अब महिलाओं को भी आसान दर पर मिलेगा ऋण !

NEW DELHI: आगामी बजट पर चुनावी रंग चढ़ने के आसार अभी से नजर आने लगे हैं। एक ओर छोटे एवं मझोले किसानों को शून्य ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने की घोषणा हो चुकी है तो दूसरी ओर महिलाओं को एक प्रतिशत की ब्याज पर ऋण देने की तैयारी है।

 

हाल ही में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने घोषणा की है कि कृषि उपकरणों और बीज आदि खरीदने के लिए किसानों को जीरो ब्याज दर पर ऋण दिया जाएगा। सरकार की यह कवायद किसानों की आय दोगुनी करने की नीति का हिस्सा है। हालांकि लोकसभा चुनाव नजदीक है, इस कारण इसे मुख्यमंत्री की सियासी घोषणा भी माना जा रहा है।

 

उधर, किसानों को ऋण देने को लेकर अभी कोई शासनादेश भी नहीं हुआ कि महिलाओं को आसान किश्तों पर ऋण देने का विचार शासन स्तर पर चल रहा है। बताया गया है कि ऐसी महिलाएं जिनकी उम्र चालीस साल से अधिक हैं और वह परिवार में अकेली रहती है,अथवा परिवार के लालन-पालन की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है, उन्हें यह ऋण दिया जाएगा। वर्ष 2019-20 के बजट प्रस्तावों में इसे शामिल किया जा सकता है।

 

वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने बताया कि एकल महिलाओं को एक प्रतिशत की ब्याज दर पर ऋण देने का संकल्प सदन में आया था। इस संकल्प को अमल में लाया जा सकता है। आसान किश्तों पर ऋण उपलब्ध कराकर एकल महिलाओं को आर्थिक दृष्टि से स्वाबलंबी बनाया जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि किसानों के अतिरिक्त अन्य किसी को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण देने की योजना नहीं है।

भगोड़े मेहुल चोकसी ने छोड़ी भारतीय नागरिकता, जमा कराया पासपोर्ट

NEW DELHI: बैंक ऋण घोटाले के भगोड़े आरोपी मेहुल चोकसी ने गुयाना में उच्चायोग के पास अपना भारतीय पासपोर्ट जमा करा दिया है। आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी। दो अरब डॉलर के पंजाब नेशनल बैंक घोटाले के कथित मुख्य षड़यंत्रकारियों में से एक एवं भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के मामा चोकसी ने पिछले साल एंटीगुआ की नागरिकता ले ली थी।

 

विदेशी नागरिकता लेने के बाद भारतीय नागरिकों को अपना पासपोर्ट जमा कराना होता है। सूत्रों ने बताया कि कूटनीतिक एवं कानूनी माध्यमों से चोकसी के प्रत्यर्पण के लिए एंटीगुआ सरकार के साथ भारत की बातचीत चल रही है। पिछले साल अगस्त में भारत ने चोकसी के प्रत्यर्पण के लिए एंटीगुआ सरकार से आग्रह किया था। यह आग्रह करने के लिए भारत की ओर से एक टीम को भी एंटीगुआ भेजा गया था।पीएनबी फर्जीवाड़े की जांच सीबीआई एवं ईडी कर रही है और देश के सबसे बड़े घोटाले में चोकसी भारत में वांछित है।

 

अब ‘मेहुल भाई’ शायद कभी भारत ना आएं: कांग्रेस
बैंक ऋण घोटाले के भगोड़े आरोपी मेहुल चोकसी की ओर से अपना भारतीय पासपोर्ट जमा करने से जुड़ी खबर को लेकर कांग्रेस ने सोमवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि अब शायद चोकसी कभी भारत ना आएं। पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने सरकार पर तंज कसते हुए संवाददाताओं से कहा, ‘‘ अब ‘मेहुल भाई’ शायद ही भारत कभी आएंगे। वह तो आ ही नहीं सकते क्योंकि अब मेहुल भाई को किसी और देश की नागरिकता भी मिल गई है और उनकी भारत की नागरिकता भी चली गई है।’’

 

