भाजपा कार्यकर्ता चाहते हैं गांधीनगर से चुनाव लड़ें अमित शाह

NEW DELHI: गुजरात भाजपा के कार्यकर्ता चाहते हैं कि पार्टी अध्यक्ष अमित शाह राज्य में गांधीनगर संसदीय सीट से चुनाव लड़ें जहां मतदान 23 अप्रैल को होगा। वर्तमान में इस सीट का प्रतिनिधित्व भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी करते हैं। भाजपा ने इस सीट से उम्मीदवार के बारे में पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं की राय जानने के लिए शनिवार को पर्यवेक्षकों को गांधीनगर भेजा था।

 

वेजलपुर से भाजपा विधायक किशोर चौहान ने कहा, ‘भाजपा कार्यकर्ता चाहते हैं कि पार्टी अध्यक्ष अमित शाह गांधीनगर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ें। मैंने पर्यवेक्षकों के सामने यह मांग की थी और सभी ने इसका समर्थन किया।’ उन्होंने कहा कि शाह पहले सरखेज सीट से विधायक थे जो कि गांधीनगर लोकसभा सीट का एक हिस्सा है।

 

चौहान ने कहा, ‘‘वह (शाह) यहां हर किसी को जानते हैं और वह हमारा प्रतिनिधित्व करने के लिए उचित उम्मीदवार हैं। भाजपा सूत्रों ने बताया कि नारणपुरा, साणंद और साबरमती से विधायकों ने भी गांधीनगर सीट से शाह का नाम प्रस्तावित किया है। पार्टी पर्यवेक्षक निमाबेन आचार्य ने कहा कि किसी भी भाजपा कार्यकर्ता या नेता ने गांधीनगर सीट के लिए दावा पेश नहीं किया है और सभी ने ‘‘एक स्वर में मांग की है कि उनके राष्ट्रीय नेता इस सीट से चुनाव लड़ें।

 

पार्टी के एक अन्य पर्यवेक्षक पृथ्वीराज पटेल ने बताया कि सभी भाजपा कार्यकर्ताओं का विचार है कि अभी तक यह सीट एक राष्ट्रीय नेता के पास थी तो केंद्रीय नेतृत्व में से ही किसी को यहां से चुनाव लडऩा चाहिए। गुजरात भाजपा प्रवक्ता भरत पंड्या ने हालांकि कहा कि केंद्रीय संसदीय बोर्ड इस पर निर्णय करेगा कि गांधीनगर से पार्टी का उम्मीदवार कौन होगा या। संसदीय बोर्ड ही राज्य की अन्य सीट पर उम्मीवार का निर्णय करेगा।

 

लालकृष्ण आडवाणी साल 1996 के लोकसभा चुनाव को छोड़कर 1991 के बाद से गांधीनगर सीट से छह बार जीते हैं। 1996 के आम चुनाव में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी गांधीनगर के साथ ही उत्तर प्रदेश के लखनऊ से भी जीते थे। गांधीनगर लोकसभा सीट के तहत सात विधानसभा क्षेत्र आते हैं गांधीनगर उत्तर, कलोल, साणंद, घाटलोडिया, वेजलपुर, नारणपुरा और साबरमती।

गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का निधन, शोक में डूबा देश

NEW DELHI: गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का रविवार को अपने निजी आवास में निधन हो गया। वह 63 वर्ष के थे। र्पिरकर के परिवार में दो पुत्र और उनका परिवार है। राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री का निधन रविवार शाम छह बजकर चालीस मिनट पर हुआ। पिछले एक साल से बीमार चल रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता का स्वास्थ्य दो दिन पहले बहुत बिगड़ गया था।

 

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट किया है, ‘‘गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के निधन की सूचना पाकर शोकाकुल हूं।’’ उन्होंने कहा कि र्पिरकर बेहद साहस और सम्मान के साथ अपनी बीमारी से लड़े। उन्होंने लिखा है कि सार्वजनिक जीवन में वह ईमानदारी और समर्पण के मिसाल हैं और गोवा और भारत की जनता के लिए उनके काम को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। सूत्रों ने बताया कि पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर शनिवार देर रात से ही जीवनरक्षक प्रणाली पर थे। र्पिरकर फरवरी 2018 से ही बीमार चल रहे थे।

 

