गुरुद्वारा बंगला साहिब का सूचना केन्द्र हुआ हाईटेक

NEW DELHI. गुरुद्वारा बंगला साहिब के नये बने सूचना केन्द्र का आज उद्घाटन किया गया। विदेशी पर्यटकों को सिख धर्म के बारे में आधुनिक तकनीक से जानकारी देने के लिए दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा सूचना केन्द्र का नवीनीकरण किया गया है। मुख्य ग्रंथी ज्ञानी रणजीत सिंह द्वारा अरदास के बाद कारसेवा वाले बाबा बचन सिंह के प्रतिनिधी द्वारा सूचना केन्द्र की चाबीयाँ कमेटी अध्यक्ष मनजीत सिंह जी.के. को सौंपी।
इस सूचना केंद्र में विदेशी पर्यटकों की सुविधा के लिए सूचना केन्द्र में तमाम प्रबंध किये गये हैं। इसमें 10 गुरू साहिबानों के इतिहास के बारे में जानकारी करवाती दस्तावेजी फिल्म के साथ ही कम्पयूटर, वाई-फाई सेवा, आदि अतिआधुनिक सुविधायें विदेशी पर्यटकों को सूचना केन्द्र पर ही उपलब्ध करवायी गई है। साथ ही देश-विदेश से आने वाले गैरसिख राजनीतिक पर्यटकां के लिए एक अलग से ब्लॉक बनाया गया है। सूचना केन्द्र में मौजूद गाईड पर्यटकों के साथ हिन्दी, पंजाबी, अंग्रेजी, फ्रैंच, जर्मनी एवं चीनी आदि भाषाओं में बात करने में समर्थ हैं।
इसके अलावा अंग्रेजी के सिख साहित्य की अलग खिड़की भी लगाई गई है। ताकि पर्यटक अपनी मनपसंद की किताब चुन कर साथ ले जा सके।

कमेटी अध्यक्ष मंजीत सिंह जी.के. ने कहा कि दिल्ली में धार्मिक स्थानों पर जाने के अभिलाषी पर्यटकों की रेटिंग में कमेटी की बढिय़ा कारगुजारी के फलस्वरूप बंगला साहिब को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। जबकि गुरुद्वारा बंगला साहिब के बाद दिल्ली में दूसरे स्थान पर अक्षरधाम मंदिर एवं तीसरे नम्बर पर हुमांयू का मकबरा बाहर से आने वाले पर्यटकों की पहली पसंद है। इसलिए सूचना केन्द्र को प्रभावशाली एवं समय का साथी बनाने के लिए नवीनीकरण करना पड़ा है। इस अवसर पर दिल्ली कमेटी के सदस्य बड़ी संख्या में मौजूद थे।

102 शहरों में होगी पलूशन से जंग

NEW DELHI. दिल्ली की जहरीली हवा इन दिनों चर्चा का विषय है लेकिन शायद ही किसी को इस बात पर संदेह हो कि पलूशन अब देशव्यापी समस्या है। पलूशन की समस्या के त्वरित समाधान की जरूरत को समझते हुए भारत ने 4 ग्लोबल एजेंसियों की मदद लेने का फैसला किया है। इनमें वर्ल्ड बैंक और जर्मन डिवेलपमेंट एजेंसी (GIZ) शामिल है जो भारत के 102 शहरों के पलूशन से निपटने की क्षमता को बढ़ाने के लिए काम करेंगी। अन्य दो एजेंसियों में एशियन डिवेलपमेंट बैंक (ADB) और ब्लूमबर्ग फिलेन्थ्रॉपीज के नाम शामिल हैं। ये एजेंसियां अलग-अलग भोगौलिक इलाकों में सरकार को प्रदूषण से लड़ने में मदद करेंगी। केंद्रीय पर्यावरण सेक्रटरी सीके मिश्रा ने बताया कि इन चारों एजेंसियों के साथ अग्रीमेंट को अंतिम रूप दे दिया गया है। ये एजेंसियां तकनीकी सहयोग देंगी और राज्यों को उनके शहरों में क्षमता विकसित करने में मदद करेंगी। मिश्रा के मुताबिक हर एजेंसी को शहरों के साथ काम करने के लिए एक भोगौलिक इलाका तय करके दिया जाएगा।
इन शहरों के लिए एक नए नैशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (NCAP) की घोषणा जल्द ही हो सकती है। इसमें प्रदूषण घटाने के लिए नए सिरे से व्यापक टाइम लाइन भी फिक्स की जाएंगी। बढ़ते एयर पलूशन से व्यापक रूप से निपटने के लिए यह एक लंबे समय की नई रणनीति होगी। NCAP में विभिन्न तरीकों से पलूशन कंट्रोल, मैनुअल एयर क्वॉलिटी मॉनिटरिंग स्टेशन की संख्या बढ़ाना, एयर क्वॉलिटी पर निगरानी रखने वाले मॉनिटरिंग स्टेशनों का विस्तार और जियॉग्रफिक इन्फर्मेशन सिस्टम (GIS) के प्लैटफॉर्म के जरिए डेटा अनैलेसिस के लिए एयर इन्फर्मेशन सेंटर जैसी चीजें शामिल होंगी।
एयर पलूशन को लेकर लोगों की तरफ से आने वाली शिकायतों के निस्तारण की भी व्यवस्था इसमें शामिल की जाएगी। इसके लिए इसमें एक जनशिकायत निवारण पोर्टल भी तैयार किया जाएगा जिसके माध्यम से एयर पलूशन से जुड़ी शिकायतों का निपटारा होगा। शहरों को इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने होंगे ताकि एयर पलूशन से जुड़ी कोई भी सूचना ईमेल या एसएमएस के जरिये रिपोर्ट की जा सके।

