DELHI में लागू हुआ आनंद मैरिज एक्ट

 NEW DELHI. लंबे संघर्ष के बाद आखिरकार आनंद मैरिज एक्ट राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लागू हो गया है। यह एक्ट लागू करने की मांग 1909 में पहली बार उठी थी। उप राज्यपाल अनिल बैजल ने यह एक्ट राष्ट्रीय राजधानी में लागू करने के लिए मंजूरी दे दी है। यह जानकारी दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के महासचिव मनजिंदर सिंह सिरसा ने दी।
      सिरसा ने कहा कि वह राष्ट्रीय राजधानी में एक्ट लागू करने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और उप राज्यपाल अनिल बैजल के धन्यवादी हैं, जिन्होंने सिख भाईचारे की काफी पुरानी मांग को पूरा किया है। उन्होंने कहा कि शिरोमणी अकाली दल के प्रधान  सुखबीर सिंह बादल की योजना के मुताबिक पूरे देश में एक्ट लागू करवाने के लिए अलग-अलग सरकारें और प्रशासकों के पास मामला उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक्ट पहले ही पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश समेत देश के प्रमुख राज्यों में लागू हो चुका है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में यह एक्ट लागू होने की अपनी महत्ता है, क्योंकि राष्ट्रीय राजधानी में बड़ी संख्या में सिख रहते हैं।
–सिख विवाहों की रजिस्ट्रेशन अब इस एक्ट में करा सकेंगे 
–उपराज्यपाल ने दी मंजूरी, सिखों को मिलेगी अलग पहचान 
    दिल्ली के विधायक सिरसा ने सिख भाईचारों के सदस्यों को भी अपील की कि वह अपने विवाहों की रजिस्ट्रेशन इस एक्ट के अंतर्गत करवाएं और इसका लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि कोई भी इस एक्ट के अंतर्गत अपने विवाहों की रजिस्ट्रेशन करवा सकता है, चाहे कि विवाह एक्ट लागू होने की तारीख से पहले हुआ हो। उन्होंने कहा कि आनंद मैरिज एक्ट के अंतर्गत रजिस्ट्रेशन करवाने साथ सिख भाईचारे को अलग पहचान मिलती है।
 सिरसा ने बताया कि वह उन्होंने राज्यों के संपर्क में हैं जहां एक्ट अभी लागू नहीं हुआ और बिहार और आसाम में एक्ट लागू करन की प्रक्रिया मुकम्मल होने नजदीक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि उन को आशा है कि यह जल्दी ही देश के सभी राज्यों और केंद्र शासत प्रदेशों में लागू हो जाएगा।

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