पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर ने थामा बीजेपी का दामन

NEW DELHI: पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर गौतम गंभीर शुक्रवार को भाजपा से जुड़ गए और राजधानी की एक लोकसभा सीट से आगामी लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार हो सकते हैं । पूर्व सलामी बल्लेबाज गंभीर यहां केंद्रीय मंत्री अरूण जेटली और रशंकर प्रसाद की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हुए ।  गंभीर 2011 विश्व कप और 2007 टी20 विश्व कप में भारत की जीत के सूत्रधारों में रहे थे । उन्हें हाल ही में पद्मश्री से नवाजा गया है ।

गंभीर ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकान से प्रभावित हैं और पार्टी के सदस्य के तौर पर देश की भलाई के लिये काम करेंगे ।  उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा ‘‘मैं हमारे प्रधानमंत्री और उनके विकान से प्रभावित हो कर पार्टी में शामिल हो रहा हूं। मैं क्रिकेट में जो कर सकता था, वह मैंने किया और अब देश के लिए वास्तव में कुछ बेहतर करने, देश को रहने के लिए बेहतर स्थान बनाने के लिए यह (भाजपा) मेरे लिए बेहतरीन प्लेटफार्म है।

जेटली ने गंभीर के भाजपा में शामिल होने को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उन्हें लोकसभा चुनाव में उतारने को लेकर पार्टी सही समय पर फैसला लेगी ।  भाजपा सूत्रों के अनुसार, गंभीर को नयी दिल्ली सीट से उतारा जा सकता है जहां से फिलहाल मीनाक्षी लेखी भाजपा की सांसद है । उन्होंने हालांकि कहा कि अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है । जेटली ने कहा कि गंभीर दिल्ली में पले बढ़े हैं और पार्टी उनकी प्रतिभा का अधिकतम इस्तेमाल करेगी ।

उन्होंने कहा कि पार्टी का पिछले कुछ दशकों में बहुत विस्तार हुआ है और खास तौर पर यह कैडर आधारित पार्टी बन रही है जहां हम ऐसे लोगों को भी शामिल कर रहे हैं जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। जेटली ने कहा ‘‘गंभीर दिल्ली में पले बढ़े हैं और हमें लगता है कि पार्टी में उनका शामिल होना महत्वपूर्ण है। उनकी मौजूदगी से पार्टी को फायदा होगा। गंभीर ने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह से भी मुलाकात की ।

पीएम मोदी आज 25 लाख चौकीदारों से होंगे रूबरू

NEW DELHI: भारतीय जनता पार्टी ने आज कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मैं भी चौकीदार हूं अभियान देश के करोड़ों लोगों का एक व्यापक जनान्दोलन बन गया है और इससे केवल उन लोगों को परेशानी हो रही है जो जमानत पर हैं और जिनकी पार्टी, परिवार एवं संपत्ति संकट में है। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मैं भी चौकीदार हूं, अभियान तीन दिन के अंदर व्यापक जनांदोलन बन गया है।

 

सोशल मीडिया पर यह एक दिन विश्वव्यापी ट्रेंड था जबकि भारत में दो दिन तक ट्रेंड चला है। प्रधानमंत्री मोदी के इस अभियान के समर्थन में 20 लाख लोगों ने ट्वीट किए और 1680 करोड़ इम्प्रेशन आए हैं। एक करोड़ लोगों ने संकल्प लिया है और इतने ही लोगों ने इस अभियान के वीडियो को देखा है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कल बुधवार, 20 मार्च को सायं साढ़े चार बजे होली के शुभ अवसर पर ऑडियो ब्रिज के माध्यम से देश भर में लगभग 25 लाख चौकीदारों को संबोधित करेंगे एवं उनके साथ होली के रंग साझा करेंगे।

 

इसी क्रम में प्रधानमंत्री 31 मार्च को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये देश के लगभग 500 लोकेशन पर उन चौकीदारों से बात करेंगे जो मैं भी चौकीदार मूवमेंट से जुड़े हैं। इस कार्यक्रम में देश भर से पार्टी कार्यकर्ता, एनडीए के नेता, पार्टी पदाधिकारी, प्रोफेशनल्स, अनुसूचित जाति-जनजाति, भूतपूर्व सैनिक, खिलाड़ी के साथ ही अन्य क्षेत्रों से जुड़े हुए लोग भी इस कार्यक्रम से बड़ी संख्या में जुड़ेंगे।

 

भाजपा के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नेपथ्य में देश के विकास के प्रति समर्पित आम लोगों को पर्दे के पीछे से निकाल कर एक नए भारत के ध्वजवाहक के रूप में लाना चाहते हैं। यह ‘सबका साथ, सबका विकास की अवधारणा पर ‘अंत्योदय की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। समाज के हर वर्गों से लोग मैं भी चौकीदार जन-आंदोलन से जुड़े हैं और लगातार जुड़ते चले जा रहे हैं।

 

प्रसाद ने कहा कि मैं भी चौकीदार भ्रष्टाचार-मुक्त सरकार के रूप में भारत के उभरते पहचान का सकारात्मक चित्रण है। आज हर देशवासी को गर्व है कि मोदी सरकार के इन पांच वर्षों में भारत हर इंडेक्स में आगे बढ़ा है चाहे वह इकॉनोमी हो, आईटी सेक्टर हो, ईज ऑफ़ डूइंग बिजनेस हो या फिर पॉवर्टी इंडेक्स। सोशल मीडिया और नमो एप के माध्यम से लगभग एक करोड़ लोगों ने प्लेज दिया कि मैं भी चौकीदार हूँ। लगभग एक करोड़ लोगों ने विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉम्र्स पर मैं भी चौकीदार वीडियो को देखा।

 

भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि जो लोग बेल पर हैं, उन्हें मैं भी चौकीदार अभियान से परेशानी है। जिनकी पार्टी, परिवार और संपत्ति मुश्किल में है, उन्हें भी चौकीदार अभियान से परेशानी है। जो खुद और अपने पूरे परिवार सहित विभिन्न कानूनी कार्रवाइयां झेल रहे हैं, वे परेशान हैं और जिनके पास छिपाने के लिए बहुत कुछ है, वे इस जन-आंदोलन से परेशानी में हैं। उन्होंने कहा कि मैं ऐसे नेताओं और ऐसे लोगों से आग्रह करता हूँ कि यदि आपके पास कुछ भी छुपाने के लिए नहीं है तो आप भी मैं भी चौकीदार अभियान से जुड़ जाएँ।

 

उन्होंने कहा कि सुख, सुविधा और विलासिता में पैदा हुए कुछ लोग टिप्पणियाँ कर रहे हैं कि चौकीदार अमीरों के लिए होता है। जब कांग्रेस पार्टी की यूपीए सरकार 10 वर्षों तक सत्ता में थी तो गरीबों के लगभग 12 लाख करोड़ लूटे गए थे तो किसके लिए चौकीदार की आवश्यकता है, यह देश की जनता जानती है। रविशंकर प्रसाद ने भारतीय जनता पार्टी की ओर से देश के लोगों का अभिनंदन किया जिन्होंने करोड़ों की संख्या में इस जन-आंदोलन से जुड़ रहे हैं। कल राहुल गाँधी स्टार्ट-अप के लोगों से बात करने मान्यता टेक पार्क, बेंगलुरु गए थे जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समर्थन में नारे लगा रहे कुछ तकनीकी विशेषज्ञों कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने गिरफ्तार कर लिया। इससे राहुल गाँधी के विरोधाभासी चरित्र का पर्दाफ़ाश होता है।

 

ये वही राहुल गाँधी हैं जो जेएनयू में देश को टुकड़े-टुकड़े कर देने का ख़्वाब पाले बैठे गैंग के समर्थन में खड़े थे, आज तक उन्होंने अपनी गलती को स्वीकार नहीं किया है, वहीं दूसरी ओर जब आईटी प्रोफेशनल्स उनका विरोध करते हैं तो कांग्रेस-जेडीएस की सरकार उन्हें गिरफ्तार कर लेती है। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गाँधी और उनकी बहन हर दिन बोलने की आजादी पर लंबी-चौड़ी बातें करते हैं, लेकिन वे स्वयं ही इसकी धज्जियां उड़ाते हैं। हमें नसीहतें देने के बजाय कांग्रेस पार्टी और राहुल गाँधी को खुद इस पर सीखने की जरूरत है।

मनोहर पर्रिकर : गोवा में भाजपा के संकटमोचक

NEW DELHI: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक से देश के रक्षा मंत्री और गोवा के मुख्यमंत्री पद तक पहुंचे मनोहर पर्रिकर की उनके तटीय गृह राज्य गोवा में छवि एक सीधे सादे, सामान्य व्यक्ति की रही है। 63 वर्षीय र्पिरकर ने चार बार गोवा के मुख्यमंत्री के रूप में काम किया और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में रक्षा मंत्री के तौर पर तीन वर्ष सेवाएं दीं। भाजपा के सभी वर्गों के साथ ही विभिन्न पक्षों के बीच लोकप्रिय पर्रिकर ने लंबे समय तक कांग्रेस का गढ़ रहे गोवा में भाजपा का प्रभाव बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई थी।

 

एक मध्यमवर्गीय परिवार में 13 दिसंबर 1955 को जन्मे पर्रिकर ने संघ के प्रचारक के रूप में अपना राजनीतिक करियर आरंभ किया था। उन्होंने आईआईटी-बंबई से इंजीनियरिंग में स्नातक करने के बाद भी संघ के लिए काम जारी रखा।  पर्रिकर ने बहुत छोटी उम्र से आरएसएस से रिश्ता जोड़ लिया था। वह स्कूल के अंतिम दिनों में आरएसएस के ‘मुख्य शिक्षक’ बन गए थे। र्पिरकर ने संघ के साथ अपने जुड़ाव को लेकर कभी भी किसी तरह की परेशानी महसूस नहीं की । उनका संघ द्वारा आयोजित ‘‘संचालन’’ में लिया गया एक फोटोग्राफ इसकी पुष्टि करता है, जिसमें वह संघ के गणवेश और हाथ में लाठी लिए नजर आते हैं।