आडवाणी के जन्मदिन पर घर पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी

NEW DELHI. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सहित पार्टी के कई नेताओं ने वीरवार को पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को उनके 91वें जन्मदिन के अवसर पर शुभकामनाएं दीं। साथ ही राष्ट्रीय राजनीति, भाजपा को खड़ा करने एवं इसकी विचारधारा के प्रचार-प्रसार में उनके योगदान को याद किया।
  पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय राजनीति पर आडवाणी का बहुत अधिक प्रभाव है। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्विटर पर लिखा, भारत के विकास में आडवाणी जी का योगदान बहुत बड़ा है। मंत्री के तौर पर उनके कार्यकाल की प्रशंसा भविष्योन्मुखी निर्णय लेने और जनपक्षधर नीतियों के लिए की जाती है। उनकी विद्वता की प्रशंसा सभी राजनीतिज्ञ करते हैं।  
 एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, पार्टी के वरिष्ठ नेता का भारतीय राजनीति पर बहुत अधिक प्रभाव पड़ा है। उन्होंने नि:स्वार्थ भावना और सतत परिश्रम से भाजपा को खड़ा किया और आश्चर्यजनक रूप से कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया। 
   भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने अपने ट्वीट में कहा कि आडवाणी ने भाजपा के संगठन को मजबूत किया, इसके कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया और साथ ही उन्हें अनुशासन भी सिखाया। उन्होंने कहा कि जनसंघ से भाजपा तक हमारी विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने और संसद में एक कुशल राजनेता के तौर पर भारत को प्रगति पथ पर ले जाने में, भारतीय राजनीति में आडवाणी जी का योगदान अतुलनीय है।
   केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आडवाणी को भारतीय राजनीति का पितामह करार दिया। साथ ही कहा कि उन्होंने भाजपा की शुरुआत के वक्त से ही इसे सींचा है। आडवाणी जी पार्टी के करोड़ों कार्यकर्ताओं के लिए एक प्रेरणास्रोत हैं। ईश्वर उन्हें अच्छी सेहत और लंबी आयु प्रदान करे। आडवाणी का जन्म कराची (पाकिस्तान) में 1927 को हुआ था। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी आडवाणी के घर जाकर जन्म दिन की बधाईयां दी।  

सिख कैदियों की रिहाई के लिए तिहाड़ के बाहर अरदास

NEW DELHI. पंजाब के काले दौर के दौरान जूझने वाले सिख योद्धो की जेलों से रिहाई करवाने के लिए दिल्ली की तिहाड़ जेल के बाहर दिल्ली सिख गुरद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा ‘बंदी छोड़ दाता’ गुरु हरगोबिंद साहिब के चरणों में अरदास की गई। “ बन्दी छोड़ दिवस “ के मौके पर दिल्ली कमेटी अध्यक्ष सरदार मनजीत सिंह जी.के. के नेतृत्व में हुई अरदास के बाद तिहाड़ जेल के गेट न. 3 के बाहर मीडिया से बात करते हुए जी.के. ने सिख कैदियों के लिए कमेटी द्वारा लड़ी जा रहीं कानूनी लड़ाई की भी जानकारी दी।शिरोमणी अकाली दल दिल्ली स्टेट के अध्यक्ष जी.के. द्वारा जेल में बंद उन सिख कैदियों की रिहाई के लिए अरदास आयोजित की गई थी जो कि अपनी सजाएं खत्म होने के बाद भी जेलों में बंद हैं।

जी.के. ने कहा वैसे तो अकाली दल लम्बे समय से जेलों में बंद उन कैदी सिखों की कानूनी लड़ाई लड़ रहा है, जो कि सजा समाप्त होने पर भी रिहा नहीं हुए है। पर आज गुरु हरगोबिन्द साहिब के चरणों में अरदास की गई है कि जिस तरह गुरु साहिब आपने ग्वालियर की जेल में बंद 52 पहाड़ी हिन्दू राजाओं को मुक्त करवाया था। उसी तरह अब इन कैदियों की जल्द रिहाई के लिए गुरु साहिब अपनी कृपा से कोई ऐसा रास्ता निकाले, जिसके बाद रिहाई संभव हो सके। हम गुरु महाराज के चरणों में इसलिए अरदास कर रहे हैं क्योंकि हमारा मानना है की गुरु महाराज की कोर्ट सुप्रीम कोर्ट से भी ऊपर है।

एक निर्णय की वजह से बाहर नहीं आ पा रहे हैं सिख

जी.के. ने बताया की काले दौर के दौरान हथियार उठाने वाले या ना उठाने वाले सभी सिख आज दो दशक जेल में बंद रहने के बावजूद सुप्रीम कोर्ट के एक निर्णय की वजह से जेल से बाहर नहीं आ पा रहे है। यह देश की कार्यपालिका और न्यायपालिका के लिए चिंतन और मंथन का विषय है, की आखिर अपनी सजा पूरी करने के बावजूद इन सिख कैदियों के मानवधिकारों की बात किसे कब और कैसे याद आएगी ? जी.के. ने बताया की दिल्ली कमेटी जहां इन कैदियों की लड़ाई विभिन्न अदालतों और राष्ट्रीय मानवधिकार आयोग में लड़ रही है वही अकाली दल सरकार के साथ बातचीत के जरिये सियासी लड़ाई भी लड़ रहा है। भाई जगतार सिंह हवारा से लेकर भाई सतनाम सिंह पाऊंटा साहिब तक की पैरवी दिल्ली कमेटी ने अदालतों में की है। सिर्फ मानवाधिकारों की लड़ाई ही नहीं लड़ी बल्कि मामले को अंजाम तक पहुंचाते हुए तिहाड़ जेल में 5600 सीसीटीवी कैमरे लगवाने का आदेश भी दिल्ली हाईकोर्ट से पारित करवाया है ताकि जेल के अंदर कैदियों का शरीरिक उत्पीड़न ना हो।

 

सिख कैदियों की रिहाई में रोड़ा–परमिन्दर

 

कमेटी के प्रवक्ता परमिन्दर पाल सिंह ने कहा कि सिख कैदियों की रिहाई में केंद्र सरकार व राज्य सरकारों की सीधी भूमिका नहीं है। क्योंकि राजीव गांधी की हत्या में लिप्त कैदियों को तमिलनाडु सरकार द्वारा रिहा करने का फैसला लेने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने जिन कैदियों पर सीबीआई जांच चल रही है यां फिर टाडा लगा हुआ है उनकी सजा पूरी होने के बाद भी रिहाई नहीं करने का आदेश दे दिया था। जो की सिख कैदियों की रिहाई में रोड़ा बना हुआ है। अब सुप्रीम कोर्ट ही इनकी रिहाई के आदेश दे सकती है। इस अवसर पर अरदास कमेटी सदस्य चमनं सिंह द्वारा की गई। अरदास में कमेटी सदस्य परमजीत सिंह चंडोक, आत्मा सिंह लुबाना, रमिंदर सिंह स्वीटा और रणजीत कौर आदि शामिल हुए।


लड़की का पहला पीरियड : कहीं जश्न तो कहीं अशुद्धी

NEW DELHI.  महिलाओं एंव लडृकियों में हर महीने पीरियड यानी माहवारी आती है। इसको लेकर समाज में अलग—अलग राय है। ज्यादातर लोग पीरियड के दौरान महिलाओं को अशुद्ध मानते हैं। बहुत से व्यक्ति ऐसे हैं, जो पीरियड के बारे में परंपरा और कथाओं के हवाले से कपोल-कल्पित बातें करते हैं, जिनका कोई आधार नहीं हैं। सच यह है कि आज भारत के कई क्षेत्र ऐसे हैं, जहां लड़की का पहला पीरियड खुशी का अवसर माना जाता है।

कर्नाटक में कई स्थानों पर आज भी एक परंपरा कायम है। इसके तहत जब किसी लड़की को पहली बार पीरियड होता है तो इसे उत्सव के तौर पर मनाते हैं। लड़की को नए वस्त्र पहनाकर तैयार किया जाता है और सुमंगली महिला यानी कोई शादीशुदा महिला उसकी आरती उतारती है। लड़की को एक खास प्रकार का व्यंजन खिलाया जाता है, ऐसा माना जाता है कि इससे पीरियड में समस्या नहीं होती है। इसी प्रकार से लड़की के पीरियड शुरू होने पर केरल और आंध्र प्रदेश में भी उत्सव आयोजित किए जाते हैं।

तमिनाडु में तो पहले पीरियड पर तीन दिन तक उत्सव मनाया जाता है। यहां इस उत्सव को मंजल निराथु विझा के नाम से जाना जाता है। तमिलनाडु में पहले पीरियड पर लड़की को औषधीयुक्त पानी से नहलाया जाता है। परिवार के सदस्यों और मित्रों को इस उत्सव में बुलाया जाता है। वे लड़की को सिल्क साड़ी गिफ्ट करते हैं। इसी प्रकार से असम में भी ऐसा ही त्यौहार मनाया जाता है, जहां इसे जोरू बिया के नाम से जाना जाता है।

 

भारतीय परंपरा और संस्कृति के नाम पर पीरियड के दौरान महिला को अशुद्ध या यूं कहें कि अछूत की तरह ट्रीट करने वाले लोग नहीं जानते हैं कि वे जिन बातों का पालन कर रहे हैं, वे भारतीय संस्कृति का हिस्सा नहीं है बल्कि भ्रम और अंधविश्वास के चलते हमारे समाज में वे बातें आ गई हैं। हां, इतना जरूर है कि पीरियड के दौरान महिलाओं को कुछ सावधानियां बरतनी होती हैं, लेकिन इसे घृणा भाव से देखना गलत है। आइए जानते हैं कि ऐसे ही कुछ मिथ जो हमारे समाज में पीरियड से जुड़े हैं, लेकिन इनके पीछे के कारण कुछ अलग हैं।

