सिख संगठनों ने अफगान दूतावास पर किया प्रदर्शन 

NEW DELHI.  अफगानिस्तान के जलालाबाद में बीते दिनों कुछ सिखों पर हुए आत्मघाती हमले के विरोध में आज सिख संगठनों ने अफगान दूतावास तक रोष मार्च निकाला। तीन मूर्ति चौक से शुरू होकर सतनाम वाहिगुरू का जाप करते हुए संगतों ने जब अफगान दूतावास की ओर चलना शुरू किया तब पुलिस ने बैरियर लगाकर मार्च को थाना चाणक्यपुरी के बाहर रोक दिया। इससे पहले श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब में मृतक आत्माओं की आत्मिक शांति के लिए अरदास की।
  मार्च का नेतृत्व दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजीत सिंह जी.के., शिरोमणी कमेटी अध्यक्ष भाई गोबिन्द सिंह लौंगोवाल, अकाली सांसद सुखदेव सिंह ढींडसा एवं प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने किया। रोष के रूप में संगतों ने हाथों में नारे लिखी तख्तीयां एवं काले झंडे पकड़े हुए थे, साथ ही बाहों में काली पट्टी भी बांधी हुई थी। अफगान दूतावास के अधिकारियों ने थाना चाणक्यपुरी के बाहर पहुंचकर सिख नेताओं से ज्ञापन लेने की पेशकश की, लेकिन सिखों ने अफगानी राजदूत के साथ मुलाकात के बाद ज्ञापन देने की बात कही।
 
–कूटनीतिक दबाव बनाने के लिए तेज हुई सिख सियासत
–सिख नेताओं ने विदेश मंत्री एवं अफगानी राजदूत के साथ मुलाकात 
–अफगानी राजदूत ने दिया भरोसा, होगी भारतीयों की सुरक्षा 
   मुलाकात के दौरान अफगानी राजदूत एच.ई. सैयदा मोहम्मद अब्दाली ने सिख शिष्टमंडल की बातों को गौर से सुनने के बाद अफगान सरकार को इस बारे परिचित करवाने का भरोसा दिया। इस बारे में जी.के. ने बताया कि अब्दाली ने अल्पसंख्यक कोटे की सांसद सीट के लिए किसी सिख नेता का नाम नामजद करने, अफगानी हिन्दुओं एवं सिखों को सुरक्षा देने, मारे गये लोगों के परिवारों को मुआवजा देने के लिए सरकार से बात करने, स्थानीय पासपोर्ट ऑफिस में सिखों एवं हिन्दुओं को देनी पड़ रही फीस को हटाने सहित अफगानिस्तान जाने के इच्छुक प्रतिनिधिमंडल को वीजा देने का भरोसा दिया है। जी.के. ने बताया कि अब्दाली ने माना है कि अफगानिस्तान में आंतकवाद का शिकार सभी समुदाय हो रहे हैं, मरने वालों में मुसलमान भी शामिल हैं।
    इससे पहले कल शाम सिखों ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के साथ मुलाकात की। साथ ही  विदेश मंत्री को अफगानिस्तान के मंदिर-गुरुद्वारों एवं लोगों की सुरक्षा के लिए अफगान सरकार से बातचीत करने, मारे गये लोगों के परिवारों को भारत सरकार द्वारा मुआवजा दिलवाने, भारत सरकार द्वारा दिल्ली कमेटी एवं पंथक जत्थेबंदियों का सांझा प्रतिनिधिमंडल अफगानिस्तान भेजने सहित भारत आने के इच्छुक अफगानी हिन्दु-सिखों के बारे सरकारी नीति का खुलासा करने की अपील की।
प्रदर्शन की बजाय भाजपा व केंद्र पर दबाए बनाएं अकाली : सरना 
:  शिरोमणी अकाली दल (दिल्ली) के महासचिव हरविंदर सिंह सरना ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के आतंकवाद ग्रस्त  इलाकों में सिखों और हिन्दुओं पर हो रहे हमलों पर चिंता व्यक्त की। साथ ही कहा कि उन्हें डर है कि भारत में भी अल्पसंख्यकों को साम्प्रदायिक ताकतों द्वारा निशाना बनाया जा सकता है। सरना ने अफगान मामले में गुरुद्वारा कमेटी और अकाली दल बादल की ओर से किए जा रहे धरना प्रदर्शन को आड़े हाथों लिया। साथ ही कहा कि अगर सिखों के लिए कुछ अकाली कुछ करना ही चाहते हैं तो वह दूतावास के बाहर हंगामा करने की बजाय केंद्र सरकार और भाजपा पर दबाव बनाएं, जिसके साथ अकाली गठबंधन किए हुए हैं। उन्होंने कहा कि मु_ी-भर सिक्ख अपने निजी राजनीतिक फायदे के लिए साम्प्रदायिक ताकतों के साथ मंच साँझा करते हैं। लिहाजा किसी एक राजनीतिक दल के कार्यों को दुनिया भर के सिखों की आवाज नहीं माना जा सकता। सिख कौम सदैव सही, सच्चे और सबके भले के मार्ग पर चलने वाली कौम है जो न कभी साम्प्रदायिक थी और न कभी हो सकती है।

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