उन्होंने कहा, ‘‘कितनी बार छाती ठोंक कर कहा गया कि हम चोकसी को इतने दिनों में लाएंगे, किसी को छोड़ेंगे नहीं। लेकिन क्या हुआ? सिर्फ पिछले वर्ष बैंक जालसाजी में 72 प्रतिशत बढोतरी हुई है।’’ दरअसल, चोकसी ने गुयाना में उच्चायोग के पास अपना भारतीय पासपोर्ट जमा करा दिया है। आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी। पंजाब नेशनल बैंक घोटाले के कथित मुख्य षड़यंत्रकारियों में से एक एवं भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के मामा चोकसी ने पिछले साल एंटीगुआ की नागरिकता ले ली थी।

 

चोकसी को भारत लाया जाएगा : राजनाथ
केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा कि पीएनबी घोटाले के आरोपी भगोड़े मेहुल चोकसी को बख्शा नहीं जाएगा और मुकदमे का सामना करने के लिए उसे देश वापस लाया जाएगा। सीआईएसएफ शिविर में केन्द्रीय विद्यालय की आधारशिला रखने के बाद सिंह पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उनसे चोकसी द्वारा गुएना के भारतीय उच्चायोग में भारतीय पासपोर्ट लौटाने लेकर सवाल किया गया था। पीएनबी से जुड़े दो अरब अमेरिकी डॉलर के घोटाले में चोकसी और उसके भांजे नीरव मोदी का नाम सामने आने के बाद पता चला था कि हीरा व्यापारी के पास एंटिगुआ और बारबूडा की नागरिकता है। सिंह ने कहा, ‘‘हमने भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून बनाया है।

 

उसके तहत (फर्जीवाड़ा पर नजर रखने की) प्रक्रिया है। उसे (चोकसी) निश्चित तौर पर भारत लाया जाएगा। किसी को बख्शा नहीं जाएगा। सबके खिलाफ कार्रवाई होगी।’’ कानून के तहत दूसरे देश की नागरिकता लेने के बाद भारतीय नागरिक को अपना पासपोर्ट सौंपना होता है। सरकारी सूत्रों का कहना है कि भारत कूटनीतिक और कानूनी तरीकों से चोकसी को वापस लाने के लिए एंटिगुआ सरकार के साथ बातचीत कर रहा है। भारत ने अगस्त, 2018 में एंटिगुआ से चोकसी के प्रत्यर्पण का अनुरोध किया था।

ईवीएम हैकथॉन: अमेरिकी हैकर का दावा, 2014 के आम चुनाव में हैक की गई थी EVM

NEW DELHI: एक अमेरिकी साइबर एक्सपर्ट का दावा है कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को हैक किया जा सकता है। लंदन में चल रही हैकथॉन में इस साइबर एक्सपर्ट ने दावा किया है कि बीजेपी नेता गोपीनाथ मुंडे की 2014 में हत्या की गई थी। एक्सपर्ट सईद सूजा का कहना है कि मुंडे इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को हैक करने के बारे में जानकारी रखते थे।

 

भारत में इस्तेमाल की जाने वाली ईवीएम को डिजाइन करने वाले एक्सपर्ट ने यह भी दावा किया है कि महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और गुजरात में भी धांधली हुई थी। यहां तक कि सूजा का दावा है कि 2014 के आम चुनाव में भी ईवीएम में गड़बड़ी की गई थी। इस हैकथॉन में कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल भी मौजूद थे। वहीं इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया ने कहा कि भारत में इस्तेमाल की जाने वाली मशीन पूरी तरह सेफ हैं।

 

लंदन हैकथॉन में एक्सपर्ट ने बताया कि ईवीएम कैसे हैक की जा सकती है। इंडियन जर्नलिस्ट असोसिएशन (यूरोप) की तरफ से लंदन में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस के सीनियर नेता कपिल सिब्बल भी मौजूद थे। बता दें कि चुनाव आयोग हमेशा इस बात का दावा करता रहा है कि भारत में इस्तेमाल किए जाने वाले ईवीएम से छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है।

 

चुनाव आयोग का दावा ईवीएम सुरक्षित
चुनाव आयोग ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘हमारे ध्यान में आया है कि लंदन में एक इवेंट में दावा किया जा रहा है कि ईसीआई द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली मशीनों में छेड़छाड़ की सकती है। ईसीआई इस मामले में कोई पार्टी नहीं बनना चाहती है। यह प्रायोजित चुनौती है और ईसीआई अपने दावे पर कायम है कि भारत में इस्तेमाल की जाने वाली ईवीएम को हैक नहीं किया जा सकता है।’

 

ईसीआई ने अपने बयान में कहा, ‘भारत में इस्तेमाल की जाने वाली ईवीएम भारत इलेक्ट्रॉनिक ऐंड कॉर्पोरेशल ऑफ इंडिया लिमिटेड द्वारा बेहद कड़े सुपरविजन में बनाई जाती हैं। 2010 में गठित तकनीकी विशेषज्ञों की एक कमिटी की देखरेख में यह पूरा काम होता है। हम इस बात पर भी अलग से विचार करेंगे कि क्या इस मामले पर कोई कानूनी मदद ली जा सकती है?’

 

कपिल सिब्बल की मौजूदगी पर सवाल
वहीं बीजेपी नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, ‘कांग्रेस के पास बहुत से फ्रीलांसर हैं, जो कभी कभी मोदी जी को हटाने में मदद मांगने के लिए पाकिस्तान भी पहुंच जाते हैं। आने वाले चुनाव में हार को देखते हुए वे (कांग्रेस) हैकिंग हॉरर शो बना रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि कपिल सिब्बल का वहां मौजूद होना कोई इत्तेफाक नहीं है। उन्हें कांग्रेस, राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने वहां भेजा है। उन्होंने कहा, ‘जिन लोगों को भी देश और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को बदनाम करने की सुपारी दी गई है, उस सुपारी को यहां से लेकर कोई डाकिया तो जाना चाहिए ना। तो वो डाकिया भेजा गया है।

 

मुद्दा उठाएगा विपक्ष: ममता बनर्जी
ममता बनर्जी ने कहा है कि अमेरिकी साइबर एक्सपर्ट के ईवीएम हैकिंग के दावे के बाद विपक्ष इस मुद्दे को चुनाव आयोग के सामने उठाएगा। इस मुद्दे पर किए अपने ट्वीट में ममता बनर्जी ने कहा कि हमारे महान लोकतंत्र को बचाया जाना जरूरी है। हमारे लिए हर वोट कीमती है। महारैली के दौरान सभी विपक्षी पार्टियों ने ईवीएम के मुद्दे पर बात की। हम सभी मिलकर काम कर रहे हैं और हमने तय किया है कि इस मामले को चुनाव आयोग के पास लेकर जाएंगे।

 

एक्सपर्ट ने किए कई और दावे
– इस मशीन को ब्लूटूथ की मदद से हैक नहीं किया ला सकता है। ग्रेफाइट आधारित ट्रांसमीटर की मदद से ही ईवीएम को खोला जा सकता है। इन ट्रांसमीटरों का इस्तेमाल 2014 के चुनाव में भी किया गया था।

 

– एक्सपर्ट का दावा है कि कोई व्यक्ति ईवीएम के डेटा को मैन्युपुलेट करने के लिए लगातार पिंग कर रहा था। 2014 में बीजेपी के कई नेताओं को इस बारे में जानकारी थी। जब उन्होंने एक अन्य बीजेपी नेता तक यह बात पहुंचाई तो उनके साथ काम करने वाले व्यक्ति की हत्या करवा दी गई।

 

– एक्सपर्ट का दावा है कि ईवीएम हैक करने में रिलायंस कम्युनिकेशन बीजेपी की मदद करता है।

 

– एक्सपर्ट का कहना है कि उन्होंने दिल्ली के चुनाव में इस ट्रांसमिशन को रुकवा दिया था इसलिए बीजेपी यह चुनाव हार गई थी। दिल्ली के चुनाव में बीजेपी की आईटी सेल द्वारा किया गया ट्रांसमिशन पकड़ में आ गया था। एक्सपर्ट ने कहा, ‘हमने ट्रांसमिशन को आम आदमी पार्टी के पक्ष में कर दिया था। वास्तविक नतीजे 2009 के जैसे ही थे।’

 

– एक्सपर्ट का दावा है कि उन्होंने (बीजेपी) ने कम फ्रिक्वेंसी वाले ट्रांसमिशन को भी इंटरसेप्ट करने की कोशिश की थी। बीजेपी को जब ईवीएम को लेकर चुनौती दी गई तो उन्होंने ऐसी मशीन का इस्तेमाल किया, जिसे हम भी हैक नहीं कर सकते हैं।