 

पहला तर्क – पीरियड में गंदा खून निकलता है

सच: पीरियड में निकलने वाला रक्त नसों में बहने वाले खून से अलग होता है। यह सौ प्रतिशत सच है, लेकिन यह गंदा नहीं होता है। यौनी से निकलने वाला खून, वेजाइना के टिश्यू, सेल्स, एस्ट्रोजन हार्मोन के कारण बच्चेदानी में जो खून और प्रोटीन की परत बनती है, उसके टुकड़े खून के रूप में बाहर निकलते हैं। बच्चेदानी में जमा यह रक्त पीरियड के दौरान बाहर निकल जाता है, क्योंकि यह शरीर के लिए गैरजरूरी होता है।

दूसरा तर्क: अचार छूने से खराब होता है

सच: पीरियड के दौरान महिला अचार छू ले तो वह खराब हो जाता है। ऐसी मान्यता काफी समय से है, लेकिन यह गलत है। दरअसल, अचार तब खराब होता है जब कोई गीले हाथों से उसे छू ले।

तीसरा मिथ: पीरियड के दौरान महिला प्रेग्नेंट नहीं हो सकती

सच: पीरियड के दौरान गर्भाधारण की गुंजाइश कम होती है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है कि महिला पीरियड के समय प्रेग्नेंट नहीं हो सकती। सेक्स के दौरान अगर स्पर्म वजाइना के अंदर रह जाए, तो अगले सात दिनों तक प्रेग्नेंसी के चान्सेस होते हैं।

चौथा मिथ: पीरियड के दौरान कसरत नहीं करनी चाहिए

सच: यदि किसी महिला को प्रतिदिन एक्सरसाइज की आदत है तो वह पीरियड में भी बिना किसी चिंता के एक्सरसाइज कर सकती है। इससे कोई नुकसान नहीं बल्कि फायदा होता है, क्योंकि पीरियड के दौरान होने वाले पेट दर्द में इससे राहत से मिलती है। एक्सरसाइज से जो पसीना निकलता है वह महिला के दर्द को कम करता है।

पांचवां मिथ: पूरे एक हफ्ते चलना चाहिए पीरियड

सच: दरअसल, यह सब एस्ट्रोजन पर निर्भर करता है, जो एक प्रकार का हार्मोन है। यह शरीर की कई चीजों को कंट्रोल करता है, जैसे बाल, आवाज, सेक्स की इच्छा आदि। एस्ट्रोजन के कारण, हर महीने बच्चेदानी में खून और प्रोटीन की एक परत बनती है। शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन की मात्रा के हिसाब से खून और प्रोटीन की परत बनती है। यह थोड़ी मोटी भी हो सकती है पतली भी। जिन महिलाओं के यह परत मोटी बनती है पीरियड के दौरान उनका ज्यादा खून निकलता है, जिनके कम उनका खून कम निकलता है। मतलब एक हफ्ते तक पीरियड होना जरूरी नहीं है।

छठा मिथ: पीरियड मिस मतलब महिला गर्भवती

सच: यह सच है कि गर्भधारण पर पीरियड नहीं होते हैं, लेकिन पीरियड नहीं होने के पीछे सिर्फ यही एक कारण नहीं है। मतलब गर्भवती होने के अलावा भी कई कारण हैं जब पीरियड नहीं होते या मिस हो जाते हैं। जैसे- स्ट्रेस, खराब डाइट और हार्मोनल चेंजेस की वजह से भी कई बार पीरियड मिस हो जाते हैं।

सातवां मिथ: पीरियड के दौरान कपड़े पर दाग मतलब सब ठीक है

सच: महिलाओं के पीरियड खुलकर होना बेहद आवश्यक होता है। ऐसा नहीं होने से या समय पर पीरियड नहीं होने से उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। समाज में एक मान्यता है कि कपड़ों पर दाग लगा है तो मतलब पीरियड खुलकर आ रहे हैं। ऐसा नहीं है , दसअसल कपड़ों पर दाग लगे होने का मतलब यह है कि पैड पूरा गीला हो चुका है या उसे सही से नहीं पहना गया है।

 

आठवां मिथ: पीरियड के दौरान गर्म पानी से नहीं नहाना चाहिए

सच यह है: डॉक्टर्स इस बात को कोरा भ्रम करार देते हैं। उनका कहना है कि पीरियड के दौरान गुनगुने पानी से नहाना काफी अच्छा होता है, इससे बॉडी पेन और शरीर में जो एक प्रकार की ऐंठन होती है, वह दूर हो जाती है।

 

नौंवा मिथ: पीरियड के दौरान महिलाएं बाल न धोएं

सच: पीरियड के दौरान बाल न धोने के पीछे सिर्फ भ्रम ही एक कारण है। मेडिकल साइंस में ऐसी कोई वजह नहीं है कि महिलाएं पीरियड में बाल न धोएं। महिलाएं जब चाहें तब बाल धो

UP: वॉट्सऐप पर ट्रिपल तलाक, हलाला के नाम पर रेप

NEW DELHI.  सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रिपल तलाक कानून को खारिज करने के बाद भी देश के विभिन्न शहरों में अभी भी ट्रिपल तलाक की घटनाएं हो रही हैं। ऐसा ही एक ताजा मामला उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में एक विवाहिता को पति द्वारा वॉट्सऐप पर ट्रिपल तलाक देने का मामला सामने आया है। आरोप है कि जिले के सांगीपुर इलाके में रहने वाली महिला को पहले पति ने तलाक दिया और फिर दो बार उसका रेप किया। इसपर जब महिला ने पुलिस को मामले की शिकायत दी तो आरोपी शख्स ने दोबारा निकाह की बात कहते हुए उसे एक रिश्तेदार मौलवी के पास हलाला कराने को भेज दिया। यहां पर भी महिला के विरोध करने के बावजूद मौलवी ने उसका रेप किया।

 

परिजनों के मुताबिक, महिला का निकाह करीब 9 साल पहले हुआ था और निकाह के बाद महिला ने दो बच्चों को भी जन्म दिया। हाल ही में कुछ दिनों पहले पति द्वारा तलाक के बाद रेप किए जाने पर उसने इसकी शिकायत पुलिस से की थी। इसके बाद ही पति ने दबाव में दोबारा निकाह की बात कही थी, लेकिन इसके लिए हलाला कराने की शर्त रखी थी। आरोप के मुताबिक महिला की शिकायत दर्ज होने के बावजूद पुलिस विभाग ने शरिया कानून की बात कहते हुए कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद महिला न्याय के लिए अपने दो बच्चों के साथ जिला प्रशासन के अधिकारियों के दरवाजे पर भटकती रही।

महिला दर-दर भटकने को मजबूर

कहा जा रहा है कि हलाला के नाम पर जिस मौलवी पर रेप करने का आरोप है उसका नाम मजीज है और वह नगर कोतवाली क्षेत्र के जोगापुर इलाके का निवासी है। वहीं घटना के बाद सांगीपुर पुलिस ने महिला और आरोपी मौलवी के खिलाफ केस तो दर्ज किया है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। प्रशासन की इसी उदासीनता के कारण जहां महिला दर-दर भटकने को मजबूर है, वहीं अधिकारियों ने अब तक इस मामले में पुलिस कार्रवाई को लेकर कोई बयान नहीं दिया है।

 

गौरतलब है कि, तीन तलाक के मामले पर सुप्रीम कोर्ट पहले ही अपना फैसला सुना चुका है। अब कोर्ट में नया मुद्दा निकाह हलाला की चर्चा जोरों पर है। सुप्रीम कोर्ट में इसपर भी चुनौती दी गई है जिसकी सुनवाई संविधान पीठ करेगा। तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद से निकाह हलाला जैसी प्रथा भी खत्म करने की मांग उठने लगी है।

दिल्ली-एनसीआर में 2 घंटे ही फोड़ सकेंगे पटाखा

NEW DELHI. दिल्ली—एनसीआर में रहते हैं तो आपके लिए एक जरूरी खबर है। इस बार दीपावली पर आप दो घंटे ही पटाखा फोड पाएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को साफ किया कि ग्रीन पटाखे की शर्त केवल दिल्ली-एनसीआर के लिए है और देश के बाकी हिस्सों में सामान्य पटाखे जलाए जा सकेंगे। कोर्ट ने साथ ही पटाखा फोड़ने के दो घंटे में समय बदलाव से साफ इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कुछ दिन पहले दिए गए अपने फैसले में पटाखा फोड़ने का समय रात 8 बजे से 10 बजे तक तय किया था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने समय में बदलाव की तमिलनाडु सरकार की अपील पर एक नया निर्देश जरूर जारी किया है। कोर्ट ने कहा कि तमिलनाडु में दिवाली के दौरान दो घंटे पटाखा छोड़ने का समय राज्य सरकार तय कर सकती है। बता दें कि तमिलनाडु सरकार ने शीर्ष अदालत में याचिका दाखिल कर धार्मिक परंपरा का हवाला देते हुए सुबह से समय पटाखा फोड़ने की इजाजत मांगी थी।

 

 

शीर्ष अदालत ने कहा कि ग्रीन पटाखे केवल दिल्ली-एनसीआर में ही जलाए जाएंगे और यह देश के अन्य हिस्सों पर लागू नहीं होगा। तमिलनाडु सरकार ने वकील बी विनोद खन्ना के मार्फत याचिका दायर कर शीर्ष अदालत के इस आदेश में संशोधन करने का अनुरोध करते हुए कहा था कि राज्य में सुबह साढ़े चार बजे से लेकर सुबह साढ़े छह बजे तक भी पटाखे फोड़ने की इजाजत दी जाए। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले दिए गए अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों की बिक्री पर पूरी तरह से बैन लगाने से साफ इनकार कर दिया था। हालांकि शीर्ष अदालत ने कुछ शर्तों के साथ पटाखों की बिक्री को इजाजत दे दी थी।

