UP : आपराधिक घटनाओं के होने पर बीट के सिपाही,  थाना प्रभारी की जिम्मेदारी तय

 लखनऊ:  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि आपराधिक घटनाओं के होने पर बीट के सिपाही, सम्बन्धित थाना प्रभारी सहित पुलिस क्षेत्राधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि आंकड़ों के जाल को प्रस्तुत करने की बजाए अपराधों को रोकने की प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो। उन्होंने  कहा कि पुलिस अपराधियों पर नकेल कसते हुए हर हाल में अपराधियों को जेल की सलाखों के भीतर भेजे।
उन्होंने अपराधियों के विरुद्ध निडर होकर शीघ्रता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री जी आज वाराणसी में कानून व्यवस्था एवं विकास कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री जी ने विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए वाराणसी शहर के लिए जे0एन0एन0यू0आर0एम0 योजना के अन्तर्गत संचालित पेयजल योजनाओं को जल निगम द्वारा 06 जून तक पूरा करा लिए जाने के अपने वायदे के अनुसार अब तक पूरा न करा पाने तथा 20165.85 लाख रुपए लागत की वरुणा नदी के चैनेलाइजेशन एवं तटीय विकास परियोजना को निर्धारित 30 जून तक पूरा न कराये जाने पर कड़ा रुख अख्तियार किया।
योगी जी ने जल निगम एवं सिंचाई विभाग के मुख्य अभियन्ता सहित अधीक्षण अभियन्ता को कड़ी एवं अन्तिम चेतावनी देते हुए कहा कि जल निगम 15 अगस्त तक पेयजल परियोजना का कार्य पूर्ण कराकर घरों की टोटियों तक पानी पहुंचाएं, अन्यथा वाराणसी यूनिट के पूरे अभियंताओं के विरुद्व प्रत्येक दशा में कठोर कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने वरुणा चैनेलाइजेशन के कार्य को भी युद्वस्तर पर अभियान चलाकर पूरा कराए जाने की हिदायत दी। ऐसा न होने की स्थिति में विभागीय अभियन्ता किसी भी दशा में बख्शे नहीं जाएंगे।
योगी जी ने जल निगम द्वारा वाराणसी शहर के पेयजल परियोजना में हुए विलम्ब एवं कार्य को 15 अगस्त तक प्रत्येक दशा में पूरा कराए जाने हेतु कमिश्नर श्री नितिन रमेश गोकर्ण को कार्यों की निगरानी करने पर जोर दिया। साथ ही, उन्होंने वरुणा चैनेलाइजेशन कार्य में हुए विलम्ब को लापरवाही मानते हुए अभियन्ताओं का उत्तरदायित्व निर्धारित किए जाने का भी निर्देश दिया।
उन्होंने 8474.38 लाख रुपए की लागत से गंगा नदी पर सामने घाट, 8513.09 लाख रुपए की लागत से गंगा नदी पर बलुआघाट पर सेतु निर्माण निर्धारित 30 जून तक पूरा न होने पर नाराजगी जताते हुए 31 जुलाई तक प्रत्येक दशा में पूरा कराए जाने के निर्देश दिए।
इसी प्रकार, मुख्यमंत्री जी ने 1782.63 लाख रुपए की लागत से रेल उपरगामी सेतु मण्डुवाडीह का निर्माण कार्य भी निर्धारित 30 जून तक पूरा न होने तथा रेलवे द्वारा अपने हिस्से का कार्य धीमी गति से कराये जाने की जानकारी पर रेलवे के अधिकारियों से वार्ता कर 31 जुलाई तक इसे भी पूरा कराए जाने पर जोर दिया। उन्होंने 7741.43 लाख की लागत से निर्माणाधीन चैकाघाट-लहरतारा मार्ग पर उपरिगामी सेतु के निर्माण कार्य की धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी जतायी।
योगी ने सेतु निगम के अभियंता को फटकार लगाते हुए नई कार्य संस्कृति विकसित करने के साथ ही मशीन एवं श्रमिकों की संख्या बढ़ाकर युद्वस्तर पर अभियान चलाकर 31 मार्च, 2018 तक प्रत्येक दशा में कार्य पूरा कराये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने काशी के सभी 90 वार्डांे को 02 अक्टूबर तक खुले में शौचमुक्त किए जाने के निर्देश दिए।
वाराणसी शहर को खुले में शौचमुक्त किए जाने में रेलवे के किनारे के स्थानों पर रेलवे द्वारा स्थायी रूप से शौचालय न बनाने के कारण आ रही परेशानी तथा नाॅर्दर्न रेलवे द्वारा रेलवे के किनारे ईको फ्रेण्डली एवं मोबाइल टाॅयलेट शौचालय बनाए जाने की सहमति दिए जाने की जानकारी पर मुख्यमंत्री जी ने पूर्वाेत्तर रेलवे से भी वार्ता कर रेलवे के किनारे के स्थानों पर भी ईको फ्रेण्डली एवं मोबाइल टाॅयलेट आदि बनाते हुए शेष व्यक्तिगत शौचालय का निर्माण अभियान चलाकर पूरा कराकर शहर को 02 अक्टूबर तक पूरी तरह खुले में शौचमुक्त किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत प्राप्त आवेदन पत्रों को शीघ्र सत्यापन आदि कार्य पूर्ण कर कार्यवाही पूरा कराए जाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने बताया कि लगभग 60 हजार आॅनलाइन एवं आॅफलाइन आवेदन पत्र प्राप्त हुए है, सत्यापन कार्य युद्वस्तर पर कैम्प लगाकर कराया जा रहा है। लगभग 40-45 हजार आवास की आवश्यकता होगी। उन्होंने बताया कि जुलाई तक कार्य पूरा कराकर प्रधानमंत्री के आगामी वाराणसी दौरे के दौरान उन्हीं के द्वारा इस योजना की शुरुआत करायी जाएगी।
योगी जी ने कांशीराम आवासीय योजना के आवासों के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त करते हुए जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि कांशीराम आवासों में रह रहे अपात्र लोगों से आवास को खाली कराकर वास्तविक पात्र लाभार्थियों को आवंटित किया जाए। मुख्यमंत्री ने स्मार्ट सिटी योजना के प्रगति की भी समीक्षा की। स्वच्छता कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान शहर के सभी 90 वार्डो में डोर-टू-डोर हो रहे कूड़ा कलेक्शन की जानकारी उन्हें दी गयी। उन्होंने 95 करोड़ रुपए से कराए जाने वाले पंचकोसी परिक्रमा मार्ग के मरम्मत एवं जीर्णोद्वार कार्य में शीघ्र धनराशि मुहैया कराए जाने का भरोसा दिया।
इससे पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने गत् 25 से 28 मई तक वाराणसी में आयोजित पं0 दीनदयाल उपाध्याय विकास प्रदर्शनी से सम्बन्धित ‘3 साल बेमिसाल’ विकास पुस्तिका का लोकार्पण भी किया।

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