राव की नियुक्ति संबधी याचिका की सुनवाई से अलग हुए सीजेआई

NEW DELHI: प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने एम नागेश्वर राव को सीबीआई का अंतरिम निदेशक नियुक्त किए जाने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। सीजेआई ने कहा कि वह याचिका पर सुनवाई नहीं कर सकते क्योंकि वह अगले सीबीआई निदेशक का चयन करने वाली समिति बैठक का हिस्सा होंगे।

 

प्रधानमंत्री, विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी का नेता और सीजेआई या उनके द्वारा नामित शीर्ष अदालत का कोई न्यायाधीश इस उच्चाधिकार प्राप्त समिति का हिस्सा होते हैं।सीजेआई और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की एक पीठ राव को सीबीआई का अंतरिम निदेशक नियुक्त किए जाने के फैसले को चुनौती देने वाली गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) ‘कॉमन कॉज’ की याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

DSGMC : गुरुद्वारा कमेटी में पदाधिकारियों ने दिया इस्तीफा 

NEW DELHI. दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की कार्यकारिणी के सदस्यों ने आज इस्तीफा दे दिया। इसमें शिरोमणि अकाली दल से संबंधित 4 पदाधिकारी एवं 9 कार्यकारिणी सदस्येां ने इस्तीफा दिया है। इस मौके पर कमेटी के उपाध्यक्ष हरमनजीत सिंह एवं कमेटी के कार्यकारिणी सदस्य तरविंदर सिंह मारवाह अनुपस्थित रहे। कहा, जा रहा है कि इन लोगों ने अपने इस्तीफे भेजवा दिए। दिल्ली गुरुद्वारा एक्ट की धारा 17 (2) बी, के तहत इस बार इस्तीफा जनरल हाउस को दिया गया है। जानकारी के अनुसार हाथ खड़े करके इस्तीफे को मंजूरी दी गई है। इस्तीफे के बाद अब मौजूदा कमेटी के सभी पदाधिकारी अब पूर्व पदाधिकारी हो गए हैं। काम चलाऊ के तौर पर कमेटी का जरूरी कार्य देखने के लिए जनरल हाउस ने पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष हरमीत कालका एवं पूर्व महासचिव मनजिंदर ङ्क्षसह सिरसा को अधिकृत किया है। इनको केवल रोजमर्रा के कार्यों पर फैसला लेने के लिए अधिकृत किया गया है। इसलिए कोई भी नीतिगत फैसला नहीं ले सकते हंै।
–जनरल हाउस में सभी सदस्यों का इस्तीफा मंजूर
–एक्सक्यूटिव बॉडी के दो सदस्य मीटिंग से रहे नदारद 
–नीतिगत फैसलों पर लगी फिलहाल रोक, रोजमर्रा के काम होंगे 
–हरमीत कालका एवं मनजिंदर सिरसा कार्यवाहक बनाए गए  
इसके अलावा नियमानुसार कमेटी के दफ्तर का इस्तेमाल करना भी लाभ के पद के दायरे में आ सकता है। अब कमेटी के द्वारा सोमवार को तीस हजारी कोर्ट में पुर्नविचार याचिका दायर करने की तैयारी की जा रही है। ताकि, समय पूर्व कार्यकारिण्ीा के चुनाव करवाने की मंजूरी अदालत से ली जा सके। बता दें कि शुक्रवार को अदालत ने कार्यकारिणी सदस्यों के इस्तीफा न देने को कारण मानते हुए नये कार्यकारिणी के समय पूर्व चुनाव पर रोक लगा दी थी। साथ ही अगली तारीख 21 फरवरी को तय की गई है।  सूत्रों के अनुसार हाउस की बैठक में पहले हाथ उठाकर इस्तीफा देने का ऐलान हुआ। मीटिंग खत्म होने के बाद में लिखित में इस्तीफे सभी सदस्यों से लिया गया है। जबकि, धारा 17 -2 बी के अनुसार इस्तीफा हाथ से हस्तलिखित जनरल हाउस को देना जरूरी था। 
 