र्पिरकर के निधन पर शोक जताते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने रविवार को कहा कि भारत ने एक सच्चा देशभक्त खो दिया जिसका पूरा जीवन राष्ट्र और सिद्धांतों को सर्मिपत था। शाह ने कहा कि र्पिरकर ने दिखाया कि कैसे भाजपा का एक कार्यकर्ता ‘‘उसके सबसे कठिन समय में भी, राष्ट्र सर्वप्रथम, फिर पार्टी और स्वयं को अंत में रखने के सिद्धांत पर अटल रहता है।’’

 

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी उनके निधन पर शोक जताते हुए कहा कि सशस्त्र बलों को ताकतवर और आधुनिक बनाने में उनका योगदान अद्वितीय है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट कर लिखा, मनोहर र्पिरकर के निधन से शोकाकुल हूं, वह अद्वितीय नेता, सच्चे देशभक्त और असाधारण प्रशासक थे।

ससुराल वालों ने पोते और दहेज के लिए किया परेशान, महिला ने की आत्महत्या

NEW DELHI: दहेज की मांग और दो बेटियों को जन्म देने के कारण अपने पति और ससुरालवालों के उत्पीडऩ से परेशान 25 वर्षीय एक महिला ने कथित रूप से आत्महत्या कर ली। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुरेखा देसाले और शरद देसाले का मई 2016 में विवाह हुआ था। शरद साहपुर तालुक के खिनावाली गांव का रहने वाला है।

 

सुरेखा ने 2017 को एक बेटी को जन्म दिया था और इस वर्ष जनवरी में वह एक अन्य बेटी की मां बनी। उन्होंने बताया कि विवाह के बाद से सुरेखा के ससुराल वाले उसे दहेज के लिए कथित रूप से परेशान कर रहे थे। बाद में उन्होंने दो बेटियों के जन्म के लिए उसे प्रताडि़त करना शुरू कर दिया क्योंकि वे बेटा चाहते थे। अधिकारी ने बताया कि महिला ने कथित उत्पीडऩ के बारे में अपने माता-पिता को बताया। उन्होंने बताया कि पिछले शनिवार सुरेखा के ससुराल वालों ने उसके माता-पिता को फोन पर बताया कि सुरेखा लापता है। सुरेखा का शव बाद में रात को गांव के कुएं में मिला।

 

अधिकारी ने बताया कि सुरेखा के भाई की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धाराओं 304-बी (दहेज के लिए हत्या), 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना), 323 (जानबूझकर चोट पहुंचाना), 498-ए (निर्दयता) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत उसके पति, ससुर और ससुराल पक्ष के अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उन्होंने बताया कि अभी किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। मामले की जांच जारी है।

दक्षिणी मुंबई में ढहा फुट ओवर ब्रिज, पांच की मौत, 29 घायल

NEW DELHI: दक्षिणी मुंबई में एक रेलवे स्टेशन के पास बृहस्पतिवार शाम पैदल पार पुल का बड़ा हिस्सा ढह जाने से पांच लोगों की मौत हो गई और 29 घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। प्रसिद्ध सीएसएमटी स्टेशन के साथ टाइम्स ऑफ इंडिया इमारत के पास वाले इलाके को जोड़ने वाले इस पुल को आम तौर पर ‘कसाब पुल’ के नाम से जाना जाता है क्योंकि 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के दौरान आतंकवादी इसी पुल से गुजरे थे।

 

आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के अधिकारी ने बताया कि सभी घायलों को निकटवर्ती अस्पतालों में ले जाया गया है। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि जब पुल ढहा तब पास के सिग्नल पर लाल बत्ती के चलते ट्रैफिक रुका हुआ था और इसी कारण से ज्यादा मौतें नहीं हुई। वहीं अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि आज सुबह पुल पर मरम्मत कार्य चल रहा था इसके बावजूद इसका इस्तेमाल किया गया।

 

अधिकारी ने बताया कि घटना शाम साढ़े सात बजे हुई जब पुल का अधिकांश हिस्सा गिर गया। उन्होंने बताया, च्च्दमकल कर्मी तत्काल मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। हमने मोटर यात्रियों से डी एन मार्ग से लेकर जे जे फ्लाईओवर तक के रास्ते पर जाने से बचने के लिए कहा है।

 

मुंबई पुलिस ने ट्वीट किया, सीएसटी के प्लेटफॉर्म संख्या एक के ऊत्तरी छोर को टाइम्स ऑफ इंडिया इमारत के पास बीटी लेन से जोडऩे वाला पैदल पार पुल ढह गया है। यातायात प्रभावित हो गया है। यात्री अन्य मार्गों का इस्तेमाल करें। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं।

