सोनेवाल ने की पीएम मोदी से भेंट, मदद की गुहार, असम में बाढ़ से 21 जिले चपेट में, 25 लाख लोग प्रभावित 

नई दिल्ली : असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनेवाल ने आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात कर प्रधानमंत्री विशेष कार्यक्रम बाढ़ व भू-कटाव नियंत्रण को राज्य की 5 हजार कि.मी. लम्बी सड़क व तटबंधन के लिए उक्त योजना को लागू करने की गुहार लगाई।
संसद भवन में मोदी से मुलाकात के दौरान उन्होंने पी.एम. को बताया कि वर्ष 1950 में तटबंधन की प्रक्रिया को राज्य में लागू किया गया था, ताकि बाढ़ और नदियों के तटों पर होने वाले भूमि कटाव से बचा जा सके। अगर 5 हजार कि.मी. लम्बें तटों और सड़कों के किनारे अगर तटबंधन हो जाता है तो इससे राज्य को बाढ़ और भूमि के कटाव से राहत मिलेगी।
उन्होंने कहा कि हालिया बाढ़ में 25 लाख लोग प्रभावित हुए हैं , और इसका प्रकोप 29 जिलों ने ङोला है। प्रधानमंत्री को बताया कि प्रभावितों के लिए 1098 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं और मौजूदा समय में बाढ़ ने 21 जिलों को अपनी चपेट में ले लिया है, जिसमें अब तक 60 कीमती जानें जाया हो चुकी हैं।
उन्होंने केन्द्रीय मंत्री के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय टीम के गठन पर बल दिया। साथ ही कहा कि अगर इस ज्वलंत समस्या विशेष पर मनन किया जाए तो निश्चित तौर पर इसका हल निकाला जा सकता है। इस दौरान एक ज्ञापन भी सौंपा। साथ ही बाढ़ नियंत्रण कार्यक्रम के तहत 1138 करोड़ रूपए की धनराशि 11वें और 12वें पंच वर्षीय परियोजना के तहत जारी करने की बात कही। इस परियोजना के तहत असम ने अब तक उक्त पंच वर्षीय योजनाओं के तहत अब तक 100 और 41 परियोजनाओं को अपने हाथ में लिया है और अब उनका राज्य केन्द्रीय भागीदारी की प्रतीक्षा कर रहा है।
 उन्होंने नयी उद्योग नीति की ओर इंगित करते हुए कहा कि राज्य में एन.ई.आई.आई.पी.पी. 2007 उद्योग नीति 31 मार्च 2017 को समाप्त हो चुकी है और मौजूदा समय में राज्य के पास किसी भी तरह की कोई उद्योग नीति नहीं है। सोनेवाल ने जागीरोड पेपर यूनिट मोरिगांव और पंचग्राम पेवर यूनिट हेलाकंडी जिला को पुर्नजीवित करने की बात करते हुए कहा कि इन दो मिलों के बंद होने से बांस का उत्पादन करने वाले लाखों किसान प्रभावित हुए हैं।
राज्य में आईएएस अफसरों की कमी 
मुख्यमंत्री ने आई.ए.एस. अधिकारियों की कमी पूरी करने के लिए पीएम से गुहार लगाई। साथ ही कहा कि केन्द्रीय डेपुटेशन पर जाने से राज्य में आई.ए.एस. अधिकारियों की खासी कमी है, जिसके चलते राज्य सरकार के काम में परेशानी आ रही है। मौजूदा समय में 35 आई.एस.एस. अधिकारियों की बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह तमाम अधिकारी केन्द्रीय डेपुटेशन पर हैं। प्रधानमंत्री ने सोनेवाल द्वारा बताई गई तमाम समस्याओं पर गंभीरता अख्तियार करते हुए उन्हें आश्वासन दिया कि बहुत जल्द इन पर समुचित तरीके से काम किया जाएगा।

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