अश्विनी लोहानी फिर देंगे एयर इंडिया को उड़ान

NEW DELHI: रेलवे बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष अश्विनी लोहानी एयर इंडिया के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक होंगे। उन्हें रिटायर होने के बाद सेक्रेटरी का दर्जा मिला है।  उनकी नियुक्ति का सरकार ने बुधवार को आदेश जारी किया। सेवानिवृत्त अश्विनी लोहानी ने 2015 से करीब दो वर्ष तक पहले भी यह पद संभाला था। अगस्त 2017 में उन्हें रेलवे बोर्ड का अध्यक्ष नामित किया गया था। लोहानी 31 दिसंबर 2018 को सेवानिवृत्त हुए थे।

 

लोहानी का यह एयर इंडिया के प्रमुख के रूप में दूसरा कार्यकाल होगा। नियुक्ति से संबंधित मंत्रिमंडल की समिति ने बुधवार को उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी। एयर इंडिया में लोहानी का पहला कार्यकाल अगस्त, 2015 से अगस्त, 2017 तक था, जिस दौरान उन्होंने उसे परिचालन मुनाफे में पहुंचने में मदद की। एयर इंडिया में ही सबसे पहले फैसलों में से एक उपहारों, रस्मी स्वागतों और विदाई समारोहों पर रोक लगाना था।

खास बात यह है कि कैबिनेट की निुयक्ति समिति (एसीसी) के मुताबिक, अश्विनी लोहानी को भारत सरकार के सचिव पद और दर्जे पर रहे केंद्र सरकार के अधिकारियों की पुनर्नियुक्त के लिए लागू नियमों व शर्तों के अनुसार अनुबंध के आधार पर नियुक्त किया गया है। वह एक वर्ष की अवधि या अगले आदेश तक पद पर रहेंगे, इनमें से जो भी पहले हो। इससे पहले छह फरवरी को सरकार ने एयर इंडिया के सीएमडी प्रदीप सिंह खरोला को नए नागरिक उड्डयन सचिव के रूप में नियुक्त किया था। लोहानी 1980 बैच के इंडियन रेलवे सर्विस के अधिकारी हैं।

 

इंडियन रेलवे र्सिवस ऑफ मेकेनिकल इंजीनियर्स (आईआरएसएमई) के अधिकारी लोहानी (60) अगस्त, 2017 में रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष नियुक्त किये गये थे और वह दिसंबर, 2018 में इस पद से सेवानिवृत हुए थे। भारत की सबसे तीव्र ट्रेन- ट्रेन 18 का श्रेय भी उन्हीं को जाता है। यह ट्रेन उद्घाटन के तौर पर दिल्ली से वाराणसी जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 फरवरी को इसका शुभारंभ करेंगे। रेलवे के वरिष्ठतम नौकरशाह के रूप में लोहानी ही प्रतिष्ठित बुलेट ट्रेन भारत लाए।

 

उनसे जुड़े लोगों का कहना है कि रेलवे और एयर इंडिया के प्रमुख के तौर पर वह अपने कार्यालय और कर्मचारियों के बीच का फासला खासकर व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से दूर करने में समर्थ हुए। वह आईटीडीसी के अध्यक्ष और राष्ट्रीय राजधानी में रेल संग्रहालय के निदेशक भी रह चुके हैं। उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ग्रैजुएशन किया है। अश्विनी लोहानी मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक के पद से पहले एयर इंडिया का चेयरमैन बनाया गया था। लोहानी ने मध्यप्रदेश के पर्यटन को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई थी।

 

नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली एवं निजामुद्दीन स्टेशनों का बदला था स्वरूप   भारतीय रेलवे के दिल्ली क्षेत्रीय कार्यालय में डीआरएम के पद पर रहते हुए उन्होंने सीमित संसाधनों के साथ दिल्ली के तीन अहम रेलवे स्टेशनों नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन में बड़े  सुधार कार्य किए थे। लोहानी के पास इंजिनियरिंग की चार डिग्रियां हैं, जिसके लिए उनका नाम लिम्का बुक रिकॉड्र्स में दर्ज है।

