निरंकारी समागम : दुनियाभर में फैलाना है मानवता का संदेश

NEW DELHI.  संत निरंकारी मिशन के 71वें वार्षिक निरंकारी सन्त समागम शनिवार को शुरू हो गया। इसका शुभारंभ मिशन की प्रमुख सुदीक्षा ने किया। तीन दिवसीय समागम में भारत तथा दूर देशों से अब तक 3 लाख से भी अधिक श्रद्धालु सर्वशक्तिमान ईश्वर के प्रति समर्पित पावन भावनाओं को धारण करते हुए पहुंचे हैं। समागम के विभिन्न दृश्यों से मिशन की विचारधारा परिलक्षित हो रही है, जिससे निष्काम प्रेम और विश्वबंधुत्व की भावना छलक रही है।
बता दें कि इस बार बुराड़ी की बजाय राजधानी से सटे समालखा में बने विशाल संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल में समागम हो रहा है।

–71वें वार्षिक निरंकारी सन्त समागम का श्रीगणेश
–निरंकारी प्रमुख सद्गुरु सुदीक्षा ने किया तीन दिवसीय समागम का शुभारंभ

इस मौके पर निरंकारी प्रमुख सुदीक्षा ने मानवता के नाम सन्देश दिया। साथ ही कहा कि संसार के लोगों में कितनी भी विभिन्नता क्यों न हो, वे सारे एक ही परमपिता परमात्मा की संतान हैं। यह संदेश मिशन संपूर्ण विश्व में फैलाना चाहता है। जब यह बोध लोगों के मनों में प्रवेश करता है तब ईश्वर की प्रत्येक रचना के प्रति निस्वार्थ प्रेम और आदर-सत्कार की भावना उत्पन्न होती है।
निरंकारी मुखिया सुदीक्षा ने आगे कहा कि संत निरंकारी मिशन द्वारा सामाजिक जिम्मेदारियाँ भी संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के माध्यम से हो रही हैं। इसमें वृक्षारोपण तथा सफाई अभियान जैसे विभिन्न सामाजिक गतिविधियों के द्वारा निभाई जा रही हैं, ताकि यह संसार निर्मल और शांतिपूर्ण बन पाये।

 

अमृतसर के निकट सत्संग कार्यक्रम में ग्रेनेड द्वारा हुए हमले का जिक्र करते हुए सद्गुरु माता ने कहा कि इससे मृतकों के परिवारों तथा घायल भक्तों की श्रद्धा भक्ति एवं विश्वास में कोई कमी नहीं आई है । उनमें से कुछ भक्त तो आज इस समागम में पहुंच भी चुके हैं । निरंकार से प्रार्थना हे कि बाकी भी जल्द ही स्वस्थ होकर उसी तरह सत्संग में भाग लें जैसे पहले लेते थे ।
यह सन्त समागम मिशन के पूर्व प्रमुख सद्गुरु माता सविंदर हरदेव के प्रति समर्पित किया जा रहा है, जिन्होंने गत 5 अगस्त 2018 को अपने नश्वर शरीर का त्याग किया। समागम का मुख्य विषय माँ सविंदर एक रोशन सफर रखा गया है। इस विषय द्वारा माता सविन्दर द्वारा दी गई शिक्षाओं पर बल दिया जा रहा है कि ब्रह्मज्ञान को अपने दैनिक जीवन में अपनायें ताकि प्रेम, करुणा, शान्ति, सहनशीलता एवं एकता जैसे मानवीय मूल्य हमारे जीवन से परिलक्षित हों।
इस मौके पर विशाल शोभा यात्रा निकाली गई।

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