DSGMC: सिरसा ने दिया इस्तीफा, मंजीत जीके अड़े 

NEW DELHI. दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी में भ्रष्टाचार को लेकर जंग छिड़ गई है। करप्शन पर घिरे कमेटी अध्यक्ष मंजीत सिंह जीके ने आज सीधे तौर पर इस्तीफा तो नहीं दिया है, लेकिन दो महीने पहले ही कार्यकारिणी चुनाव करवाने का ऐलान जरूर कर दिया है। लिहाजा, 28 एवं 29 मार्च 2019 को होने वाला चुनाव अब इसी महीने की 27 से 30 दिसम्बर के बीच होगा। इसके लिए कमेटी ने वीरवार को आनन फानन में एक्सक्यूटिव बोर्ड की आपातकालीन बैठक बुलाई। बैठक में कमेटी के कुछ सदस्यों ने मंजीत सिंह जीके पर दबाव बनाया कि वह पहले इस्तीफा दें, फिर चुनाव करवाएं। लेकिन, जीके अड़ गए और इस्तीफा नहीं दिए। सूत्रों के मुताबिक जीके ने सभी सदस्यों को कहा कि इस्तीफा देने की फिलहाल जरूरत नहीं है। हम चुनाव समय से पहले ही करवा रहे हैं।  लिहाजा, अपने पदों पर चुनाव तक बनें रहें। इसको लेकर मीटिंग में गरमागरमी भी हुई, और कार्यकारिणी सदस्य हरिंदर पाल सिंह ने तो मीटिंग का बाईकाट कर बाहर निकल आए। लेकिन, मामला इतना तूल पकड़ लिया कि मीटिंग खत्म होने के थोड़ी देर बाद कमेटी के महासचिव मनजिंदर सिंह सिरसा ने अपने इस्तीफे का ऐलान कर दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को भेज दिया।
 
–गुरुद्वारा कमेटी में छिड़ा सियासी महाभारत, बदले घटनाक्रम  
–सिरसा समर्थक 4 सदस्यों ने भी सुखबीर बादल को भेजा इस्तीफा 
—गुरुद्वारा कमेटी में नये चुनाव का ऐलान, मार्च की बजाय इसी महीने होगा  
सिरसा के इस्तीफा देने के सहित कमेटी की कार्यकारिणी सदस्य जसवीर सिंह जस्सी, मीटिंग का बाईकाट करने वाले कार्यकारिणी सदस्य हरिंदर पाल सिंह एवं यमुनापर के सदस्य कुलवंत सिंह बाठ ने भी तुरंत इस्तीफा दे दिया। सभी कार्यकारिणी मेंबरों ने अपने इस्तीफे पार्टी अध्यक्ष को दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक सिरसा ने अपना इस्तीफा देकर कमेटी अध्यक्ष मंजीत सिंह जीके पर दबाव बना दिया है। इसको लेकर देर शाम सियासत और ज्यादा गरमा गई है। 
 
 
हाईकमान के आदेश पर दिया इस्तीफा : सिरसा 
 इस्तीफा देने के बाद मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि पार्टी हाईकमान का आदेश दिया है कि दिल्ली कमेटी के पदाधिकारियों पर जो भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं, वह ठीक नहीं है। लिहाजा, कमेटी एवं पार्टी की बदनामी न हो इसके लिए तत्काल नई कमेटी बननी चाहिए। जब तक नई कमेटी नहीं बनती है तब सारे आफिस बेयररर्स इस्तीफा देंगे। इसलिए, मैने तुरंत  इस्तीफा देना उचित समझा है। सिरसा ने कहा कि पार्टी हाईकमान का जो आदेश होगा,हम उसका पालन करेंगे। सिरसा ने कमेटी में ताकतों को लेकर पूछे गये सवाल के जवाब में साफ कहा कि हमारा आपसी कोई टकराव या खींचतान नहीं है। हमने पिछले 6 वर्ष के दौरान मिलजुल कर बड़ी सेवाऐं की हैं। हम धर्म की सेवा के लिए यहां आये हैं, ना कि अपने अहंकार को प्रदर्शित करने। हम सेवा के लिए आज भी एकजुट हैं, इसलिए टकराव शब्द का इस्तेमाल उचित नहीं है।
 
 
 
कार्यकारणी बोर्ड ने दी चुनाव करवाने को स्वीकृति
 
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के कार्यकारणी बोर्ड की आज हुई बैठक के दौरान कमेटी के नये पदाधिकारियों का चुनाव दिसम्बर 2018 के अंतिम सप्ताह में करवाने के लिए जनरल हाऊस बुलाने का फैसला लिया गया है। कमेटी दफ्तर में 5 पदाधिकारियों एवं 10 कार्यकारणी सदस्यों की हुई बैठक के दौरान गुरू नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर दिल्ली से ननकाणा साहिब तक नगर कीर्तन लेकर जाने को भी मन्जूरी दी गई। 
   कमेटी अध्यक्ष मनजीत सिंह जी.के. ने कमेटी के ऊपर लग रहे भ्रष्टाचार के दोषों का हवाला देते हुए 29 मार्च 2019 को होने वाले जनरल हाऊस को पहले बुलाने का प्रस्ताव पेश किया। ताकि नये पदाधिकारियों द्वारा नई जांच कमेटी बनाकर पुराने पदाधिकारियों पर लग रहे आरोपों की निष्पक्ष जांच हो सके। जिसको कार्यकारणी ने मन्जूरी देते हुए 21 दिनों के नोटिस पीरियड के आधार पर 27 से 29 दिसम्बर के बीच जनरल हाऊस को बुलाने की मन्जूरी लेने के लिए गुरुद्वारा चुनाव निदेशालय के पास पत्र भेजने की बात कही।
 
धार्मिक सियासत में कभी पदाधिकारियों ने पद नहीं छोड़े : जीके 
 
कार्यकारणी की बैठक के बाद मंजीत सिंह जी.के. ने कहा कि धार्मिक सियासत में एफ.आई.आर. दर्ज होने के बावजूद भी कभी पदाधिकारियों ने भी अपने पद नहीं छोड़े थे। पर हम संगत को जवाबदेह हैं, इसलिए लग रहे आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए हमने नया जनरल हाऊस 3 महीने पहले बुलाने का फैसला लिया है। ताकि नई कमेटी मामले की निष्पक्ष जांच कर सके। जी.के. ने कार्यकारणी के सदस्यों द्वारा इस संबंधी लिये गये फैसले को बड़े दिल से लिया गया फैसला बताते हुए आज के फैसले के साथ धार्मिक सियासत में नया उदाहरण स्थापित होने का दावा किया। जी.के. ने कहा कि अफवाह तथा आरोप किसी भी धार्मिक संस्था पर लगने ठीक नहीं होते। इसलिए पार्टी हाईकमान को विश्वास में लेकर हमने यह फैसला लिया है। हम कुर्सी पर बैठकर विरोधियों के इस आरोप का सामना नहीं करना चाहते कि हम सच सामने आने में रूकावट पैदा कर रहे हैं।
 
 
गुरुद्वारा चुनाव आयोग को पत्र भेजेंगे 
मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि नये जनरल हाऊस को 3 महीने पहले बुलाने के सुझाव पर कार्यकारणी ने जो मोहर लगाई है उसको अगली मंजूरी के लिए हम गुरुद्वारा चुनाव निदेशालय को भेज रहे हैं। निदेशक की सुविधा तथा एक्ट के हिसाब से अगला जनरल हाऊस होगा। पत्रकारों द्वारा मौजूदा कमेटी के अब कार्यकारी होने के बारे पूछे गये सवाल के जवाब में सिरसा ने कहा कि मौजूदा कमेटी किसी भी हालात में कार्यकारी नहीं है। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *