अब कचरा से बिजली बनाएगा हरियाणा 

 नई दिल्ली : दिल्ली के बाद अब हरियाणा भी कचरे से बिजली बनाने जा रहा है। इसके लिए दिल्ली से सटे सोनीपत में कचरा निस्तारण विद्युत उत्पादन संयत्र स्थापित किया जाएगा। यह संयत्र प्रतिदिन 500 टन कचरा का निस्तारण व 05 मैगावाट विद्युत उत्पादन  करेगा। इससे सोनीपत ,गन्नौर , समालखा व पानीपत  क्षेत्रों के कचरे का  समुचित रूप से निस्तारण किया जाएगा। परियोजना में क्षेत्रों से घर- घर से कूडे-कचरे का उठान, ढुलाई, कचरा निस्तारण विद्युत उत्पादन संयत्र की स्थापना व परिचालन शामिल है। इसके अलावा हरियाणा सरकार करीब 14  कचरा निस्तारण संयंत्रों को स्थापित करने की तैयारी कर रही है। इसमें वेस्ट टू एनर्जी आधारित 04 सयंत्र और वेस्ट टू कंपोस्ट आधारित 10 सयंत्र शामिल हैं। सोनीपत में स्थापित होने जा रहे संयंत्र के लिए मंगलवार को यहां दिल्ली में हरियाणा सरकार व जेबीएम समूह के मध्य एक समझौता हुआ। इस परियोजना के लिए जेबीएम समूह यूरोप में 30 वर्षों से काम कर रही है।
 
–सोनीपत में लगेगा संयंत्र, तैयार होगी 5 मैगावाट बिजली 
–राज्य में कुल 14 कचरा निस्तारण संयंत्र लगाने की योजना
— वेस्ट टू एनर्जी आधारित 04 संयंत्र, वेस्ट टू कंपोस्ट आधारित 10 संयंत्र लगेंगे
–दिल्ली में हुआ हरियाणा सरकार और जेबीएम समूह के बीच समझौता 
   इसके लिए जेबीएम समूह कुल 176.87  करोड़ रूपये निवेश करेगा। बता दें कि अभी तक हरियाणा में इस तरह को कोई परियोजना नहीं है। हालांकि, गुडगांव में भी संयंत्र लगाने की बात चल रही है। इस व्यवस्था से कचरा इकट्ठा करने की समस्या भी खत्म हो जाएगी।
    इस मौके पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में समेकित ठोस कचरा प्रबंधन के विकास की दिशा में यह सयंत्र एक नए युग का सूत्रपात है। लिहाजा, कचरा निस्तारण विद्युत उत्पादन संयंत्रों की स्थापना को विस्तार दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नए भारत के निर्माण की दिशा में स्वच्छ भारत अभियान के सभी कार्यक्रमों को समयबद्ध रूप से कार्यरूप दिया जा रहा है।
  जानकारी के मुताबिक कचरा निस्तारण विद्युत उत्पादन संयत्र के लिए हरियाणा सरकार द्वारा 18.5 एकड भूमि उपलब्ध कराई गई है। कचरा निस्तारण विद्युत उत्पादन संयत्र प्रतिदिन 500 टन कचरा का निस्तारण व 05 मैगावाट विद्युत उत्पादन भी करेगा।
    इस मौके पर हरियाणा की शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन ने इस कचरा निस्तारण विद्युत उत्पादन संयत्र के निश्चित समयावधि में प्रारंभ होने की अपेक्षा करते हुए ठोस कचरा प्रबंधन के साथ तरल कचरा प्रबंधन पर की आवश्यकता पर बल दिया। परियोजना के समझौता ज्ञापन पर जेबीएम ग्रुप के  चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक एस के आर्य की उपस्थिति में हस्ताक्षर हए। इस मौके पर शहरी स्थानीय निकाय विभाग के प्रधान सचिव आनंद मोहन शरण, विधायक रोहिता रेवडी, विधायक  महिपाल ढांडा,शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक नीतिन यादव,
इकोलॉग लिमिटेड की भारतीय इकाई के निदेशक रॉबर्ट जैन, जेबीएम के अध्यक्ष विनय महेश्वरी व जेबीएम के कार्यकारी निदेशक निशांत आर्य मौजूद रहे।