1984 सिख दंगा: जगदीश टाइटलर के खिलाफ आए दो गवाह 

NEW DELHI. कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर द्वारा बीते दिनों मीडिया के माध्यम से उनके खिलाफ 1984 सिख दंगों के मामलों में गवाह एवं सबूत ना होने के किए गए दावों के बीच आज मामले में नया मोड़ आ गया है। आल इंडिया सिख स्टूडेंट फेडरेशन के अध्यक्ष करनैल सिंह पीर मोहम्मद ने दिल्ली में मीडिया के सामने दावा किया कि उनके पास टाइटलर के खिलाफ गवाही देने के लिए 2 गवाह मौजूद हैं। अमेरिका में मौजूद दोनों गवाहों का हलफनामा मीडिया को दिखाते हुए पीर मोहम्मद ने बताया कि इसमें से एक गवाह जसवीर सिंह पहले भी टाइटलर के खिलाफ गवाही दे चुका है। लेकिन, उस केस में उसकी गवाही को गंभीरता से नहीं लिया गया था।
–दोनों गवाह अमेरिका में मौजूद, सुरक्षा मिलने पर गवाही को तैयार 
–सिख स्टूडेंट फेडरेशन का दावा, आया नया मोड़  
टाइटलर के मीडिया में किए गए दावे के बाद उसका विवेक अब जाग उठा है वह भारत आकर टाइटलर के खिलाफ गवाही देने को तैयार है। जबकि, दूसरा गवाह रेशम सिंह भी अमेरिका रहता है। उसका दावा है कि नवंबर 1984 में जब पुल बंगश गुरूद्वारे को आग लगाई गई थी, तो बाहर उसने टाइटलर को भीड़ को भड़काते हुए देखा था। पीर मोहम्मद ने इन दोनों गवाहों को सुरक्षा मिलने की स्थिाति में भारत आने का दावा किया है। इस अवसर पर जसवीर के माता पिता भी पीर के साथ मौजूद थे। जसवीर के पिता ने दावा किया कि टाइटलर मीडिया के सामने झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने एक कदम और आगे बढ़ते हुए यहां तक कह दिया कि यदि टाइटलर श्री दरबार साहिब में खड़े होकर यह दावा कर दे कि उसने सिखों को नहीं मारा तो वहां बैठे जत्थेदार एवं ग्रंथी सिंहो की बात मानकर टाइटलर को माफ भी कर सकता है। लेकिन, सिख कौम उसे कभी माफ नहीं करेगी। इसलिए टाइलर की सुरक्षा की जिम्मेदार मैं नहीं लूंगा।
 अचानक गवाह लेकर प्रकट होने के पीछे भी सवाल
    सूत्रों के मुताबिक पीर मोहम्मद के अचानक आज गवाह लेकर प्रकट होने के पीछे भी सवाल उठने लगे हैं। आखिर वह इतने दिन बाद इस समय क्यों? सूत्रों की माने तो टाइटलर ने अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल को इस मसले पर बहस के लिए चुनौती देते हुए अपने को दोष मुक्त बताया था। बहस के लिए सुखबीर बादल ने नहीं आए लेकिन टाइलर को बहस करने के लिए दिल्ली कमेटी के महासचिव मनजिंदर सिंह सिरसा ने ललकारा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *