केंद्र की बड़ी कार्रवाई, अलगाववादी नेता के संगठन JKLF को किया बैन

NEW DELHI: केंद्र ने  के नेतृत्व वाले जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) को शुक्रवार को आतंकवाद विरोधी कानून के तहत प्रतिबंधित कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि संगठन पर जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियों को कथित तौर पर बढ़ावा देने के लिए प्रतिबंध लगाया गया है।

 

उन्होंने बताया कि संगठन को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत प्रतिबंधित किया गया है। इसके प्रमुख यासीन मलिक गिरफ्तार हैं और फिलहाल वह जम्मू की कोट बलवल जेल में बंद हैं। यह जम्मू-कश्मीर में दूसरा संगठन है जिसे इस महीने प्रतिबंधित किया गया है। इससे पहले, केंद्र ने जमात-ए-इस्लामी जम्मू-कश्मीर पर प्रतिबंध लगा दिया था।

 

अलगाववादी विचारधारा को हवा दी, 37 से ज्यादा केस
गृह सचिव ने आगे कहा कि यासीन मलिक के नेतृत्व वाले जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट ने घाटी में अलगाववादी विचारधारा को हवा दी और यह 1988 से हिंसा और अलगाववादी गतिविधियों में सबसे आगे रहा है। राजीव गौबा ने बताया कि जम्मू और कश्मीर पुलिस के द्वारा JKLF के खिलाफ 37 एफआईआर दर्ज की गई हैं। सीबीआई ने भी दो केस दर्ज किए जिसमें से एक IAF जवान की हत्या का मामला भी शामिल है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने भी एक केस दर्ज किया है, जिसकी जांच जारी है।

 

सुरक्षा वापस लेने पर भी बोले गृह सचिव
इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि बड़ी संख्या में अलगाववादी नेताओं को स्टेट के द्वारा सुरक्षा मुहैया कराई गई थी। इसकी समीक्षा करने के बाद ऐसे कई लोगों की सिक्यॉरिटी वापस ले ली गई और समीक्षा की यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।

 

देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप
आपको बता दें कि जेकेएलएफ पर आतंकी गतिविधियों को समर्थन देने का आरोप लगता रहा है। यासीन मलिक पर आरोप है कि 1994 से भारत विरोधी गति‍विधियां चलाते थे। वह देश के पासपोर्ट पर पाकिस्‍तान जाते और वहां पर देश विरोधी गतिविधि‍यों में लिप्‍त रहते थे। पिछले दिनों पुलवामा हमले के बाद केंद्र सरकार ने यासीन मलिक समेत सभी अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा वापस ले ली थी। अब एक बड़ा कदम उठाते हुए मोदी सरकार ने जेकेएलएफ को बैन कर दिया है।

 

प्रवर्तन निदेशालय भी लेगा ऐक्‍शन
दूसरी ओर, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी फेमा अधिनियम का उल्‍लंघन करने के मामले में यासीन मलिक के खिलाफ कानूनी कार्यवाही में जुटा हुआ है। यासीन मलिक पर अवैध रूप से 10 हजार अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा रखने का आरोप है। इस मामले में शुक्रवार को ही ईडी ने एक और अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी पर 14.40 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

बिहार में महागठबंधन, 40 लोकसभा सीटों का हुआ बंटवारा

NEW DELHI: बिहार में विपक्षी महागठबंधन ने शुक्रवार को राज्य की 40 लोकसभा सीटों के लिए आपसी सीट बंटवारे के फार्मूले की घोषणा जिसके अनुसार 20 सीटों पर लालू प्रसाद की पार्टी राजद, कांग्रेस 9 सीटों पर, उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी रालोसपा पांच सीटों पर, जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा :हम: सेक्युलर और मुकेश साहनी की पार्टी वीआईपी तीन—तीन सीटों पर अपने—अपने उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतारेंगे।

 

राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज झा और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा और रालोसपा, हम सेक्युलर, वीआईपी और शरद यादव की पार्टी लोकतांत्रिक जनता दल के प्रतिनिधियों के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में यह घोषणा की।

 

उन्होंने यह भी कहा कि जदयू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव ने यह स्पष्ट किया है वे और उनके साथी राजद के प्रतीक पर चुनाव लड़ेंगे और लोकसभा चुनाव के बाद अपनी पार्टी का विलय हमारे दल में करेंगे ।राजद कोटा से एक सीट भाकपा माले को दी गयी है । मनोज ने बताया कि कांग्रेस को नौ सीट दिए जाने के साथ राज्यसभा के लिए बिहार की पहली सीट इस दल के किसी नेता को दी जाएगी ।

 

महागठबंधन द्वारा सीट की घोषणा के समय घटक दलों के शीर्ष नेताओं… राजद के तेजस्वी प्रसाद यादव, रालोसपा के उपेंद्र कुशवाहा, लोकतांत्रिक जनता दल शरद यादव, हम सेक्युलर के जीतन राम मांझी तथा वीआईपी के मुकेश साहनी की अनुपस्थिति के बारे में पूछे जाने पर मनोज ने स्पष्ट किया कि पटना के दस, सकुर्लर रोड स्थित पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव के साथ पिछले कई घंटों से लगातार एक बैठक हुई जिसमें शरद यादव, मांझी, उपेंद्र कुशवाहा, मदन मोहन झा और मुकेश साहनी उपस्थित थे ।

