गुरुद्वारा कमेटी में ‘दान घोटाला, डकार गए 51 लाख,  GM सस्पेंड

NEW DELHI. दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी में कथित भ्रष्टाचार को लेकर कमेटी सदस्य गुरमीत सिंह शंटी ने कमेटी अध्यक्ष मंजीत सिंह जीके पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कटघरे में खड़ा किया है। साथ ही कहा कि जीके ने एक नहीं लगातार कई घोटाले किए हैं, जिसमें से तीन घोटालों के सबूत सामने आए हैँ। इन घोटालों की शिकायत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, वित्तमंत्री अरूण जेटली, दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस सहित दिल्ली गुरुद्वारा आयोग से लिखित रूप से की है। इनमें सबसे अहम घोटाला है दान घोटाला, जिसके तहत 51 लाख रुपये का सीधे गबन किया गया है। मनजीत सिंह जीके के खिलाफ नॉर्थ एवेन्यू पुलिस थाना में एक शिकायत दर्ज करवाई है और पुलिस ने डीडी नंबर 11ए, तारीख 21 अक्टूबर 2018 के आधार पर जांच शुरू कर दी है। उन्होंने पुलिस को अपना बयान दिया है और सभी साक्ष्य सौंपे हैं। मामला चूंकि, गुरुद्वारे के गोलक की लूट से जुड़ा है, इसलिए अकाली दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को भी शिकायत की गई है।
 
–कमेटी के सदस्य गुरमीत शंटी ने लगाए सनसनीखेज आरोप 
–प्रधानमंत्री, गृहमंत्री को लिखी चिट्ठी, कमेटी खातों की जांच की मांग
–अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल को भी लिखी चिटठी, करें हस्तक्षेप   
–गुरमीत शंटी ने पुस्तक घोटाले का जारी किया आडियो टेप 
शंटी ने आरोप लगाया कि इतना सबकुछ हो जाने के बाद भी कमेटी के बाकी सदस्य एवं पदाधिकारी खामोश बैठे हैं। शंटी ने कहा कि मनजीत सिंह जीके के कार्यकाल के दौरान प्रधान-डीएसजीएमसी के रूप में, डीएसजीएमसी और जीएचपीएस के सभी खातों को सत्य जानने के लिए उन्हें सार्वजनिक किया जाए।
     कमेटी के पूर्व महासचिव गुरमीत सिंह शंटी ने कहा कि सिख धर्म के प्रचार के लिए गुरुद्वारा कमेटी ने 82 हजार धार्मिक पुस्तकें छपवाने का दावा किया था, जबकि, हकीकत में पुस्तकें छपी ही नहीं और लाखों रुपये का भुगतान कर दिया गया। पुस्तक घोटाले को लेकर शंटी ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एक आडियो टेप भी जारी किया, जिसमें पुस्तकें नहीं छापने और फर्जी बिल बनाने की बात कही गई है। आडियो टेप में पुस्तक छापने वाले जोगिंदर सिंह प्रेस ने माना है कि कमेटी ने उनसे फर्जी बिल बनवाए और उसका लाखों रुपये खा गए।
ब्लैकलिस्टेड  कंपनी को दिया ठेका, पेमेंट भी हुआ  
इसके अलावा कमेटी अध्यक्ष जीके ने ब्लैक लिस्टेड कंपनी ‘रेनबी क्लॉथिंग प्राइवेट लिमिटेडÓ को कपड़े सप्लाई करने का ठेका दिया और उसे भुगतान भी कर दिया। यह कंपनी उनके बेटे एवं दामाद की है, जो उनके अपने निजी आवास के पते पर रजिस्टर्ड है। उन्होंने सवाल उठाया कि 2015 में बंद हो चुकी कंपनी को 2017-18 में भुगतान किया गया। जबकि, कमेटी एक्ट के अनुसार परिवार का सदस्य कोई व्यवसाय गुरुद्वारे में नहीं कर सकता है।
51 लाख रुपये का दान का गबन 
पूर्व महासचिव गुरमीत शंटी ने कहा कि कनाडा के एक श्रद्धालु ने 1 लाख कैनेडियन डॉलर का दान डीएसजीएमसी को दिया, जिनको भारतीय रुपए में बदल कर 51,05,773.20 रुपए 30 जून 2016 को बैंक में जमा किया गया था। यह कुल राशि 51,05,773.20 है। बैंक स्टेटमेंट में भी यह रकम साफ दर्ज है। लेकिन, मनजीत जीके ने एक नकली वाउचर नंबर 3468 बना कर उसी तारीख को 51,05,773 रुपये उसी तारीख को यानी 30 जून 2016 और डीएसजीएमसी के कैश चेस्ट से निकाल ली गई।
जीके ने गृहमंत्रालय से मांगी है जेडप्लस सुरक्षा 
गुरमीत सिंह शंटी ने दावा किया कि मंजीत सिंह जीके ने दिल्ली की संगत द्वारा हमले के डर से, (जैसे अमेरिकी संगत द्वारा हाल ही में उन पर किया गया था) दिल्ली पुलिस और जेड प्लस सुरक्षा मांगी है। इसके लिए गृह मंत्रालय एवं दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि यदि जीके ईमानदार हैं, तो उन्हें दिल्ली की संगत के डर से सुरक्षा की मांग नहीं करनी चाहिए थी।
मंजीत सिंह दें इस्तीफा, गैरहाजिरी में हो खातों की जांच- सरना   
शिरोमणि अकाली दल (दिलली) के महासचिव हरविंदर सिंह सरना ने इतने बड़े घोटाले का खुलासा होने के बाद कमेटी अध्यक्ष मंजीत सिंह को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। साथ ही पुलिसे से उनकी गिरफ्तारी की मांग की है। साथ ही कहा है कि जीके की गैरहाजिरी में कमेटी के सभ्ीा खातों की जांच होनी चाहिए। सरना ने कहा कि कमेटी के इतिहास में यह पहला वाक्या होगा, जब एक के बाद एक घोटाले उजागर हो रहे हैं।
जांच में जो दोषी होगा, कार्रवाई होगी: दिल्ली कमेटी 
 दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी ने गुरमीत सिंह शंटी के आरोपों पर बहुत ज्यादा आज नहीं बोला है। कमेटी प्रवक्ता परमिंदर पाल सिंह ने इतना ही कहा कि हमने पहले ही नार्थ एवेन्यू थाने मे जांच के लिए तहरीर दे रखी हैं। लिहाजा, जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा,उसके खिलाफ कार्यवाही होंगी।

गुरुद्वारा कमेटी का जनरल मैनेजर सस्पेंड, जांच कमेटी गठित

दिल्ली कमेटी सदस्य सरदार गुरमीत सिंह शंटी द्वारा कमेटी के जनरल मैनेजर सरदार हरजीत सिंह सुबेदार के खिलाफ लगाए गए आरोपों के आधार पर कमेटी अध्यक्ष मंजीतसिंह जीके ने तत्काल प्रभाव से सुबेदार को संस्पेंड कर दिया है। साथ ही जांच के लिए सरदार हरमीत सिंह कालका व सरदार महिन्द्रपाल सिंह चड्ड़ा की अगुवाई में 2 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। इस फैसले का ऐलान करते हुए कमेटी अध्यक्ष सरदार मनजीत सिंह जी.के. ने सूबेदार को पद से निलंबित भी कर दिया।

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