पटाखों की ऑनलाइन बिक्री नहीं की जा सकती

 

SC ने अपने फैसले में कहा था कि पटाखों की ऑनलाइन बिक्री नहीं की जा सकती है। कोर्ट ने ई-कॉमर्स पोर्टल्स को पटाखे बेचने से रोक दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पटाखों को केवल लाइसेंस पाए ट्रेडर्स ही बेच सकते हैं। आपको बता दें कि वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए देशभर में पटाखों के उत्पादन और बिक्री पर रोक लगाने की मांग की गई थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को इस पर अहम फैसला दिया। कोर्ट ने कम आवाज वाले पटाखे जलाने का आदेश दिया है ताकि प्रदूषण से मुक्ति मिल सके।

शाम 8 से 10 बजे तक ही पटाखे फोड़े जा सकेंगे
सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरण को कम नुकसान पहुंचाने वाले पटाखों के उत्पादन एवं बिक्री की अनुमति दी है, जिनसे देशभर में कम उत्सर्जन होगा। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कुछ दिन बाद ही दिवाली का त्योहार है। दिवाली पर पटाखे फोड़ने के लिए कोर्ट ने टाइम भी तय किया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक दिवाली पर शाम 8 से 10 बजे तक ही पटाखे फोड़े जा सकेंगे।

गुरुद्वारा कमेटी में ‘दान घोटाला, डकार गए 51 लाख,  GM सस्पेंड

NEW DELHI. दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी में कथित भ्रष्टाचार को लेकर कमेटी सदस्य गुरमीत सिंह शंटी ने कमेटी अध्यक्ष मंजीत सिंह जीके पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कटघरे में खड़ा किया है। साथ ही कहा कि जीके ने एक नहीं लगातार कई घोटाले किए हैं, जिसमें से तीन घोटालों के सबूत सामने आए हैँ। इन घोटालों की शिकायत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, वित्तमंत्री अरूण जेटली, दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस सहित दिल्ली गुरुद्वारा आयोग से लिखित रूप से की है। इनमें सबसे अहम घोटाला है दान घोटाला, जिसके तहत 51 लाख रुपये का सीधे गबन किया गया है। मनजीत सिंह जीके के खिलाफ नॉर्थ एवेन्यू पुलिस थाना में एक शिकायत दर्ज करवाई है और पुलिस ने डीडी नंबर 11ए, तारीख 21 अक्टूबर 2018 के आधार पर जांच शुरू कर दी है। उन्होंने पुलिस को अपना बयान दिया है और सभी साक्ष्य सौंपे हैं। मामला चूंकि, गुरुद्वारे के गोलक की लूट से जुड़ा है, इसलिए अकाली दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को भी शिकायत की गई है।
 
