भाजपा कार्यकर्ता चाहते हैं गांधीनगर से चुनाव लड़ें अमित शाह

NEW DELHI: गुजरात भाजपा के कार्यकर्ता चाहते हैं कि पार्टी अध्यक्ष अमित शाह राज्य में गांधीनगर संसदीय सीट से चुनाव लड़ें जहां मतदान 23 अप्रैल को होगा। वर्तमान में इस सीट का प्रतिनिधित्व भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी करते हैं। भाजपा ने इस सीट से उम्मीदवार के बारे में पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं की राय जानने के लिए शनिवार को पर्यवेक्षकों को गांधीनगर भेजा था।

 

वेजलपुर से भाजपा विधायक किशोर चौहान ने कहा, ‘भाजपा कार्यकर्ता चाहते हैं कि पार्टी अध्यक्ष अमित शाह गांधीनगर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ें। मैंने पर्यवेक्षकों के सामने यह मांग की थी और सभी ने इसका समर्थन किया।’ उन्होंने कहा कि शाह पहले सरखेज सीट से विधायक थे जो कि गांधीनगर लोकसभा सीट का एक हिस्सा है।

 

चौहान ने कहा, ‘‘वह (शाह) यहां हर किसी को जानते हैं और वह हमारा प्रतिनिधित्व करने के लिए उचित उम्मीदवार हैं। भाजपा सूत्रों ने बताया कि नारणपुरा, साणंद और साबरमती से विधायकों ने भी गांधीनगर सीट से शाह का नाम प्रस्तावित किया है। पार्टी पर्यवेक्षक निमाबेन आचार्य ने कहा कि किसी भी भाजपा कार्यकर्ता या नेता ने गांधीनगर सीट के लिए दावा पेश नहीं किया है और सभी ने ‘‘एक स्वर में मांग की है कि उनके राष्ट्रीय नेता इस सीट से चुनाव लड़ें।

 

पार्टी के एक अन्य पर्यवेक्षक पृथ्वीराज पटेल ने बताया कि सभी भाजपा कार्यकर्ताओं का विचार है कि अभी तक यह सीट एक राष्ट्रीय नेता के पास थी तो केंद्रीय नेतृत्व में से ही किसी को यहां से चुनाव लडऩा चाहिए। गुजरात भाजपा प्रवक्ता भरत पंड्या ने हालांकि कहा कि केंद्रीय संसदीय बोर्ड इस पर निर्णय करेगा कि गांधीनगर से पार्टी का उम्मीदवार कौन होगा या। संसदीय बोर्ड ही राज्य की अन्य सीट पर उम्मीवार का निर्णय करेगा।

 

लालकृष्ण आडवाणी साल 1996 के लोकसभा चुनाव को छोड़कर 1991 के बाद से गांधीनगर सीट से छह बार जीते हैं। 1996 के आम चुनाव में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी गांधीनगर के साथ ही उत्तर प्रदेश के लखनऊ से भी जीते थे। गांधीनगर लोकसभा सीट के तहत सात विधानसभा क्षेत्र आते हैं गांधीनगर उत्तर, कलोल, साणंद, घाटलोडिया, वेजलपुर, नारणपुरा और साबरमती।

अमित शाह ने दिया 2019 लोकसभा चुनाव का एजेंडा

NEW DELHI : भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने आज यहाँ गाजीपुर में लोकसभा चुनाव-2019 का एजेंडा सेट कर दिया। साथ ही कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय वायु सेना की कार्रवाई से दुनिया को संदेश गया है कि आत्म रक्षा के लिए भारत किसी भी हद तक जा सकता है। विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा कि गठबंधन नहीं,नरेन्द्र मोदी के हाथ देश सुरक्षित है। कार्यकताओं में जोश भरते हुए अमित शाह ने संकल्प दिलाया कि वह देश की रक्षा के लिए 2019 में मोदी के हाथ को मजबूत करें और सरकार दोबारा बनाएं।

 

अमित शाह ने केंद्रीय संचार एवं रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा के निर्वाचन क्षेत्र गाजीपुर के सुदूरवर्ती गांव गौरहट में कमल ज्योति संकल्प महाअभियान के शुभारंभ के अवसर पर ग्राम चौपाल लगाई। साथ ही मोदी एवं योगी सरकार की उपलब्धि गिनाई। गाजीपुर के लोगों का उत्साह देख अमित शाह भी अपने को नही रोक पाए और आतंकवाद पर जमकर हमला बोला। शाह ने कहा कि उड़ी के हमले के जवाब में हमने सर्जिकल स्ट्राइक की और अब आत्मरक्षा के लिये एयर स्ट्राइक की। इससे दुनिया को यह संदेश गया है कि आत्म रक्षा के लिए भारत की सेना और सरकार किसी भी हद तक जा सकती है।

 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा मजबूत इच्छा शक्ति और आतंकवाद के खिलाफ ‘ज़ीरो टाॅलरेंस’ वाला नेता विश्व में कोई नहीं है। आतंकवाद का नासूर 1990 के दशक से है। उसे फैलाने वाले स्थान पर हमला करके नेस्तनाबूद करने का काम मोदी ने किया है। उन्होंने कहा कि आज देश के शहीदों के परिवारों के ह्रदयों को शीतलता मिल गयी होगी। देश में सबके चेहरों पर आनंद ही आनंद है।

 

भाजपा अध्यक्ष ने मौजूद लोगों से पूछा कि क्या गठबंधन देश की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकता है? पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब कौन दे सकता है? आतंकवाद का खात्मा कौन कर सकता है? अर्थतंत्र को कौन मजबूत कर सकता है? भारत को महाशक्ति कौन बना सकता है? कौन देश का गौरव आसमान पर पहुंचा सकता है? शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश के 22 करोड़ गरीबों का जीवन अपनी योजनाओं के जरिए संवारा है।

 

आयुष्मान योजना के जरिए 10 करोड़ गरीब परिवारों को 5 लाख रुपये का चिकित्सा बीमा दिया है। उन्होंने कहा कि 22 करोड़ गरीब कमल ज्योति दीया जला कर मोदी के पुनः प्रधानमंत्री बनाने का संकल्प लें। इससे पहले स्थानीय सांसद मनोज सिन्हा ने कहा कि विपक्ष कैसा भी गठबंधन बना ले, पूर्वी उत्तर प्रदेश की हर लोकसभा सीट जीत कर देंगे। आजमगढ़ की सीट पर भी भाजपा जीतेगी।

 

इस मौके पर अमित शाह ने गाजीपुर जिले के सैदपुर मण्डल में तैतारपुर पंचायत के अंतर्गत गौरहट गांव में शाम को जनसभा के बाद एक दलित रुद्रनाथ के घर जाकर द्वार पर कमल ज्योति दीप प्रज्ज्वलित किया। शाह नाव में सवार होकर गौरहट घाट पर पहुंचे थे जहां उनका स्वागत भाजपा के प्रदेश संगठन मंत्री सुनील बंसल ने किया। भाजपा अध्यक्ष के साथ इस मौके पर सिन्हा के अलावा भाजपा के महासचिव अनिल जैन भी मौजूद थे ।

 

चौपाल में बिछाई, जुटे सियासी लोग
अमित शाह ने गांव में चौपाल लगाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की योजनाओं एवं उपलब्धियों की चर्चा की। चौपाल में परंपरागत रूप से खाट बिछाईं गईं थीं। सभा में एक हजार से अधिक लोग आए थे। गोमती नदी के तट पर स्थित इस गांव में मोदी सरकार के दीन दयाल ग्राम ज्योति अभियान के तहत पहली बार इस गाँव में बिजली पहुंची है। गांव की भौगोलिक स्थिति इस तरह की है कि यह तीन ओर से नदी से घिरा हुआ है। बाढ़ आने पर केवल नाव में सवार होकर पहुंचा जा सकता है।

 

गांव की आबादी चार हजार से ज्यादा है लेकिन बिजली का कनेक्शन एक नलकूप से आगे नहीं बढ़ पाया। इस गांव में डेढ़ सौ लोगों को आयुष्मान योजना का लाभ मिला है। उज्ज्वला और सौभाग्य योजना के अंतर्गत भी बड़ी संख्या में लोगों को फायदा हुआ है। पार्टी के सूत्रों का कहना है कि मंगलवार को देश के करीब 22 करोड़ घरों में कमल ज्योति दीपक प्रज्ज्वलित किए गए हैं । पार्टी के केंद्रीय मंत्री, सांसद, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक, महापौर, देश भर में उन लोगों के घरों में जाएंगे जिन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिला है।

 

55 साल कांग्रेस ने राज किया, लेकिन बिजली तक नहीं दिया
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आजादी के बाद 70 साल में से 55 साल तक कांग्रेस ने शासन किया, लेकिन गरीबों के कल्याण के लिए कोई काम नहीं किया। गरीब के घर बिजली नहीं थी, शौचालय नहीं था, स्वास्थ्य सेवाएं नहीं थीं।

 

शहीद जवानों के परिवार के दिलों को आज ठंडक मिली होगी
अमित शाह ने पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक पर कहा कि पुलवामा हमले के बाद देशवासियों की ये मांग थी कि ऐसी कार्रवाई हो कि दुश्मन ऐसी घटना दोबारा करने पर दस बार सोचे। मंगलवार तड़के ही वायुसेना ने पीओके में छिपे आतंकवादियों पर एयर स्ट्राइक कर उनका खात्मा कर दिया है। अमित शाह ने कहा कि भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर हमला कर 40 जवानों की शहादत का बदला लिया है।

 

चाहे आतंकवादी विचार हो, आतंकवादी घटनाएं हो या आतंकवाद फैलाने वाले आतंकी हों, इन सबके खिलाफ मोदी सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति ही अपनाई है और अपनाती रहेगी। पीओके में एयर स्ट्राइक के बाद देशभर में जितने भी शहीद जवानों के परिवार हैं उनके दिलों को आज ठंडक मिली होगी।

BJP अध्यक्ष अमित शाह ने फूंका मिशन-2019 का बिगुल

NEW DELHI: भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने 2019 के लोकसभा चुनाव को दो विचारधाओं के बीच ‘युद्ध’ करार दिया और ‘पानीपत के तीसरे युद्ध’ से इसकी तुलना करते हुए कहा कि 2019 की लड़ाई ऐसी है जिसका असर सदियों तक होने वाला है और इसलिये इसे जीतना जरूरी है। विपक्षी दलों के गठबंधन की पहल को ढकोसला करार देते हुए शाह ने कहा कि भाजपा गरीबों के कल्याण और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को आगे बढ़ा रही है जबकि विपक्षी दल केवल सत्ता के लिये साथ आ रहे हैं।

 

भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, ‘‘ 2019 का चुनाव वैचारिक युद्ध का चुनाव है। दो विचारधाराएं आमने सामने खड़ी हैं। 2019 का युद्ध सदियों तक असर छोड़ने वाला है और इसलिए मैं मानता हूं कि इसे जीतना बहुत महत्वपूर्ण है । उन्होंने कहा कि एक ओर 1950 से सांस्कृतिक राष्ट्रवाद एवं गरीब कल्याण की विचारधारा है । एक बड़ा तबका इसके साथ है । नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के दल एकजुट चुनाव के लिये खड़े हैं।

 

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि दूसरी ओर न कोई नेता है, न नीति है । स्वार्थ एवं सत्ता के लिये एकत्र लोगों का जमघट है । ‘‘ इन दो विचारधाराओं के बीच युद्ध है । ’’
उन्होंने कहा कि देश में 130 वर्षो का ऐसा कालखंड आया जब शिवाजी एवं अन्य सेनानियों के नेतृत्व में आजादी की लड़ाई शुरू हुई थी । इसके फलस्वरूप अफगानिस्तान से कर्नाटक और गुजरात से ओडिशा तक बड़ा भूभाग स्वतंत्र हुआ। अमित शाह ने कहा कि दुर्भाग्य से पानीपत के तीसरे युद्ध जो अब्दाली और सदाशिवराव भाऊ के बीच लड़ा गया, उसमें मराठा सेना पराजित हो गई । यह निर्णायक युद्ध था । 131 युद्ध जीतने वाली मराठा सेना एक युद्ध हार गई और इसके कारण 200 साल गुलामी झेलनी पड़ा ।

 

शाह ने 2019 के लोकसभा चुनाव को ऐसा ही युद्ध बताया । उन्होंने कहा कि युद्ध कई प्रकार के होते हैं । कुछ युद्ध जय पराजय तक सीमित होते हैं । कुछ युद्धों का प्रभाव एक आध दशक तक होता है। जबकि कुछ युद्धों का प्रभाव सदियों तक रहता है। ‘‘मैं मानता हूं कि 2019 का युद्ध सदियों तक असर डालने वाला है और इसलिये यह युद्ध जीतना जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि 70 साल तक जिन वंचितों, गरीबों के लिये कुछ नहीं किया गया, उनके कल्याण के लिये भाजपा ने प्रयास किया है, यह युद्ध उन गरीबों के लिये है।

 

उन्होंने कहा कि 2019 का चुनाव भारत के गरीब के लिए बहुत मायने रखता है। स्टार्टअप को लेकर निकले युवाओं के लिए ये चुनाव मायने रखता है । करोड़ों भारतीय जो दुनिया में भारत का गौरव देखने चाहते हैं उनके लिए ये चुनाव मायने रखता है । उन्होंने कहा कि एक दूसरे का मुंह न देखने वाले आज हार के डर से एक साथ आ गए हैं, वो जानते हैं कि अकेले नरेंद्र मोदी जी को हराना मुमकिन नहीं है । शाह ने कहा कि 2014 के चुनाव में हम इन दलों को पराजित कर चुके हैं और आगे भी इन्हें पराजित करेंगे ।

 

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की सीट 73 से बढ़कर 74 सीटें होगी, यह 72 नहीं होगी । उन्होंने दावा किया कि 2019 में भाजपा के नेतृत्व में राजग की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि 2014 में 6 राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सरकारें थी और 2019 में 16 राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं। 5 साल के अंदर भाजपा का गौरव दिन दोगुनी गति से बढ़ा है। अमित शाह ने कहा कि ये अधिवेशन भारतीय जनता पार्टी के देशभर में फैले कार्यकर्ताओं के लिए संकल्प करने का अधिवेशन है । उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता अजेय योद्धा ‘मोदी’ के नेतृत्व में चुनाव में जा रहे हैं । ऐसे में कार्यकर्ताओं को जोश में बढ़ना चाहिए लेकिन होश नहीं खोना चाहिए ।

 

शाह ने कहा कि भाजपा चाहती है जल्द से जल्द उसी स्थान पर भव्य राम मंदिर का निर्माण हो और इसमें कोई दुविधा नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘ हम प्रयास कर रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट में चल रहे केस की जल्द से जल्द सुनवाई हो लेकिन कांग्रेस इसमें भी रोड़े अटकाने का काम कर रही है । कांग्रेस अपना रूख स्पष्ट करे।’’ उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता आश्वस्त रहे कि संविधान के तहत राम मंदिर के निर्माण के लिये पार्टी कटिबद्ध है।

 

राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कुछ समय से जो स्वयं जमानत पर हैं, जिन पर इनकम टैक्स का 600 करोड़ रुपए बकाया हो, ऐसे लोग मोदी जी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे हैं। जनता की सूझबूझ बहुत ज्यादा है। मोदी जी का प्रामाणिक जीवन और निष्कलंक चरित्र जनता के सामने है । उन्होंने कहा कि एक जमाना था जब देश में कांग्रेस बनाम अन्य हुआ करता था, आज मोदी बनाम अन्य सभी हो गया है । शाह ने अपने संबोधन में सरकार की जनकल्याण योजनाओं और आंतरिक एवं वाह्य सुरक्षा के मोर्चे पर किए प्रयासों का जिक्र किया और कार्यकर्ताओं से इन्हें जनता तक पहुंचाने का आह्वान किया।

भाजपा का राष्ट्रीय महाकुंभ आज से, अमित शाह करेंगे अधिवेशन का शुभारंभ

NEW DELHI : भारतीय जनता पार्टी मिशन-2019 के लिए दिल्ली में कल से राष्ट्रीय परिषद शुरू कर रही है। दो दिवसीय इस बैठक का शुभारंभ पार्टी अध्यक्ष अमित शाह करेंगे, जबकि आखिरी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका समापन करेंगे। लोकसभा चुनाव से पहले हो रही इस बैठक में भाजपा देशभर के सभी चुने हुए पार्टी के नुमाइंदों, पंचायत से लेकर संसद तक को आमंत्रित किया है।

 

यह पहली बार होगा जब राष्ट्रीय परिषद की बैठक में 12000 लोगों की समुलियत होगी। बैठक में क्या-क्या होगा, इसको लेकर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने वीरवार की देर शाम राष्ट्रीय नेताओं के साथ बैठक की। सूत्रों के मुताबिक अधिवेशन में तीन प्रस्ताव लाने पर विचार हो रहा है, लेकिन अंतिम फैसला पदाधिकारियों की बैठक में होगा। इनमें से राजनीतिक प्रस्ताव गृहमंत्री राजनाथ सिंह रख सकते हैं। इसके अलावा आर्थिक प्रस्ताव होगा और अगर तीसरा प्रस्ताव आता है तो वह इंटरनरल सिक्युरिटी पर हो सकता है।

 

सूत्रों के मुताबिक अधिवेशन के आखिरी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बैठक में सरकार के पांच साल के कामकाज का हिसाब-किताब पेश करेंगे। इसके जरिए वे अपनी सरकार की उपलब्धियों का भी प्रचार कर सकते हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह एक तरह का कार्यकर्ताओं का महासंगम होगा और इसका मकसद यही है कि जब कार्यकर्ता चुनाव के लिए मैदान में जाएं तो उन्हें यह जानकारी होनी चाहिए कि वे किन मुद्दों पर जनता से बातचीत करें और किन वायदों और मुद्दों पर वोट मांगें। इसके अलावा प्रधानमंत्री बेरोजगार भत्ते और महिला रिजर्वेशन बिल जैसे महत्वपूर्ण मामलों पर भी दांव खेल सकते हैं।

 

हालांकि ये दोनों ही मुद्दे महत्वपूर्ण हैं लेकिन इनके जरिए प्रधानमंत्री इसे एक बड़े वादे के रूप में पेश कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रीय अधिवेशन में भारतीय जनता पार्टी का पूरा फोकस लोकसभा चुनाव पर ही रहने वाला है। ऐसे में पार्टी चाहेगी कि इस अधिवेशन से इस तरह का संकेत जाए कि न सिर्फ कार्यकर्ताओं का मनोबल उंचा हो बल्कि लोगों में भी उत्साह का संचार हो। अधिवेशन में हिस्सा लेने आ रहे पंचायत जिला अध्यक्ष सहित जमीनी कार्यकर्ताओं में भी यह उत्सुकता रहेगी कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी किस तरह के लाइन ऑफ एक्शन का ऐलान करते हैं।

 

बता दें कि यह बैठक समान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर तबके के लोगों को शिक्षा एवं रोजगार में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान करने वाले संविधान संशोधन विधेयक को लोकसभा और राज्यसभा की मंजूरी मिलने के बीच हो रही है। इसने हाल में संपन्न विधानसभा चुनावों में हिंदी पट्टी के तीन राज्यों मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में पार्टी को मिली हार के बाद भगवा पार्टी के मनोबल को बढ़ाया है। यह पहला मौका है जब भाजपा अपनी राष्ट्रीय परिषद की बैठक को विस्तृत स्वरूप देने जा रही है। इसमें हर लोकसभा क्षेत्र के लगभग दस प्रमुख नेता हिस्सा लेंगे। बैठक में सभी सांसदों, विधायकों, परिषद के सदस्यों, जिला अध्यक्षों व महामंत्रियों के साथ हर क्षेत्र के विस्तारकों को भी बुलाया गया है ।

दंगा पीड़ितों की मुफ्त में केस लड़ते रहे एचएस फुल्का

NEW DELHI 1984 सिख दंगों के मामले में पीडि़तों को न्याय दिलाने के लिए पहले दिन से मुफ्त में केस लड़ रहे सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एचएस फुल्का आज जब सजा सुनाई गई तब वह रो पड़े। ये वही फुल्का हैं जो सिख विरोधी दंगों में खुद भी फंस गए थे। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद जब दिल्ली में सिख विरोधी दंगे हुए तो एचएस फुल्का अपनी पत्नी को डॉक्टर को दिखाने के लिए गए थे। वापस लौटते वक्त वे दंगाइयों से घिर गए.। एचएस फुल्का जान बचाने के लिए पत्नी के साथ कोटला मुबारकपुर की झुग्गियों में घुस गए। इसके बाद जैसे-तैसे जान बचाकर वापस निकले और दिल्ली छोड़कर चंडीगढ़ चले गए।

 

चंडीगढ़ से ही कानून की पढ़ाई करने वाले एचएस फुल्का खुद दंगों का दंश झेल चुके थे। उन्होंने दंगा पीडि़तों को न्याय दिलाने की ठानी और लड़ाई शुरू कर दी। दंगों के साल भर बाद एक संस्था बनाई, जिसका नाम रखा सिटिजन्स जस्टिस कमेटी। पंजाब के बरनाला जिले के रहने वाले एचएस फुल्का की लड़ाई में तमाम नामी लोग साथ आए। खुशवंत सिंह, जस्टिस रंजीत सिंह नरुला, सोली सोराबजी, जनरल जगजीत सिंह अरोरा, जस्टिस वी एम तारकुंडे जैसे लोग उनके साथ जुड़ गए। जानकारी के मुताबिक एचएस फुल्का 1985 में दंगों की जांच के लिए बनी मिश्रा कमेटी के सामने पीडि़तों के वकील की हैसियत से पेश और तमाम तथ्य कमेटी के सामने रखे। न्याय की लड़ाई चलती रही है।

 

डेढ़ दशक बाद जब उन्होंने महसूस किया कि लड़ाई की गति धीमी हो रही है तो कार्नेज 1984 के नाम से एक वेबसाइट शुरू की। इस वेबसाइट के साथ देखते-देखते लाखों लोग जुड़ गए। 2013 में जब निचली अदालत ने दंगों के आरोपी सज्जन कुमार को बरी कर दिया तो पीडि़त निराश हो गए, लेकिन एचएस फुल्का ने हार नहीं मानी। उन्होंने इस लड़ाई को आगे ले जाने का निर्णय लिया। बता दें कि फुल्का ने दंगा पीडि़तों का केस लडऩे के लिए कोई फीस नहीं ली। एचएस फुल्का की इस लड़ाई में उनकी पत्नी मनिंदर कौर हर कदम पर साथ खड़ी रहीं। कहा जाता है कि फुल्का के सहयोग के लिए उन्होंने अपनी नौकरी तक छोड़ दी।