समाज में विकार पैदा हो रहे हैं : अश्वनी लोहानी

NEW DELHI: रेलवे बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष अश्वनी लोहानी ने यहाँ इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में बींग गुड नामक पुस्तक का विमोचन किया। किताब के लेखक डा. नंदितेश निलाय हैं। इस मौके पर लोहानी ने कहा कि समाज में कई प्रकार के विकार पैदा हो रहे है। इसलिए बींग गृुड जैसे किताब को लिखने की अवश्यकता महसूस की गई है।

 

अपने अनुभवों को साझा करते हुए लोहानी ने कहा कि एयर इंडिया, मध्य प्रदेश पर्यटन, आईटीडीसी विभागों में भ्रष्टाचार कम करने की लड़ाई लड़ी। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान अथवा संगठन को आगे बढ़ाने में कर्मचारियों की निष्ठा व कर्मठता प्रमुख होती है। यदि पारदर्शी वातावरण मिले तो संस्थान को नई ऊंचाई लाया जा सकता है।

 

लोहानी ने कहा कि, अच्छा होना तो सामान्य बात होनी चाइए लेकिन शायद आज समाज वैसा है नहीं इसलिए बींग गुड़ नामक किताब पब्लिश किया गया। इस मौके पर किताब में लेखक डॉक्टर नंदितेश निलाय ने ह्यूमन वैल्यूज़, डेज़िग्नेशन द नेक्स्ट आदि विषयों पर विस्तार से चर्चा किया है। साथ ही ये वैल्यूज़ वर्तमान समाज में क्यों आवश्यक है, बताने की कोशिश किया है।

 

किताब के विमोचन के दौरान लोहानी ने सरकारी विमानआन कम्पनी एर इंडिया, आईटीडीसी, मध्य प्रदेश टुरिज़म कॉर्परेशन लिमिटेड आदि में व्याप्त करप्शन और उससे उनकी लड़ाई के बारे अपने अनुभव साझा किया।

रेलवे ट्रैक पर उतरे बोर्ड के चेयरमैन अश्वनी लोहानी

नई दिल्ली : रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अश्वनी लोहानी ने शनिवार को नई दिल्ली से मुरादाबाद सेक्शन का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान मार्ग में उन्होंने गजरौला तथा हापुड़ रेलवे स्टेशन का औचक निरीक्षण भी किया। इस दौरान उन्होंने मार्ग में इंजीनियरिंग स्टाफ (ट्रैकमेन तथा गैंगमैन) के साथ भी मुलाकात की। साथ ही उन्होंने मुरादाबाद स्टेशन पर रनिंग रूम तथा क्रू लॉबी का भी औचक निरीक्षण किया। लोहानी ने मुरादाबाद में निर्माणाधीन पुल का जायजा लिया। साथ ही मुरादाबाद स्टेशन पर गाड्र्स, ड्राइवर्स तथा टी. टी.ई. स्टाफ से मुलाकात की।

–हर पहलुओं का बारीकी से किया मुआयना, दिए दिशा-निर्देश
–गाड्र्स, ड्राइवर, टीटीई, और ट्रैकमैन-गैंगमैन से की मुलाकात

अधिकारियों के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने आवाहन किया कि वे काम के दौरान स्टाफ से मिले, उनकी समस्याओं को सुने एवं उनका यथाशीघ्र समाधान भी करें, ताकि सभी रेलकर्मी अपनी क्षमता का सौ फीसदी कार्य निष्पादन कर सकें।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने जीपीएस आधारित फॉग सेफ डिवाइस की वर्किंग की जांच की, क्योंकि शीत ऋतु में इस उपकरण का व्यापक प्रयोग किया जाएगा। उन्होंने रेलवे स्टेशन एवं ट्रैक की स्वच्छता पर किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
इस मौके पर उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक आर के कुलश्रेष्ठ, मुख्य प्रमुख इंजीनियर नवीन चोपड़ा एवं मुरादाबाद मंडल के मंडल रेल प्रबंधक ए के सिंघल सहित आला अधिकारी मौजूद रहे।