भाजपा, कांग्रेस-जद एस ने एक-दूसरे पर विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोप लगाए

NEW DELHI: कर्नाटक में सोमवार को फिर से राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया जब सत्तारूढ़ कांग्रेस-जदएस गठबंधन तथा भाजपा ने एक-दूसरे पर विधायकों की खरीद-फरोख्त करने के आरोप लगाए। वहीं, राज्य के मुख्यमंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने कहा कि स्थिर सरकार चलाने के लिए उनके पास ‘‘पर्याप्त संख्या बल’’ है। इस तरह के कयास लगाए जा रहे हैं कि कांग्रेस के छह से आठ विधायक भाजपा के साथ जाने के लिए तैयार हैं और कुछ विधायकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।

 

इस बीच, कुमारस्वामी ने कहा कि सरकार में ‘‘अस्थिरता’’ का सवाल ही नहीं पैदा होता है। कांग्रेस – जदएस ने जहां भाजपा पर विधायकों को लालच देने के आरोप लगाए वहीं राज्य भाजपा के प्रमुख बी. एस. येदियुरप्पा ने इन खबरों को खारिज कर दिया कि सरकार गिराने के लिए उनकी पार्टी ‘ऑपरेशन कमल’ में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि आरोपों में कोई सत्यता नहीं है और कहा कि कांग्रेस- जदएस गठबंधन उनकी पार्टी के विधायकों को लालच देने का प्रयास कर रहा है।

 

मीडिया में इस तरह की खबर आई थी कि कांग्रेस विधायक भाजपा में जाने के लिए तैयार हैं और कुछ विधायकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है जिसके बाद सरकार को खतरे की संभावना के कयास लगाए जाने लगे थे। ‘ऑपरेशन कमल’ का जिक्र 2008 में भाजपा द्वारा विपक्ष के कई विधायकों का दल बदल करवाकर तत्कालीन बी एस येदियुरप्पा सरकार की स्थिरता सुनिश्चत कराने के लिए किया जाता है। राज्य के मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने कहा, ‘‘यहां स्थिर सरकार देने के लिए मेरे पास पर्याप्त संख्या बल है।

 

कांग्रेस या जदएस को भाजपा से विधायकों की खरीद-फरोख्त करने की जरूरत नहीं है, हमारे पास पर्याप्त संख्या बल है।’’ कुमारस्वामी ने कहा कि उन्हें 120 विधायकों का समर्थन हासिल है और सरकार को अस्थिर करने के लिए येदियुरप्पा ‘‘व्यर्थ प्रयास’’ कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘किस भाजपा विधायक के नाम किस रिजॉर्ट में कमरे आरक्षित थे, कितने कमरे आरक्षित थे। वे कांग्रेस-जदएस के कितने विधायकों को लालच दे रहे थे और साथ ले जाने का प्रयास कर रहे थे… क्या मेरे पास सूचना नहीं है।’’ उन्होंने कहा, ’गठबंधन सरकार को 120 विधायकों का समर्थन हासिल है।’’

पुरुषों के लिए गर्भनिरोधक इंजेक्शन, एक बार लगाओ 13 साल टेंशन फ्री

NEW DELHI: पुरुषों को अब नसबंदी की जरूरत नहीं होगी, अब एक इंजेक्शन उनके लिए कॉन्ट्रासेप्टिव (गर्भनिरोधक) का काम करेगा। भारतीय वैज्ञानिकों ने मेल कॉन्ट्रासेप्टिव यानी गर्भनिरोधक इंजेक्शन विकसित किया है। इसका क्लिनिकल ट्रायल भी पूरा हो चुका है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ICMR की अगुवाई में यह ट्रायल पूरा कर रिपोर्ट स्वास्थ्य मंत्रालय को सौंप दी गई है। बहुत जल्द इस इंजेक्शन को इस्तेमाल के लिए हरी झंडी मिलने वाली है।

 

