इलाहाबाद कुंभ में सी-प्लेन से डुबकी लगाएंगे श्रद्धालु

NEW DELHI.  इलाहाबाद में अगले साल होने जा रहे कुंभ में इस बार श्रद्धालु सी-प्लेन से संगम में डुबकी लगाएंगे। प्रमुख पर्वों पर होने वाली लाखों लोगों की भीड़ से बचने के लिए भारत सरकार जल परिवहन का पूरा इस्तेमाल करने जा रही है। यहां तक की पड़ोसी राज्यों एवं शहरों से आने वाली भीड़ को सड़क या रेलवे की बजाय जल परिवहन के रास्ते संगम तक लाने की योजना है। सरकार के दावों पर यकीन करें तो 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं को इस बार जल मार्ग के जरिये मेला परिसर में लाया जाएगा। इसके लिए इलाहाबाद में यमुना और गंगा में 5 रिवर पोर्ट बनाए जाएंगे। कुंभ मेले के दौरान 2 करोड़ से ज्यादा लोग संगम (त्रिवेणी) में डुबकी लगाते हैं।

–50 लाख लोग जल मार्ग के जरिये पहुंचेगे संगम
–इलाहाबाद में बनाएं जाएंगे 5 रिवर पोर्ट
–यमुना में पर्याप्त पानी, गंगा को किया जाएगा गहरा

जानकारी के मुताबिक कुंभ के पहले ही इलाहाबाद के सीमावर्ती क्षेत्रों से गंगा और यमुना में जल परिवहन प्रारंभ कर दिया जाएगा। इसके लिए 3 मीटर गहरा पानी किया जाएगा। भारत सरकार की पहल पर कुंभ के मद्देनजर प्राधिकरण द्वारा दोनों नदियों का भौतिक सर्वे कर लिया गया, जिसमें यमुना में परिवहन हेतु पर्याप्त पानी है और गंगा में जल्द पानी उपलब्ध हो जाएगा। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के मुताबिक इलाहाबाद से वाराणसी के बीच जल मार्ग को हाईटेक बनाया जाएगा। इसके लिए कार्रवाई तेज कर दी गई है। इसके अलावा कुंभ के दौरान क्रूज सेवाओं को संगम से आगे कौशांबी तक जोडऩे का प्रस्ताव भी है। गंगा में जल परिवहन के जरिए पटना, सारनाथ व कौशांबी तो जोड़कर नए बौद्ध परिपथ का निर्माण हो और छतनाग में क्रूज जेटी का निर्माण कराया जाएगा। वाराणसी- लखनऊ की तरफ से आने वाले यात्रियों को जल मार्ग से संगम पहुंचाने के लिए फेरी सेवा विकसित होगा। इसके अलावा फतेहपुर और कौशांबी जनपदों के यमुना के निकटवर्ती किनारे से कुंभ के दौरान क्रूज सेवा संगम तक स्नान कराने ओर वापस लाने को शुरू की जाएगी।

कुंभ के दौरान रीवां की तरफ से आने वाले वाहनों को वाटर वेलेल्स से यमुना पार करवाया जाएगा। उच्च स्तरीय क्रूज, वाटर वेसेल्स व पावर स्टीमर चलवाने की भी व्यवस्था की जाएगी। खास बात यह है कि इलाहाबाद में बनने वाले पांटून पुलों को मशीन से खोलकर क्रूज पास कराया जाएगा, ताकि समस्या का समाधान शहर के आउटर पर जाम से निजात मिल सके। परिवहन मंत्रालय के मुताबिक वाहनों का प्रेशर रोड पर कम हो, इसके लिए वाराणसी से हल्दिया के बीच वाटर ट्रांसपोर्ट शुरू हो चुका है। इसे यात्री परिवहन के रूप में विकसित करते हुए इलाहाबाद प्रशासन के प्रस्ताव पर भारत सरकार वाराणसी से इलाहाबाद के मध्य गंगा में तथा उसके आगे यमुना में उपलब्ध दूरी तक जल परिवहन प्रारम्भ करने जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *