधी का हिंदुस्तान चाहते हैं या गोडसे का हिंदुस्तान चाहते है? एक तरफ प्यार है और दूसरी तरफ नफरत है। एक तरफ गांधी हैं जो अंग्रेजों से लड़े और जो सबसे प्यार करते थे। दूसरी तरफ सावरकर हैं जो अंग्रेजों को चिट्ठी लिखकर कहते हैं कि मुझे छोड़ दो।’’ गांधी ने दावा किया कि 2019 में कांग्रेस की सरकार आने वाली है।

 

हम निर्णय ले चुके हैं कि हम न्यूनतम आय गारंटी देंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने के साथ भारत रोजगार सृजन के मामले में चीन से स्पर्धा शुरू कर देगा। गांधी ने कहा कि उनकी सरकार बनने के बाद किसानों की समस्याओं के समाधान पर जोर दिया जाएगा।

उत्तर पश्चिमी लोकसभा रिजर्व सीट से तरुण कुमार की प्रबल दावेदारी, कांग्रेस दे सकती है मौका

NEW DELHI: दिल्ली में 2019 लोकसभा चुनावो के लिये प्रत्याशियो की अपनी दावेदारी पेश करने का प्रारभिंक दॊर शुरू हुवा है वही दिल्ली की एकमात्र रिजर्व ससंदीय सीट उत्तर पश्चिमी क्षेत्र से अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव तरुण कुमार प्रबल दावेदारो में से एक है।

 

दिल्ली के गांव देहात से ही जन्मे पले-बढे़ व दिल्ली छात्र राजनीति में जीत दर्ज कर दिल्ली के डूसू में मजबूत पैठ है व युवाओ का झुकाव भी तरुण जी की तरफ है, व जातीय समीकरण में भी इस सीट पर तरुण जो को कोई चुनौती नही दे सकता राहुल गांधी के यगिंस्तान लीडर के परिपेक्ष्य में भी खरे उतरते है, कांग्रेस में उन्होने अपने आप को स्थापित करने के लिये कङा संघर्ष किया है।

 

छात्र जीवन में ही सोनिया गांधी जी के साथ ,2002,में 400 किलो मीटर की डान्डी यात्रा की व राहुल गांधी जी के साथ किसानो की भूमि अधिग्रहण समस्या के लिये भट्टा परसौल में हुए किसानो की बर्बरता के खिलाफ नोयेडा से अलीगढ तक पदयात्रा कर के राहुल जी के साथ जुड़े और राजनीति में उन्हे आदर्श मान कर चलते रहे।

 

दिल्ली की राजनीति में वह प्रारभिक दौर में सत्यवती कालेज के अध्यक्ष बने, DUSU महासचिव रहे व NSUI के राष्ट्रीय सचिव ,उपरान्त NSUI के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष‌ रहकर दिल्ली के साथ पूरे भारत में NSUI को मजबूती के लिये कार्य करते रहे। युवाओ में मजबूत पकड़ के फल स्वरूप उन्हे कांग्रेस ने दिल्ली में 2007 में उन्हे निगम पार्षद का टिकट दिया।

 

निगम पार्षद जीत कर लगातार विपरीत परिस्थितियों में भी दो बार अपनी धर्मपत्नी को जीता कर अपने बेहतर कार्य शैली को लोहा मनवाया है। वर्तमान में AICC सचिव व सह प्रभारी रहे तरुण कुमार ने कांग्रेस की राजस्थान में वापसी कराने में भी अहम भूमिका निभाई है ऐसे में उ्त्तरी पश्चिमी सीट से तरुण जी जिताऊ उम्मीदवार साबित होगे उनकी दावेदारी को नकारना मुश्किल होगा।

EC ने दी हिदायत, चुनाव प्रचार में सैनिकों की फोटो ना करें इस्तेमाल

NEW DELHI: चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से अपने चुनाव अभियान में सैनिकों और सैन्य अभियानों की तस्वीर का इस्तेमाल करने से बचने को कहा है। आयोग ने शनिवार को 2013 में जारी परामर्श का हवाला देते हुए सभी राजनीतिक दलों के प्रमुखों से अपने पार्टी प्रतिनिधियों और उम्मीदवारों से इसका सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा।

 

आयोग ने एक राजनीतिक दल के पोस्टर में वायु सेना विंग कमांडर अभिनंदन की तस्वीर के कथित इस्तेमाल पर संज्ञान लेते हुए राजनीतिक दलों को ऐसा करने से बचने का परामर्श दिया है। उल्लेखनीय है कि आयोग ने दिसंबर 2013 में रक्षा मंत्रालय की शिकायत पर यह परामर्श जारी किया था।

 

इसमें मंत्रालय ने विभिन्न राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों द्वारा चुनाव अभियान में सैन्यर्किमयों की तस्वीर का इस्तेमाल करने पर चुनाव आयोग का ध्यान आर्किषत करते हुए इसे रोकने के लिए उपयुक्त निर्देश जारी करने का अनुरोध किया था। आयोग ने अपने परामर्श में कहा कि सुरक्षा बल देश की सीमाओ और राजनीतिक तंत्र की सुरक्षा के तटस्थ पहरेदार हैं।

 

ऐसे में राजनीतिक दलों और उनके नेताओं को अपने चुनावी अभियान में सैन्य बलों के संदर्भ का किसी भी रूप में सहारा लेते समय अत्यधिक सावधानी बरतने की कारूरत है। इसके मद्देनकार राजनीतिक दलों और उनके उम्मीदवारों को चुनाव अभियान में सैन्य बलों के जवानो और सैन्य अभियानों की तस्वीर आदि का इस्तेमाल बिलकुल नहीं करना चाहिए।

 

आयोग ने राजनीतिक दलों के प्रमुखों से अपने नेताओं एवं उम्मीदवारों को सैनिकों और सैन्य अभियानों की तस्वीर का इस्तेमाल करने से बचने का निर्देश जारी करने को कहा है।

राज्यसभा में पेश नहीं हो सका तीन तलाक और नागरिकता संशोधन बिल

NEW DELHI: वर्तमान लोकसभा के अंतिम सत्र (बजट सत्र) के दौरान विवादित नागरिकता संशोधन विधेयक और तीन तलाक संबंधी विधेयक राज्यसभा में पारित नहीं किये जा सकने के कारण इनका निष्प्रभावी होना तय है।दोनों विधेयक लोकसभा से पारित हो चुके हैं लेकिन उच्च सदन में बजट सत्र के दौरान कार्यवाही लगातार बाधित रहने के कारण इन्हें राज्यसभा में पारित नहीं किया जा सका। तीन जून को इस लोकसभा का कार्यकाल समाप्त होने पर ये दोनों विधेयक निष्प्रभावी हो जायेंगे।

 

गुरुद्वारा कमेटी की कांफ्रेंस में सदस्यों का बायकाट

 

संसदीय नियमों के अनुसार राज्यसभा में पेश किये गये विधेयक लंबित होने की स्थिति में लोकसभा के भंग होने पर निष्प्रभावी नहीं होते हैं। वहीं लोकसभा से पारित विधेयक यदि राज्यसभा में पारित नहीं हो पाते हैं तो वह लोकसभा के भंग होने पर निष्प्रभावी हो जाते हैं। नागरिकता विधेयक और तीन तलाक विधेयक के कुछ प्रावधानों का विपक्षी दल राज्यसभा में विरोध कर रहे हैं। उच्च सदन में सत्तापक्ष का बहुमत नहीं होने के कारण दोनों विधेयक लंबित हैं।

 

अश्विनी लोहानी फिर देंगे एयर इंडिया को उड़ान

 

नागरिकता विधेयक में बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से भारत आये वहां के अल्पसंख्यक (हिंदू, जैन, इसाई, सिख, बौद्ध और पारसी) शरणार्थियों को छह रिपीट छह साल तक भारत में रहने के बाद भारत की नागरिकता प्रदान करने का प्रावधान किया है। मौजूदा प्रावधानों के तहत यह समय सीमा 11 रिपीट 11 साल है। इन देशों के अल्पसंख्यक शरणार्थियों को निर्धारित समय सीमा तक भारत में रहने के बाद बिना किसी दस्तावेजी सबूत के नागरिकता देने का प्रावधान है।

 

दिल्ली सरकार बनाम LG मामले में गुरुवार को आएगा सुप्रीम कोर्ट का फैसला

 

यह विधेयक गत आठ जनवरी को शीतकालीन सत्र के दौरान पारित किया गया था। इसका असम सहित अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में विरोध किया जा रहा है। इसी प्रकार मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अध्यादेश के तहत ‘तीन तलाक’ को अपराध घोषित करने के प्रावधान का विपक्षी दल विरोध कर रहे हैं। इसमें तीन तलाक बोलकर पत्नी को तलाक देने वाले पति को जेल की सजा का प्रावधान किया गया है।

 

सावधान! गर्भनिरोधक गोलियां लेने वाली महिलाओं के भावनाशून्य होने का खतरा

 

तीन तलाक को अवैध घोषित कर इसे प्रतिबंधित करने वाले प्रावधानों को सरकार अध्यादेश के जरिये दो बार लागू कर चुकी है। इस अध्यादेश को विधेयक के रूप में पिछले साल सितंबर में पेश किया गया था जिसे लोकसभा से दिसंबर में मंजूरी मिली थी लेकिन इस विधेयक के राज्यसभा में लंबित होने के कारण सरकार को दोबारा अध्यादेश लागू करना पड़ा।

ED ने वाड्रा से दूसरे दिन की नौ घंटे पूछताछ, शनिवार को फिर बुलाया

NEW DELHI: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बहनोई रॉबर्ट वाड्रा से बृहस्पतिवार को नौ घंटे तक लगातार दूसरे दिन पूछताछ की। वाड्रा पर आरोप है कि उन्होंने विदेश में अवैध रूप से संपत्ति खरीदने में धन शोधन किया। वाडूा से शनिवार को फिर से पुछताछ हो सकती है।      उनकी पत्नी और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी उन्हें ले जाने के लिए अपनी कार से मध्य दिल्ली के जामनगर हाउस स्थित ईडी कार्यालय आईं।

 

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि वाड्रा को बृहस्पतिवार को जांच में फिर से इसलिए शामिल होना पड़ा क्योंकि उनसे ब्रिटेन में कथित रूप से अचल संपत्तियां खरीदने के संबंध में और सवाल पूछे जाने थे। माना जाता है कि वाड्रा का ‘‘सामना’’ उन दस्तावेजों से कराया किया जो एजेंसी ने मामले की जांच के दौरान हासिल या जब्त किये हैं। इसमें फरार रक्षा डीलर संजय भंडारी से जुड़े दस्तावेज भी शामिल हैं।

 

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि वाड्रा ने इस मामले के जांच अधिकारी के साथ दस्तावेज साझा किये और कहा कि जब उन्हें और दस्तावेज प्राप्त होंगे तो उन्हें भी साझा किया जाएगा। वाड्रा से बुधवार को इस मामले में पहली बार साढे पांच घंटे पूछताछ हुई थी। वाड्रा की ओर से मौजूद वकील ने बुधवार की रात कहा कि वाड्रा ने उनसे पूछे गये हर सवाल का जवाब दिया।

 

वाड्रा सुबह करीब 11 बजकर 25 मिनट पर अपनी कार से मध्य दिल्ली के जामनगर हाउस स्थित ईडी कार्यालय पहुंचे। इससे एक घंटे पहले उनके वकीलों की टीम वहां पहुंची। दो घंटे की पूछताछ के बाद वह दोपहर के भोजन के लिए निकले और करीब एक घंटे बाद पूछताछ के लिए फिर पहुंचे। यह मामला लंदन में 12 ब्रायनस्टन स्क्वायर पर 19 लाख पाउंड (ब्रिटिश पाउंड) की संपत्ति की खरीद में कथित रूप से धनशोधन के आरोप से संबंधित है। यह संपत्ति कथित तौर पर रॉबर्ट वाड्रा की है।

 

इस जांच एजेंसी ने अदालत से यह भी कहा था कि उसे लंदन की कई नयी संपत्तियों के बारे में सूचना मिली है जो वाड्रा की है। उनमें पचास और चालीस लाख ब्रिटिश पाउंड के दो घर तथा छह अन्य फ्लैट एवं अन्य संपत्तियां हैं। वाड्रा ने अवैध विदेशी संपत्ति से जुड़े आरोपों से इनकार किया है और आरोप लगाया कि राजनीतिक हित साधने के लिये उन्हें ‘‘परेशान’’ किया जा रहा है। वाड्रा के वकील के टी एस तुलसी ने बृहस्पतिवार को ईडी कार्यालयके बाहर संवाददाताओं से कहा कि उनके मुवक्किल ने कोई गड़बड़ी नहीं की है।

भ्रष्टाचार के संकल्प से पीछे हटने वाला नहीं: PM मोदी 

NEW DELHI: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रमंडल खेल, 2जी घोटाला एवं रक्षा सौदों में भ्रष्टाचार को लेकर कांग्रेस पर सीधा निशाना साधते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिये वे संकल्प के साथ चले हैं और पीछे हटने वाले नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन्होंने देश को लूटा है, उन्हें डरना ही होगा। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए मोदी ने कहा कि भ्रष्टाचार ने देश को दीमक की तरह बर्बाद किया है। सब चाहते हैं कि भ्रष्टाचार खत्म हो। लेकिन किसी न किसी के हाथ कहीं फंसे हुए हैं। हम भ्रष्टाचार को खत्म करने की दिशा में संकल्प के साथ आगे बढ़े हैं।

 

उन्होंने कहा कि हम पर किसी तरह का बैगेज (अतीत का बोझ) नहीं है। हमें न किसी पर अहसान करना है, ना किसी के अहसान पर जिंदा हूं। इसलिए जी जान से कालाधन, भ्र्रष्टाचार के खिलाफ लगे हुए हैं।   मोदी ने कहा कि जिन्होंने देश को लूटा है, उन्हें डरना ही होगा। ऐसे लोगों से लडऩे के लिये जिंदगी खपाई है। देश में चोर, लुटेरों को डर खत्म हो गया था, ऐसे लोगों के मन में डर पैदा करने के लिये जनता ने उन्हें बिठाया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी सरकार की पहल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि करीब आठ करोड़ लोगों को आधार की व्यवस्था के जरिये बाहर कर दिया गया, जो दलाली लेते थे।  उन्होंने कहा कि बेनामी संपत्ति कानून के बाद अब बेनामी संपत्तियां जब्त हो रही हैं। अब संपत्ति निकल रहीं हैं।

 

उन्होंने कहा कि अब कौन कौन सी और कहां कहां से संपत्ति निकल रही है। इसलिए परेशानी होना बहुत स्वाभाविक है।  मोदी ने कहा, लेकिन मैं इस सदन के माध्यम से देश को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि इस संकल्प में हम पीछे हटने वाले नहीं हैं। चुनौतियां बड़ी हैं, रुकावटें बहुत है। लेकिन रुकावटों से ज्यादा मजबूत हमारा संकल्प है। उन्होंने कांग्रेस सहित विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि आज चेहरे उतरे हुए हैं क्योंकि एक नहीं, दो नहीं, तीन-तीन राजदार पकड़कर लाये गये हैं। उनका परोक्ष संदर्भ क्रिश्चियन मिशेल सहित कुछ आरोपियों के विदेश से भारत लाये जाने के संबंध में था।

 

नोटबंदी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसके बाद तीन लाख फर्जी कंपनियां बंद हो गयीं।  उन्होंने कहा कि कि अगर पुरानी प्रणाली होती तो चलता रहता। लेकिन यह 55 महीने की सेवाभाव की सरकार की वजह से संभव हुआ।   प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने विदेशों से चंदा प्राप्त करने वाले संगठनों से उन्हें मिले अनुदान का हिसाब मांगा । कोई छापा नहीं मारना पड़ा और एक छोटी सी चि_ी गयी और 20 हजार से अधिक संगठनों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं।  उन्होंने आरोप लगाया कि ये संस्थाएं गांवों से लेकर न्याय तंत्र तक प्रभाव डालने का काम करती थीं। उन्होंने कहा कि गुजरात में सरदार सरोवर बांध का शिलान्यस पंडित नेहरू जी ने किया और मैंने हाल ही में उद्घाटन किया है।

 

मोदी ने कांग्रेस नेताओं से पूछा कि क्या आप नहीं रोक सकते थे। आपका क्या भला होता था। ये विदेशी धन लाने के रास्ते किसके लिए थे।   रक्षा क्षेत्र में उनकी सरकार द्वारा पारदर्शी व्यवस्था के तहत काम करने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि जब पारर्दिशता से, ईमानदारी से देश की वायुसेना को मजबूत करने का काम हो रहा है तो कांग्रेस के लोग बौखला जाते हैं।  विजय माल्या जैसे लोगों के बैंकों से कर्ज लेकर विदेश फरार होने के संबंध में विपक्ष के आरोपों पर मोदी ने कहा कि जो भाग गए हैं, वह अब ट्विटर पर रो रहे हैं कि मैं तो 9000 करोड़ रूपये लेकर भागा थे, मोदी ने 13 हजार करोड़ रूपये की सम्पत्ति जब्त कर ली ।

 

उन्होंने कहा कि लूटने वालों को कानून बनाकर वापस लाने की पहल की है। बैंकों के एनपीए के संबंध में आरोपों पर प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के तहत सत्ता भोग के कारण 2008 से 2014 तक छह वर्षो में बैंक का लोन 18 लाख रूपये से बढ़कर 52 लाख करोड़ रूपये हो गया । ‘‘ यह फोन बैंकिंग के कारण हुआ । उन्होंने जोर दिया कि जो एनपीए कांग्रेस नीत सरकार 2014 में छोड़ गई थी, उसमें एक पैसा नहीं बढ़ा है। ‘‘ आप जो छोड़कर गए थे, उसका केवल ब्याज बढ़ा है। मोदी ने कहा कि भ्रष्टाचार पर कार्रवाई के कारण ही उन्हें गाली-गलौच, गंदे आरोप, अभद्र भाषा सुनने को मिलती है। कारण यही है कि लोगों को इतनी परेशानी हो रही है।

 

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी ने कहा था कि कांग्रेस को बिखेर दो। ‘कांग्रेस मुक्त भारत का सपना मेरा नहीं है, मैं तो महात्मा गांधी का सपना पूरा कर रहा हूं। महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के वर्ष पर यह काम पूरा ही करना है।   प्रधानमंत्री ने कांग्रेस एवं उसके सहयोगी दलों पर वंशवाद की संस्कृति को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया । उन्होंने कहा कि ये वंशवादी हैं। थोक में सब जमानत पर हैं।   उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की साख पूरे विश्व में है तथा उन्होंने चुनाव आयोग एवं ईवीएम पर सन्देह जताने के लिए कांग्रेस सहित विपक्षी दलों को आड़े हाथ लिया और पूछा कि आप इतने डरे हुए क्यों हैं?

तीन तलाक कानून में हो गुजाराभत्ते का प्रावधान : कांग्रेस

NEW DELHI: तीन तलाक संबंधी विधेयक के बारे में कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को स्पष्ट किया कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा लाये गये इस प्रस्तावित कानून के विरूद्ध नहीं है किंतु वह इसमें संशोधन चाहती है ताकि पीड़ित महिलाओं के लिए गुजाराभत्ते की व्यवस्था हो सके। इससे पूर्व, महिला कांग्रेस की प्रमुख सुष्मिता देव ने यहां कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग के एक सम्मेलन में कहा था कि कांग्रेस यदि 2019 में सत्ता में आयी तो वह तीन तलाक संबंधी कानून खत्म कर देगी।

 

तीन तलाक संबंधी विधेयक पर सुष्मिता के बयान के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘तीन तलाक एक प्रथा है जिसकी आधुनिक समाज में कोई जगह नहीं। सुष्मिता जी ने सिर्फ इतना कहा है कि अगर पति को जेल भेज दिया जाएगा तो बच्चों और परिवार का भरणपोषण कौन करेगा? क्या उस महिला और बच्चों को पति की संपत्ति या आमदनी से गुजारा भत्ता नहीं मिलना चाहिए? मोदी जी इसका प्रावधान क्यों नहीं कर रहे हैं।

 

उन्होंने कहा, ‘‘हम कानून में यह संशोधन चाहते हैं, लेकिन मोदी जी नहीं चाहते क्योंकि वह महिलाओं के विरोधी हैं। इससे पहले, अखिल भारतीय महिला कांग्रेस प्रमुख सुष्मिता देव ने कहा कि काफी लोगों ने हमें बताया कि यदि तीन तलाक विधेयक पारित हो गया तो महिलाओं का सशक्तिकरण होगा। यद्यपि हमने कानून का विरोध किया क्योंकि यह एक हथियार है ‘‘जो मोदीजी ने मुस्लिम पुरुषों को जेल में डालने और उन्हें पुलिस थानों में खड़ा करने के लिए तैयार किया है।

 

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी खड़ी हुई और उसका संसद में विरोध किया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं आप सभी से वादा करती हूं कि कांग्रेस सरकार 2019 में आएगी और इस कानून को खत्म करेगी। हालांकि यह भी निश्चित है कि किसी भी सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए जो भी कानून लाया जायेगा, कांग्रेस उसका समर्थन करेगी।’’

6 घंटे के बाद ED के दफ्तर से निकले रॉबर्ट वाड्रा, गुरुवार को फिर होगी पूछताछ

NEW DELHI: मनी लॉड्रिंग केस में रॉबर्ट वाड्रा, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश हुए. उनके साथ करीब 6 घंटे तक पूछताछ चली। इसके बाद ईडी के अफसरों ने रॉबर्ट वाड्रा को फिर तलब किया है। अब गुरूवार को वह फिर सुबह 10.30 बजे पूछताछ के लिए ईडी दफ्तर पहुंचेंगे। बुधवार को हुई पूछताछ के बाद रॉबर्ट वाड्रा के वकील सुमन ज्योति खेतान ने कहा कि बिना समन के वाड्रा ईडी के दफ्तर पहुंचे और अधिकारियों के सवालों का जवाब दिया. ईडी जब भी बुलाएगा, हम आने के लिए तैयार हैं।

 

पूछताछ के दौरान रॉबर्ट वाड्रा ने संजय भंडारी और उनके चचेरे भाई शिखर चड्ढा के साथ किसी भी व्यापारिक संबंध से इनकार किया। उन्होंने कहा कि मैं मनोज अरोरा को जानता हूं। वे मेरे कर्मचारी थे, लेकिन उन्होंने अरोरा के ईमेल लिखने से इंकार किया. इसके साथ ही वाड्रा ने कहा कि मेरे पास कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से लंदन में संपत्ति नहीं है।

 

सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के पहले चरण में वाड्रा से मनोज अरोरा, सुमित चड्ढा, सी. थम्पी और संजय भंडारी के साथ उनके रिश्ते के बारे में पूछा गया। इसके लिए उनका सामना ईमेल और पीएमएलए के तहत दिए गए मनोज अरोरा के बयान से हुआ। दूसरे चरण में विदेशों में उनकी संपत्तियों के बारे में पूछताछ की गई। इनमें लंदन में खरीदी गई 8-9 संपत्तियां- तीन विला और छह फ्लैट हैं। इनके भुगतान के लिए एक ही मोडस ऑपरेंडी का उपयोग किया गया था। तीसरे चरण में रक्षा और पेट्रोलियम सौदे के बिचौलियों के संबंध में पूछताछ की जाएगी।

 

गौरतलब है कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अदालत में अर्जी लगाई थी। मनी लॉन्ड्रिंग केस में उनकी इस अपील पर सुनवाई करते हुए पिछले हफ्ते ही दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत ने उन्हें राहत दे दी. वाड्रा के वकील केटीएस तुलसी ने कोर्ट को यह आश्वासन दिया था कि उनके मुवक्किल वाड्रा जांच में सहयोग करेंगे। कोर्ट ने वाड्रा को 16 फरवरी तक गिरफ्तारी से राहत दी और कहा कि वाड्रा को पूछताछ के लिए 6 फरवरी को प्रवर्तन निदेशालय के सामने पेश होना होगा. इससे पहले अदालत ने वाड्रा के करीबी सहयोगी मनोज अरोड़ा की गिरफ्तारी पर 6 फरवरी तक अंतरिम रोक लगा दी थी।

 

बीजेपी पर बदले की कार्रवाई का आरोप
कई दिनों से वह देश से बाहर थे, लेकिन मंगलवार रात दिल्ली पहुंच गए हैं. सूत्रों के मुताबिक रॉबर्ट ने अपने करीबियों से कहा कि वह देश के कानून का सम्मान करते हैं और बीजेपी सरकार द्वारा बेवजह निशाना बनाये जाने के बावजूद वो कानून के लिहाज से ही काम करेंगे। रॉबर्ट ने कहा कि साढ़े चार साल बीत गए, हरियाणा, राजस्थान और केंद्र में बीजेपी की सरकार रही, तब क्यों कुछ नहीं किया. सिर्फ बदले की भावना से हो रहा एक्शन।

 

क्या है मामला
रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ चल रहा केस लंदन के 12 ब्रायंस्टन स्क्वायर पर स्थित एक संपत्ति की खरीद में मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) के आरोपों से जुड़ा है. यह प्रॉपर्टी 19 लाख पाउंड में खरीदी गई थी और इसका मालिकाना रॉबर्ट वाड्रा के पास है। जांच एजेंसी ने अदालत को बताया था कि भगोड़े हथियार व्यापारी संजय भंडारी के खिलाफ आयकर विभाग काला धन अधिनियम एवं कर कानून के तहत जांच कर रहा है। इसी दौरान मनोज अरोड़ा की भूमिका सामने आई, जिसके आधार पर मनी लॉन्ड्र‍िंग का केस दर्ज किया गया। आरोप ये है कि लंदन स्थित इस संपत्ति को 19 लाख पाउंड में संजय भंडारी ने खरीदा था और 2010 में इसे इतनी ही राशि में बेच दिया गया. जबकि उसी मरम्मत, साजसज्जा पर करीब 65,900 पाउंड खर्च किया गया था, बावजूद इसके खरीद दाम में ही प्रॉपर्टी रॉबर्ट वाड्रा को बेची गई।