 

आईआईटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद वह 26 साल की उम्र में मापुसा में संघचालक बन गए। उन्होंने रक्षा मंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में भारतीय सेना के र्सिजकल हमले का श्रेय भी संघ की शिक्षा को दिया था। ऐसा माना जाता है कि राज्य के सबसे पुराने क्षेत्रीय राजनीतिक दल ‘महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी’ की बढ़त रोकने के लिए भाजपा ने र्पिरकर को राजनीति में खींचा। र्पिरकर ने चुनावी राजनीति में 1994 में प्रवेश किया, जब उन्होंने पणजी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीता।

 

वह जून से नवंबर 1999 तक गोवा विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे और उन्हें तत्कालीन कांग्रेस नीत सरकार के खिलाफ उनके भाषणों के लिए जाना जाता था। वह पहली बार 24 अक्टूबर 2000 में गोवा के मुख्यमंत्री बने लेकिन उनका कार्यकाल केवल 27 फरवरी 2002 तक ही चला। इसके बाद पांच जून, 2002 को उन्हें फिर से चुना गया और उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में सेवाएं दीं। चार भाजपा विधायकों के 29 जनवरी, 2005 को सदन से इस्तीफा देने के बाद उनकी सरकार अल्पमत में आ गई।  इसके बाद कांग्रेस के प्रतापसिंह राणे, पर्रिकर की जगह गोवा के मुख्यमंत्री बने। र्पिरकर के नेतृत्व वाली भाजपा को 2007 में दिगम्बर कामत के नेतृत्व वाली कांग्रेस के हाथों हार का सामना करना पड़ा।

 

बहरहाल, वर्ष 2012 राज्य में र्पिरकर की लोकप्रियता की लहर लेकर आया और उन्होंने अपनी पार्टी को विधानसभा में 40 में से 21 सीटों पर जीत दिलाई। वह फिर से राज्य के मुख्यमंत्री बने । भाजपा की जीत की लय वर्ष 2014 में भी बनी रही जब पार्टी को आम चुनाव में दोनों लोकसभा सीटों पर विजय प्राप्त हुई। केंद्र में मोदी के नेतृत्व में मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण करने के बाद र्पिरकर को नवंबर 2014 में रक्षा मंत्री का पद दिया गया। वह 2017 तक केंद्रीय मंत्रिमंडल में रहे। गोवा विधानसभा चुनाव में पार्टी के बहुमत हासिल नहीं कर पाने पर वह मार्च 2017 में राज्य लौटे और गोवा फॉरवर्ड पार्टी एवं एमजीपी जैसे दलों को गठबंधन सहयोगी बनाने में कामयाब रहे। राज्य में एक बार फिर उनकी सरकार बनी।

 

फरवरी, 2018 के बाद से उनकी तबियत खराब रहने लगी। उन्हें तब अग्नाशय संबंधी बीमारी के उपचार के लिए मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया। वह मार्च के पहले सप्ताह में इलाज के लिए अमेरिका गए जहां वह जून तक अस्पताल में रहे। राज्य लौटने के बाद र्पिरकर ने फिर से काम करना आरंभ कर दिया और वह 12 दिवसीय विधानसभा सत्र में भी शामिल हुए। अगस्त के दूसरे सप्ताह में वह फिर से उपचार के लिए अमेरिका गए और कुछ दिनों बाद लौटे। वह फिर से अमेरिका गए और इस बार वहां से लौटने पर उन्हें दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया। पिछले कुछ समय से वह अपने डाउना पौला के अपने निजी आवास तक ही सीमित थे और यहीं पर उन्होंने आज अंतिम सांस ली।

भाजपा कार्यकर्ता चाहते हैं गांधीनगर से चुनाव लड़ें अमित शाह

NEW DELHI: गुजरात भाजपा के कार्यकर्ता चाहते हैं कि पार्टी अध्यक्ष अमित शाह राज्य में गांधीनगर संसदीय सीट से चुनाव लड़ें जहां मतदान 23 अप्रैल को होगा। वर्तमान में इस सीट का प्रतिनिधित्व भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी करते हैं। भाजपा ने इस सीट से उम्मीदवार के बारे में पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं की राय जानने के लिए शनिवार को पर्यवेक्षकों को गांधीनगर भेजा था।

 

