दिसंबर 2021 तक अंतरिक्ष में होगी भारतीय महिला एस्ट्रोनॉट

NEW DELHI: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) दिसंबर 2021 तक अंतरिक्ष में एस्ट्रोनॉट भेजेगा। यह ऐलान शुक्रवार को इसरो के चेयरमैन के सिवन ने किया। इस सफलता के साथ ही, अंतरिक्ष पर मानव मिशन भेजने वाला भारत दुनिया का चैथा देश बन जाएगा। इस मिशन के लिए अंतरिक्ष यात्री को विदेश में ट्रेनिंग दी जाएगी।

 

सिवन ने कहा कि इसरो महिला अंतरिक्ष यात्री को भी इसमें शामिल करना चाहता है, लेकिन ये सेलेक्शन की प्रक्रिया पर निर्भर करता है। इसके साथ ही के. सिवन ने घोषणा की कि भारत के दूसरे चंद्र अभियान चंद्रयान-2 को इस साल मध्य अप्रैल में प्रक्षेपित कर सकता है। इसरो ने इससे पहले कहा था कि चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण इस साल जनवरी से 16 फरवरी के बीच किया जाएगा।

 

यह अभियान कुल 800 करोड़ रुपए की लागत वाला बताया जा रहा है। यह 10 साल पहले प्रक्षेपित किए गए चंद्रयान-1 का उन्नत संस्करण है। सिवन ने मीडिया से कहा जहां तक चंद्रयान 2 के प्रक्षेपण की बात है तो इसके लिए 25 मार्च से मध्य अप्रैल का समय तय किया गया है। संभवतः इसे मध्य अप्रैल में प्रक्षेपित किए जाने का लक्ष्य है।

 

उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष एजेंसी ने इसे पहले जनवरी और फरवरी के बीच प्रक्षेपित करने की योजना बनाई थी लेकिन कुछ परीक्षणों के नहीं हो पाने के कारण ऐसा नहीं हो सका। इसरो प्रमुख ने कहा, फरवरी के लक्ष्य से चूकने के बाद अगला उपलब्ध लक्ष्य अप्रैल है। अब इसे अप्रैल में प्रक्षेपित करने की योजना है। गगनयान के तहत शुरुआती ट्रेनिंग भारत में होगी जबकि इसकी एडवांस ट्रेनिंग रूस में दी जाएगी। अंतरिक्ष में जाने वाले दल में महिला भी होंगी।

 

पिछले महीने केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि भारत 2022 तक अपने तीन अंतरिक्ष यात्रियों को गगनयान मिशन के तहत अंतरिक्ष में भेजेंगे। गगनयान मिशन के लिए केंद्र सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये का फंड जारी किया था। केंद्र सरकार ने इस मिशन को ऐतिहासिक बताया था।

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