ICMR के साइंटिस्ट डॉक्टर आर एस शर्मा ने बताया कि यह रिवर्सिबल इनबिशन ऑफ स्पर्म अंडर गाइडेंस (RISUG) है, जो एक तरह का गर्भनिरोधक इंजेक्शन है। अब तक पुरुषों में गर्भनिरोधक के लिए सर्जरी की जाती रही है, लेकिन अब सर्जरी की जरूरत नहीं होगी। अब एक इंजेक्शन पुरुषों के लिए गर्भनिरोधक का काम करेगा। खास बात यह है कि इस इंजेक्शन की सफलता की दर 95 पर्सेंट से भी ऊपर है और एक बार इंजेक्शन के बाद 13 साल तक यह काम करता है। डॉक्टर शर्मा ने कहा कि 13 साल तक का हमारे पास रेकॉर्ड है। हमें उम्मीद है कि यह इंजेक्शन इससे भी ज्यादा समय तक काम कर सकता है।

 

ऐसे काम करता है इंजेक्शन
डॉक्टर शर्मा ने बताया कि आईआईटी खड़गपुर के वैज्ञानिक डॉक्टर एस के गुहा ने इस इंजेक्शन में इस्तेमाल होने वाले ड्रग्स की खोज की थी। यह एक तरह का सिंथेटिक पॉलिमर है। सर्जरी में जिन दो नसों को काट कर इसका इलाज किया जाता था, इस प्रोसीजर में उसी दोनों नसों में यह इंजेक्शन दिया जाता है, जिसमें स्पर्म ट्रैवल करता है। इसलिए इस प्रोसीजर में दोनों नसों में एक एक इंजेक्शन दिया जाता है। डॉक्टर ने कहा कि 60 एमएल का एक डोज होगा।

 

उन्होंने कहा कि इंजेक्शन के बाद निगेटिव चार्ज होने लगता है और स्पर्म टूट जाता है, जिससे फर्टिलाइजेशन यानी गर्भ नहीं ठहरता। डॉक्टर ने कहा कि पहले चूहे, फिर खरगोश और अन्य जानवारों पर इसका ट्रायल पूरा होने के बाद इंसानों पर इसका क्लिनिकल ट्रायल किया गया। 303 लोगों पर इसका क्लिनिकल ट्रायल फेज वन और फेज टू पूरा हो चुका है। इसके टॉक्सिसिटी पर खास ध्यान रखा गया है, जिसमें जीनोटॉक्सिसिटी और नेफ्रोटॉक्सिसिटी वगैरह क्लियर हैं। 97.3 पर्सेंट तक दवा को ऐक्टिव पाया गया और 99.2 पर्सेंट तक प्रेग्नेंसी रोक पाने में कारगर साबित हुआ।

 

स्वास्थ्य मंत्रालय को सौंपी गई रिपोर्ट
डॉक्टर शर्मा ने कहा कि हमने यह रिपोर्ट स्वास्थ्य मंत्रालय और ड्रग्स कंट्रोलर ऑफ इंडिया को सौंप दी है। उन्होंने कहा कि अब हम इस पर एक स्टेप और आगे काम करने की तैयारी कर रहे हैं, जिसमें यह कोशिश है कि अगर किसी को इंजेक्शन लेने के बाद फिर से स्पर्म को ऐक्टिव बनाना है, तो क्या वह वापस लाया जा सकता है या नहीं। इस पर काम करना शुरू कर दिया है।

महिला उद्यमीयों को बड़ी राहत, जेईएम के जरिये सीधे बेच सकेंगी अपने उत्पाद

NEW DELHI: वाणिज्य मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि सरकारी ऑनलाइन मार्केटप्लेस (जीईएम) ने महिला उद्यमियों और महिला स्वयं सहायता समूहों की मदद के लिये ‘वुमनिया ऑन जीईएम’ पहल की शुरुआत की। इस पहल के तहत महिला उद्यमी और स्वयं सहायता समूह अपने उत्पादों को सीधे विभिन्न मंत्रालयों, विभाग और संस्थानों को बेचने में सक्षम होंगे।