 
इस्तीफा देते ही जीके ने दिखाए तेवर, कहा-हुई बड़ी साजिश : जीके 
 
कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मंजीत सिंह जीके ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के पीछे बड़ी साजिश होने का दावा किया है। साथ ही कहा कि वक्त आने पर साजिश का खुलासा किया जाएगा। पत्रकारों द्वारा बार-बार कुरेदने पर हालांकि जीके ज्यादा नहीं बोले, पर इतना जरूर माना कि समय आने पर वो सबकुछ सामने रख देंगे। एक तरफ जीके खुद मान रहे हैं कि वो जल्द ही इस मामले से निकल कर बाहर आएंगे, लेकिन दूसरी ओर अभीी भी वो अपने आप को अकाली दल का वफादार सिपाही बता रहे हैं। 
 
सभी तथ्यों के आधार पर हुआ अदालत का फैसला : शंटी 
 
दिल्ली कमेटी में भ्रष्टाचार का खुलासा करने और चुनाव को अवैध करार दिलवाने वाले कमेटी के पूर्व महासचिव गुरमीत सिंह शंटी ने कहा कि अदालत ने जो आर्डर दिया था वह सभी तथ्यों के आधार पर दिया था। लिहाजा, अब दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी अदालत में क्या जवाब फाइल करती है, उसे पढऩे के बाद ही अगला कदम उठाउँगा। 
 
अदालत का दरवाजा खटखटाऊंगा : बाठ 
 
शिरोमणि अकाली दल के नेता एवं कमेटी सदस्य कुलवंत सिंह बाठ ने कहा कि अदालत ने जो कल कहा था उसके अनुसार आज जनरल हाउस में सभी सदस्यों ने अपना इस्तीफा लिखित में दे दिया है। अब सोमवार को तीसहजारी कोर्ट में पुनर्वविचार याचिका डाला जाएगा। चूंकि, स्कूलों में नये एडमिशन होने हैं,  गुरूपूरब सहित कई महत्वपूर्ण मसलें हैं, जिसको लेकर चुनाव जल्द कराना जरूरी है। इसलिए अदालत से गुहार लगाएंगे कि वर्तमान हालात और समस्याओं को देखते हुए चुनाव एक सप्ताह के भीतर करवाया जाए। 

कर्नाटक: बैठक में 4 ‘बागियों’ के नहीं पहुंचने से कांग्रेस परेशान, विधायकों को रिजॉर्ट पहुंचाया

NEW DELHI: कुछ विधायकों के बागी तेवर अपनाने की वजह से कांग्रेस ने कर्नाटक के अपने सभी विधायकों को शुक्रवार शाम को एक रिजॉर्ट पहुंचा दिया। पार्टी ने यह फैसला कांग्रेस विधायक दल की बैठक के ठीक बाद लिया, जिसमें 4 ‘बागी’ विधायकों ने हिस्सा नहीं लिया। कर्नाटक में कांग्रेस के विधायक दल की शुक्रवार को हुई बैठक में 4 असंतुष्ट विधायक नहीं पहुंचे। बीजेपी द्वारा कर्नाटक में गठबंधन सरकार को गिराने की कथित कोशिशों को नाकाम करने के लिए पार्टी ने शक्ति-प्रदर्शन के तौर पर विधायकों की बैठक बुलाई थी।

 

बैठक में 4 विधायकों की गैरमौजूदगी से एचडी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार को फिलहाल तो कोई खतरा नहीं है, लेकिन इससे यह संकेत जरूर मिलता है कि राज्य कांग्रेस के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है। कांग्रेस विधायक दल के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि बैठक में अनुपस्थित रहने वाले चारों विधायकों को पार्टी नोटिस जारी करेगी और उनसे इसका कारण पूछेगी।

 

विधायकों को रिजॉर्ट में रखने के कदम का बचाव करते हुए कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश गुंडु राव ने कहा, ‘भारतीय जनता पार्टी खुलेआम खरीद-फरोख्त में शामिल है और जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन सरकार को येन केन प्रकारेण गिराने की कोशिश कर रही है।’ उन्होंने कहा, ‘हमें अपने सभी विधायकों को एक जगह रखने और आगामी लोकसभा चुनाव के लिए चर्चा की जरूरत है।’

 

