मेरी कॉम ने रचा इतिहास, वर्ल्ड चैंपियन पर कब्‍जा

NEW DELHI. सुपरमॉम एमसी मेरी कॉम ने शनिवार को वर्ल्ड चैंपियनशिप में खिताबी सिक्सर लगाते हुए इतिहास रच दिया। दिल्ली के केडी जाधव हॉल में हुई 48kg कैटिगरी के फाइनल फाइट में उन्होंने यूक्रेन की हन्ना ओकोता को 5-0 (30-27, 29-28, 29-28, 30-27, 30-27) से हराया और रेकॉर्ड छठी बार महिला विश्व कप का खिताब जीतने का गौरव हासिल किया। मेरी कॉम इस जीत के बाद भावुक हो गईं। तिरंगा लहराते समय उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। भावुक मैरी ने कहा, ‘मैं इस जीत के लिए अपने सभी प्रशंसकों का शुक्रिया अदा करती हूं, जो मुझे यहां समर्थन करने के लिए आए। मैं आप सभी की तहेदिल से शुक्रगुजार हूं। मेरे लिए यह महान पल है।’ यह दूसरा मौका है, जब वह खिताबी फाइट के लिए घरेलू फैंस के सामने थीं। इससे पहले 2006 घरेलू दर्शकों के सामने रिंग में उतरी थीं।

इस जीत के साथ ही 35 वर्षीय स्टार भारतीय बॉक्सर आयरलैंड की कैटी टेलर को पछाड़कर सबसे अधिक 6 वर्ल्ड चैंपियनशिप्स में जीतने वाली पहली महिला बॉक्सर बन गईं। इससे पहले मेरी और टेलर 5-5 बार वर्ल्ड चैंपियनशिप का खिताब जीतकर बराबरी पर थीं।

पहला राउंड
पहले राउंड में दोनों खिलाड़ी सावधानी से एक दूसरे खेल को परख रहीं थीं और इसलिए ज्यादा आक्रमण नहीं कर रहीं थीं। दोनों ने अपने राइट पंच का अच्छा इस्तेमाल किया। मैरी ने कुछ पंच मारे, जिनमें से कुछ अच्छे सही निशाने पर लगे। इस बीच, हालांकि हन्ना ने भी अपने राइट जैब का अच्छा उपयोग किया लेकिन मेरी कॉम अपनी फुर्ती से उनके अधिकतर पंचों को नाकाम करने में सफल रहीं।

दूसरा राउंड
दूसरे राउंड में दोनों ने आक्रामकता दिखाई और राइट जैब के साथ फिस्ट के संयोजन से हावी होने की कोशिश की। रणनीति दोनों खिलाड़ियों को एक जैसी थी। शुरुआत में हन्ना ने अच्छे पंच मारे जो सटीक रहे। हालांकि दूसरे राउंड के अंत में मेरी कॉम ने दूरी बनाते हुए अपने लिए मौके बनाए और फिर समय पर पंच मार अंक बटोरे।

तीसरा राउंड
तीसरे राउंड की शुरुआती एक मिनट में मैरी ने राइट और लेफ्ट जैब के संयोजन से तीन-चार अच्छे पंच स्कोरिंग एरिया में मार जजों को प्रभावित किया लेकिन यहां से हन्ना बेहद आक्रामक हो गईं और मैरी को उन्हें संभालना थोड़ा मुश्किल हो गया। अनुभवी मैरी ने धैर्य बनाए रखा और जब हन्ना लापरवाह दिखीं तब पंच मार अंक बटोरे। इस राउंड के बाद मेरी खुश नजर आ रही थीं, जैसे कि उन्हें अपनी जीत का विश्वास हो गया था।

पुरुष बॉक्सर के वर्ल्ड रेकॉर्ड की बराबरी

यही नहीं, उन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप्स के इतिहास में 6 खिताब जीतने के वर्ल्ड रेकॉर्ड (महिला और पुरुष) की बराबरी भी कर ली। 6 बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव उनसे पहले पुरुष बॉक्सिंग में क्यूबा के फेलिक्स सेवोन के नाम था। सेवोन ने 1997 में बुडापेस्ट में आयोजित हुई चैंपियनशिप में गोल्ड जीतकर यह रेकॉर्ड अपने नाम किया था।

उम्र में 13 साल का अंतर
आज खेले गए फाइनल फाइट में दोनों बॉक्सरों की बात करें, तो दोनों की उम्र में 13 साल का अंतर है। यूक्रेन की बॉक्सर हन्ना अभी 22 साल की हैं, लेकिन अपने उम्दा खेल की बदौलत उन्होंने ‘हंटर’ नाम से अपनी पहचान बना ली है। उन्होंने यूरोपियन यूथ चैंपियनशिप्स में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया है।

 

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