सरना ने निकाला सिरसा का तंबू और तिरपाल घोटाला

NEW DELHI: दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी में चुनाव को देखते हुए सियासी पारा गर्म हो गया है। कमेटी में भ्रष्टाचार के मसले में तत्कालीन अध्यक्ष मंजीत सिंह जीके के फंसने के बाद अब महासचिव मनजिंदर सिंह सिरसा का पीछा भी करप्शन नहीं छोड़ रहा है। सिरसा के धुर विरोधी एवं शिरोमणि अकाली दल (दिल्ली) के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना एक-एक करके सिरसा से जुड़े भष्टाचार को उजागर कर रहे हैं।

 

वीरवार को दोपहर बाद प्रेस कांफ्रेंस करके सरना ने टेंट, तंबू, कंबल एवं तिरपाल खरीद में हुए घोटाले उजागर किया। साथ ही आरोप लगाया कि सिरसा ने इनकी खरीद में कमेटी को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाया है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए सरना ने खुलासा किया कि मनजिंदर सिंह सिरसा ने मदनपुर खादर एक्स, सरिता विहार, दिल्ली में बताई जाती फर्जी कंपनियोंं अंबिका ऐ-सिम प्रा. लि. तथा वाणी ट्रेडिंग कंपनी से लगभग 85 लाख रुपये कीमत का तंबू, कंबल, तिरपाल इत्यादि खरीद की है।

 

इन कंपनियों द्रारा दिये बिलों पर दर्ज पतों की पड़ताल की गई तो पता चला कि उक्त पतों पर ये कंपनियां मौजूद ही नहीं हैं। वर्तमान में ये पते भी नहीं हैं। सरना ने खुलासा किया कि इन फर्जी कंपनियों को सिरसा द्वारा वैट का भी भुगतान किया गया है जबकि इन कंपनियों द्वारा वसूले वैट सरकार को अदा भी नहीं किये गये हैं। सरना ने आरोप लगाया कि वर्तमान में इन कंपनियों का कोई वजूद ही नहीं है।

 

सरना ने कहा कि सिरसा द्वारा गोलक को लगाई गई इस बड़़ी चपत के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके जांच करने के बारे में लिखित शिकायत नार्थ ऐवन्यू पुलिस स्टेशन में दर्ज करवायी गयी है। उन्होंने कहा कि सिरसा अपने आप को सिख संगत के सामने साफ-सुथरी छवि वाला होने का नाटक कर रहे हैं, जबकि अंदर खाते कमेटी को आर्थिक नुकसान पहुंचाया है।

 

उन्होंने कहा कि हम गत कई वर्षों से दिल्ली कमेटी के खातों का फारेंसिक आडिट सीएजी से करवाने की लगातार केन्द्र तथा दिल्ली सरकार से हो रही है, लेकिन अब तक सरकारों ने कोई मंजूरी नहीं दी। नतीजन, कमेटी में धड़ल्ले से हर स्तर पर आर्थिक गड़बड़ी की जा रही है।

 

सरना के आरोप बेबुनियाद, खरीद में जीके व पप्पू के साइन: सिरसा
दिल्ली कमेटी के महासचिव मनजिंदर सिंह सिरसा ने परमजीत सिंह सरना के लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। साथ ही कहा कि सरना बंधू झूठे आरोप लगाने से परहेज करें। मनजिंदर सिंह सिरसा ने अपना बयान जारी कर बताया कि जिस कंपनी के बिलों  की बात सरना कर रहे हैं उस सामान की खरीद करने के लिए बने ऑफिस नोट पर तत्कालीन (अब निलंबित) जनरल मैनेजर हरजीत सिंह सूबेदार के हस्ताक्षर हैं।

उसके बाद मंजूरी के लिए तत्कालीन कमेटी अध्यक्ष मंजीत सिंह जी.के. और तत्कालीन संयुक्त सचिव अमरजीत सिंह पप्पू के दस्तखत है, जबकि इंडेंट पर केवल मंजीत सिंह जी.के. के हस्ताक्षर हैं। अदायिगी के लिए दिये गए चेक न. 221637, 221638, 221639, 221640 और 221641 पर  मंजीत सिंह जी.के. और अमरजीत सिंह पप्पू के साइन हैं जो कुल बनती रकम 84,02,625/- रुपए के है।

 