 

उन्होंने कहा कि इस बैठक में तमाम पहलुओं पर विचार करने के बाद यह तय किया गया कि आज सीमित संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी जाए और हम बहुत जल्द ही एक वृहद संवाददाता सम्मेलन करेंगे। इस अवसर पर मनोज ने लोकसभा चुनाव 2019 के पहले चरण के लिए महागठबंधन के उम्मीदवारों के नाम की भी घोषणा की। इसके तहत गया संसदीय क्षेत्र से हम सेक्युलर के जीतन राम मांझी, नवादा से राजद की विभा देवी, जमुई से रालोसपा के भुदेव चौधरी और औरंगाबाद से हम सेक्युलर के उपेंद्र प्रसाद महागठबंधन के उम्मीदवार बनाए गए हैं ।

 

पहले चरण के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया 25 मार्च को समाप्त होगी और 11 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। मनोज ने बताया कि नवादा और डेहरी विधानसभा क्षेत्र के लिए होने वाले उपचुनाव के वास्ते नवादा से हम सेक्युलर के धीरेंद्र कुमार सिंह उर्फ मुन्ना और डेहरी से राजद के मोहम्मद फिरोज हुसैन महागठबंधन के उम्मीदवार होंगे । औरंगाबाद के पूर्व कांग्रेस सांसद निखिल कुमार को वहां से टिकट नहीं दिए जाने से नाराज उनके समर्थकों ने हम सेक्युलर के हाथों टिकट बेचे जाने का आरोप लगाते हुए धरना और प्रदर्शन किया ।

पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर ने थामा बीजेपी का दामन

NEW DELHI: पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर गौतम गंभीर शुक्रवार को भाजपा से जुड़ गए और राजधानी की एक लोकसभा सीट से आगामी लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार हो सकते हैं । पूर्व सलामी बल्लेबाज गंभीर यहां केंद्रीय मंत्री अरूण जेटली और रशंकर प्रसाद की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हुए ।  गंभीर 2011 विश्व कप और 2007 टी20 विश्व कप में भारत की जीत के सूत्रधारों में रहे थे । उन्हें हाल ही में पद्मश्री से नवाजा गया है ।

गंभीर ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकान से प्रभावित हैं और पार्टी के सदस्य के तौर पर देश की भलाई के लिये काम करेंगे ।  उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा ‘‘मैं हमारे प्रधानमंत्री और उनके विकान से प्रभावित हो कर पार्टी में शामिल हो रहा हूं। मैं क्रिकेट में जो कर सकता था, वह मैंने किया और अब देश के लिए वास्तव में कुछ बेहतर करने, देश को रहने के लिए बेहतर स्थान बनाने के लिए यह (भाजपा) मेरे लिए बेहतरीन प्लेटफार्म है।

जेटली ने गंभीर के भाजपा में शामिल होने को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उन्हें लोकसभा चुनाव में उतारने को लेकर पार्टी सही समय पर फैसला लेगी ।  भाजपा सूत्रों के अनुसार, गंभीर को नयी दिल्ली सीट से उतारा जा सकता है जहां से फिलहाल मीनाक्षी लेखी भाजपा की सांसद है । उन्होंने हालांकि कहा कि अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है । जेटली ने कहा कि गंभीर दिल्ली में पले बढ़े हैं और पार्टी उनकी प्रतिभा का अधिकतम इस्तेमाल करेगी ।

उन्होंने कहा कि पार्टी का पिछले कुछ दशकों में बहुत विस्तार हुआ है और खास तौर पर यह कैडर आधारित पार्टी बन रही है जहां हम ऐसे लोगों को भी शामिल कर रहे हैं जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। जेटली ने कहा ‘‘गंभीर दिल्ली में पले बढ़े हैं और हमें लगता है कि पार्टी में उनका शामिल होना महत्वपूर्ण है। उनकी मौजूदगी से पार्टी को फायदा होगा। गंभीर ने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह से भी मुलाकात की ।

नीरव मोदी लंदन में गिरफ्तार, अदालत ने 29 मार्च तक हिरासत में भेजा

NEW DELHI: पंजाब नेशलन बैंक (PNB) के 2 अरब डालर कर्ज की धोखाधड़ी मामले में मुख्य अभियुक्त और भगोड़े आर्थिक अपराधी नीरव मोदी को ब्रिटेन में गिरफ्तार कर लिया गया है। लंदन की एक अदालत ने उसे 29 मार्च तक हिरासत में रखने की मंजूरी दी है। इसे नीरव मोदी को भारत लाने के भारतीय जांच एजेंसियों के प्रयासों की दिशा में एक बड़ी कामयाबी के रूप में देख जा रहा है।

 

लंदन पुलिस ने हीरा व्यापारी नीरव मोदी को गिरफ्तार कर बुधवार को अदालत में पेश किया। अदालत ने उसकी जमानत की अर्जी नामंजूर करते हुए कहा कि उसके लिए यह मानने का ‘‘पर्याप्त आधार है’’ कि जमानत पर छूटने के बाद यह अभियुक्त फिर आत्मसमर्पण नहीं करेगा। प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लौंडिंग के एक मामले में नीरव मोदी के प्रत्यर्पण के लिये लंदन की एक अदालत में अपील की थी।

 

अदालत ने अपील पर सुनवाई करते हुए नीरव मोदी के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया था। स्कॉटलैंड यार्ड (लंदन पुलिस) ने एक बयान में कहा, ‘‘ नीरव दीपक मोदी को भारतीय एजेंसियों की तरफ से 19 मार्च (मंगलवार) को हॉलबार्न नामक स्थान पर गिरफ्तार किया गया है।’’नीरव मोदी ने जिला न्यायाधीश मारी मैलॉन की अदालत में खुद को भारतीय अधिकारियों के हवाले किए जाने का विरोध किया।

 

अदालत ने सुनवाई के बाद उसकी जमानत की अर्जी खारिज कर दी। अदालत ने उसे 29 मार्च तक हिरासत में रखे जाने की अनुमति दी है। जज ने कहा कि वह नीरव मोदी की जमानत की अर्जी मंजूर किए जाने के पक्ष में नहीं है क्यों कि मामला ‘बड़ी मोटी राशि का है’ और इसे देखते हुए इस बात की बड़ी संभावना है कि अभियुक्त एक बार जमानत पर छूटने के बाद फिर अदालत में आत्मसमर्पण नहीं करना चाहेगा।

 

जज ने कहा, ‘यह मानने का यहां पर्यापत आधार है कि जमानत पर छूटने के बाद आप आत्मसमर्पण नहीं करेंगे।’ अभियुक्त मोदी अदालत में सफेद कमीज और पतलून पहन कर आया था। वह बुझा बुझा दिख रहा था और वह केवल दो बार ही – प्रथम बार अपने नाम की पुष्टि करने को तथा दूसरी बार भारत को सौंपे जाने के बारे में अपना विरोध औपचारिक तौर पर प्रकट करने के लिए, मुंह खोला।

 

अदालत में भारतीय जांच एजेंसियों का पक्ष ब्रिटेन की अभियोजन सेवा ‘क्राउन प्राक्जेक्यूशन र्सिवस’ ने किया और अदालत से कहा कि नीरव को भारत में दो अरब डालर (14,000 करोड़ रुपये) की धोखा धड़ी और मनी लांडरिंग के मामले में तलाश किया जा रहा है। ब्रिटेन के कानून के तहत धोखा धड़ी के षडयंत्र में उसे सात साल तक की सजा हो सकती है। इसी तरह अपराध को छुपाने के षडयंत्र की सजा सात से 10 साल तक की है।

 

अभियोजन पक्ष के वकील जोनाथन स्वैन ने जानत की अर्जी का विरोध किया और कहा कि उनका मामना है कि जमानत मंजूर होने के बाद वह अदाल में आत्मसमर्पण के लिए वापस नहीं आएगा। नीरव की ओर से बैरिस्टर जार्ज हेपबर्न-स्काट और वकील आनंद दुबे खड़े हुए थे। भारत से भागे बड़े आॢथक अभियुक्त विजय माल्या ने भी अपने प्रत्यर्पण मामले में इसी कानूनी विशेषज्ञ को खड़ा किया था।

 

नीरव मोदी की ओर से 5,00,000 पौंड के बांड और जमानत की कठोर शर्तों के अनुपालन का वादा किया गया था। नीरव मोदी को जहां गिरफ्तार किया गया उससे इस बात के संकेत मिलते हैं कि नीरव मोदी वेस्ट एंड के सेंटर पाइंट के उसी आलीशान अपार्टमेंट में रह रहा था जहां उसके होने की आशंका व्यक्त की जा रही थी। ऐसा लग रहा है कि उसे प्रत्यर्पण वारंट पर गिरफ्तार किया गया है।

जीके का छलका दर्द, अपनों को ही बता दिया साजिशकर्ता

NEW DELHI: भ्रष्टाचार मामले में अपने खिलाफ क्लोजर दाखिल होने के बाद आज मीडिया के सामने आए दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके अपनों के घाव के जख्म न चाहते हुए भी सार्वजनिक कर गए। साथ ही जीके ने संगत की कचहरी के आदेश को आपने लिए सुप्रीम आदेश बताकर अपने बागी सुर भी दिखा दिए।

 

जीके ने कहा कि उनकी अगली सियासी मंजिल क्या होंगी।यह वो दिल्ली की संगत के बीच जाकर तय करेंगे। वो पार्टी में रहेगें अकाली हाईकमान के आदेश को मानेगें पर संगत द्वारा तय की जाने वाली दशा व दिशा उनके लिए अहम हैं। अदालत के आदेश पर एफआईआर दर्ज होने के बाद से लगातार मौन व्रत पर चल रहें जीके ने क्लोजर दाखिल होने के बाद अपने खिलाफ बड़ी साजिश होने का दावा किया।

 

जीके ने कहां कि उनका सियासी कत्ल करने का जो कुचक्र रचा गया निश्चित तौर पर अपने भी उसमें शामिल थे। पर कौन-कौन थे, इस बारे में उनके पास अभी सबूत नहीं हैं। जी.के. ने शिकायतकर्ता गुरमीत सिंह शंटी की मंशा व व्यवहार को लेकर भी सवाल उठाए। जी.के. ने आरोपों के पीछे बड़े षड्यंत्र होने का भी संदेह जताया।

 

जी.के. ने कहा की एक तरफ 1984 सिख कत्लेआम का आरोपी जगदीश टाईटलर मेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाता हैं, तो दुसरी और कमेटी सदस्य गुरमीत सिंह शंटी मुझ पर टाईटलर की स्टिंग वीडियो जारी करने के बदले करोड़ों रुपये लेने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करवाता हैं। लेकिन अदालत में इस आरोप पर कोई सबूत सामने नहीं रखता।

 

आखिर टाईटलर- शंटी का यह रिश्ता क्या कहलाता हैं ? एक तरफ कत्लेआम के दुसरे बड़े आरोपी सज्जन कुमार को हम जेल भिजवाते हैं और टाईटलर को जेल भिजवाने की तैयारी करते हैं। लेकिन इस बीच मेरी पंथ प्रति वफादारी पर सवाल उठाने को लेकर शंटी अति उत्साह मे कातिलों को संरक्षण देने की मुहिम के ध्वजवाहक बनते नजर क्यों आते हैं ?

 

जी.के. ने अपना किरदार हनन करने की साजिश रचने वाले सभी भद्रपुरुषों का नाम लिये बिना अपने सहित सभी का लाई-डिटैकटर टैस्ट करवाने की दिल्ली पुलिस को अपील की। जी.के. ने अपने पिता तथा खुद के द्वारा किए गए पंथक कार्यों को भी अपने सरगर्म सियासी विरोधीयों की तत्परता से जोड़ा। जी.के. ने कहा कि गुरु साहिब के आगे संगतों के द्वारा की गई अरदासों ने उन्हें मानसिक व शारीरिक ऊर्जा दी हैं।

 

संगतों की आवाज वो सदा उठाते रहेंगे, बेशक किसी पद पर वो रहें या न रहें। लोकसभा चुनाव लड़ने की उनकी लग रहीं अटकलों के बारे मे पुछे गए सवाल के जवाब में जी.के. ने साफ कहा कि सिख नीति व राजनीति साथ नहीं चलती। वो धर्म की नीति व राजनीति को साथ लेकर चलने मे विश्वास नहीं रखते।

यूपी में करोडों का निवेश, 15 लाख युवाओं को रोजगार

NEW DELHI: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए अपनी सरकार की दो वर्ष की उपलब्धियां गिनाई। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में हम प्रदेश का परसेप्शन बदलने में सफल रहे हैं। पहले 100 दिन, फिर छह महीने, उसके बाद एक वर्ष और अब दो वर्ष पूरे होने पर हम अपना रिपोर्ट कार्ड लेकर आपके समक्ष उपस्थित हुए हैं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि 19 मार्च, 2017 को जब हमारी सरकार सत्ता में आयी, उस समय और उसके पहले पूरे प्रदेश में अराजकता, असुरक्षा का वातावरण व्याप्त था। राज्य के संसाधनों को लूटने की होड़ मची थी। नौजवान पलायन करने को मजबूर थे। प्रदेश के किसान आत्महत्या करने को मजबूर थे। हत्या, लूट, बलात्कार, अपहरण और दंगे इस प्रदेश की पहचान बन गए थे। प्रदेश के कैराना और कंधाला जैसे कस्बों से लोग पलायन करने को मजबूर हो गए थे। खनन, वन और भू माफिया, सत्ता संरक्षण पाकर प्रदेश के संसाधनों को लूट रहे थे। वर्तमान सरकार के सामने प्रदेश के बिगड़े माहौल को सुधार कर सुरक्षा एवं सुशासन की स्थापना करना चुनौती थी।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार द्वारा अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनायी। पुलिस की कार्यप्रणाली में राजनैतिक हस्तक्षेप समाप्त किया गया। अपराधियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई के करने लिए पुलिस प्रशासन को निर्देश दिये गये, जिसका परिणाम है कि वर्तमान सरकार के प्रारम्भिक 2 वर्ष के कार्यकाल में प्रदेश में एक भी दंगा नहीं हुआ। अपहरण और एसिड अटैक की कोई घटना नहीं हुई।

 