दूसरी तरफ, बीजेपी ने विधायकों के गायब रहने पर कांग्रेस पर हमला बोला है। बीजेपी महासचिव पी. मुरलीधर राव ने कहा कि पूर्व मंत्री रमेश जरकीहोली समेत 4 कांग्रेसी विधायकों का विधायक दल की बैठक से नदारद रहना साफ तौर पर देश की सबसे पुरानी पार्टी में दरार को दिखाता है। बैठक से पहले, कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धारमैया ने पार्टी विधायकों को नोटिस जारी किया था और चेतावनी दी थी कि अगर वे अनुपस्थित रहे तो इसे ‘गंभीरता’ से लिया जाएगा और उनके खिलाफ दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

 

कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि विधायक दल की बैठक में 4 विधायक- रमेश जरकीहोली, बी. नागेंद्र, उमेश जाधव और महेश कुमाटहल्ली नहीं शामिल हुए। जरकीहोली को हालिया कैबिनेट फेरबदल में मंत्री पद से हटाया गया था और बताया जा रहा है कि वह इससे काफी नाखुश हैं। असंतुष्ट विधायक उमेश जाधव ने पहले ही सिद्धारमैया को खत लिखकर बैठक में अपने नहीं आने की जानकारी दे दी थी। उन्होंने सिद्धारमैया को लिखा कि उनके विधायक निवास के बाहर लेटर चिपकाकर मीटिंग के बारे में बताया गया था लेकिन वह अस्वस्थ हैं। इस वजह से वह बैठक में शामिल नहीं होंगे।

 

एक और असंतुष्ट विधायक बी. नागेंद्र ने गुरुवार को कहा था कि एक कोर्ट केस की वजह से वह कांग्रेस विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे। बैठक में लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, सिद्धारमैया, कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल और राज्य के नेता उपस्थित थे। बैठक के बाद, कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने जोर देकर कहा कि गठबंधन सरकार को कोई खतरा नहीं है और बीजेपी इसे ‘अस्थिर’ करने के लिए ‘व्यर्थ’ के प्रयास कर रही है। कांग्रेस ने कहा कि बीजेपी की साजिश का ‘पर्दाफाश’ हो चुका है।

भारत को कारोबार सुगमता रैंकिंग में अगले साल ‘शीर्ष 50’ में पहुंचाने का लक्ष्य: मोदी

NEW DELHI: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि भारत कारोबार सुगमता के मामले में अगले साल तक शीर्ष 50 देशों में शामिल होने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। विश्वबैंक की कारोबार सुगमता रैंकिंग की नवीनतम रिपोर्ट में भारत ने 75 स्थानों की छलांग लगाते हुये 77वां स्थान हासिल किया है।वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन के नौवें संस्करण के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, मैंने अपनी टीम से कड़ा परिश्रम करने को कहा है ताकि देश को अगले साल कारोबार सुगमता के मामले में शीर्ष 50 देशों की सूची में स्थान दिलाया जा सके।

 

मोदी ने कहा कि उनकी सरकार का ध्यान उन बाधाओं को हटाने पर है जो देश को उसकी क्षमताओं के हिसाब से प्रदर्शन करने से रोक रही हैं। हम सुधारों और नियमों को सरल बनाने की प्रक्रिया जारी रखेंगे। मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ‘सुधार, प्रदर्शन, बदलाव और बेहतर प्रदर्शन’ के मंत्र पर काम करते हुये ‘न्यूनतम सरकार – बेहतर शासन’ का लक्ष्य लेकर काम कर रही है।

 

मोदी ने कहा कि पिछले चार साल में देश की औसत सालाना जीडीपी वृद्धि 7.3 प्रतिशत रही है, जो 1991 के बाद से सर्वाधिक है। उल्लेखनीय है कि वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन की अवधारणा मोदी ने 2003 में की थी। उस समय वह राज्य के मुख्यमंत्री थे। इसके पीछे उनका लक्ष्य राज्य को देश का प्रमुख निवेश स्थान बनाना था।

विनेश फोगाट ने किया देश का नाम रोशन, इस अवार्ड के लिए नामांकित होने वाली पहली भारतीय बनीं

NEW DELHI: भारत की 24 वर्षीय महिला पहलवान विनेश फोगाट गुरुवार को प्रतिष्ठित लॉरियस वर्ल्ड स्पोटर्स अवॉडर्स के लिए नामांकित होने वाली पहली भारतीय बन गई हैं। विनेश को महान गोल्फर टाइगर वुड्स के साथ वर्ल्ड कमबैक ऑफ द इयर कटेगरी में नामांकित किया गया है। हरियाणा की भिवानी निवासी फोगाट ने 2018 में धमाकेदार वापसी करते हुए एशियाई खेलों और 21वें राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता था।

 

वह 2016 में रियो ओलम्पिक के क्वार्टर फाइनल के दौरान चोटिल हो गई थीं। विनेश इस अवॉर्ड के लिए चुनी जाने वाली इकलौती भारतीय एथलीट हैं। इससे पहले, 2004 में भारतीय क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान के साथ लॉरियस स्पोटर्स फॉर गुड अवॉर्ड साझा किया था। दोनों टीमों को दोनों देशों के बीच जारी राजनीतिक तनाव के बावजूद अंतर्राष्ट्रीय मैच खेलने के लिए यह अवॉर्ड दिया गया था।

 

भारत के स्पोर्ट्स एनजीओ मैजिक बस को भी 2014 में यह अवॉर्ड दिया गया था। विनेश और वुड्स के अलावा वर्ल्ड कमबैक ऑफ द इयर कटेगरी में जापान के यूजूरू हानयू, कनाडा के मार्क मैकमोरिस, नीदरलैंड्स की बिबियन मेंटल स्पी और अमेरिका की लिंड्से वोन में नामांकित किया गया है।

 

लॉरियस वर्ल्ड स्पोटर्समैन ऑफ द इयर अवॉर्ड के लिए वर्ल्ड नबंर-1 टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविक, इंग्लैंड के एफ-1 रेसर लुइस हेमिल्टन, फ्रांस के फुटबाल स्टार कीलियन एम्बाप्पे और क्रोएशिया के फुटबाल खिलाड़ी लुका मॉड्रिच को नामांकित किया गया है जबकि लॉरियस वर्ल्ड स्पोटर्सवुमन ऑफ द इयर के लिए अमेरिका की जिमनास्ट सिमोन बाइल्स, रोमानिया की टेनिस खिलाड़ी सिमोना हालेप और जर्मन की एंजेलिक केर्बर जैसी खिलाड़यों को नामांकित किया गया है।

 

पिछले वर्ष रूस में फीफा विश्व कप का खिताब जीतने वाली फ्रांस की टीम को लॉरियस वर्ल्ड टीम ऑफ द इयर के लिए नामांकित किया गया है। विजेताओं की घोषणा 18 फरवरी को यहां होने वाले लॉरियस वर्ल्ड स्पोर्ट्स अवॉर्डस समारोह में की जाएगी। विजेता का चुनाव लॉरियस वर्ल्ड स्पोर्ट्स अकादमी के 66 सदस्य करेंगे।

भारत ने ऑस्ट्रेलिया में फिर रचा इतिहास, 2-1 से जीता वनडे सीरीज

NEW DELHI: भारत ने युजवेंद्र चहल की फिरकी के कमाल के बाद ‘मैच फिनिशर’ महेंद्र सिंह धोनी और केदार जाधव के बीच चौथे विकेट के लिये नाबाद 121 रन की भागीदारी से शुक्रवार को यहां तीसरे और अंतिम एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में आस्ट्रेलिया को सात विकेट से हराकर तीन मैचों की श्रृंखला 2-1 से अपने नाम की। टेस्ट मैचों की श्रृंखला जीतकर इतिहास रचने वाली भारतीय टीम ने वनडे सीरीज में भी जीत हासिल की, इससे पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला 1-1 से बराबर रही थी। विराट कोहली की टीम ने इस तरह आस्ट्रेलिया में एक भी श्रृंखला नहीं गंवायी और यह श्रेय हासिल करने वाली वह पहली टीम बन गई।

 

