बादल की ‘अदालत’ में अकालियों की लगी ‘क्लास’  

NEW DELHI.  दिल्ली सिख गुरुद्वारा कमेटी में कथित भ्रष्टाचार, घोटाले सहित कई अन्य मामलों में छिड़ी वर्चस्व की लड़ाई आज अकाली दल बादल के सुप्रीमों सुखबीर सिंह बादल की अदालत में पहुंची। बादल ने कमेटी अध्यक्ष मंजीत सिंह जीके एवं महासचिव मनजिंंदर सिंह सिरसा के बीच छिड़े जंग को सुलझाने के लिए आज अपने आवास पर सभी नेताओं को तलब किया। बादल ने कमेटी के करीब 20 सदस्यों से बंद कमरे में अलग-अलग बातचीत की और वर्तमान हालात की बावत जानकारी मांगी। सूत्रों के मुताबिक इस दौरान ज्यादातर सदस्यों ने करप्शन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। साथ ही कहा कि कमेटी अध्यक्ष मंजीत सिंह जीके के ऊपर लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच होनी चाहिए। इसको लेकर विपक्ष लगातार आरोप लगा रहा है और संगत के बीच गलत मैसेज भी जा रहा है।
— सिरसा-जीके की लड़ाई को सुलझाने में जुटे सुखबीर बादल  
–दिल्ली कमेटी में भ्रष्टाचार पर सदस्यों ने उठाई आवाज 
–अलग-अलग सदस्यों से बंद कमरे में मिले शिअद सुप्रीमो 
सूत्रों के मुताबिक सदस्यों ने कहा कि अब करप्शन का मुद्दा इतना ज्यादा फैल गया है िक संगत भी पूछने लगी है। लिहाजा, संगतों को हम लोग क्या जवाब दें। सदस्यों ने सुखबीर बादल को कहा कि पहले मंजीत सिंह जीके इस्तीफे की बात कही और शक्तियां देकर चले गए, और अब महासचिव मनजिंदर ङ्क्षसह सिरसा ने अपनी शक्तियां देकर घर बैठ गए। यह सिख संगतों के बीच बहुत गलत मैसेज जा रहा है। लिहाजा इस मसले को तुरंत सुलझाया जाना चाहिए। एक सदस्य ने कहा कि मंजीत सिंह जीके पर बड़ा ही गंभीर आरोप लगा है, इसके जवाब में जीके को खुद अपना स्पष्टीकरण देना चाहिए। साथ ही पार्टी को चाहिए कि वह इसकी निष्पक्ष जांच करवाए।
आज फिर बाकी 20 सदस्यों से करेंगे मुलाकात
   शुक्रवार को फिर दिल्ली के बाकी सदस्यों को बुलाया गया है। वीरवार को पश्चिमी दिल्ली एवं नई दिल्ली क्षेत्र के सदस्य पहुंचे थे। इनमें पूर्व कमेटी अध्यक्ष एवं पटना साहिब के नवनियुक्त अध्यक्ष अवतार सिंह हित, रंजीत कौर, हरमनजीत सिंह, जगदीश सिंह काहलो, हरजीत सिंह पप्पा, गुरमीत सिंह भाटिया, निशान सिंह मान, स्वर्ण सिंह बराड़, मनमोहन सिंह, दलजीत सिंह सरना, सर्वजीत सिंह विर्क एवं महेंद्र सिंह भुल्लर आदि पहुंचे। इसके अलावा कमेटी के अध्यक्ष मंजीत सिंह जीके खुद भी मौजूद रहे, लेकिन सुखबीर बादल सदस्यों से अकेले ही मिले। इस दौरान सदस्यों ने कई अहम सुझाव भी दिए। सूत्रों के मुताबिक सुखबीर ङ्क्षसह बादल से मिलने के बाद कुछ सदस्यों ने अकाली सांसद प्रो. चंदूमाजरा के आवास पर जाकर उनसे भी मुलाकात की। उधर, इस मामले में दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी कुछ भी बोलने से साथ इनकार कर दिया है।
भ्रष्टाचार की जांच होनी चाहिए : रंजीत कौर 
दिल्ली कमेटी की सदस्य एवं अकाली दल बादल की महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष बीबी रंजीत कौर ने भी पार्टी अध्यक्ष सुखबीर बादल के समक्ष अपनी बात रखी। साथ ही कहा कि कमेटी एवं पार्टी में जो भी आतंरिक विरोध का मामला है उसे बैठकर सुलझा लिया जाना चाहिए। इसके अलावा अगर कोई भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहा है तो उसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए, ताकि सच्चाई सिख संगत के सामने आ जाए। लेकिन, अफसोस कि एक दूसरे पर आरोप लगाने के चलते संगत के बीच गलत मैसेज जा रहा है। उन्होंने सुखबीर बादल को बताया कि कमेटी में विपक्ष नहीं है, लेकिन हम खुद ही विपक्ष क्रियेट कर दिए हैं। लिहाजा, समय-समय पर सदस्यों की काउंसलिग होनी चाहिए। रंजीत कौर ने इस दौरान बताया कि हमसभी को मिलकर संगइन को मजबूत करना चाहिए। यूथ विंग को महिला विंग की तर्ज पर फैलाना चाहिए। हमने 1000 महिलाओं को जोड़ा है। स्त्री कवि दरबार शुरू कराया। अब घरेलू महिलाओं को जोड़ा जा रहा है। रंजीत कौर ने सुखबीर बादल को लिखित सुझाव दिया कि वह कार्यकर्ताओं से बीच-बीच में मिलें, ताकि उनका मनोबल भी मजबूत हो।
धर्म उपर होना चाहिए और राजनीति पीछे : बाठ 
दिल्ली कमेटी के पूर्वी दिल्ली से सदस्य कुलवंत सिंह बाठ के मुताबिक आरोप बहुत लोग लगाते हैं, अगर आरोप गंभीर है तो कमेटी अध्यक्ष मंजीत सिंह जीके को खुद सामने आकर संगत को जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले भी अगर कोई गड़बड़ी हुई है तो उसकी भी अध्यक्ष जांच बिठा सकते हैं। 5 साल तक इंतजार नहीं करना चाहिए। बाठ ने दिल्ली कमेटी के एक्ट में सरकार जो संशोधन करने जा रही है उसका स्वागत किया है। धार्मिक लोग राजनीतिक क्षेत्र से अलग होना चाहिए। धर्म उपर होना चाहिए और राजनीति पीछे।

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