20 मार्च 2017 से 15 मार्च 2019 की अवधि में पुलिस और अपराधियों की बीच हुई 3,539 मुठभेड़ों में 8,135 अपराधी गिरफ्तार किये गये। इसमें 2,746 इनामी अपराधी भी शामिल हैं। शातिर अपराधियों के खिलाफ की गई कार्यवाही में 1,041 अपराधी घायल हुए तथा 73 दुर्दान्त अपराधी पुलिस की आत्मरक्षार्थ कार्रवाई में मारे गए। वहीं 13,886 अपराधियों ने स्वयं जमानत निरस्त करा कर न्यायालयों में आत्म समर्पण कर दिया। इस सबके बीच दुरूखद यह रहा कि इस अभियान में 600 पुलिसकर्मी घायल हुए तथा पुलिस के पांच बहादुर जवान भी शहीद हुए इन सबके बीच सबसे अच्छी खबर यह रही कि प्रदेश के जिन हिस्से से लोगों ने पलायन शुरू कर दिया था, वहां पर लोगों में कानून और सरकार पर विश्वास जगा और वे लोग वापस घर आने लगे।

 

दो सालों में किसानों के लिए किए गए कई अभिनव कार्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार द्वारा सत्ता संभालने के बाद 36 हजार करोड़ रुपये के प्रावधान से लाखों लघु एवं सीमांत किसानों की एक लाख रुपये तक की कर्ज माफी की गई है। यह योजना देश की अब तक की सबसे सफलतम योजना है। जिसके जरिए वर्षों से कर्ज के बोझ तले दबे लाखों लघु एवं सीमांत किसानों का औसतन 60 हजार रुपये प्रति किसान का कर्ज माफ किया गया है। वर्ष 2016-17 में 7.97 लाख मी0 टन गेहूं की सरकारी खरीद आढ़तियों और बिचैलियों के माध्यम से की गयी थी, जबकि वर्ष 2017-18 में 36.99 लाख मी0 टन गेहूं की खरीद किसानों से सीधे की गई। वर्ष 2018-19 में 52.92 लाख मी0 टन गेहूं की सरकारी खरीद की गई और किसानों के खातों में 9231.99 करोड़ रुपये का 72 घण्टे के अन्दर ऑनलाइन भुगतान किया गया।

 

महिला कल्याण में हुए कई बेहतर कार्य
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि महिला कल्याण के लिए भी हमारी सरकार ने पिछले दो वर्षों में बहुत सारी योजनाएं आगे बढ़ाई हैं। इसमें प्रधानमंत्री उज्जवला योजना से महिलाओं को 1 करोड़ 12 लाख निशुल्क गैस कनेक्शन दिए गए। प्रदेश के अंदर 2 लाख 66 हजार से अधिक महिला स्वंय सेवी समूहों का गठिन किया गया है। इन महिला समूह को 6 सौ करोड़ से अधिर रिवॉल्विक फंड देकर स्वावलम्बन की भावना को बढ़ाया गया है। घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं के लिए वीमेन हेल्प लाइन 181 लागू की गई है। इसके साथ प्रदेश के सभी 75 जनपदों के लिए रेस्क्यू वैन की सुविधा प्रारम्भ की गई है। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान’ के तहत प्रदेश में कन्या सुमंगला योजना की इस बजट में व्यवस्था की गई है। इसके तहत 6 श्रेणियों में 15 हजार रुपये तहत प्रत्येक बालिका को उसके अकाउंट में दिए जाने की व्यवस्था की गई है।

 

स्वास्थ्य के क्षेत्र में पाई सफलता
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पिछले दो साल में हमारी सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाया है। प्रदेश में 15 नये मेडिकल कॉलेज की स्थापना कर रही है। प्रदेश के गोरखपुर और रायबरेली में दो एम्स बन रहे हैं, दोनों एम्स में ओपीडी प्रारम्भ हो चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी 75 जिलों को पहले चरण में 150, दूसरे चरण में 100 लाइफ सपोर्ट वैन उपलब्ध कराई गई है। पहले चरण में ही वैन्स से 78 हजार से अधिक मरीजों की जान बचाई जा चुकी है। आज बड़े जनपद में चार तो छोटे जनपद में तीन लाइफ सपोर्ट वैन कार्यरत है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रदेश के 6 करोड़ लोगों को प्रतिवर्ष, 5 लाख रुपए की निरूशुल्क चिकित्सा बीमा की सुविधा दी जा रही है। गैर बीपीएल आबादी के 56 लाख लोगों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना में शामिल किया गया है।

 

प्रदेश का राजस्व बढ़ाने में भी पाई सफलता
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2016-17 में प्रदेश का राजकोषीय घाटा, सकल घरेलू उत्पाद के सापेक्ष 4.5 प्रतिशत था। हमारी सरकार के कुशल वित्तीय प्रबन्धन से वर्ष 2017-18 में राज्य का राजकोषीय घाटा, सकल घरेलू उत्पाद का 2.97 प्रतिशत हो गया। पूर्ववर्ती सरकार का रेवेन्यू सरप्लस 1.6 प्रतिशत था, जबकि हमारी सरकार के कार्यकाल में रेवेन्यू सरप्लस बढ़कर 3.2 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार में खनन में सालाना राजस्व संग्रह 1,400 करोड़ रुपये से बढ़कर 4,200 करोड़ रुपये, आबकारी में राजस्व संग्रह 13,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 29,000 करोड़ रुपये तथा मण्डी शुल्क 600 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,800 करोड़ रुपये वार्षिक हो गया है।

