गुरुद्वारा कमेटी: सियासत में व्यस्त, भूली ‘असली सेवा’

NEW DELHI.  देश-विदेश के सियासी मसलों में व्यस्त दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी इस समय अपने असली काम को भूल गई है। नतीजन, कमेटी मुख्यालय से लेकर स्कूलों एवं शिक्षण संस्थाओं की व्यवस्था चरमरा गई है। स्कूलों में अध्यापकों की भारी कमी है, लेकिन कमेटी प्रबंधन अफगानिस्तान, पाकिस्तान, इंफाल, हरियाणा, उत्तराखंड आदि राज्यों के मसले को लेकर सियासत करने में व्यस्त है। स्कूलों में नया सत्र भी शुरू हो गया है। लेकिन, प्रबंधकों को बच्चों की कोई चिंता नहीं दिखती है। खास बात यह है कि स्कूलों में प्रशासन की जिम्मेदारी देखने के लिए बनाई गई चेयरमैन और मैनेजर वाली कमेटियां भी दो महीने पहले से ही भंग कर दी गई हैं। कमेटियां भंग करने के साथ ही कमेटी अध्यक्ष मंजीत सिंह जीके द्वारा कहा गया था कि बहुत जल्द नये एवं काम करने वाले लोगों के नेतृत्व में सभी कमेटिंया बनेगी, लेकिन अभी तक कोई कमेटी गठित नहीं हुई है। इसको लेकर भी कमेटी सदस्यों एवं अकाली नेताओं में गुस्सा बना हुआ है। कमेटी प्रबंधकों की व्यवस्ता का आलम यह है कि कमेटी में जरूरी बिलों और चेकों पर साइन करने के लिए समय नहीं है।

–स्कूलों में व्यवस्था बदहाल, प्रबंधक कमेटियां पड़ी हैं भंग
—नया सत्र शुरू, जरूरी विषय पढ़ाने के लिए अध्यापक नहीं
–प्रबंधक व्यस्त, बिना साइन अटके पड़े हैं जरूरी बिल और रिकार्ड

 

बता दें कि गुरुद्वारा कमेटी के अधीन संचालित गुरु हरिकिशन पब्लिक स्कूलों में कई जरूरी विषयों में अध्यापकों की कमी बताई जा रही है। स्कूलों में संविदा के आधार पर रखे गए ज्यादातर अध्यापकों को इस वर्ष का कांट्रैक्ट नहीं दिया गया है। अब तक 176 टीचरों में से महज 40 को बहाल किया गया है। इसके पीछे स्कूलों की माली हालात ठीक होना बताया जा रहा है। इसके चलते बच्चों की पढ़ाई का भारी नुकसान हो रहा है। स्कूलों का प्रबंध गुरु हरिकिशन पब्लिक स्कूल सोसायटी चलाती है, जिसका मुख्यालय इंडिया गेट स्कूल में है, वहीं दूसरी तरफ समानान्तर कमेटी का शिक्षा विभाग स्कूलों के अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए माता सुन्दरी कालेज से कार्यशील है। लेकिंन स्कूलों के प्रबंध में तालमेल की कमी के चलते समस्या खड़ी हो गई है। इसके लिए चेयरमैन ओर मैनेजरों की योग्यता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जबकि, 2013 के चुनाव के समय कमेटी अध्यक्ष मंजीत सिंह जीके ने दिल्ली की संगत से वायदा किया था स्कूलों का प्रबंध सियासी लोगों की बजाय शैक्षणिक योगयता वाले लोगों को सौंपा जाएगा। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ है। स्कूलों से जुड़ृे लोगों का कहना है कि प्रबंधकों को च ाहिए कि देश विदेश की चिंता करने की बजाय अपने स्कूलों को देखने की ओर ध्यान देना चाहिए। उधर, विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर कमेटी प्रबंधकों को घेरना शुरू कर दिया है।

स्कूल प्रिंसिपल की फाइल गुम, हडकंप
गुरूतेग बहादुर गल्र्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, गुरुद्वारा शीशगंज साहिब, की प्रिंसिपल की निजी फाइल गुम हो गई है, इसको लेकर हड़कंप मचा हुआ है। यह वाक्या तब हुआ जब प्रिेंसिपल के खिलाफ शिक्षा निदेशालय में एक शिकायत पहुंची है। इसको लेकर कमेटी मुख्यालय में भी चर्चा है कि आखिर प्रिंसिपल की फाइल में क्या खामी थी जो कि गुम हो गई है।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *