महिलाओं के लिए खुशखबरी… रेगुलर सेक्स से बढती है यादाश्त

NEW DELHI. नई नवेली शादी करने वाली लडकियों एवं अधेड उम्र की लाखों महिलाओं के लिए एक बडी खुशखबरी है। अगर आप अब तक यह सोच रहीं थीं ज्यादा सेक्स करना सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है तो भूल जाएं। वैसी महिलाएं जो नियमित रूप से रेगुलर सेक्स करती हैं या सेक्शुअल इंटरकोर्स में शामिल होती हैं उनकी चीजों और शब्दों को याद रखने की क्षमता और बेहतर होती है। एक नई स्टडी के मुताबिक अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि वैसी महिलाएं जो नियमित रूप से सेक्शुअल इंटरकोर्स में शामिल होती हैं उनकी चीजों और शब्दों को याद रखने की क्षमता और बेहतर होती है।

कनाडा के मॉन्ट्रियल स्थित मैकगिल यूनिवर्सिटी के अनुसंधानकर्ताओं ने यह रिसर्च की जिसके नतीजे बताते हैं कि PVI यानी पीनाइल-वजाइनल इंटरकोर्स का हेल्दी यंग महिलाओं के मेमरी फंक्शन यानी याददाश्त पॉजिटिव असर पड़ता है और उनकी याद रखने की क्षमता बेहतर होती है।

 

इस रिसर्च के लिए अनुसंधानकर्ताओं ने 18 से 29 साल के बीच की 78 हेट्रोसेक्शुअल महिलाओं को एक कम्प्यूटराइज्ड मेमरी paradigm को कम्प्लीट करने को कहा जिसमें कुछ काल्पनिक शब्द और निपक्ष चेहरे थे। आर्काइव्स ऑफ सेक्शुअल बिहेवियर नाम के जर्नल में प्रकाशित रिसर्च के नतीजे बताते हैं कि नियमित रूप से सेक्स करने पर काल्पनिक शब्दों को याद रखने पर पॉजिटिव रिजल्ट मिले लेकिन चेहरों को याद रखने पर नहीं।

 

रेग्युलर सेक्स से तंदरुस्त रहता है हर्ट

 

सेक्शुअल रूप से ऐक्टिव और नॉन ऐक्टिव रहने का शरीर पर भी असर पड़ता है। अलग-अलग स्टडीज में शोधकर्ताओं ने पाया है कि रेग्युलर सेक्स से हर्ट तंदरुस्त रहता है, तनाव में कमी होती है, अच्छी नींद आती है। इसके अलावा शरीर में खून का सर्कुलेशन भी ठीक रहता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक ऐक्टिव सेक्स आपकी हेल्दी लाइफस्टाइल को भी बूस्ट देता है। हालांकि कई लोगों का यह भी मानना है कि रेग्युलर सेक्स आपको मोटा बना सकता है।

रेग्युलर सेक्स नहीं बढ़ता है आपका वजन

 

असल में रेग्युलर सेक्स की वजह से आपका वजन नहीं बढ़ता लेकिन सेक्स हार्मोंस में असंतुलन जरूर वेट पर असर डाल सकता है। हालंकि इस असंतुलन का आपकी सेक्शुअल ऐक्टिविटीज से कोई लेना-देना नहीं है। वास्तव में यह कई चीजों पर निर्भर करती है जिनमें प्यूबर्टी एज, मासिक धर्म चक्र और मेनोपॉज (रजनोवृत्ति) जैसी चीजें शामिल हैं।

DHEA, एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरोन जैसे सेक्स हार्मोंस में उतार-चढ़ाव से शरीर का वजन बढ़ता है। महिलाओं और पुरुषों, दोनों में प्रमुख सेक्स हार्मोन DHEA की कमी वजन बढ़ने का कारण बन सकती है। एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन में अस्थिरता भी आपका वजन बढ़ा सकती है। ऐसे में आप नियमित तौर पर हार्मोंस चेक कराएं तो अप्रत्याशित वजन बढ़ने से बच सकते हैं।

 

 

 

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