 

इनमें हस्तशिल्प एवं हथकरघा, जूट उत्पाद, घरों और कार्यालयों के साज-सजावट के सामान शामिल हैं। इस पहल से महिला उद्यमिता को समेकित आर्थिक वृद्धि हासिल करने में मदद मिलेगी। वुमनिया होमपेज (जेईएम डॉट जीओवी डॉड इन/वुमनिया) विभिन्न सरकारी मंत्रालयों, विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों में खरीद अधिकारियों को महिला उद्यमियों के अभियान के बारे में जानकारी देंगे।

 

अब तक 1,80,862 विक्रेता और सेवा प्रदाता 7,31,431 उत्पादों और सेवाओं को बेचने के लिये पोर्टल पर पंजीकृत हुये हैं। जेईएम, वाणिज्य मंत्रालय के अधीन चलने वाला ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जिसके जरिये विभिन्न सरकारी विभाग, सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयां और अन्य एजेंसियां वस्तुओं और सेवाओं की खरीद करती हैं।

पत्रकार की हत्या के मामले में गुरमीत राम रहीम सहित तीन अन्य दोषी करार

NEW DELHI: सीबीआई की एक अदालत ने 2002 में पत्रकार राम चंद्र छत्रपति की हुई हत्या के मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह और तीन अन्य को शुक्रवार को दोषी करार दिया। उन्हें 17 जनवरी को सजा सुनाई जाएगी। विशेष सीबीआई न्यायाधीश जगदीप सिंह ने यहां डेरा प्रमुख और तीन अन्य को इस मामले में दोषी ठहराया। सीबीआई के वकील एचपीएस वर्मा ने बताया, सभी चार आरोपियों को दोषी ठहराया गया है।

 

इस मामले में 17 जनवरी को सजा सुनाई जाएगी। तीन अन्य आरोपियों में कुलदीप सिंह, निर्मल सिंह और कृष्ण लाल शामिल हैं। गुरमीत (51) रोहतक की सुरनिया जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश हुआ। वह अपनी दो अनुयायियों से बलात्कार करने के मामले में फिलहाल 20 साल की कैद की सजा काट रहा है। गौरतलब है कि वर्ष 2002 में छत्रपति की उनके आवास के बाहर गोली मार कर हत्या कर दी गई थी।

 

दरअसल उनके अखबार ‘पूरा सच’ ने एक पत्र प्रकाशित किया था, जिसमें इस बात का जिक्र किया गया था कि सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय में गुरमीत किस तरह से महिलाओं का यौन उत्पीड़न करता था। यह मामला 2003 में दर्ज किया गया था और इसे 2006 में सीबीआई को सौंपा गया था। मामले में गुरमीत को मुख्य षडयंत्रकर्ता नामजद किया गया था।

BJP अध्यक्ष अमित शाह ने फूंका मिशन-2019 का बिगुल

NEW DELHI: भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने 2019 के लोकसभा चुनाव को दो विचारधाओं के बीच ‘युद्ध’ करार दिया और ‘पानीपत के तीसरे युद्ध’ से इसकी तुलना करते हुए कहा कि 2019 की लड़ाई ऐसी है जिसका असर सदियों तक होने वाला है और इसलिये इसे जीतना जरूरी है। विपक्षी दलों के गठबंधन की पहल को ढकोसला करार देते हुए शाह ने कहा कि भाजपा गरीबों के कल्याण और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को आगे बढ़ा रही है जबकि विपक्षी दल केवल सत्ता के लिये साथ आ रहे हैं।

 

भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, ‘‘ 2019 का चुनाव वैचारिक युद्ध का चुनाव है। दो विचारधाराएं आमने सामने खड़ी हैं। 2019 का युद्ध सदियों तक असर छोड़ने वाला है और इसलिए मैं मानता हूं कि इसे जीतना बहुत महत्वपूर्ण है । उन्होंने कहा कि एक ओर 1950 से सांस्कृतिक राष्ट्रवाद एवं गरीब कल्याण की विचारधारा है । एक बड़ा तबका इसके साथ है । नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के दल एकजुट चुनाव के लिये खड़े हैं।

 

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि दूसरी ओर न कोई नेता है, न नीति है । स्वार्थ एवं सत्ता के लिये एकत्र लोगों का जमघट है । ‘‘ इन दो विचारधाराओं के बीच युद्ध है । ’’
उन्होंने कहा कि देश में 130 वर्षो का ऐसा कालखंड आया जब शिवाजी एवं अन्य सेनानियों के नेतृत्व में आजादी की लड़ाई शुरू हुई थी । इसके फलस्वरूप अफगानिस्तान से कर्नाटक और गुजरात से ओडिशा तक बड़ा भूभाग स्वतंत्र हुआ। अमित शाह ने कहा कि दुर्भाग्य से पानीपत के तीसरे युद्ध जो अब्दाली और सदाशिवराव भाऊ के बीच लड़ा गया, उसमें मराठा सेना पराजित हो गई । यह निर्णायक युद्ध था । 131 युद्ध जीतने वाली मराठा सेना एक युद्ध हार गई और इसके कारण 200 साल गुलामी झेलनी पड़ा ।

 

शाह ने 2019 के लोकसभा चुनाव को ऐसा ही युद्ध बताया । उन्होंने कहा कि युद्ध कई प्रकार के होते हैं । कुछ युद्ध जय पराजय तक सीमित होते हैं । कुछ युद्धों का प्रभाव एक आध दशक तक होता है। जबकि कुछ युद्धों का प्रभाव सदियों तक रहता है। ‘‘मैं मानता हूं कि 2019 का युद्ध सदियों तक असर डालने वाला है और इसलिये यह युद्ध जीतना जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि 70 साल तक जिन वंचितों, गरीबों के लिये कुछ नहीं किया गया, उनके कल्याण के लिये भाजपा ने प्रयास किया है, यह युद्ध उन गरीबों के लिये है।

 

उन्होंने कहा कि 2019 का चुनाव भारत के गरीब के लिए बहुत मायने रखता है। स्टार्टअप को लेकर निकले युवाओं के लिए ये चुनाव मायने रखता है । करोड़ों भारतीय जो दुनिया में भारत का गौरव देखने चाहते हैं उनके लिए ये चुनाव मायने रखता है । उन्होंने कहा कि एक दूसरे का मुंह न देखने वाले आज हार के डर से एक साथ आ गए हैं, वो जानते हैं कि अकेले नरेंद्र मोदी जी को हराना मुमकिन नहीं है । शाह ने कहा कि 2014 के चुनाव में हम इन दलों को पराजित कर चुके हैं और आगे भी इन्हें पराजित करेंगे ।

 

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की सीट 73 से बढ़कर 74 सीटें होगी, यह 72 नहीं होगी । उन्होंने दावा किया कि 2019 में भाजपा के नेतृत्व में राजग की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि 2014 में 6 राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सरकारें थी और 2019 में 16 राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं। 5 साल के अंदर भाजपा का गौरव दिन दोगुनी गति से बढ़ा है। अमित शाह ने कहा कि ये अधिवेशन भारतीय जनता पार्टी के देशभर में फैले कार्यकर्ताओं के लिए संकल्प करने का अधिवेशन है । उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता अजेय योद्धा ‘मोदी’ के नेतृत्व में चुनाव में जा रहे हैं । ऐसे में कार्यकर्ताओं को जोश में बढ़ना चाहिए लेकिन होश नहीं खोना चाहिए ।

 

शाह ने कहा कि भाजपा चाहती है जल्द से जल्द उसी स्थान पर भव्य राम मंदिर का निर्माण हो और इसमें कोई दुविधा नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘ हम प्रयास कर रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट में चल रहे केस की जल्द से जल्द सुनवाई हो लेकिन कांग्रेस इसमें भी रोड़े अटकाने का काम कर रही है । कांग्रेस अपना रूख स्पष्ट करे।’’ उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता आश्वस्त रहे कि संविधान के तहत राम मंदिर के निर्माण के लिये पार्टी कटिबद्ध है।

 

राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कुछ समय से जो स्वयं जमानत पर हैं, जिन पर इनकम टैक्स का 600 करोड़ रुपए बकाया हो, ऐसे लोग मोदी जी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे हैं। जनता की सूझबूझ बहुत ज्यादा है। मोदी जी का प्रामाणिक जीवन और निष्कलंक चरित्र जनता के सामने है । उन्होंने कहा कि एक जमाना था जब देश में कांग्रेस बनाम अन्य हुआ करता था, आज मोदी बनाम अन्य सभी हो गया है । शाह ने अपने संबोधन में सरकार की जनकल्याण योजनाओं और आंतरिक एवं वाह्य सुरक्षा के मोर्चे पर किए प्रयासों का जिक्र किया और कार्यकर्ताओं से इन्हें जनता तक पहुंचाने का आह्वान किया।

दिसंबर 2021 तक अंतरिक्ष में होगी भारतीय महिला एस्ट्रोनॉट

NEW DELHI: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) दिसंबर 2021 तक अंतरिक्ष में एस्ट्रोनॉट भेजेगा। यह ऐलान शुक्रवार को इसरो के चेयरमैन के सिवन ने किया। इस सफलता के साथ ही, अंतरिक्ष पर मानव मिशन भेजने वाला भारत दुनिया का चैथा देश बन जाएगा। इस मिशन के लिए अंतरिक्ष यात्री को विदेश में ट्रेनिंग दी जाएगी।

 

सिवन ने कहा कि इसरो महिला अंतरिक्ष यात्री को भी इसमें शामिल करना चाहता है, लेकिन ये सेलेक्शन की प्रक्रिया पर निर्भर करता है। इसके साथ ही के. सिवन ने घोषणा की कि भारत के दूसरे चंद्र अभियान चंद्रयान-2 को इस साल मध्य अप्रैल में प्रक्षेपित कर सकता है। इसरो ने इससे पहले कहा था कि चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण इस साल जनवरी से 16 फरवरी के बीच किया जाएगा।

 

यह अभियान कुल 800 करोड़ रुपए की लागत वाला बताया जा रहा है। यह 10 साल पहले प्रक्षेपित किए गए चंद्रयान-1 का उन्नत संस्करण है। सिवन ने मीडिया से कहा जहां तक चंद्रयान 2 के प्रक्षेपण की बात है तो इसके लिए 25 मार्च से मध्य अप्रैल का समय तय किया गया है। संभवतः इसे मध्य अप्रैल में प्रक्षेपित किए जाने का लक्ष्य है।

 

उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष एजेंसी ने इसे पहले जनवरी और फरवरी के बीच प्रक्षेपित करने की योजना बनाई थी लेकिन कुछ परीक्षणों के नहीं हो पाने के कारण ऐसा नहीं हो सका। इसरो प्रमुख ने कहा, फरवरी के लक्ष्य से चूकने के बाद अगला उपलब्ध लक्ष्य अप्रैल है। अब इसे अप्रैल में प्रक्षेपित करने की योजना है। गगनयान के तहत शुरुआती ट्रेनिंग भारत में होगी जबकि इसकी एडवांस ट्रेनिंग रूस में दी जाएगी। अंतरिक्ष में जाने वाले दल में महिला भी होंगी।

 

पिछले महीने केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि भारत 2022 तक अपने तीन अंतरिक्ष यात्रियों को गगनयान मिशन के तहत अंतरिक्ष में भेजेंगे। गगनयान मिशन के लिए केंद्र सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये का फंड जारी किया था। केंद्र सरकार ने इस मिशन को ऐतिहासिक बताया था।

पुस्तक घोटाला मामला: मंजीत सिंह सहित तीन के खिलाफ केस दर्ज

NEW DELHI: दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी में 82 हजार धार्मिक पुस्तकों की छपाई में हुए बड़े घोटाले के मामले में दिल्ली कमेटी के पूर्व प्रधान मंजीत सिंह जीके सहित तीन लोगों पर दिल्ली पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। अदालत के आदेश के बाद नॉर्थ एवन्यू थाने में धारा 420/34 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। इसमें जीके के अलावा निलंबित चल रहे महाप्रबंधक हरजीत सिंह सूबेदार, कमेटी के पूर्व संयुक्त अमरजीत सिंह पप्पू भी शामिल हैं। अदालती निर्देश के बाद हुई कार्रवाई के बाद दिल्ली में सिख सियासत गरमा गई है।

 

इससे पहले बुधवार को पटियाला हाउस कोर्ट के सेशन जज ने आदेश दिया था कि मंजीत सिंह जीके के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं और हम मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट विजेता सिंह रावत के आदेश को बहाल करते हैं। इस कार्रवाई के बाद जीके विरोधी खेमा एवं विपक्षी पार्टियां एलर्ट हो गई हैं। बता दें कि यह कार्रवाई दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व महासचिव एवं वर्तमान सदस्य गुरमीत सिंह शंटी की शिकायत पर हुई है। शंटी ने ही पुस्तक घोटाले को उजागर किया था और स्थानीय पुलिस में शिकायत दी थी। लेकिन, स्थानीय पुलिस ने इसे नजरअंदाज कर दिया। आखिरकार शंटी ने अदालत का दरवाजा खटखटाया।

 

इसके बाद 13 दिसंबर 2018 को पटियाला हाउस कोर्ट ने 24 घंटे के भीतर एफआईआर दर्ज करने के दिल्ली पुलिस को आदेश दिए थे, लेकिन 24 घंटे का समय पूरा होने के भीतर ही निलंबित जीएम हरजीत सिंह सूबेदार ने आदेश को चुनौती दे दी थी। इसके बाद अदालत ने मामले में फैसला आने तक एफआईआर दर्ज करने पर रोक लगा दी थी। अब पुलिस ने सभी लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं दूसरी ओर दिल्ली कमेटी ने भी गुरमीत शंटी पर पलटवार किया है। कमेटी के धर्म प्रचार प्रमुख एवं जीके के करीबी परमजीत सिंह राणा ने कमेटी के पूर्व महासचिव गुरमीत सिंह शंटी के खिलाफ संबंधित थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें मानहानी का दावा किया गया है।

 

मंजीत सिंह के खिलाफ सख्त धाराओं में दर्ज हो केस : शंटी
दिल्ली कमेटी के पूर्व महासचिव एवं वर्तमान सदस्य गुरमीत सिंह शंटी ने दिल्ली पुलिस द्वारा हल्की धाराओं में के स दर्ज करने पर विरोध जताया है। साथ ही आरोप लगाया कि मंजीत सिंह जी.के. के राजनीतिक प्रभाव के कारण पुलिस ने जानबूझ कर कम संगीन धाराएं लगायी है, जबकि मंजीत सिंह जी.के. और अन्य लोगों के खिलाफ आई.पी. सी. की धाराएं 420, 467, 468, 471, 409, 120 बी. 34 तथा इनकम टैक्स की धारा 276 (सी.) (1 ), 277 और 277 (ए.) और ब्लैक मनी कानून के अंतर्गत धारा 51 के अंतर्गत केस दर्ज होना चाहिए।

 

शंटी ने कहा कि कमेटी के निलंबित जनरल मैनेजर हरजीत सिंह सूबेदार की तरफ से सेशन कोर्ट में एफआईआर पर रोक लगाने के लिए जो याचिका दायर हुई थी उसको निरस्त करते हुए कोर्ट ने निचली अदालत के आर्डर को कायम रखा। शंटी ने हल्की धाराओं में केस दर्ज होने के खिलाफ पटिआला हाउस कोर्ट में फिर पेश हुए। शंटी ने अपनी दलील में अदालत को बताया कि दोनों प्रकाशक सरकारी गवाह बन चुके हैं और उन्होंने यह भी स्वीकार कर लिया है कि उन्होंने प्रबंधकों के दबाव में आकर नकली बिल बनाये और कमेटी के कर्मचारी धरमिंदर सिंह, प्रभजीत सिंह और परमिंदर सिंह ने भी पैसे सम्बन्धी हुए लेन – देन को स्वीकारा है, तो किस प्रकार पैसे की हेराफेरी से इंकार किया जा सकता है। पुलिस की छानबीन में भी यह बात साहमने आयी है तो फिर उचित धाराओं में एफआईआर क्यों नहीं दर्ज की गई। शंटी के मुताबिक अदालत ने इस मामले में उचित धाराएं लगाने की हिदायत देते हुए 14 जनवरी को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है।

भाजपा का राष्ट्रीय महाकुंभ आज से, अमित शाह करेंगे अधिवेशन का शुभारंभ

NEW DELHI : भारतीय जनता पार्टी मिशन-2019 के लिए दिल्ली में कल से राष्ट्रीय परिषद शुरू कर रही है। दो दिवसीय इस बैठक का शुभारंभ पार्टी अध्यक्ष अमित शाह करेंगे, जबकि आखिरी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका समापन करेंगे। लोकसभा चुनाव से पहले हो रही इस बैठक में भाजपा देशभर के सभी चुने हुए पार्टी के नुमाइंदों, पंचायत से लेकर संसद तक को आमंत्रित किया है।

 

यह पहली बार होगा जब राष्ट्रीय परिषद की बैठक में 12000 लोगों की समुलियत होगी। बैठक में क्या-क्या होगा, इसको लेकर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने वीरवार की देर शाम राष्ट्रीय नेताओं के साथ बैठक की। सूत्रों के मुताबिक अधिवेशन में तीन प्रस्ताव लाने पर विचार हो रहा है, लेकिन अंतिम फैसला पदाधिकारियों की बैठक में होगा। इनमें से राजनीतिक प्रस्ताव गृहमंत्री राजनाथ सिंह रख सकते हैं। इसके अलावा आर्थिक प्रस्ताव होगा और अगर तीसरा प्रस्ताव आता है तो वह इंटरनरल सिक्युरिटी पर हो सकता है।

 

सूत्रों के मुताबिक अधिवेशन के आखिरी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बैठक में सरकार के पांच साल के कामकाज का हिसाब-किताब पेश करेंगे। इसके जरिए वे अपनी सरकार की उपलब्धियों का भी प्रचार कर सकते हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह एक तरह का कार्यकर्ताओं का महासंगम होगा और इसका मकसद यही है कि जब कार्यकर्ता चुनाव के लिए मैदान में जाएं तो उन्हें यह जानकारी होनी चाहिए कि वे किन मुद्दों पर जनता से बातचीत करें और किन वायदों और मुद्दों पर वोट मांगें। इसके अलावा प्रधानमंत्री बेरोजगार भत्ते और महिला रिजर्वेशन बिल जैसे महत्वपूर्ण मामलों पर भी दांव खेल सकते हैं।

 

हालांकि ये दोनों ही मुद्दे महत्वपूर्ण हैं लेकिन इनके जरिए प्रधानमंत्री इसे एक बड़े वादे के रूप में पेश कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रीय अधिवेशन में भारतीय जनता पार्टी का पूरा फोकस लोकसभा चुनाव पर ही रहने वाला है। ऐसे में पार्टी चाहेगी कि इस अधिवेशन से इस तरह का संकेत जाए कि न सिर्फ कार्यकर्ताओं का मनोबल उंचा हो बल्कि लोगों में भी उत्साह का संचार हो। अधिवेशन में हिस्सा लेने आ रहे पंचायत जिला अध्यक्ष सहित जमीनी कार्यकर्ताओं में भी यह उत्सुकता रहेगी कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी किस तरह के लाइन ऑफ एक्शन का ऐलान करते हैं।

 

बता दें कि यह बैठक समान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर तबके के लोगों को शिक्षा एवं रोजगार में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान करने वाले संविधान संशोधन विधेयक को लोकसभा और राज्यसभा की मंजूरी मिलने के बीच हो रही है। इसने हाल में संपन्न विधानसभा चुनावों में हिंदी पट्टी के तीन राज्यों मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में पार्टी को मिली हार के बाद भगवा पार्टी के मनोबल को बढ़ाया है। यह पहला मौका है जब भाजपा अपनी राष्ट्रीय परिषद की बैठक को विस्तृत स्वरूप देने जा रही है। इसमें हर लोकसभा क्षेत्र के लगभग दस प्रमुख नेता हिस्सा लेंगे। बैठक में सभी सांसदों, विधायकों, परिषद के सदस्यों, जिला अध्यक्षों व महामंत्रियों के साथ हर क्षेत्र के विस्तारकों को भी बुलाया गया है ।

गर्भवती महिलाओं को बड़ी राहत, नौकरी में चयन होते ही होगी नियुक्ति

NEW DELHI: हिमाचल प्रदेश की जयराम सरकार ने गर्भवती महिलाओं को बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने आज यानी गुरुवार को ये एलान किया कि सरकारी नौकरी में चयन के बाद गर्भवती महिलाओं की तुरंत नियुक्ति भी की जायेगी। हालांकि नियुक्ती के बाद महिलाओं को डिरिवरी के कुछ महीने पहले और बाद में छुट्टी दे दी जाएगी।

 

गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली इस छूट में पुलिस विभाग को छोड़कर बाकि सभी सरकारी संस्थाओं को शामिल किया गया है। सरकार ने यह फैसला इस बात को ध्यान में रखते हुए लिया है कि महिलाएं देर से नियुक्ति पाने की वजह से वरिष्ठता में अपने साथ के लोगों से पिछड़ जाती थीं। बता दें कि अब तक ऐसी महिलाओं को डिलिवरी के एक साल बाद नियुक्ति दी जाती थी जिस वजह से वह अपने साथी कर्मचारियों से पीछे रह जाती थीं।

 

मुख्य सचिव बीके अग्रवाल के मुताबिक यह प्रस्ताव मंत्रिमंडल में पारित कर दिया गया है, जल्द ही स्वास्थ्य विभाग और अन्य सरकारी महकमों को यह आदेश जारी कर दिया जाएगा। मालूम हो कि सरकारी नौकरी के लिए परिक्षा उत्तीर्ण करने के 10 से 15 दिन के भीतर ही सभी व्यक्तियों को ड्यूटी ज्वाइन करने का समय दिया जाता है। वहीं गर्भवती महिलाओं को परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद भी मेडिकल बोर्ड में नौकरी के लिए अनफिट बताया जाता था।

 

मेडिकल बोर्ड द्वारा अनफिट बताए जाने के बाद गर्भवती महिलाओं को नियुक्ति नहीं दी जाती थी जिससे उनकी सारी मेहनत बेकार हो जाती थी। यही नहीं, डिलिवरी के 6 महीने बाद इन महिलाओं को मेडिकल बोर्ड से फिटनेस का प्रमाण दिया जाता था जिस वजह से वह वरिष्ठता में पिछड़ जाती थीं। अब सरकार ने ऐसी महिलाओं को बड़ी राहत देते हुए इस नियम को खत्म कर दिया है। अब गर्भवती महिलाएं भी परिक्षा उत्तीर्ण करने के बाद नौकरी ज्वाइन कर सकती हैं।