इसमें मैन आफ द सीरीज धोनी रहे जिन्होंने दूसरे वनडे में भी अंत में छक्का लगाकर मैच में जीत दिलायी और अपने आलोचकों को चुप कराया। ‘मैन आफ द मैच’ लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल (42 रन पर छह विकेट) की फिरकी के जादू से भारत ने आस्ट्रेलिया को 48.4 ओवर में 230 रन पर आउट कर दिया। फिर ‘फिनिशर’ की भूमिका बखूबी निभाते हुए धोनी ने आस्ट्रेलिया की क्षेत्ररक्षण की चूक का फायदा उठाते हुए वनडे में 70वीं अर्धशतकीय पारी खेली और जाधव के साथ नाबाद शतकीय साझेदारी से भारत ने यह लक्ष्य 49.2 ओवर में तीन विकेट पर 234 रन बनाकर हासिल कर लिया।

 

धोनी ने 114 गेंद खेलते हुए छह चौके की मदद से नाबाद 87 रन की पारी खेली जबकि जाधव ने 57 गेंद में सात चौके से नाबाद 61 रन बनाये। भारत को जीत के लिये अंतिम चार ओवर में 33 रन की दरकार थी। धोनी और जाधव ने 47वें ओवर में छह रन, 48वें ओवर में 13 रन और 49वें ओवर में 13 रन जुटाये। इससे आखिरी ओवर में जीत के लिये केवल एक रन चाहिए था और जाधव ने इसकी दूसरी गेंद पर चौका लगाकर टीम को जीत दिलायी। हालांकि भारत की शुरूआत अच्छी नहीं रही, उसने छठे ओवर की अंतिम गेंद पर सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा (09) का विकेट गंवा दिया जो पीटर सिडल की गेंद पर पहली स्लिप में खड़े शॉन मार्श को कैच देकर आउट हुए।

 

दूसरे सलामी बल्लेबाज शिखर धवन (23) और कप्तान विराट कोहली (46) ने संभलकर खेलते हुए पारी को आगे बढ़ाना जारी रखा। पर धवन फिर लंबी पारी खेलने में असफल रहे और मार्कस स्टोइनिस की फुललैंग्थ गेंद पर इसी गेंदबाज को आसान कैच थमा बैठे जिससे टीम का स्कोर दो विकेट पर 59 रन हो गया। अब कोहली और धोनी क्रीज पर थे, मैदान पर मौजूद भारतीय प्रशंसक ध्वज लहराकर जोश से भरे दिखायी दिये। आस्ट्रेलियाई कप्तान आरोन फिंच ने गेंदबाजों के बेहतरीन इस्तेमाल और खिलाड़ियों को मैदान पर अच्छी तरह सजाकर भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाये रखा। वहीं धोनी और कोहली ने जोखिम लिये बिना एक दो रन जुटाना जारी रखा।

 

मेजबान टीम ने क्षेत्ररक्षण में कई मौके गंवाये और अगर वे इन्हें हासिल करने में सफल रहते तो शायद मैच का परिणाम बदल भी सकता था। आस्ट्रेलिया ने शानदार मौका तब गंवाया जब धवन के आउट करने के बाद धोनी क्रीज पर उतरे। मेजबानों के सबसे फुर्तीले क्षेत्ररक्षक ग्लेन मैक्सवेल ने स्टोइनिस की गेंद पर उनका कैच छोड़ दिया। इसके बाद भी कई बार टीम ने रन आउट के कई मौके बनाये। इससे पहले भी हैंड्सकोंब ने स्लिप में कोहली का कैच छोड़ दिया था जो उनके हाथ से निकलकर चार रन के लिये चला गया।

 

हालांकि इस 54 रन की भागीदारी का अंत जाय रिचर्डसन ने किया जिन्होंने भारतीय कप्तान का विकेट झटककर टीम को तीसरा झटका दिया। कोहली ने 62 गेंद में तीन चौके से 46 रन बनाये। इससे पहले श्रृंखला में अपना पहला मैच खेल रहे चहल ने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 10 ओवर में 42 रन देकर छह विकेट लिये। उनका पिछला सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दक्षिण अफ्रीका के सेंचुरियन में 22 रन पर पांच विकेट था। उन्होंने आस्ट्रेलिया में किसी भारतीय गेंदबाज की सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की बराबरी की। इससे पहले अजित अगरकर ने भी इसी मैदान पर 42 रन देकर छह विकेट लिये थे। यह इस मैदान पर किसी विदेशी गेंदबाज का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी है। अगरकर ने 2004 में त्रिकोणीय श्रृंखला में यह प्रदर्शन किया था।