भारत ने ऑस्ट्रेलिया में फिर रचा इतिहास, 2-1 से जीता वनडे सीरीज

NEW DELHI: भारत ने युजवेंद्र चहल की फिरकी के कमाल के बाद ‘मैच फिनिशर’ महेंद्र सिंह धोनी और केदार जाधव के बीच चौथे विकेट के लिये नाबाद 121 रन की भागीदारी से शुक्रवार को यहां तीसरे और अंतिम एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में आस्ट्रेलिया को सात विकेट से हराकर तीन मैचों की श्रृंखला 2-1 से अपने नाम की। टेस्ट मैचों की श्रृंखला जीतकर इतिहास रचने वाली भारतीय टीम ने वनडे सीरीज में भी जीत हासिल की, इससे पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला 1-1 से बराबर रही थी। विराट कोहली की टीम ने इस तरह आस्ट्रेलिया में एक भी श्रृंखला नहीं गंवायी और यह श्रेय हासिल करने वाली वह पहली टीम बन गई।

 

इसमें मैन आफ द सीरीज धोनी रहे जिन्होंने दूसरे वनडे में भी अंत में छक्का लगाकर मैच में जीत दिलायी और अपने आलोचकों को चुप कराया। ‘मैन आफ द मैच’ लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल (42 रन पर छह विकेट) की फिरकी के जादू से भारत ने आस्ट्रेलिया को 48.4 ओवर में 230 रन पर आउट कर दिया। फिर ‘फिनिशर’ की भूमिका बखूबी निभाते हुए धोनी ने आस्ट्रेलिया की क्षेत्ररक्षण की चूक का फायदा उठाते हुए वनडे में 70वीं अर्धशतकीय पारी खेली और जाधव के साथ नाबाद शतकीय साझेदारी से भारत ने यह लक्ष्य 49.2 ओवर में तीन विकेट पर 234 रन बनाकर हासिल कर लिया।

 

धोनी ने 114 गेंद खेलते हुए छह चौके की मदद से नाबाद 87 रन की पारी खेली जबकि जाधव ने 57 गेंद में सात चौके से नाबाद 61 रन बनाये। भारत को जीत के लिये अंतिम चार ओवर में 33 रन की दरकार थी। धोनी और जाधव ने 47वें ओवर में छह रन, 48वें ओवर में 13 रन और 49वें ओवर में 13 रन जुटाये। इससे आखिरी ओवर में जीत के लिये केवल एक रन चाहिए था और जाधव ने इसकी दूसरी गेंद पर चौका लगाकर टीम को जीत दिलायी। हालांकि भारत की शुरूआत अच्छी नहीं रही, उसने छठे ओवर की अंतिम गेंद पर सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा (09) का विकेट गंवा दिया जो पीटर सिडल की गेंद पर पहली स्लिप में खड़े शॉन मार्श को कैच देकर आउट हुए।

 

दूसरे सलामी बल्लेबाज शिखर धवन (23) और कप्तान विराट कोहली (46) ने संभलकर खेलते हुए पारी को आगे बढ़ाना जारी रखा। पर धवन फिर लंबी पारी खेलने में असफल रहे और मार्कस स्टोइनिस की फुललैंग्थ गेंद पर इसी गेंदबाज को आसान कैच थमा बैठे जिससे टीम का स्कोर दो विकेट पर 59 रन हो गया। अब कोहली और धोनी क्रीज पर थे, मैदान पर मौजूद भारतीय प्रशंसक ध्वज लहराकर जोश से भरे दिखायी दिये। आस्ट्रेलियाई कप्तान आरोन फिंच ने गेंदबाजों के बेहतरीन इस्तेमाल और खिलाड़ियों को मैदान पर अच्छी तरह सजाकर भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाये रखा। वहीं धोनी और कोहली ने जोखिम लिये बिना एक दो रन जुटाना जारी रखा।

 

मेजबान टीम ने क्षेत्ररक्षण में कई मौके गंवाये और अगर वे इन्हें हासिल करने में सफल रहते तो शायद मैच का परिणाम बदल भी सकता था। आस्ट्रेलिया ने शानदार मौका तब गंवाया जब धवन के आउट करने के बाद धोनी क्रीज पर उतरे। मेजबानों के सबसे फुर्तीले क्षेत्ररक्षक ग्लेन मैक्सवेल ने स्टोइनिस की गेंद पर उनका कैच छोड़ दिया। इसके बाद भी कई बार टीम ने रन आउट के कई मौके बनाये। इससे पहले भी हैंड्सकोंब ने स्लिप में कोहली का कैच छोड़ दिया था जो उनके हाथ से निकलकर चार रन के लिये चला गया।

 

हालांकि इस 54 रन की भागीदारी का अंत जाय रिचर्डसन ने किया जिन्होंने भारतीय कप्तान का विकेट झटककर टीम को तीसरा झटका दिया। कोहली ने 62 गेंद में तीन चौके से 46 रन बनाये। इससे पहले श्रृंखला में अपना पहला मैच खेल रहे चहल ने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 10 ओवर में 42 रन देकर छह विकेट लिये। उनका पिछला सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दक्षिण अफ्रीका के सेंचुरियन में 22 रन पर पांच विकेट था। उन्होंने आस्ट्रेलिया में किसी भारतीय गेंदबाज की सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की बराबरी की। इससे पहले अजित अगरकर ने भी इसी मैदान पर 42 रन देकर छह विकेट लिये थे। यह इस मैदान पर किसी विदेशी गेंदबाज का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी है। अगरकर ने 2004 में त्रिकोणीय श्रृंखला में यह प्रदर्शन किया था।

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