गुरुद्वारा कमेटी के नये पदाधिकारियों ने दरबार साहिब में हुए नतमस्तक

NEW DELHI: दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष स. मनजिन्दर सिंह सिरसा अपनी नई टीम के साथ आज श्री हरिमंदिर साहिब अमृतसर में गुरू महाराज का शुक्राना अदा कर नतमस्तक हुए। पदाधिकारियों में दिल्ली कमेटी महासचिव हरमीत सिंह कालका, वरिष्ठ उपाध्यक्ष बीबी रणजीत कौर, कनिष्ठ उपाध्यक्ष स. कुलवंत सिंह बाठ, संयुक्त सचिव स. हरविन्दर सिंह के.पी., कार्यकारिणी के सदस्य एम.पी.एस. चड्डा, स. भूपिन्दर सिंह भूल्लर, स. कुलदीप सिंह साहनी, स. जगदीप सिंह काहलो, स. विक्रम सिंह रोहिणी एवं त्रिलोचन सिंह मनकू एवं पूर्व सदस्य गुरदेव सिंह भोला शामिल थे।

 

मीडिया से बातचीत करते हुए सिरसा ने कुछ अह्म फैसलों के बारे में जानकारी दी। जिसमें दिल्ली कमेटी द्वारा संगतों की भावनाओं को मुख्य रखते हुए करतारपुर कॉरीडोर के लिए थी। जिसमें दिल्ली कमेटी गुरूद्वारा डेरा बाबा नानक साहिब के नजदीक जमीन खरीद कर स्वर्गवाशी बाबा हरबंस सिंह कारसेवा वालों के सहयोगी बाबा बचन सिंह जी के नेतृत्व में एक सराय तैयार की जायेगी एवं संगतों के लिए ट्रांसपोर्ट एवं अन्य सुविधाओं का प्रबंध भी करेगी ताकि संगतों को दर्शनार्थ हेतू कोई दिक्कत न हो।

 

सिरसा ने बताया कि दिल्ली कमेटी महंगाई को ध्यान रखते हुए दिल्ली कमेटी एवं दिल्ली की सभी सिंह सभाओं के ग्रंथियों, रागी-ढाड़ी, सेवादारों के बच्चों की टियूशन फीस कमेटी स्कूलों में 100 प्रतिशत माफ की जायेगी क्योंकि अभिभावकों के लिए टियूशन फीस ही देना सबसे ज्यादा बोझ होती है।

 

सिरसा ने बताया कि संगतों में जागरूकता पैदा करने के लिए सोशल मीडिया द्वारा दिल्ली के ऐतिहासिक गुरुद्वारों में जैसे गु. बंगला साहिब, गु. शीशगंज साहिब, गु. नानक प्याऊं साहिब, गु. मोतीबाग साहिब आदि में होते रोजाना प्रोग्रामों, हुक्मनामों की जानकारी, फेसबुक, इंस्टाग्राम, यू-टियूब आदि द्वारा दी जायेगी एवं रोजाना अपडेट भी किये जायेंगे।

 

सिरसा ने और कहा कि एन.आर.आई. संगत के लिए गु. मोती बाग साहिब में एक एन.आर.आई. सराय बनाई जायेगी एवं इस सराय में 50 प्रतिशत कमरे एन.आर.आई. लोगों के लिए आरिक्षत रहेंगे। एन.आर.आई. संगतों की सुविधा के लिए कम खर्च पर एयरपोर्ट से दिल्ली के ऐतिहासिक गुरूधामों के दर्शनों के लिए ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था भी की जायेगी।

पीएम मोदी आज 25 लाख चौकीदारों से होंगे रूबरू

NEW DELHI: भारतीय जनता पार्टी ने आज कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मैं भी चौकीदार हूं अभियान देश के करोड़ों लोगों का एक व्यापक जनान्दोलन बन गया है और इससे केवल उन लोगों को परेशानी हो रही है जो जमानत पर हैं और जिनकी पार्टी, परिवार एवं संपत्ति संकट में है। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मैं भी चौकीदार हूं, अभियान तीन दिन के अंदर व्यापक जनांदोलन बन गया है।

 

सोशल मीडिया पर यह एक दिन विश्वव्यापी ट्रेंड था जबकि भारत में दो दिन तक ट्रेंड चला है। प्रधानमंत्री मोदी के इस अभियान के समर्थन में 20 लाख लोगों ने ट्वीट किए और 1680 करोड़ इम्प्रेशन आए हैं। एक करोड़ लोगों ने संकल्प लिया है और इतने ही लोगों ने इस अभियान के वीडियो को देखा है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कल बुधवार, 20 मार्च को सायं साढ़े चार बजे होली के शुभ अवसर पर ऑडियो ब्रिज के माध्यम से देश भर में लगभग 25 लाख चौकीदारों को संबोधित करेंगे एवं उनके साथ होली के रंग साझा करेंगे।

 