सिरसा ने कहा कि वह पहले भी इस बारे में दफ्तर की पत्रिका न. 17085/2-1  29 दिसम्बर 2018 के द्वारा कमेटी से निलंबित चल रहे जनरल मैनेजर हरजीत सिंह सूबेदार से स्पष्टीकरण मांग चुके हैं लेकिन उनकी तरफ से कोई भी स्पष्ट जवाब नहीं मिला, उल्टा आश्चर्य की बात यह है कि इस सामान को जब खरीदा गया उस समय मैं यहाँ मौजूद ही नहीं था फिर उनपर सरना किस गबन का बेबुन्याद दोष लगा रहे हैं।

 

सिरसा ने यह भी कहा कि उनकी इस करवाई से पता लगता है कि वे बौखलाए हुए हैं तथा झूठ को सच साबित करने के लिए हवा में हाथ-पैर चला रहे हैं।  वे कार्यकारणी के चुनाव को टालने के लिए साजिश रचते हुए बेवजह अड़ंगा डाल रहे हैं। सिरसा ने दावा करते हुए कहा कि सरना भाइयों की तरफ से मीडिया को गुमराह करते हुए कुल 11 बिलों की फोटो कॉपी मुहैया करवाई गयी है, जिसमें से 6 कापियां कुल बनते 5 बिलों की डुप्लीकेट थी।

समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट मामला: NIA ने टाला फैसला, 14 मार्च को अगली सुनवाई

NEW DELHI: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की एक विशेष अदालत ने 2007 समझौता एक्सप्रेस विस्फोट मामले में अपने निर्णय को टाल दिया और मामले की तारीख 14 मार्च तय की। विशेष अदालत ने यह फैसला एक पाकिस्तानी महिला की याचिका के बाद किया जिसमें दावा किया गया है कि उसके पास मामले से जुड़े कुछ सबूत हैं।

 

एनआईए के वकील रंजन मल्होत्रा ने बताया कि राहिला एल वकील की तरफ से एक अधिवक्ता ने यह याचिका दायर की है। याचिका दायर किये जाने के बाद विशेष एनआईए अदालत के न्यायाधीश जगदीप सिंह ने मामले की तारीख 14 मार्च तय की। इस मामले में अंतिम बहस छह मार्च को पूरी हो गई थी और फैसला 11 मार्च को सुनाया जाना था।

 

पानीपत के पास 18 फरवरी, 2007 को समझौता एक्सप्रेस के दो डिब्बों में हुए विस्फोटों में 68 लोग मारे गये थे जिनमें से ज्यादातर पाकिस्तानी नागरिक थे। समझौता एक्सप्रेस को अटारी एक्सप्रेस भी कहा जाता है. यह द्वि-साप्ताहिक ट्रेन भारत में दिल्ली और अटारी और पाकिस्तान के लाहौर के बीच चलती है।

 

एनआईए ने अपनी चार्जशीट में आठ लोगों के नाम आरोपियों के रूप में लिए थे। नबा कुमार सरकार उर्फ स्वामी असीमानंद, लोकेश शर्मा, कमल चौहान और राजिंदर चौधरी अदालत में पेश हुए थे जबकि हमले के कथित षडयंत्रकर्ता सुनील जोशी की दिसंबर 2007 में मौत हो गई थी। तीन अन्य आरोपी- रामचंद्र कलसांगरा, संदीप डांगे और अमित को भगोड़ा घोषित किया हुआ है।

तीन तलाक पर फिर से अध्यादेश लाने के खिलाफ याचिका पर अब विचार नहीं करेगा SC

NEW DELHI: उच्चतम न्यायालय ने एक ही बार में तीन तलाक देने की कुप्रथा को दंडनीय अपराध बनाने संबंधी अध्यादेश फिर से जारी किये जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर सोमवार को सुनवाई करने से इंकार कर दिया। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ को सूचित किया गया कि मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकारों का संरक्षण) विधेयक लोक सभा ने पारित कर दिया था और यह राज्य सभा में लंबित था।

 

पीठ ने कहा, ‘‘हम इसमें ज्यादा कुछ नहीं कर सकते यदि राज्य सभा ने विधेयक को पारित नहीं किया।’’इस पर याचिकाकर्ताओं के वकील ने याचिका वापस लेने का अनुरोध किया तो पीठ ने कहा, ‘‘याचिकाओं को खारिज किया जाता है क्योंकि इसे वापस ले लिया गया है।’’ केन्द्रीय मंत्रिपरिषद की मंजूरी के चंद घंटों के भीतर ही 19 सितंबर, 2018 को पहली बार मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकारों का संरक्षण) अध्यादेश अधिसूचित किया गया था।

 

एक ही बार में तीन तलाक, जिसे ‘तलाक-ए-बिद्दत’ भी कहते हैं, तलाक देने की पुरानी प्रथा है जिसमें मुस्लिम व्यक्ति एक ही बार में तीन बार ‘तलाक’ कह कर पत्नी को तलाक दे सकता है। एक बार में तीन तलाक देने की प्रथा को दंडनीय अपराध बनाने के लिये सरकार ने एक साल में तीसरी बार 21 फरवरी को अध्यादेश जारी किया है। इस अध्यादेश के अंतर्गत एक बार में तीन तलाक को गैरकानूनी घोषित किया गया है और इस अपराध के लिये पति को तीन साल तक की जेल की सजा का प्रावधान किया गया है।

 

याचिकाकर्ताओं के वकील ने इस पर अपनी याचिका वापस लेने का अनुरोध किया जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया। शीर्ष अदालत की संविधान पीठ पहले ही बहुमत के निर्णय में एक बार में तीन तलाक देने की प्रथा को असंवैाधानिक और इस्लामी कानून शरिया के खिलाफ करार दे चुकी है।

गांधी का हिंदुस्तान चाहिए या गोडसे का हिंदुस्तान : राहुल गांधी

NEW DELHI: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को भाजपा एवं आरएसएस पर तीखा हमला बोला और कहा कि लोगों को तय करना है कि उन्हें महात्मा गांधी का हिंदुस्तान चाहिए या फिर गोडसे का हिंदुस्तान चाहिए। उन्होंने यह उम्मीद भी जताई कि इस लोकसभा चुनाव के बाद देश में कांग्रेस की सरकार बनेगी।

 

पुलवामा आतंकी हमले की पृष्ठभूमि में कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा पर तंज कसते हुए जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के लिए ‘जी’ शब्द कहा जिसको लेकर भाजपा ने उन पर निशाना साधा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए गांधी ने कहा, ‘पांच साल पहले देश में एक चौकीदार आया और कहा कि मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने आया हूँ, मेरा 56 इंच का सीना है। अब किसी से भी पूछ लीजिये चौकीदार क्या है? तो वह बता देगा कि चौकीदार चोर है।’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस का कमाल है कि आप लोग देश के कोने-कोने में सच्चाई पहुंचा देते हो।

 

गांधी ने राफेल मामले का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा और कहा, ‘हमने कुछ सवाल किए थे। चौकीदार संसद में डेढ़ घन्टे बोला, लेकिन अनिल अंबानी के बारे में नहीं बोला। प्रधानमंत्री आंख से आंख नहीं मिला पाए।’ उन्होंने कहा, ‘कुछ महीने पहले तीन प्रदेशों में चुनाव हुए। हमने वहां कहा कि मोदी जी ने झूठे वादे किए। हम आपसे झूठे वादे नहीं करेंगे और 10 दिन में किसानों का कर्ज माफ किया। हमने दो दिन में यह काम कर दिया।’

 

पुलवामा हमले की पृष्ठभूमि में गांधी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘ये 56 इंच की छाती वाले अपनी पिछली सरकार में मसूद अजहर जी के साथ बैठकर गए। अब जो राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल हैं, वह मसूद अजहर को छोड़कर आए। भाजपा ने मसूद अजहर को जेल से छोड़ा।’’ उन्होंने यह भी कहा, ‘‘हमने अपने दो प्रधानमंत्री (इंदिरा गांधी और राजीव गांधी) खोए। हम आतंकवाद से डरने वाले नहीं हैं।’’

 

उन्होंने कहा कि आप गांधी का हिंदुस्तान चाहते हैं या गोडसे का हिंदुस्तान चाहते है? एक तरफ प्यार है और दूसरी तरफ नफरत है। एक तरफ गांधी हैं जो अंग्रेजों से लड़े और जो सबसे प्यार करते थे। दूसरी तरफ सावरकर हैं जो अंग्रेजों को चिट्ठी लिखकर कहते हैं कि मुझे छोड़ दो।’’ गांधी ने दावा किया कि 2019 में कांग्रेस की सरकार आने वाली है।

 