 

पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए छोड़ी सियासत
एचएस फुल्का की सियासी पारी भी शुरू हुई। 2014 में पहली बार आप के टिकट पर लुधियाना सीट से लोकसभा चुनाव लड़े, लेकिन हार गए। पिछले साल वे फिर पंजाब विधानसभा चुनाव के मैदान में उतरे और जीत दर्ज की। हालांकि, थोड़े दिनों बाद ही एचएस फुल्का ने विधायकी छोड़ दी और कहा कि वे अपना पूरा ध्यान 1984 के दंगा पीड़ितों को न्याय दिलाने में लगाने चाहते हैं। एचएस फुल्का की बदौलत आज दंगा पीडि़तों को न्याय मिला है और कोर्ट ने सज्जन कुमार को दोषी करार दिया।

महिला कल्याण के लिए मोदी सरकार अग्रसर 

पुरी (उड़ीसा) : भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष  अमित शाह  ने आज उड़ीसा के पुरी में महिला समावेश एवं महिला शक्ति केंद्र प्रभारियों को संबोधित किया। साथ ही उड़ीसा में चल रही बीजू जनता दल की सरकार को आड़े हाथो लेते हुए कहा कि अब नवीन पटनायक सरकार की विदाई का वक्त आ चुका है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी 12 अक्टूबर से पार्टी की वरिष्ठ नेत्री राजमाता विजयाराजे सिंधिया की जन्मशती वर्ष मनायेगी। पूरे देश में उनके योगदान को याद किया जायेगा। उन्होंने कहा कि कहा कि राजमाता ने देश और पार्टी के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।
शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने महिलाओं के कल्याण एवं उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाने के लिए कई कदम उठाए है चाहे बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान हो, आंगनबाड़ी एवं आशा बहनों के लिए उठाए गए कदम हों, उज्ज्वला योजना हो, शौचालय निर्माण की पहल हो, टीकाकरण की योजना इंद्रधनुष हो या फिर तीन तलाक को बंद कर मुस्लिम महिलाओं को सम्मान दिलाने की बात। उन्होंने कहा कि पार्टी के मोर्चा कार्यकर्ता केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के 22 करोड़ लाभार्थियों के घरों में जाकर मोदी सरकार की उपलब्धियों को उनके साथ साझा करेंगे और सरकार के लोक कल्याणकारी योजनाओं के प्रति उन्हें जागरूक करेंगे।
राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि ‘कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष भारत को तोड़ने में लगा है, जबकि मोदी जी भारत को जोड़ने में लगे हुए हैं। श्री मोदी जी कहते हैं गरीबी हटाओ और विपक्ष कहता है मोदी हटाओ, मोदी कहते हैं बेरोजगारी हटाओ, विपक्ष कहता है मोदी को हटाओ। केंद्र की भाजपा सरकार विकसित भारत बनाते हुए मेक इन इंडिया का नारा दे रही है तो विपक्ष ब्रेकिंग इंडिया पर कम कर रहा है। विपक्ष के पास मोदी हटाने के अलावा कोई एजेंडा नहीं है। विपक्ष को मोदी फोबिया हो गया है, विपक्ष के पास न तो नीति है, न नेता है और न ही कोई सिद्धांत है।
 शाह ने कहा कि ओडिशा की माताओं और बहनों के आशीर्वाद से ओडिशा और केंद्र दोनों जगह भाजपा की सरकार बनेगी। मोदी जी ने देश में आयुष्मान योजना का शुभारंभ किया, लेकिन ओडिशा की सरकार यह योजना राज्य में लागू नहीं कर रही है क्योंकि उसे राज्य की जनता के स्वास्थ्य की तनिक भी परवाह नहीं है जबकि उड़ीसा की स्वास्थ्य व्यवस्था काफी बदहाल है। अगले साल जब उड़ीसा में भाजपा की सरकार बनेगी तो कोई भी योजना नहीं रुकेगी।
भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह ने ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में 18 वर्षों तक शासन करने और केन्द्र से चार लाख करोड़ रुपये की धनराशि मिलने के बावजूद ओडिशा को विकसित नहीं कर पाने वाली बीजू जनता दल की सरकार की विदाई तय है। उन्होंने कहा कि केन्द्र की भाजपा नीत राजग सरकार अब तक राज्य को चार लाख करोड़ रुपये दे चुकी हैं, लेकिन बीजद इसका इस्तेमाल करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने ओडिशा का विकास करने के लिए कई कदम उठाये। लेकिन अब तक लक्ष्यों को पूरा नहीं किया गया है, क्योंकि राज्य सरकार विभिन्न कार्यक्रमों और परियोजनाओं को समुचित ढंग से लागू करने में विफल रही है।
हम नये उड़ीसा के निर्माण में लगे हुए हैं
भाजपा अध्यक्ष  शाह ने कहा कि पिछले 3 साल के अंदर ओडिशा में राज्य सरकार के संरक्षण में अपराधी तत्वों ने भाजपा के 14 कार्यकर्ताओं की हत्या की है, लेकिन हम इससे घबराने वाले नहीं हैं, हम नये उड़ीसा के निर्माण में लगे हुए हैं। नवीन पटनायक सरकार को इसका जवाब देना होगा।
 शाह ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं और वित्तीय सहायता को गरीबों तक पहुंचने नहीं दिया जा रहा है।  उन्होंने कहा कि अवैध और नकली शराब के कारण उड़ीसा में लगातार लोगों की मौत हो रही है, लेकिन नवीन पटनायक की सरकार को इसकी कोई चिता नहीं है। नवीन पटनायक की सरकार में राज्य की महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार में काफी वृद्धि हुई है।  उड़ीसा में लोकतान्त्रिक व्यवस्था पूरी तरह से विफल है, यहाँ अफसरशाही चरम पर है।
पटनायक सरकार को हटाने का मन बना लिया
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि मोदी सरकार ने किसानों के फसलों के समर्थन मूल्य में डेढ़ गुने मूल्य की ऐतिहासिक वृद्धि की है लेकिन बीजद सरकार किसानों के लिए कुछ भी नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता ने नवीन पटनायक सरकार को हटाने का मन बना लिया है।
 शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने चार सालों में देश की दशा और दिशा बदलते हुए देश के सोचने के स्केल को ऊपर उठाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी  ने देश की राजनीति को विकास की धुरी पर लाने का काम किया है।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी  की लोक-कल्याणकारी नीतियों के आयुष्मान भारत योजना से देश के लगभग 10 करोड़ से अधिक गरीब परिवारों के जीवन में एक नई आशा और उत्साह का संचार हुआ है और उन्हें आजादी के बाद पहली बार महसूस हो रहा है कि केंद्र में उनके लिए काम करने वाली सरकार है।

BJP ने 2019 लोकसभा चुनाव का किया शंखनाद 

( नीता बुधौलिया)
NEW DELHI:  भारतीय जनता पार्टी ने आगामी 2019 लोकसभा चुनाव की तैयारियों का आज शंखनाद कर दिया। इसके लिए पार्टी ने आज यहां राष्ट्रीय पदाधिकारियों, प्रदेश प्रभारियों, प्रदेश अध्यक्षों एवं संगठन महामंत्रियों की मैराथन बैठक की। इसकी कमान खुद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने संभाली। दिनभर चली बैठक में अमित शाह ने पदाधिकारियों को आज से ही मैदान में उतर जाने का सीधा निर्देश और टारगेट भी सुनिश्चित कर दिया। बैठक में सभी राज्यों में कार्यालय निर्माण कार्यक्रम की समीक्षा की गयी। इसके बाद नमो एप्प के बारे में और केन्द्रीय मंत्रियों एवं पार्टी पदाधिकारियों के गांवों में प्रवास कार्यक्रमों की समीक्षा की गयी। यह भी जाना गया कि इस कार्यक्रम में जिन 20 हजार गांवों का चयन किया गया था, उनमें फीडबैक यानी सूचना परावर्तन क्या मिला।
–दिल्ली में राष्ट्रीय पदाधिकारियों की हुई मैराथन बैठक 
–मैदान में उतरने का नेताओं को दिया निर्देश, तय किया टारगेट 
–2019 में अधिक ताकत से सत्ता में आएगी भाजपा : अमित शाह  
    इस मौके पर पार्टी अध्यक्ष ने सभी पदाधिकारियों में जान फूंकते हुए 2014 से और ताकत से 2019 में सत्ता में आने का दावा किया। अमित शाह ने कहा कि ऐसी चुनौती हमें पसंद है और इसका हमें गर्व है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की क्षमता के दम पर पूरी तरह से आत्मविश्वास से भरकर 2019 में 2014 की तुलना में अधिक ताकत से सत्ता में आएंगे। सौभाग्य है कि उनके पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नेतृत्व है, लेकिन बूथ स्तर की ताकत से जीत हासिल करेंगे। इस लड़ाई में राष्ट्रीय अध्यक्ष से लेकर बूथ अध्यक्ष तक जीजान से जुटेंगे।अमित शाह ने इस मौके पर कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा ने 11 चुनाव जीते और 14 सरकारें बनायीं हैं। उनका लक्ष्य केवल सरकार चलाना नहीं, भारत को विश्व गुरू बनाना है। भाजपा गरीबों के लिए भारत को बदलने के लिए आयी है। 2019 के चुनाव में वह इसी विश्वास के साथ जाएगी और दिखाएगी कि भाजपा को केवल केन्द्र की सरकार बनाना और चलाना ही नहीं बल्कि फिर से सत्ता में आना भी आता है।
     भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि राजनीतिक पंडित भाजपा की इस यात्रा को जिज्ञासा से, प्रतिद्वन्द्वी कौतूहल से, अभिजात्य वर्ग अचरज से और कार्यकर्ता आत्मगौरव से देख रहा है। लेकिन कार्यकर्ताओं में इससे आत्मसंतुष्टि का भाव नहीं आना चाहिए। उन्होंने कर्नाटक में जीत का दावा करते हुए कहा, कि हम तब तक चैन नहीं बैठ सकते और तब तक आत्मसंतुष्टि का अनुभव नहीं कर सकते, जब तक ओडिशा, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, केरल और तमिलनाडु में सरकार नहीं बना लेते।
                 उन्होंने कहा कि 2019 तक देश के नवनिर्माण की एक मंजिल तैयार हो पाएगी जबकि हमें बहुत ऊंची इमारत तैयार करनी है। भाजपा का लक्ष्य विशेष रूप से देश के 50 करोड़ गरीबों के जीवन से दुखदर्द दूर करना है। उन्हें रोजीरोटी, मकान, गैस, बिजली मिले ताकि वे आत्मनिर्भर हो सकें। शाह ने कहा कि भाजपा अपने 11 करोड़ कार्यकर्ताओं के संगठन के बलबूते 330 सांसदों एवं 1800 से अधिक विधायकों के साथ आज इस मुकाम पर पहुंची है कि देश के समूचा विपक्ष ‘भाजपा बनाम सबÓ की लड़ाई के लिए मजबूर हो गया है।
राजनीतिक मुकाबले के लिए भाजपा तैयार 
 पार्टी के 6 ए दीनदयाल उपाध्याय मार्ग स्थित मुख्यालय पर आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता अमित शाह ने की जबकि संचालन पार्टी के संगठन महासचिव रामलाल ने किया।  पार्टी के सूत्रों ने कहा कि कर्नाटक विधानसभा चुनावों के बाद पार्टी का शीर्ष नेतृत्व विश्राम किए बिना अब आगामी राजनीतिक मुकाबले के लिए कमर कस रहा है। कर्नाटक के परिणाम कल आएंगे। कर्नाटक में भाजपा और कांग्रेस के बीच रोचक मुकाबला है।
17 मई को सभी मोर्चों की बुलाई बैठक 
 बैठक की जानकारी देते हुए भाजपा के प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन एवं प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि  पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने 17 मई को भाजपा के सभी मोर्चों की बैठक बुलायी है। इसमें आगामी लोकसभा चुनावों की तैयारियों के बारे में विचार विमर्श होगा और स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारिणियों के सदस्यों से संवाद करेंगे।
दूसरे चरण में समूह बना कर हुई चर्चा 
  प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि बैठक के दूसरे चरण में अलग अलग समूह बना कर चर्चा की गयी तथा तीसरे चरण में प्रदेशों की सामूहिक चर्चा हुई। झारखंड और मिजोरम में स्थानीय निकाय चुनावों विशेष रूप से चकमा क्षेत्र में सीईएम के पद पर भाजपा उम्मीदवार की जीत की सराहना की गयी। पश्चिम बंगाल में आज पंचायत चुनावों में हुई हिंसा की निंदा की गयी और कहा गया, तृणमूल कांग्रेस की सरकार ने लोकतंत्र को तृणमूल से नष्ट करने की पूरी झलक आज के चुनाव में दिखायी है।

