तिवारी हत्याकांड: पत्नी को सरकारी नौकरी, 25 लाख मुआवजा

नई दिल्ली/लखनऊ :  उततर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ऐपल में बतौर एरिया मैनेजर काम करने वाले विवेक तिवारी हत्याकांड में लखनऊ से लेकर दिल्ली तक मामला शनिवार को दिनभर गूंगा। इस हत्याकांड में आरोपी यूपी पुलिस के कॉन्स्टेबल प्रशांत चौधरी की पिस्टल से गोली चली, जिसकी वजह से यूपी पुलिस पर सवाल खड़े होने लगे। मामला इतना बढ़ गया कि केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह को हस्तक्षेप करना पडा। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूरी जानकारी ली। बहरहाल, इस केस में लखनऊ के डीएम कौशल राज शर्मा ने बताया कि पीड़ित परिवार द्वारा मांग किए जाने पर सीबीआई जांच भी कराई जाएगी। इसके साथ ही मुआवजे के रूप में 25 लाख रुपये पीड़ित परिवार को दिए जाएंगे।
लखनऊ डीएम कौशल राज शर्मा ने बताया, ‘परिवार की सभी मांगें मान ली गई हैं, यह लिखित रूप में दे दिया गया है। परिवार यदि सीबीआई जांच की मांग करता है तो कराई जाएगी। मृतक विवेक तिवारी की पत्नी को नौकरी दी जाएगी और बतौर मुआवजा 25 लाख रुपये भी दिया जाएगा। इस केस की जांच 30 दिनों में पूरी कर ली जाएगी।’

विवेक के परिजनों से मिले मंत्री, SIT जांच के आदेश
योगी सरकार के मंत्री आशुतोष टंडन मृतक विवेक के परिजनों से मिलने उनके आवास पहुंचे, जहां से वापस आते वक्त उनके साथ नाराज लोगों ने धक्कामुक्की की। आशुतोष टंडन ने बताया कि हत्या के मामले में एसआईटी जांच के आदेश दे दिए गए हैं। हत्या के इस मामले में यूपी सरकार में मंत्री आशुतोष टंडन ने कहा, ‘इस मामले में फिर से एफआईआर दर्ज के आदेश जारी कर दिए गए हैं। गोमती नगर पुलिस मामले की जांच नहीं करेगी, कोई अन्य थाना वारदात की जांच करेगा। डीएम लखनऊ ने मैजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं। मैंने एसआईटी के गठन का आदेश दिया है। यह एक अपराध है। वारदात में शामिल पुलिसकर्मी को गिरफ्तार कर निष्कासित कर दिया गया है।

मेरी एफआईआर लिखी जाए—आरोपी कॉन्स्टेबल

विवेक मर्डर केस में जहां एक ओर यूपी पुलिस की चौतरफा फजीहत हो रही है वहीं आरोपी और यूपी पुलिस के कॉन्स्टेबल प्रशांत चौधरी का कहना है, ‘ऐसा बताया जा रहा है कि सीएम योगी ने कहा है कि हमारा मामला पंजीकृत नहीं होगा। क्या हमारी जिंदगी की कोई कीमत नहीं है।’ प्रशांत की पत्नी का कहना है, ‘घटना को लगभग 12 घंटे से ज्यादा बीत चुके हैं लेकिन कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। आरोपी पुलिस कॉन्स्टेबल प्रशांत चौधरी का यह भी कहना है, ‘मैंने उसे नहीं मारा। गोली गलती से चल गई। उसने मुझे अपनी कार से टक्कर मारी और मेरी हत्या के मकसद से मुझ पर तीन बार चढ़ाने की कोशिश की। मेरी मांग है कि मेरी एफआईआर लिखी जाए।

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