वेजलपुर से भाजपा विधायक किशोर चौहान ने कहा, ‘भाजपा कार्यकर्ता चाहते हैं कि पार्टी अध्यक्ष अमित शाह गांधीनगर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ें। मैंने पर्यवेक्षकों के सामने यह मांग की थी और सभी ने इसका समर्थन किया।’ उन्होंने कहा कि शाह पहले सरखेज सीट से विधायक थे जो कि गांधीनगर लोकसभा सीट का एक हिस्सा है।

 

चौहान ने कहा, ‘‘वह (शाह) यहां हर किसी को जानते हैं और वह हमारा प्रतिनिधित्व करने के लिए उचित उम्मीदवार हैं। भाजपा सूत्रों ने बताया कि नारणपुरा, साणंद और साबरमती से विधायकों ने भी गांधीनगर सीट से शाह का नाम प्रस्तावित किया है। पार्टी पर्यवेक्षक निमाबेन आचार्य ने कहा कि किसी भी भाजपा कार्यकर्ता या नेता ने गांधीनगर सीट के लिए दावा पेश नहीं किया है और सभी ने ‘‘एक स्वर में मांग की है कि उनके राष्ट्रीय नेता इस सीट से चुनाव लड़ें।

 

पार्टी के एक अन्य पर्यवेक्षक पृथ्वीराज पटेल ने बताया कि सभी भाजपा कार्यकर्ताओं का विचार है कि अभी तक यह सीट एक राष्ट्रीय नेता के पास थी तो केंद्रीय नेतृत्व में से ही किसी को यहां से चुनाव लडऩा चाहिए। गुजरात भाजपा प्रवक्ता भरत पंड्या ने हालांकि कहा कि केंद्रीय संसदीय बोर्ड इस पर निर्णय करेगा कि गांधीनगर से पार्टी का उम्मीदवार कौन होगा या। संसदीय बोर्ड ही राज्य की अन्य सीट पर उम्मीवार का निर्णय करेगा।

 

लालकृष्ण आडवाणी साल 1996 के लोकसभा चुनाव को छोड़कर 1991 के बाद से गांधीनगर सीट से छह बार जीते हैं। 1996 के आम चुनाव में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी गांधीनगर के साथ ही उत्तर प्रदेश के लखनऊ से भी जीते थे। गांधीनगर लोकसभा सीट के तहत सात विधानसभा क्षेत्र आते हैं गांधीनगर उत्तर, कलोल, साणंद, घाटलोडिया, वेजलपुर, नारणपुरा और साबरमती।

गांधी का हिंदुस्तान चाहिए या गोडसे का हिंदुस्तान : राहुल गांधी

NEW DELHI: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को भाजपा एवं आरएसएस पर तीखा हमला बोला और कहा कि लोगों को तय करना है कि उन्हें महात्मा गांधी का हिंदुस्तान चाहिए या फिर गोडसे का हिंदुस्तान चाहिए। उन्होंने यह उम्मीद भी जताई कि इस लोकसभा चुनाव के बाद देश में कांग्रेस की सरकार बनेगी।

 

पुलवामा आतंकी हमले की पृष्ठभूमि में कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा पर तंज कसते हुए जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के लिए ‘जी’ शब्द कहा जिसको लेकर भाजपा ने उन पर निशाना साधा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए गांधी ने कहा, ‘पांच साल पहले देश में एक चौकीदार आया और कहा कि मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने आया हूँ, मेरा 56 इंच का सीना है। अब किसी से भी पूछ लीजिये चौकीदार क्या है? तो वह बता देगा कि चौकीदार चोर है।’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस का कमाल है कि आप लोग देश के कोने-कोने में सच्चाई पहुंचा देते हो।

 

गांधी ने राफेल मामले का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा और कहा, ‘हमने कुछ सवाल किए थे। चौकीदार संसद में डेढ़ घन्टे बोला, लेकिन अनिल अंबानी के बारे में नहीं बोला। प्रधानमंत्री आंख से आंख नहीं मिला पाए।’ उन्होंने कहा, ‘कुछ महीने पहले तीन प्रदेशों में चुनाव हुए। हमने वहां कहा कि मोदी जी ने झूठे वादे किए। हम आपसे झूठे वादे नहीं करेंगे और 10 दिन में किसानों का कर्ज माफ किया। हमने दो दिन में यह काम कर दिया।’

 

पुलवामा हमले की पृष्ठभूमि में गांधी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘ये 56 इंच की छाती वाले अपनी पिछली सरकार में मसूद अजहर जी के साथ बैठकर गए। अब जो राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल हैं, वह मसूद अजहर को छोड़कर आए। भाजपा ने मसूद अजहर को जेल से छोड़ा।’’ उन्होंने यह भी कहा, ‘‘हमने अपने दो प्रधानमंत्री (इंदिरा गांधी और राजीव गांधी) खोए। हम आतंकवाद से डरने वाले नहीं हैं।’’

 

उन्होंने कहा कि आप गांधी का हिंदुस्तान चाहते हैं या गोडसे का हिंदुस्तान चाहते है? एक तरफ प्यार है और दूसरी तरफ नफरत है। एक तरफ गांधी हैं जो अंग्रेजों से लड़े और जो सबसे प्यार करते थे। दूसरी तरफ सावरकर हैं जो अंग्रेजों को चिट्ठी लिखकर कहते हैं कि मुझे छोड़ दो।’’ गांधी ने दावा किया कि 2019 में कांग्रेस की सरकार आने वाली है।

 

हम निर्णय ले चुके हैं कि हम न्यूनतम आय गारंटी देंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने के साथ भारत रोजगार सृजन के मामले में चीन से स्पर्धा शुरू कर देगा। गांधी ने कहा कि उनकी सरकार बनने के बाद किसानों की समस्याओं के समाधान पर जोर दिया जाएगा।

EC ने दी हिदायत, चुनाव प्रचार में सैनिकों की फोटो ना करें इस्तेमाल

NEW DELHI: चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से अपने चुनाव अभियान में सैनिकों और सैन्य अभियानों की तस्वीर का इस्तेमाल करने से बचने को कहा है। आयोग ने शनिवार को 2013 में जारी परामर्श का हवाला देते हुए सभी राजनीतिक दलों के प्रमुखों से अपने पार्टी प्रतिनिधियों और उम्मीदवारों से इसका सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा।

 

आयोग ने एक राजनीतिक दल के पोस्टर में वायु सेना विंग कमांडर अभिनंदन की तस्वीर के कथित इस्तेमाल पर संज्ञान लेते हुए राजनीतिक दलों को ऐसा करने से बचने का परामर्श दिया है। उल्लेखनीय है कि आयोग ने दिसंबर 2013 में रक्षा मंत्रालय की शिकायत पर यह परामर्श जारी किया था।

 

इसमें मंत्रालय ने विभिन्न राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों द्वारा चुनाव अभियान में सैन्यर्किमयों की तस्वीर का इस्तेमाल करने पर चुनाव आयोग का ध्यान आर्किषत करते हुए इसे रोकने के लिए उपयुक्त निर्देश जारी करने का अनुरोध किया था। आयोग ने अपने परामर्श में कहा कि सुरक्षा बल देश की सीमाओ और राजनीतिक तंत्र की सुरक्षा के तटस्थ पहरेदार हैं।

 

ऐसे में राजनीतिक दलों और उनके नेताओं को अपने चुनावी अभियान में सैन्य बलों के संदर्भ का किसी भी रूप में सहारा लेते समय अत्यधिक सावधानी बरतने की कारूरत है। इसके मद्देनकार राजनीतिक दलों और उनके उम्मीदवारों को चुनाव अभियान में सैन्य बलों के जवानो और सैन्य अभियानों की तस्वीर आदि का इस्तेमाल बिलकुल नहीं करना चाहिए।

 

आयोग ने राजनीतिक दलों के प्रमुखों से अपने नेताओं एवं उम्मीदवारों को सैनिकों और सैन्य अभियानों की तस्वीर का इस्तेमाल करने से बचने का निर्देश जारी करने को कहा है।

देश सुरक्षित हाथों में है, देश से ऊपर कुछ भी नहीं है : मोदी

NEW DELHI: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि देश सुरक्षित हाथों में है और देश से ऊपर कुछ भी नहीं है। नियंत्रण रेखा के पार आतंकी शिविरों पर भारतीय वायुसेना की कार्रवाई का जिक्र किए बिना मोदी ने ‘‘सौगंध मुझे इस मिट्टी की, मैं देश नहीं मिटने दूंगा… ’’ कविता पढ़ी और कहा कि उनके लिए खुद से बड़ा दल और दल से बड़ा देश है।

 

इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने राजस्थान की सरकार पर आरोप लगाया कि वह केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और आयुष्मान भारत योजना में सहयोग नहीं कर रही है जिसकी वजह से इनका लाभ राज्य के किसानों और आम जनता को नहीं मिला। मोदी भारतीय वायु सेना द्वारा पाकिस्तान में, नियंत्रण रेखा के दूसरी ओर मंगलवार को तड़के आतंकी शिविरों के खिलाफ कार्रवाई के बाद अपनी पहली चुनावी जनसभा को संबोधित कर रहे थे।

 

अपने भाषण की शुरुआत में मोदी ने मौजूदा जनसमूह के जोश को देखते हुए कहा, ‘‘आज आपका मिजाज कुछ और लग रहा है।’ इसके बाद उन्होंने भारत माता के जयकारे लगवाए और कहा, ‘‘आपकी ये भावनाएं, आपका ये उत्साह आपका ये जोश मैं भली भांति समझ रहा हूं। आज एक ऐसा पल है…, आओ हम सभी भारत के पराक्रमी वीरों को सिर झुकाकर नमन करें। आज चुरू की धरती से मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि देश सुरक्षित हाथों में है और देश से ऊपर कुछ भी नहीं है।’’

 

प्रधानमंत्री ने आगे कहा, ‘‘देश से बढ़कर कुछ नहीं होता। देश सर्वोपरि है।’’ मोदी ने अपने लगभग आधे घंटे के भाषण में सैन्य कार्रवाई का जिक्र तो नहीं किया लेकिन एक बार मुस्कुराते हुए जनता से कहा, ‘‘आज आपका मिजाज कुछ और ही लग रहा है।’’ इसके बाद उन्होंने यह कविता पढ़ी :

‘सौगंध मुझे इस मिट्टी की, मैं देश नहीं मिटने दूंगा ।’
‘मैं देश नहीं रुकने दूंगा, मैं देश नहीं झुकने दूंगा।’

 

उन्होंने कहा, ‘‘हमें फिर से दोहराना है और खुद को याद दिलाना है। न हम भटकेंगे, न हम अटकेंगे, कुछ भी हो हम देश नहीं मिटने देंगे।’’ मोदी ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का कार्यान्वयन इसलिए कर सकी है क्योंकि ‘‘हमारे लिए खुद से बड़ा दल है और दल से भी बड़ा देश है। इसी भावना के साथ हम निरंतर देश के प्रत्येक जन की सेवा में लगे हुए हैं।’’ उन्होंने कहा ‘‘ देश से बढ़कर हमारे लिए कुछ नहीं है। देश की सेवा करने वालों को, देश के निर्माण में लगे हर व्यक्ति को आपका ये प्रधानसेवक नमन करता है।’’

 

‘वन रैंक वन पेंशन’ योजना के कार्यान्वयन का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, ‘हमने शहीदों के परिवारों से, पूर्व सैनिकों से वन रैंक वन पैंशन को लागू करने का वादा किया था और मुझे खुशी है कि चूरू और राजस्थान के हजारों परिवारों सहित देश भर के 20 लाख से अधिक सैनिक परिवारों को वन रैंक वन पैंशन का लाभ मिल चुका हैं। इस योजना के लागू होने के बाद हमारी सरकार 35000 करोड़ रूपये फौजी परिवारों को वितरित कर चुकी है।’‘

 

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और आयुष्मान भारत योजना सहित विभिन्न योजनाओं का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि ये बदला हुआ भारत है, जो नई रफ्तार से काम कर रहा है। उन्होंने कहा ‘‘मुझे इस बात का गर्व है कि पिछले साढ़े चार साल में गरीबों के लिए डेढ़ करोड़ से ज्यादा मकान बन चुके हैं। जब हमने पीएम किसान योजना की घोषणा की थी तो लोग कहते थे कि ये नहीं हो पाएगा, ये नामुमकिन है। लेकिन नामुमकिन अब मुमकिन है, क्योंकि ये मोदी सरकार है।’’

 

मोदी ने कहा, ‘‘गरीब का, किसान का, जवान का और नौजवान को सम्मान देने का प्रयास अगर संभव हो पा रहा है, तो इसके पीछे एक ही ताकत है। ये ताकत है आपकी, आपके एक वोट की। आपका ही वोट है जिसने 2014 में केंद्र में एक मजबूत सरकार बनाई थी, जिसका दम दुनिया आज देख रही है। अब आपका ही वोट मजबूर और कमजोर सरकार का सपना देखने वालों को जवाब देगा। अब आपका ही वोट मुझे और भाजपा को पहले से भी अधिक मजबूती देगा। यह मेरा विश्वास है।’’

 

इसके साथ ही मोदी ने अपने भाषण में राजस्थान की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और आयुष्मान भारत योजना में राज्य सरकार सहयोग नहीं कर रही है जिसकी वजह से इनका लाभ राज्य के किसानों एवं आम जनता को नहीं मिला है। मोदी ने कहा कि दो दिन पहले शुरू हुई प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से देशभर के एक करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खाते में दो हज़ार रुपए की पहली किस्त पहुंच गई है।

 

उन्होंने आगे कहा, ‘‘लेकिन दुख की बात यह है कि परसों जिन एक करोड़ से अधिक किसान परिवारों को मोदी सरकार की तरफ से सीधी मदद की पहली किस्त पहुंची, उनमें चुरू का, राजस्थान का एक भी किसान परिवार नहीं था। ऐसा इसलिए है क्योंकि यहां की सरकार ने अभी तक केंद्र सरकार को पात्र किसानों की सूची ही नहीं भेजी है।’’ मोदी ने कहा कि किसानों का कल्याण, देश के गरीब का कल्याण हमारी सरकार के प्राथमिकताओं में है। लेकिन जब उनसे जुड़ी योजनाओं पर भी राजनीति की जाती है तो दुख होता है।

 

इसके साथ ही मोदी ने आयुष्मान भारत योजना का जिक्र करते हुए भी राज्य सरकार पर सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया। राजस्थान का चुरू उस शेखावाटी इलाके में आता है जहां से बड़ी संख्या में लोग देश की सेना और अन्य सैन्य बलों में हैं। सभा में बड़ी संख्या में लोग थे। सभा में पाकिस्तान के खिलाफ नारे भी लगे। केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष मदन लाल सैनी सहित अनेक प्रादेशिक नेता मंच पर मौजूद थे।

अमित शाह ने दिया 2019 लोकसभा चुनाव का एजेंडा

NEW DELHI : भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने आज यहाँ गाजीपुर में लोकसभा चुनाव-2019 का एजेंडा सेट कर दिया। साथ ही कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय वायु सेना की कार्रवाई से दुनिया को संदेश गया है कि आत्म रक्षा के लिए भारत किसी भी हद तक जा सकता है। विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा कि गठबंधन नहीं,नरेन्द्र मोदी के हाथ देश सुरक्षित है। कार्यकताओं में जोश भरते हुए अमित शाह ने संकल्प दिलाया कि वह देश की रक्षा के लिए 2019 में मोदी के हाथ को मजबूत करें और सरकार दोबारा बनाएं।

 

अमित शाह ने केंद्रीय संचार एवं रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा के निर्वाचन क्षेत्र गाजीपुर के सुदूरवर्ती गांव गौरहट में कमल ज्योति संकल्प महाअभियान के शुभारंभ के अवसर पर ग्राम चौपाल लगाई। साथ ही मोदी एवं योगी सरकार की उपलब्धि गिनाई। गाजीपुर के लोगों का उत्साह देख अमित शाह भी अपने को नही रोक पाए और आतंकवाद पर जमकर हमला बोला। शाह ने कहा कि उड़ी के हमले के जवाब में हमने सर्जिकल स्ट्राइक की और अब आत्मरक्षा के लिये एयर स्ट्राइक की। इससे दुनिया को यह संदेश गया है कि आत्म रक्षा के लिए भारत की सेना और सरकार किसी भी हद तक जा सकती है।

 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा मजबूत इच्छा शक्ति और आतंकवाद के खिलाफ ‘ज़ीरो टाॅलरेंस’ वाला नेता विश्व में कोई नहीं है। आतंकवाद का नासूर 1990 के दशक से है। उसे फैलाने वाले स्थान पर हमला करके नेस्तनाबूद करने का काम मोदी ने किया है। उन्होंने कहा कि आज देश के शहीदों के परिवारों के ह्रदयों को शीतलता मिल गयी होगी। देश में सबके चेहरों पर आनंद ही आनंद है।

 

भाजपा अध्यक्ष ने मौजूद लोगों से पूछा कि क्या गठबंधन देश की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकता है? पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब कौन दे सकता है? आतंकवाद का खात्मा कौन कर सकता है? अर्थतंत्र को कौन मजबूत कर सकता है? भारत को महाशक्ति कौन बना सकता है? कौन देश का गौरव आसमान पर पहुंचा सकता है? शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश के 22 करोड़ गरीबों का जीवन अपनी योजनाओं के जरिए संवारा है।

 

आयुष्मान योजना के जरिए 10 करोड़ गरीब परिवारों को 5 लाख रुपये का चिकित्सा बीमा दिया है। उन्होंने कहा कि 22 करोड़ गरीब कमल ज्योति दीया जला कर मोदी के पुनः प्रधानमंत्री बनाने का संकल्प लें। इससे पहले स्थानीय सांसद मनोज सिन्हा ने कहा कि विपक्ष कैसा भी गठबंधन बना ले, पूर्वी उत्तर प्रदेश की हर लोकसभा सीट जीत कर देंगे। आजमगढ़ की सीट पर भी भाजपा जीतेगी।

 

इस मौके पर अमित शाह ने गाजीपुर जिले के सैदपुर मण्डल में तैतारपुर पंचायत के अंतर्गत गौरहट गांव में शाम को जनसभा के बाद एक दलित रुद्रनाथ के घर जाकर द्वार पर कमल ज्योति दीप प्रज्ज्वलित किया। शाह नाव में सवार होकर गौरहट घाट पर पहुंचे थे जहां उनका स्वागत भाजपा के प्रदेश संगठन मंत्री सुनील बंसल ने किया। भाजपा अध्यक्ष के साथ इस मौके पर सिन्हा के अलावा भाजपा के महासचिव अनिल जैन भी मौजूद थे ।

 

चौपाल में बिछाई, जुटे सियासी लोग
अमित शाह ने गांव में चौपाल लगाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की योजनाओं एवं उपलब्धियों की चर्चा की। चौपाल में परंपरागत रूप से खाट बिछाईं गईं थीं। सभा में एक हजार से अधिक लोग आए थे। गोमती नदी के तट पर स्थित इस गांव में मोदी सरकार के दीन दयाल ग्राम ज्योति अभियान के तहत पहली बार इस गाँव में बिजली पहुंची है। गांव की भौगोलिक स्थिति इस तरह की है कि यह तीन ओर से नदी से घिरा हुआ है। बाढ़ आने पर केवल नाव में सवार होकर पहुंचा जा सकता है।

 

गांव की आबादी चार हजार से ज्यादा है लेकिन बिजली का कनेक्शन एक नलकूप से आगे नहीं बढ़ पाया। इस गांव में डेढ़ सौ लोगों को आयुष्मान योजना का लाभ मिला है। उज्ज्वला और सौभाग्य योजना के अंतर्गत भी बड़ी संख्या में लोगों को फायदा हुआ है। पार्टी के सूत्रों का कहना है कि मंगलवार को देश के करीब 22 करोड़ घरों में कमल ज्योति दीपक प्रज्ज्वलित किए गए हैं । पार्टी के केंद्रीय मंत्री, सांसद, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक, महापौर, देश भर में उन लोगों के घरों में जाएंगे जिन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिला है।

 

55 साल कांग्रेस ने राज किया, लेकिन बिजली तक नहीं दिया
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आजादी के बाद 70 साल में से 55 साल तक कांग्रेस ने शासन किया, लेकिन गरीबों के कल्याण के लिए कोई काम नहीं किया। गरीब के घर बिजली नहीं थी, शौचालय नहीं था, स्वास्थ्य सेवाएं नहीं थीं।

 

शहीद जवानों के परिवार के दिलों को आज ठंडक मिली होगी
अमित शाह ने पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक पर कहा कि पुलवामा हमले के बाद देशवासियों की ये मांग थी कि ऐसी कार्रवाई हो कि दुश्मन ऐसी घटना दोबारा करने पर दस बार सोचे। मंगलवार तड़के ही वायुसेना ने पीओके में छिपे आतंकवादियों पर एयर स्ट्राइक कर उनका खात्मा कर दिया है। अमित शाह ने कहा कि भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर हमला कर 40 जवानों की शहादत का बदला लिया है।

 

चाहे आतंकवादी विचार हो, आतंकवादी घटनाएं हो या आतंकवाद फैलाने वाले आतंकी हों, इन सबके खिलाफ मोदी सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति ही अपनाई है और अपनाती रहेगी। पीओके में एयर स्ट्राइक के बाद देशभर में जितने भी शहीद जवानों के परिवार हैं उनके दिलों को आज ठंडक मिली होगी।

आम चुनाव के लिए बीजेपी-शिवसेना के बीच गठबंधन

NEW DELHI: महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना लोकसभा और विधानसभा चुनाव साथ मिलकर लड़ेंगे। दोनों पार्टियों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर सहमति बन गई है। बीजेपी 25 और शिवसेना 23 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और विधानसभा चुनाव में दोनों पार्टियां बराबर सीटों पर लड़ेंगी।

 

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने इसका ऐलान किया। महाराष्ट्र सीएम ने कहा, ‘सीटों पर बंटवारे से पहले दोनों पार्टियों के बीच राम मंदिर को लेकर चर्चा हुई। राम मंदिर पर हमारे और शिवसेना के विचार एक हैं।’

 

फडणवीस ने कहा कि यह वक्त मतभेद भुलाकर साथ आने का है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग बीजेपी-शिवसेना को लड़ाना चाहते हैं। हमारे बीच मतभेद हैं, लेकिन विचार एक है। सीएम ने बताया, ‘शिवसेना की तरफ से किसानों का मुद्दा भी उठाया गया। इसे लेकर भी दोनों पार्टियों के बीच सहमति बन गई है। यह मौका है कि सभी राष्ट्रवादी पार्टियां एक साथ आएं।

 

बीजेपी और शिवसेना पिछले 25 साल से साथ हैं, पिछले विधानसभा चुनाव में हम साथ नहीं थे, फिर भी हमने साथ में सरकार चलाई है। बीजेपी और शिवसेना सैद्धांतिक रूप से हिंदूवादी पार्टियां हैं।

 

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उद्धव ठाकरे ने कहा, ‘हमारे मन साफ हैं। जब पहले हमारी सरकार अटल जी के नेतृत्व में बनी थी, तब भी शिवसेना ने राम मंदिर का मुद्दा उठाया था। इस दौरान ठाकरे ने पीएम की फसल बीमा योजना का स्वागत भी किया।’ इस दौरान अमित शाह ने कहा, ‘दोनों पार्टियों के समर्थकों को कहना चाहता हूं कि शिव सेना और अकाली ने हमेशा अच्छे-बुरे समय में बीजेपी का साथ दिया है।

 

मुझे खुशी है कि दोनों पार्टियां मतभेदों को भुलकर आगे बढ़ रही हैं। हम दोनों कई मुद्दों पर साथ आगे बढ़े हैं। आने वाले चुनाव में हम विजयी बनेंगे। सेना और बीजेपी को कम से कम 45 सीटें मिलेंगी। जनता भी चाहती है कि यह सरकार फिर से लौटे। महाराष्ट्र सरकार ने भी करप्शन को उखाड़ फेंकने का काम किया है।’ इस दौरान ठाकरे ने पीएम की फसल बीमा योजना का स्वागत भी किया।