Child PORN पर प्रतिबंध लगाने की मुहिम

NEW DELHI. कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में स्वच्छ सोच संवाद‘ नाम से एक नई पहल हुई। भव्य तिरंगे के नीचे फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया की ओर से आयोजित इस संवाद में अलग-अलग क्षेत्र की जानी-मानी हस्तियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के गवाह सैंकड़ों दिल्लीवासी भी बने। स्वच्छ सोच संवाद‘ का ये पहला एपिसोड चाइल्ड पॉर्न और इससे महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हो रही हिंसा और ज्यादती पर केंद्रित रहा।

कार्यक्रम में शामिल अंतरराट्रीय मुक्केबाज विजेंदर ने कहा कि- “देश में एक अजीब-सी स्थिति है। लोग कई बार परेशान और कुंठित नजर आते हैं। इससे बाहर निकलने के लिए सोच बदलने की जरूरत है।” संवाद को एक नई दिशा देते हुए विजेंदर ने उस सोच की ओर ध्यान दिलाया जिसमें खेलों को तवज्जो नहीं दी जाती। विजेंदर ने कहा कि- “जिधर देखिए बिल्डिंगें बन रही हैंमॉल खड़े हो रहे हैं। कोई स्टेडियम या पार्क बनाने की क्यों नहीं सोचताये भी सोच की समस्या है।”

—‘स्वच्छ सोच संवाद‘ : एक पहलएक उम्मीद

–फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष वीन जिन्दल, उपाध्यक्ष शालू जिन्दल ने स्वच्छ सोच के लिए आह्वान किया

–मुक्केबाज विजेंदर सिंह, जेएनयू के कन्हैया कुमार, पूर्व डीजीपी आमोद कंठ, पत्रकार मधु किश्वर, स्वाति मालिवाल समेत अनेक दिग्गजों ने किया आह्वान

श्रोताओं से भरे सेंट्रल पार्क में माहौल गर्माया जेएनयू स्टूडेंट यूनियन के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने। कन्हैया ने पद्मावती‘ के मुद्दे को कन्या भ्रूण हत्या से जोड़ा और पूछा कि एक पद्मावती पर इतना बवाल हो रहा हैलेकिन जो हजारों पद्मावतियों‘ की हत्या गर्भ में कर दी जाती हैउसे कौन रोकेगास्वच्छ सोच का समर्थन करते हुए कन्हैया ने कहा कि- “अगर हम बेटियों को बराबरी से आगे बढ़ने देंगेउनका समर्थन करेंगेतो कोई उनकी ओर आंख उठाकर नहीं देखेगा।” कन्हैया ने ये भी कहा कि- “घाव को नजरअंदाज करने से समाधान नहीं होगा। घाव को ठंककर हम ये नहीं सोच सकते कि वो भर गया है। घाव तभी ठीक होगाजब हम उसका उपचार करेंगे।”

जबकि पूर्व डीजीपी और प्रयास‘ संस्था के संस्थापक अमोद कंठ का मानना रहा कि- “अपराध का सीधा ताल्लुक मन और सोच से है। यही वजह है कि बच्चे अपराध नहीं करते।” स्वच्छ सोच संवाद की तारीफ करते हुए अमोद कंठ ने कहा कि स्वच्छ सोच की ये मुहिम अपने आप में नायाब और क्रांतिकारी है।

मानुषी‘ की एडिटर और वरिष्ठ पत्रकार मधु किश्वर ने भी इस बात पर हामी भरी कि पॉर्नोग्राफी तक बच्चों की पहुंच हो रही है,इसलिए सबसे पहले फ्री इंटरनेट सुविधा को बंद किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि फिल्मों में जो गंदी चीजें परोसी जा रही हैं उन्हें रोकने की कोशिश हो। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालिवाल ने दिल्ली में बच्चियों और महिलाओं पर हो रही हिंसा के मुद्दे को उठाया और कहा कि इसके लिए यकीनन स्वच्छ सोच की जरूरत है। मालिवाल ने दिल्ली पुलिस की सोच बदलने की नसीहत भी दी।

दरअसलइसी अक्टूबर से फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया ने स्वच्छ सोच- स्ट्रॉन्ग वैल्यू स्ट्रॉग इंडिया‘ नाम से कैंपेन की शुरुआत की है। इसके तहत फाउंडेशन की ओर से हर सप्ताह टीवी पर चर्चा और दूसरी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। उसी कड़ी में इस स्वच्छ सोच संवाद‘ का आयोजन हुआ।

सबको तिरंगे का अधिकार दिलाने वाले फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष श्री नवीन जिन्दल ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि इस कैंपेन की शुरुआत की प्रेरणा उन्हें आयरिश स्टेट्समैन एडमंड बुर्के के उस कथन से मिलीजिसमें उन्होंने कहा था कि- “बुराइयों और बुरे लोगों के लिए जीत का मौका तभी बनता हैजब अच्छे लोग कुछ नहीं करते हैंचुप रह जाते हैं। जरूरत उसी चुप्पी को तोड़ने की है। उन्होंने कहा कि इसके पीछे हमारा मकसद एक ऐसे बदलाव में भागीदार बनना थाजो देश के काम आए।

श्री जिन्दल ने कहा कि हम अपनी इस मुहिम में हर साल किसी एक खास मुद्दे को फोकस करेंगे। हमारी कोशिश होगी कि हम इस मुद्दे पर जागरूकता पैदा करें और फिर ऐसी स्थिति का निर्माण करें कि ये बुराई हमारे समाज से दूर हो सके। आज लाखों लाख लोग hashtag #MeToo और स्वच्छ सोच जैसी मुहिम से जुड़ रहे हैं। महिलाएं और बेटियां अलग-अलग जगहों पर यौन शोषण और दूसरे किस्म की हिंसा को सामने ला रही हैं। यही हमारी कामयाबी की शुरुआत है। हमारी मुहिम की शुरुआत के बाद सरकार की ओर से बड़ी पहल हुई है। सरकार चाइल्ड पॉर्न वेबसाइट्स पर रोक लगाने जा रही है। यही नहीं फेसबुक और ट्विटर जैसे प्लेटफॉर्म्स ने भी चाइल्ड पॉर्न को रोकने की तैयारी कर ली है। यू ट्यूब ने भी कहा है कि वो चाइल्ड पॉर्न को रोकने के लिए काम कर रहे हैं।

इस अवसर पर फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया की उपाध्यक्ष श्रीमती शालू जिन्दल ने कहा कि उनकी संस्था ने यह मुहिम स्वच्छ सोच बनाने के मकसद से शुरू की है। जब हमारी सोच स्वच्छ होगी, तभी हम अपने सपनों के देश का निर्माण कर सकेंगे।

कार्यक्रम में जानी-मानी लेखिका अद्वैता कालाएक्टर और कॉमेडियन संजय राजौरा और सुप्रीम कोर्ट की वकील कर्निका सेठ ने भी अपने विचार रखे। इन सबने भी मौजूदा माहौल को देखते हुए स्वच्छ सोच‘ जैसी मुहिम की सराहना की। स्वच्छ सोच संवाद‘ की शुरुआत से पहले नुक्कड़ नाटक के बादशाह अरविंद गौड़ की टीम दस्तक‘ ने महिलाओं के खिलाफ छेड़छाड़ और एसिड अटैक पर केंद्रित स्ट्रीट प्ले किया। प्ले से जुड़े कलाकारों ने महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों की कहानियों को जीवंत बना दिया।

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