हम निर्णय ले चुके हैं कि हम न्यूनतम आय गारंटी देंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने के साथ भारत रोजगार सृजन के मामले में चीन से स्पर्धा शुरू कर देगा। गांधी ने कहा कि उनकी सरकार बनने के बाद किसानों की समस्याओं के समाधान पर जोर दिया जाएगा।

इस साल तहलका मचाने को तैयार हैं ये पांच बेहतरीन ऐप्स

NEW DELHI: ट्राई की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 500 मिलियन से अधिक इंटरनेट उपयोगकर्ता हैं, साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या में भी भारी वृद्धि हुई है। इसी तरह की वृद्धि भारत के मोबाइल इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या में भी देखी जा रही है, जो स्पष्ट रूप से मोबाइल एप्लीकेशन्स को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देगा, विशेष रूप से उन ऐप्स को जिनको हाल ही में फंडिंग प्राप्त हुई है।

ये 5 ऐप हैं जो 2019 में बड़े पैमाने पर सफल हो सकते हैं:

Dunzo:
Google के निवेश के साथ, Dunzo अधिक शहरों में प्रवेश कर भारत में अपनी सफलता का प्रदर्शन कर रहा है। यह ऐप अभी बैंगलोर, चेन्नई, दिल्ली-NCR, पुणे और हैदराबाद में उपलब्ध है। Dunzo 2019 में और अधिक शहरों में प्रवेश करेगा। Dunzo के लोग, आपको छोटे पैकेट्स ले जाने या आसपास के स्टोर से किराने का सामान लाने में मदद करेंगे। समय बचाने और ट्रैफिक से बचने के लिए यह एक महत्वपूर्ण साधन है जो की अब बड़े पैमाने पर सफल होने के लिए तैयार है।

 

Roposo:
यह एक शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म है, जो 2018 में बहुत सफल रहा और 2019 में भी काफी सफल दिख रहा है। Roposo, 9 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है और 2019 में यह और अधिक भारतीय भाषाओं को जोड़ने की तैयारी कर रहा है। इस ऐप के द्वारा मनोरंजक वीडियो बनाना काफी आसान है। Roposo 2019-2020 में 10 मिलियन डेली ऐक्टिव यूजर्स का आँकड़ा हासिल करने की कोशिश कर रहा है। यह ऐप इसलिए भी लोकप्रिय है क्योंकि यह अपने यूजर्स को दिलचस्प वीडियो बनाकर रूपये कमाने का मौका देता है।

 

Dineout:
यदि आपको Zomato की गोल्ड मेम्बरशिप पसंद है और उनके नियमों में बदलाव से आप संतुष्ट नहीं हैं, तो Dineout आपके लिए एकदम सही है। बहुत सारे Swiggy Prime यूजर्स को पिछले साल Dineout Pass दिया गया था। Dineout कैशबैक के लिए एकदम सही ऐप है, जो आपको ऐप के माध्यम से बिल का भुगतान करने पर हमेशा 20-25% की छूट देता है।

 

My HealthCare:
My Healthcare मंच एक साल पहले शुरू हुआ था और इस प्लेटफॉर्म पर अभी से ही 9 मिलियन यूज़र्स जुड़ चुके हैं। यह ऐप आपकी सभी मेडिकल जरूरतों के लिए वन-स्टॉप समाधान है। My Healthcare में डॉक्टर्स को एड किया जाता है जो रोगियों का पूरा मेडिकल रिकॉर्ड प्राप्त करते हैं। इस तरह डॉक्टर्स व्यक्तिगत रूप से और आवश्यक समय तक चिकित्सीय उपचार प्रदान करने में सक्षम होते  हैं। पर्यावरण में दैनिक परिवर्तन और हमारे महानगरीय शहरों की बिगड़ती स्थिति के कारण यह ऐप हम सभी के लिए काफी महत्वपूर्ण है।

 

Paytm Money App:
Paytm ने, भारत में सभी के लिए जीवन को आसान बनाने के साथ-साथ, सभी के लिए कैश रखने के जोखिम को भी कम कर दिया है। Paytm Money App के साथ, Paytm का उद्देश्य म्यूचुअल फंड में एसआईपी शुरू करना और सभी म्यूचुअल फंड निवेशों के ट्रैक को आसान बनाना है। यूजर्स 30 मिनट के अंदर अपना केवाईसी करा सकते हैं और उसी दिन से निवेश शुरू कर सकते हैं। यह आपके सभी म्यूचुअल फंड से संबंधित गतिविधियों के लिए एक मंच है और बड़े रिटर्न के साथ जीवन को आसान बनाने का उपाय है।