–कमेटी के सदस्य गुरमीत शंटी ने लगाए सनसनीखेज आरोप 
–प्रधानमंत्री, गृहमंत्री को लिखी चिट्ठी, कमेटी खातों की जांच की मांग
–अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल को भी लिखी चिटठी, करें हस्तक्षेप   
–गुरमीत शंटी ने पुस्तक घोटाले का जारी किया आडियो टेप 
शंटी ने आरोप लगाया कि इतना सबकुछ हो जाने के बाद भी कमेटी के बाकी सदस्य एवं पदाधिकारी खामोश बैठे हैं। शंटी ने कहा कि मनजीत सिंह जीके के कार्यकाल के दौरान प्रधान-डीएसजीएमसी के रूप में, डीएसजीएमसी और जीएचपीएस के सभी खातों को सत्य जानने के लिए उन्हें सार्वजनिक किया जाए।
     कमेटी के पूर्व महासचिव गुरमीत सिंह शंटी ने कहा कि सिख धर्म के प्रचार के लिए गुरुद्वारा कमेटी ने 82 हजार धार्मिक पुस्तकें छपवाने का दावा किया था, जबकि, हकीकत में पुस्तकें छपी ही नहीं और लाखों रुपये का भुगतान कर दिया गया। पुस्तक घोटाले को लेकर शंटी ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एक आडियो टेप भी जारी किया, जिसमें पुस्तकें नहीं छापने और फर्जी बिल बनाने की बात कही गई है। आडियो टेप में पुस्तक छापने वाले जोगिंदर सिंह प्रेस ने माना है कि कमेटी ने उनसे फर्जी बिल बनवाए और उसका लाखों रुपये खा गए।
ब्लैकलिस्टेड  कंपनी को दिया ठेका, पेमेंट भी हुआ  
इसके अलावा कमेटी अध्यक्ष जीके ने ब्लैक लिस्टेड कंपनी ‘रेनबी क्लॉथिंग प्राइवेट लिमिटेडÓ को कपड़े सप्लाई करने का ठेका दिया और उसे भुगतान भी कर दिया। यह कंपनी उनके बेटे एवं दामाद की है, जो उनके अपने निजी आवास के पते पर रजिस्टर्ड है। उन्होंने सवाल उठाया कि 2015 में बंद हो चुकी कंपनी को 2017-18 में भुगतान किया गया। जबकि, कमेटी एक्ट के अनुसार परिवार का सदस्य कोई व्यवसाय गुरुद्वारे में नहीं कर सकता है।
51 लाख रुपये का दान का गबन 
पूर्व महासचिव गुरमीत शंटी ने कहा कि कनाडा के एक श्रद्धालु ने 1 लाख कैनेडियन डॉलर का दान डीएसजीएमसी को दिया, जिनको भारतीय रुपए में बदल कर 51,05,773.20 रुपए 30 जून 2016 को बैंक में जमा किया गया था। यह कुल राशि 51,05,773.20 है। बैंक स्टेटमेंट में भी यह रकम साफ दर्ज है। लेकिन, मनजीत जीके ने एक नकली वाउचर नंबर 3468 बना कर उसी तारीख को 51,05,773 रुपये उसी तारीख को यानी 30 जून 2016 और डीएसजीएमसी के कैश चेस्ट से निकाल ली गई।
जीके ने गृहमंत्रालय से मांगी है जेडप्लस सुरक्षा 
गुरमीत सिंह शंटी ने दावा किया कि मंजीत सिंह जीके ने दिल्ली की संगत द्वारा हमले के डर से, (जैसे अमेरिकी संगत द्वारा हाल ही में उन पर किया गया था) दिल्ली पुलिस और जेड प्लस सुरक्षा मांगी है। इसके लिए गृह मंत्रालय एवं दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि यदि जीके ईमानदार हैं, तो उन्हें दिल्ली की संगत के डर से सुरक्षा की मांग नहीं करनी चाहिए थी।
मंजीत सिंह दें इस्तीफा, गैरहाजिरी में हो खातों की जांच- सरना   
शिरोमणि अकाली दल (दिलली) के महासचिव हरविंदर सिंह सरना ने इतने बड़े घोटाले का खुलासा होने के बाद कमेटी अध्यक्ष मंजीत सिंह को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। साथ ही पुलिसे से उनकी गिरफ्तारी की मांग की है। साथ ही कहा है कि जीके की गैरहाजिरी में कमेटी के सभ्ीा खातों की जांच होनी चाहिए। सरना ने कहा कि कमेटी के इतिहास में यह पहला वाक्या होगा, जब एक के बाद एक घोटाले उजागर हो रहे हैं।
जांच में जो दोषी होगा, कार्रवाई होगी: दिल्ली कमेटी 
 दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी ने गुरमीत सिंह शंटी के आरोपों पर बहुत ज्यादा आज नहीं बोला है। कमेटी प्रवक्ता परमिंदर पाल सिंह ने इतना ही कहा कि हमने पहले ही नार्थ एवेन्यू थाने मे जांच के लिए तहरीर दे रखी हैं। लिहाजा, जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा,उसके खिलाफ कार्यवाही होंगी।

गुरुद्वारा कमेटी का जनरल मैनेजर सस्पेंड, जांच कमेटी गठित

दिल्ली कमेटी सदस्य सरदार गुरमीत सिंह शंटी द्वारा कमेटी के जनरल मैनेजर सरदार हरजीत सिंह सुबेदार के खिलाफ लगाए गए आरोपों के आधार पर कमेटी अध्यक्ष मंजीतसिंह जीके ने तत्काल प्रभाव से सुबेदार को संस्पेंड कर दिया है। साथ ही जांच के लिए सरदार हरमीत सिंह कालका व सरदार महिन्द्रपाल सिंह चड्ड़ा की अगुवाई में 2 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। इस फैसले का ऐलान करते हुए कमेटी अध्यक्ष सरदार मनजीत सिंह जी.के. ने सूबेदार को पद से निलंबित भी कर दिया।

बादल की ‘अदालत’ में अकालियों की लगी ‘क्लास’  