BJP का स्वर्णिम युग अभी बाकी, 2019 के लिए शुभ संकेत है रिजल्ट

NEW DELHI.  तीन राज्यों त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड में भाजपा के जबदरस्त प्रदर्शन से समूची पार्टी गदगद है। पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह इस रिजल्ट को 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए शुभ संकेत मान रहे हैं। साथ ही कह रहे हैं कि बीजेपी का स्वर्णिम युग अभी बाकी है। देश के तीन प्रमुख राज्यों  केरल, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में जिस दिन सरकार बन जाएगी, उस दिन भाजपा का असली स्वर्णिम युग आएगा। इसके लिए पार्टी ने पूरी ताकत झोंक दी है।
इसके अलावा कुछ महीने बाद कर्नाटक में होने जा रहे विधानसभा चुनाव के लिए ये तीनों राज्यों के रिजल्ट हौंसला बढ़ाने के लिए काफी होगा। आत्मविश्वास से परिपूर्ण अमित शाह ने दावा कर दिया कि कर्नाटक चुनाव तो भाजपा स्पष्ट बहुमत से जीतेगी। कर्नाटक के लिए भाजपा बहुत बड़ी तैयारी के साथ मैदान में उतर रही है।    पत्रकारों से बातचीत करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि तीनों राज्यों में जीत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों की जीत है। भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए यह खुशी का दिन है। उत्तर पूर्व में यह जीत कई कारणों से बेहद माएने रखती है। तीनों राज्यों ने पीएम नरेंद्र मोदी के विकास के एजेंडे को वोट दिया।
2019 के लिए यह शुभ संकेत है रिजल्ट 
–लेफ्ट देश के किसी भी हिस्से के लिए  ‘राइटÓ नहीं : अमित शाह 
–बीजेपी का स्वर्णिम युग अभी बाकी, केरल, बंगाल और उड़ीसा जीतना बाकी  
–कर्नाटक में हाँेसला बढ़ा, बनाएंगे सरकार 
  त्रिपुरा में 25 साल बाद लेफ्ट के किले को ध्वस्त करने में कामयाब हुई भाजपा ने इसे 2019 का ट्रेलर बताया है। साथ ही कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों में एनडीए को मिली जीत 2019 लोकसभा चुनाव के लिए बड़ा संकेत है। शाह ने कहा कि इन नतीजों से साफ है कि कांग्रेस को जनता ने पूरी तरह से नकार दिया है और लेफ्ट अब देश के किसी भी हिस्से के लिए राइट नहीं है। शाह ने कहा कि कभी बीजेपी हिंदी बेल्ट की पार्टी मानी जाती थी, लेकिन आज हम पूरे देश में फैल गए हैं। पूर्वोत्तर में जीत के बाद बीजेपी का अखिल भारतीय स्वरूप सबके सामने आया है।
    भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने लेफ्ट सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि लेफ्ट शासित राज्य हमेशा गरीबी में सबसे नीचे रहे हैं। त्रिपुरा की जनता ने वोट देकर विकास यात्रा पर मुहर लगाई है। देश के हर हिस्से में विकास की राजनीति को समर्थन मिला है। केंद्र से त्रिपुरा को काफी मदद दी जाती रही है लेकिन सरकार ने लोगों के विकास के लिए कोई काम नहीं किया। यही वजह है कि जनता ने इस बार विकास को चुना है।
  भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि तीनों राज्यों में कांग्रेस को जनता ने नकार दिया है। मेघालय में अभी खंडित जनादेश जरूर है लेकिन त्रिपुरा और नगालैंड में एनडीए की सरकार बननी तय है। इस दौरान मेघायल में तोडफ़ोड़ की संभावनाओं को खारिज करते हुए शाह ने कहा कि इसकी संभावना ही नहीं है। उन्होंने कहा कि वहां कांग्रेस को बहुमत नहीं मिला है। वहां के विधायक जिसका समर्थन करेंगे उसकी सरकार बनेगी।
 जीत के लिए पांच पीढिय़ों से विजय की राह देख रहे थे कार्यकर्ता 
   त्रिपुरा की जीत से उत्साहित भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि त्रिपुरा की जीत के लिए पांच पीढिय़ों से भाजपा कार्यकर्ता जिस विजय की राह देख रहे थे आज वह हासिल हुई है। यहां की जनता ने वामपंथी सरकार को पूरी तरह से खारिज किया है। बंगाल के बाद त्रिपुरा में भी वामपंथी सरकार के खारिज होने से यह साफ है कि लेफ्ट अब देश के किसी हिस्से के लिए राइट नहीं है। अमित शाह ने कहा कि त्रिपुरा में 20 आदिवासी सीटों पर भाजपा उतरी थी, जिसमें से सभी 20 सीट पर कमल खिला है। इस चुनाव से कर्नाटक के लिए आत्मविश्वास बढ़ा है। अमित शाह ने तीनों राज्यों की ऐतिहासिक सफलता के लिए तीनों राज्यों के अध्यक्षों, मतदाताओं को बधाई दी है, वहीं इस सफर में शहीद हुए 9 कार्यकर्ताओं के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की है।

BJP: जातिवाद, वंशवाद और तुष्टीकरण के नासूर से मिली मुक्ति 

NEW DELHI. गुजरात और हिमाचल में हुए विधानसभा चुनाव में मिली ऐतिहासिक जीत पर भाजपा गदगद है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने इसके लिए कार्यकर्ताओं, मतदाताओं का शुक्रिया अदा किया है। साथ ही इसे वंशवाद, जातिवाद और तुष्टीकरण पर विकासवाद की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि देश की राजनीति को जातिवाद, वंशवाद और तुष्टीकरण के नासूर से मुक्ति मिली। रिजल्ट के बाद भाजपा मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव को मुद्दों से भटकाने की कोशिश की लेकिन जनता ने मोदीजी के विकास की यात्रा पर भरोसा जताया है। लिहाजा भाजपा अध्यक्ष ने इस जीत का श्रेय पीएम मोदी की नीतियों के साथ-साथ पार्टी के करोड़ों कार्यकर्ताओं के उत्साह, परिश्रम की जीत है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि आज का दिन पार्टी के लिए उमंग का दिन है और अब पार्टी पीएम मोदी के 2022 के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में काम करेगी।
–लोकतंत्र 70 साल बाद नए युग में कर रहा है प्रवेश  
– कांग्रेस ने की गुजरात को जाति की आग में झोंकने की कोशिश 
–भाजपा ने पीएम मोदी को दिया जीत का श्रेय 
   उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में लोकतंत्र 70 साल बाद नए युग में प्रवेश कर रहा है।
गुजरात में बीजेपी की जीत पर अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस ने गुजरात को जाति की आग में झोंकने की कोशिश की लेकिन जनता ने उसे विफल किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव प्रचार को निचले स्तर पर ले जाने का प्रयास किया गया लेकिन जनता ने मोदीजी पर भरोसा जताया। शाह ने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव को मुद्दों से भटकाने की कोशिश की और इस वजह से उसके सभी बड़े नेता चुनाव हार गए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अर्जुन मोढवाडिया, शक्ति सिंह गोहिल और सिद्धार्थ पटेल जैसे नेता चुनाव हार गए। कांग्रेस के जातिवादी प्रचार के बाद भी बीजेपी का वोट शेयर पिछली बार के मुकाबले 1 प्रतिशत बढ़ा है। गुजरात चुनाव में कांग्रेस से कांटे की टक्कर के सवाल पर शाह ने कहा कि 8 प्रतिशत की बढ़त कांटे की टक्कर नहीं होती। गुजरात में बीजेपी लगातार छठी बार सरकार बनाने जा रही है लेकिन इस बार उसकी सीटों की संख्या में कमी आई है। अमित शाह ने इस मौके पर कहा कि नए युग में हमारा लोकतंत्र प्रवेश कर रहा है और इसका श्रेय उन करोड़ों कार्यकर्ताओं को जाता है जो पीएम मोदी के नेतृत्व में लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी गुजरात में 1995 के बाद लगातार छठी बार सरकार बनाने जा रही है। उन्होंने कहा कि गुजरात में साल 2012 में भाजपा को 47.85 फीसदी वोट मिला था लेकिन इस बार यह 49.10 फीसदी है यानि एक फीसदी से ज्यादा बढ़ा है।
 हिमाचल में 2 तिहाई बहुतम मिला   
हिमाचल में बीजेपी की बड़ी जीत पर भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि वहां हमें 2 तिहाई बहुमत मिला है। हिमाचल में हम बड़े अंतर से जीते हैं। 2012 में जहां बीजेपी को 38.47 प्रतिशत वोट मिले थे, वहीं इस बार 48.5 प्रतिशत वोट मिले हैं यानी 10 फीसदी ज्यादा। अमित शाह ने कहा कि जहां-जहां चुनाव हुए हैं बीजेपी का जनसमर्थन बढ़ा है।
लक्ष्य के शिखर से फिसली भाजपा 
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने गुजरात में बीजेपी के लिए 150 सीटों का लक्ष्य रखा था, लेकिन पार्टी को 100 से भी कम सीट मिलती दिख रही है। शाह ने इसके लिए कांग्रेस के कथित जातिवादी प्रचार को जिम्मेदार बताया। शाह से जब पूछा गया कि गुजरात में बीजेपी उनके द्वारा निर्धारित लक्ष्य से इतना पीछे क्यों रह गई तो उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव प्रचार को निचले स्तर पर ले गई और जाति में झोंकने की कोशिश की जिस वजह से बीजेपी को कुछ सीटों पर नुकसान उठाना पड़ा।
अगले 4 राज्यों के चुनाव में भी जीतेगी भाजपा
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि आगे चार राज्यों के चुनाव त्रिपुरा, मेघालय, मिजोरम और कर्नाटक में होने हैं। उम्मीद है कि इन चारों राज्यों में भी मोदीजी के नेतृत्व में बीजेपी को जीत मिलेगी। उन्होंने कहा कि 2019 के लिए बीजेपी का हौसला बढ़ा है और अगले आम चुनाव में भी बीजेपी की जीत होगी।