इसी क्रम में प्रधानमंत्री 31 मार्च को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये देश के लगभग 500 लोकेशन पर उन चौकीदारों से बात करेंगे जो मैं भी चौकीदार मूवमेंट से जुड़े हैं। इस कार्यक्रम में देश भर से पार्टी कार्यकर्ता, एनडीए के नेता, पार्टी पदाधिकारी, प्रोफेशनल्स, अनुसूचित जाति-जनजाति, भूतपूर्व सैनिक, खिलाड़ी के साथ ही अन्य क्षेत्रों से जुड़े हुए लोग भी इस कार्यक्रम से बड़ी संख्या में जुड़ेंगे।

 

भाजपा के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नेपथ्य में देश के विकास के प्रति समर्पित आम लोगों को पर्दे के पीछे से निकाल कर एक नए भारत के ध्वजवाहक के रूप में लाना चाहते हैं। यह ‘सबका साथ, सबका विकास की अवधारणा पर ‘अंत्योदय की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। समाज के हर वर्गों से लोग मैं भी चौकीदार जन-आंदोलन से जुड़े हैं और लगातार जुड़ते चले जा रहे हैं।

 

प्रसाद ने कहा कि मैं भी चौकीदार भ्रष्टाचार-मुक्त सरकार के रूप में भारत के उभरते पहचान का सकारात्मक चित्रण है। आज हर देशवासी को गर्व है कि मोदी सरकार के इन पांच वर्षों में भारत हर इंडेक्स में आगे बढ़ा है चाहे वह इकॉनोमी हो, आईटी सेक्टर हो, ईज ऑफ़ डूइंग बिजनेस हो या फिर पॉवर्टी इंडेक्स। सोशल मीडिया और नमो एप के माध्यम से लगभग एक करोड़ लोगों ने प्लेज दिया कि मैं भी चौकीदार हूँ। लगभग एक करोड़ लोगों ने विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉम्र्स पर मैं भी चौकीदार वीडियो को देखा।

 

भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि जो लोग बेल पर हैं, उन्हें मैं भी चौकीदार अभियान से परेशानी है। जिनकी पार्टी, परिवार और संपत्ति मुश्किल में है, उन्हें भी चौकीदार अभियान से परेशानी है। जो खुद और अपने पूरे परिवार सहित विभिन्न कानूनी कार्रवाइयां झेल रहे हैं, वे परेशान हैं और जिनके पास छिपाने के लिए बहुत कुछ है, वे इस जन-आंदोलन से परेशानी में हैं। उन्होंने कहा कि मैं ऐसे नेताओं और ऐसे लोगों से आग्रह करता हूँ कि यदि आपके पास कुछ भी छुपाने के लिए नहीं है तो आप भी मैं भी चौकीदार अभियान से जुड़ जाएँ।

 

उन्होंने कहा कि सुख, सुविधा और विलासिता में पैदा हुए कुछ लोग टिप्पणियाँ कर रहे हैं कि चौकीदार अमीरों के लिए होता है। जब कांग्रेस पार्टी की यूपीए सरकार 10 वर्षों तक सत्ता में थी तो गरीबों के लगभग 12 लाख करोड़ लूटे गए थे तो किसके लिए चौकीदार की आवश्यकता है, यह देश की जनता जानती है। रविशंकर प्रसाद ने भारतीय जनता पार्टी की ओर से देश के लोगों का अभिनंदन किया जिन्होंने करोड़ों की संख्या में इस जन-आंदोलन से जुड़ रहे हैं। कल राहुल गाँधी स्टार्ट-अप के लोगों से बात करने मान्यता टेक पार्क, बेंगलुरु गए थे जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समर्थन में नारे लगा रहे कुछ तकनीकी विशेषज्ञों कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने गिरफ्तार कर लिया। इससे राहुल गाँधी के विरोधाभासी चरित्र का पर्दाफ़ाश होता है।

 

ये वही राहुल गाँधी हैं जो जेएनयू में देश को टुकड़े-टुकड़े कर देने का ख़्वाब पाले बैठे गैंग के समर्थन में खड़े थे, आज तक उन्होंने अपनी गलती को स्वीकार नहीं किया है, वहीं दूसरी ओर जब आईटी प्रोफेशनल्स उनका विरोध करते हैं तो कांग्रेस-जेडीएस की सरकार उन्हें गिरफ्तार कर लेती है। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गाँधी और उनकी बहन हर दिन बोलने की आजादी पर लंबी-चौड़ी बातें करते हैं, लेकिन वे स्वयं ही इसकी धज्जियां उड़ाते हैं। हमें नसीहतें देने के बजाय कांग्रेस पार्टी और राहुल गाँधी को खुद इस पर सीखने की जरूरत है।