NEW DELHI.  दिल्ली सिख गुरुद्वारा कमेटी में कथित भ्रष्टाचार, घोटाले सहित कई अन्य मामलों में छिड़ी वर्चस्व की लड़ाई आज अकाली दल बादल के सुप्रीमों सुखबीर सिंह बादल की अदालत में पहुंची। बादल ने कमेटी अध्यक्ष मंजीत सिंह जीके एवं महासचिव मनजिंंदर सिंह सिरसा के बीच छिड़े जंग को सुलझाने के लिए आज अपने आवास पर सभी नेताओं को तलब किया। बादल ने कमेटी के करीब 20 सदस्यों से बंद कमरे में अलग-अलग बातचीत की और वर्तमान हालात की बावत जानकारी मांगी। सूत्रों के मुताबिक इस दौरान ज्यादातर सदस्यों ने करप्शन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। साथ ही कहा कि कमेटी अध्यक्ष मंजीत सिंह जीके के ऊपर लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच होनी चाहिए। इसको लेकर विपक्ष लगातार आरोप लगा रहा है और संगत के बीच गलत मैसेज भी जा रहा है।
— सिरसा-जीके की लड़ाई को सुलझाने में जुटे सुखबीर बादल  
–दिल्ली कमेटी में भ्रष्टाचार पर सदस्यों ने उठाई आवाज 
–अलग-अलग सदस्यों से बंद कमरे में मिले शिअद सुप्रीमो 
सूत्रों के मुताबिक सदस्यों ने कहा कि अब करप्शन का मुद्दा इतना ज्यादा फैल गया है िक संगत भी पूछने लगी है। लिहाजा, संगतों को हम लोग क्या जवाब दें। सदस्यों ने सुखबीर बादल को कहा कि पहले मंजीत सिंह जीके इस्तीफे की बात कही और शक्तियां देकर चले गए, और अब महासचिव मनजिंदर ङ्क्षसह सिरसा ने अपनी शक्तियां देकर घर बैठ गए। यह सिख संगतों के बीच बहुत गलत मैसेज जा रहा है। लिहाजा इस मसले को तुरंत सुलझाया जाना चाहिए। एक सदस्य ने कहा कि मंजीत सिंह जीके पर बड़ा ही गंभीर आरोप लगा है, इसके जवाब में जीके को खुद अपना स्पष्टीकरण देना चाहिए। साथ ही पार्टी को चाहिए कि वह इसकी निष्पक्ष जांच करवाए।
आज फिर बाकी 20 सदस्यों से करेंगे मुलाकात
   शुक्रवार को फिर दिल्ली के बाकी सदस्यों को बुलाया गया है। वीरवार को पश्चिमी दिल्ली एवं नई दिल्ली क्षेत्र के सदस्य पहुंचे थे। इनमें पूर्व कमेटी अध्यक्ष एवं पटना साहिब के नवनियुक्त अध्यक्ष अवतार सिंह हित, रंजीत कौर, हरमनजीत सिंह, जगदीश सिंह काहलो, हरजीत सिंह पप्पा, गुरमीत सिंह भाटिया, निशान सिंह मान, स्वर्ण सिंह बराड़, मनमोहन सिंह, दलजीत सिंह सरना, सर्वजीत सिंह विर्क एवं महेंद्र सिंह भुल्लर आदि पहुंचे। इसके अलावा कमेटी के अध्यक्ष मंजीत सिंह जीके खुद भी मौजूद रहे, लेकिन सुखबीर बादल सदस्यों से अकेले ही मिले। इस दौरान सदस्यों ने कई अहम सुझाव भी दिए। सूत्रों के मुताबिक सुखबीर ङ्क्षसह बादल से मिलने के बाद कुछ सदस्यों ने अकाली सांसद प्रो. चंदूमाजरा के आवास पर जाकर उनसे भी मुलाकात की। उधर, इस मामले में दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी कुछ भी बोलने से साथ इनकार कर दिया है।
भ्रष्टाचार की जांच होनी चाहिए : रंजीत कौर 
दिल्ली कमेटी की सदस्य एवं अकाली दल बादल की महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष बीबी रंजीत कौर ने भी पार्टी अध्यक्ष सुखबीर बादल के समक्ष अपनी बात रखी। साथ ही कहा कि कमेटी एवं पार्टी में जो भी आतंरिक विरोध का मामला है उसे बैठकर सुलझा लिया जाना चाहिए। इसके अलावा अगर कोई भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहा है तो उसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए, ताकि सच्चाई सिख संगत के सामने आ जाए। लेकिन, अफसोस कि एक दूसरे पर आरोप लगाने के चलते संगत के बीच गलत मैसेज जा रहा है। उन्होंने सुखबीर बादल को बताया कि कमेटी में विपक्ष नहीं है, लेकिन हम खुद ही विपक्ष क्रियेट कर दिए हैं। लिहाजा, समय-समय पर सदस्यों की काउंसलिग होनी चाहिए। रंजीत कौर ने इस दौरान बताया कि हमसभी को मिलकर संगइन को मजबूत करना चाहिए। यूथ विंग को महिला विंग की तर्ज पर फैलाना चाहिए। हमने 1000 महिलाओं को जोड़ा है। स्त्री कवि दरबार शुरू कराया। अब घरेलू महिलाओं को जोड़ा जा रहा है। रंजीत कौर ने सुखबीर बादल को लिखित सुझाव दिया कि वह कार्यकर्ताओं से बीच-बीच में मिलें, ताकि उनका मनोबल भी मजबूत हो।
धर्म उपर होना चाहिए और राजनीति पीछे : बाठ 
दिल्ली कमेटी के पूर्वी दिल्ली से सदस्य कुलवंत सिंह बाठ के मुताबिक आरोप बहुत लोग लगाते हैं, अगर आरोप गंभीर है तो कमेटी अध्यक्ष मंजीत सिंह जीके को खुद सामने आकर संगत को जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले भी अगर कोई गड़बड़ी हुई है तो उसकी भी अध्यक्ष जांच बिठा सकते हैं। 5 साल तक इंतजार नहीं करना चाहिए। बाठ ने दिल्ली कमेटी के एक्ट में सरकार जो संशोधन करने जा रही है उसका स्वागत किया है। धार्मिक लोग राजनीतिक क्षेत्र से अलग होना चाहिए। धर्म उपर होना चाहिए और राजनीति पीछे।