मनोहर पर्रिकर : गोवा में भाजपा के संकटमोचक

NEW DELHI: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक से देश के रक्षा मंत्री और गोवा के मुख्यमंत्री पद तक पहुंचे मनोहर पर्रिकर की उनके तटीय गृह राज्य गोवा में छवि एक सीधे सादे, सामान्य व्यक्ति की रही है। 63 वर्षीय र्पिरकर ने चार बार गोवा के मुख्यमंत्री के रूप में काम किया और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में रक्षा मंत्री के तौर पर तीन वर्ष सेवाएं दीं। भाजपा के सभी वर्गों के साथ ही विभिन्न पक्षों के बीच लोकप्रिय पर्रिकर ने लंबे समय तक कांग्रेस का गढ़ रहे गोवा में भाजपा का प्रभाव बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई थी।

 

एक मध्यमवर्गीय परिवार में 13 दिसंबर 1955 को जन्मे पर्रिकर ने संघ के प्रचारक के रूप में अपना राजनीतिक करियर आरंभ किया था। उन्होंने आईआईटी-बंबई से इंजीनियरिंग में स्नातक करने के बाद भी संघ के लिए काम जारी रखा।  पर्रिकर ने बहुत छोटी उम्र से आरएसएस से रिश्ता जोड़ लिया था। वह स्कूल के अंतिम दिनों में आरएसएस के ‘मुख्य शिक्षक’ बन गए थे। र्पिरकर ने संघ के साथ अपने जुड़ाव को लेकर कभी भी किसी तरह की परेशानी महसूस नहीं की । उनका संघ द्वारा आयोजित ‘‘संचालन’’ में लिया गया एक फोटोग्राफ इसकी पुष्टि करता है, जिसमें वह संघ के गणवेश और हाथ में लाठी लिए नजर आते हैं।

 

आईआईटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद वह 26 साल की उम्र में मापुसा में संघचालक बन गए। उन्होंने रक्षा मंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में भारतीय सेना के र्सिजकल हमले का श्रेय भी संघ की शिक्षा को दिया था। ऐसा माना जाता है कि राज्य के सबसे पुराने क्षेत्रीय राजनीतिक दल ‘महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी’ की बढ़त रोकने के लिए भाजपा ने र्पिरकर को राजनीति में खींचा। र्पिरकर ने चुनावी राजनीति में 1994 में प्रवेश किया, जब उन्होंने पणजी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीता।

 

वह जून से नवंबर 1999 तक गोवा विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे और उन्हें तत्कालीन कांग्रेस नीत सरकार के खिलाफ उनके भाषणों के लिए जाना जाता था। वह पहली बार 24 अक्टूबर 2000 में गोवा के मुख्यमंत्री बने लेकिन उनका कार्यकाल केवल 27 फरवरी 2002 तक ही चला। इसके बाद पांच जून, 2002 को उन्हें फिर से चुना गया और उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में सेवाएं दीं। चार भाजपा विधायकों के 29 जनवरी, 2005 को सदन से इस्तीफा देने के बाद उनकी सरकार अल्पमत में आ गई।  इसके बाद कांग्रेस के प्रतापसिंह राणे, पर्रिकर की जगह गोवा के मुख्यमंत्री बने। र्पिरकर के नेतृत्व वाली भाजपा को 2007 में दिगम्बर कामत के नेतृत्व वाली कांग्रेस के हाथों हार का सामना करना पड़ा।

 

बहरहाल, वर्ष 2012 राज्य में र्पिरकर की लोकप्रियता की लहर लेकर आया और उन्होंने अपनी पार्टी को विधानसभा में 40 में से 21 सीटों पर जीत दिलाई। वह फिर से राज्य के मुख्यमंत्री बने । भाजपा की जीत की लय वर्ष 2014 में भी बनी रही जब पार्टी को आम चुनाव में दोनों लोकसभा सीटों पर विजय प्राप्त हुई। केंद्र में मोदी के नेतृत्व में मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण करने के बाद र्पिरकर को नवंबर 2014 में रक्षा मंत्री का पद दिया गया। वह 2017 तक केंद्रीय मंत्रिमंडल में रहे। गोवा विधानसभा चुनाव में पार्टी के बहुमत हासिल नहीं कर पाने पर वह मार्च 2017 में राज्य लौटे और गोवा फॉरवर्ड पार्टी एवं एमजीपी जैसे दलों को गठबंधन सहयोगी बनाने में कामयाब रहे। राज्य में एक बार फिर उनकी सरकार बनी।

 

फरवरी, 2018 के बाद से उनकी तबियत खराब रहने लगी। उन्हें तब अग्नाशय संबंधी बीमारी के उपचार के लिए मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया। वह मार्च के पहले सप्ताह में इलाज के लिए अमेरिका गए जहां वह जून तक अस्पताल में रहे। राज्य लौटने के बाद र्पिरकर ने फिर से काम करना आरंभ कर दिया और वह 12 दिवसीय विधानसभा सत्र में भी शामिल हुए। अगस्त के दूसरे सप्ताह में वह फिर से उपचार के लिए अमेरिका गए और कुछ दिनों बाद लौटे। वह फिर से अमेरिका गए और इस बार वहां से लौटने पर उन्हें दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया। पिछले कुछ समय से वह अपने डाउना पौला के अपने निजी आवास तक ही सीमित थे और यहीं पर उन्होंने आज अंतिम सांस ली।